पैतृक गांव पहुंच सेना प्रमुख ने खिंचवाई पुराने साथियों के साथ फोटो

अपने पैतृक गांव पहुंचे सेना प्रमुख जनरल रावत ने कुलदेवता गूल के दर्शन किये। इस दौरान उन्होंने न केवल गांव के लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। साथ ही गंाव के पलायन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंनंे गांव के लोगों को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।

जनरल रावत ने परिजनों से गांव की समस्याओं पर चर्चा की। गांव के लोगों से उन्होंने खेती, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर बात की। जनरल रावत के परिवार के लोगों से बातचीत में उन्होंने गांव में घर बनाने की इच्छा जताई तो उनके चाचा भरत सिंह रावत ने उन्हें गांव में जमीन भी दिखायी। जनरल ने चाचा भरत सिंह के आवास के समीप ही एक खेत में घर बनाने पर सहमति जताई।

गांव में करीब दो घंटे का वक्त गुजारने के बाद जनरल रावत रात के लिए लैंसडाउन लौट गए। गांव से लौटते हुए जब जनरल रावत पत्नी मधुलिका के साथ बाहर सड़क पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं से हालचाल पूछा और दोबारा गांव आने की बात कही। जनरल रावत ने बच्चों के लिए कोटद्वार में आर्मी पब्लिक स्कूल खोलने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने अपने गांव तक सड़क बनाने के लिए भी राज्य सरकार से बात करने की बात कही। कोटद्वार में जनरल रावत और उनकी पत्नी ने गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों के लिए आवास बनाने की योजना की आधारशिला भी रखी।

पौड़ी जनपद के द्वारीखाल विकासखंड में स्थित सैण गांव में जनरल रावत का पैतृक गांव है। जनरल रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए रोजगार देने वाली योजनाओं को गांवों में लाना होगा। उनकी पत्नी मधुलिका रावत ने उम्मीद जताई कि अगली बार जब वो गांव आएंगी तो तब उनके गांव तक सड़क बन जाएगी।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड के किसानों की दी मिशाल

प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में कुमांऊ मंडल के बागेश्वर जिले के किसानों की मिशाल दी गयी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां के किसानों की मेहनत से उगने वाली फसल को संगठित होकर वैल्यू एडिशन के रूप में लिया है। साथ ही स्वरोजगार में भी इजाफा हुआ है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में मंडुवा, चोलाई, मक्का, जौ की फसल को ग्रामीणों ने बाजार मूल्य अच्छा न मिलने से नई तरकीब ढूंढ़ी है। कपकोट के ग्रामीणों ने फसल को बाजार में बेचने की जगह इन फसलों से बिस्किट्स और दूसरे खाद्य पदार्थ तैयार किए हैं। लौह तत्वों से भरपूर यह क्षेत्र इन बिस्किटों के माध्यम से देशभर में स्वरोजगार के लिए उदाहरण बन गया है।

प्रधानमंत्री ने मुनार गांव में ग्रामीणों की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि आजीविका, आर्थिकी और स्वरोजगार के क्षेत्र में ग्रामीणों के इस कदम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी इस अभियान को राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जोड़ दिया है। अब ग्रामीण संगठित होकर न केवल हर साल 10 से 15 लाख रुपए कमा रहे हैं, बल्कि 900 लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

किसानों की यह मेहनत पलायन को कम करने में मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बागेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के संगठित प्रयास को देशभर के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। साथ ही कहा कि इससे न केवल किसानों ने अपना बल्कि अपने क्षेत्र का भाग्य बदल डाला है।

आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले किसानों की तारीफ करी। जिसपर सीएम ने पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि यह हमारे राज्य के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने पहाड़ के गांव के किसानों की मेहनत का संज्ञान लिया।

श्रद्धालुओं के लिये बद्रीनाथ धाम में लगा हारपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर

यात्रियों की आमद को देखते हुये सूबे के सीएम ने श्रद्धालुओं के चिकित्सा सुविधा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए है। इसके तहत बद्रीनाथ धाम में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर लगाया गया है, जबकि केदारनाथ धाम, गंगोत्री व यमुनोत्री में भी यह सुविधा जल्द शुरू होने वाली है।

उत्तराखंड सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चिकित्सा अधिकारी/फार्मेसिस्ट एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप वाले लोगों एवं वरिष्ठ नागरिक को आकस्मिक उपचार के लिए इकोस्प्रिन एवं सोर्बिट्रेट दवाओं की व्यवस्था की गई है। अधिक ऊचाँई पर होने वाले रोगों के उपचार हेतु प्रशिक्षित ‘सिक्स सिगमा हेल्थ केयर’, नई दिल्ली द्वारा उत्तराखण्ड में चारांे धाम के यात्रा मार्गों पर 21 जून तक विशिष्ठ सेवाएं दी जायेगी। इस हेल्थ केयर सेंटर द्वारा केदारनाथ धाम में कार्डियोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यमुनोत्री धाम में भी शीघ्र ही कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराये जाएंगे। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर-104 को भी सुदृढ़ किया गया है। जिसके माध्यम से सभी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सूचना दी जायेगी तथा शिकायत एवं सुझाव भी लिए जायेंगे। हेल्प लाइन के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्गो पर श्रद्धाुलुओं को स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जायेगी।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों में कुल 20 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाये गये हैं। 08 स्थानों पर फर्स्ट मेडिकल रिस्पोन्डर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 103 स्थानों पर चिकित्सा इकाईयां बनाई गई हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं स्टाफ नर्स की समुचित व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा मार्ग में 50 प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।

हाईकोर्ट ने उत्तराखंड व यूपी सरकार की अपीलें की खारिज

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दायर अपीलों को नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खारिज कर दिया। खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन संबंधी लाभ देने वाले एकलपीठ के आदेश को सही पाया है।

विदित हो कि उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष पांच जून को दिए एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी। वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा की एकलपीठ ने लोनिवि और सिंचाई विभाग के वर्कचार्ज कर्मचारियों की समस्त सेवा को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन सहित अन्य लाभ देने के आदेश पारित किए थे।

नैनीताल लोक निर्माण विभाग में कार्यरत गिरीश जोशी, पौड़ी गढ़वाल के विक्रम सिंह समेत अन्य लोगों ने इस संबंध में याचिका दायर करते हुये कहा कि उनके वर्कचार्ज की सर्विसेज को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन समेत अन्य लाभ देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान उप्र सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र कुमार सिंह तथा उत्तराखंड सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने दलीलें देकर एकलपीठ के आदेश को निरस्त करने की मांग की। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ के खिलाफ दायर विशेष अपीलों को खारिज कर मामला निस्तारित कर दिया। मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने वन विभाग के 14 अस्थायी कर्मियों के मामले में एकलपीठ के फैसले के खिलाफ सरकार की अपील स्वीकार कर ली हैं।

खुशखबरी! सरकार ने पीआरडी जवानों के मानदेय में की वृद्धि

त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार ने पीआरडी के तीन हजार से अधिक जवानों के मानदेय में प्रतिदिन 50 रूपये की वृद्धि करने पर मुहर लगाई है। सरकार के इस फैसले के बाद पीआरडी जवानों को अब 450 रूपये मानदेय मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उपनल के माध्यम से राज्य सरकार के निगमों, निकायों, महकमों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 18371 और केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 2677 समेत कुल 21048 कार्मिकों के मूल वेतन में प्रतिमाह 1500 रुपये की वृद्धि करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उपनल के जरिये सभी चार श्रेणियों अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च प्रशिक्षित कार्मिकों के लिए यह वृद्धि लागू होगी। उन्होंने बताया कि उक्त चारों श्रेणियों में कार्मिकों को अभी मूल वेतन के रूप में क्रमशरू 5608 रुपये, 6655 रुपये, 7540 रुपये व 8540 रुपये निर्धारित हैं। अन्य भत्ते शामिल करने के बाद कुल मानदेय की राशि बढ़कर क्रमशरू 8680 रुपये, 10187 रुपये, 11461 रुपये, 12899 रुपये होती है। लेकिन इस मानदेय में श्रेणीवार क्रमशरू 1884 रुपये, 2229 रुपये, 2522 रुपये व 2851 रुपये की राशि की कटौती के बाद उपनल कार्मिकों को मानदेय का भुगतान किया जाता है।

मंत्रिमंडल ने उपनल के साथ ही पीआरडी जवानों को भी राहत देने का निर्णय लिया। हालांकि, पीआरडी जवानों के मानदेय में वृद्धि को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया था, लेकिन मंत्रिमंडल ने उनके मानदेय में भी प्रति दिन 50 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय लिया। पीआरडी में फिलवक्त तीन हजार से ज्यादा जवान कार्यरत हैं। इन जवानों को अभी प्रतिदिन 400 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।

कास्टिंग काउच से संसद भी अछूती नहींः रेणुका चौधरी

पूर्व राज्यसभा सदस्य व कांग्रेसी नेता रेणुका चौधरी अपने बड़बोले बयान के लिये मशहूर है। ऐसा ही एक और बड़ा बयान उन्होंने दिया है। उन्होंने कास्टिंग काउच पर कहा कि सिर्फ फिल्म उद्योग ही नहीं, बल्कि सभी कार्यस्थलों की सच्चाई है। उन्होंने कास्टिंग काउच को संसद से जोड़ते हुये कहा कि संसद भी इससे अछूती नहीं है।

पत्रकार वार्ता के दौरान रेणुका चौधरी ने कहा यह कड़वी सच्चाई है। यह सिर्फ फिल्म उद्योग में ही नहीं है। यह कार्यस्थलों पर भी हर जगह होता है। यह मत सोचिए कि संसद इससे अछूती है या कोई अन्य कार्यस्थल इससे बचा हुआ है। अगर आज आप पश्चिमी दुनिया की ओर देखें तो स्थापित शीर्ष अभिनेत्रियों ने भी ‘मी टू’ (मैं भी) कहने में काफी समय लिया। अब समय आ गया है कि भारत भी आगे आकर कहे- मी टू।

यहां आपको बताना जरूरी हो जाता है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुयी सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर रेणुका चौधरी ने अपने बयान में कहा था कि दुष्कर्म तो चलते ही रहते हैं। मालूम हो कि दक्षिण भारत की एक संघर्षरत अभिनेत्री रेड्डी के हाल ही में दिए गए बयान की वजह से कास्टिंग काउच पर काफी बहस हो रही है।

मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने मांगी माफी
बॉलीवुड की कोरियोग्राफर सरोज खान ने कास्टिंग काउच संस्कृति का बचाव करने संबंधी अपने बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा था इंडस्ट्री में लड़की को दुष्कर्म करके छोड़ नहीं देते, रोजी-रोटी भी देते हैं। इसलिए सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के पीछे नहीं पड़ना चाहिए। ये सारी चीजें लड़की के ऊपर है कि वह क्या करना चाहती है। तुम ऐसे लोगों के हाथ में नहीं आना चाहते तो मत आओ। तुम्हारे पास कला है तो खुद को इंडस्ट्री में बेचने की क्या जरूरत है।

जॉर्जिया नागरिक ने किया 30 लाख के हीरे पर हाथ साफ

तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक अमेरिकी नागरिक द्वारा बड़ी चतुराई से हाथ साफ करने की घटना सामने आई है। दरअसल, ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक जेम्स एंड ज्वेलरी की दुकान है। ज्वेलरी विक्रेता ने बताया कि जॉर्जिया निवासी एक विदेशी हर रोज उनकी दुकान पर हीरा देखने आता था। करीब तीन से चार दिन तक लगातार हीरा देखने के बाद उसने वह हीरा बदलकर नकली हीरा उसकी जगह रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रूपये बतायी जा रही है। उन्होंने जॉर्जिया निवासी इस विदेशी नागरिक के खिलाफ मुदकमा दर्ज कराया है।

थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि लक्ष्मणझूला में उप्र को-ऑपरेटिव हैंडीक्राफ्ट के नाम से रत्नों का व्यापार करने वाले नरेंद्र धाकड़ ने पीजीओ शानिडी निवासी टवलिसी शहर जॉर्जिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में व्यापारी ने अवगत कराया कि यह विदेशी पर्यटक पिछले कुछ दिनों से उनकी दुकान में आ रहा था और हमेशा हीरों की डिमांड करता था। पुलिस ने बताया कि आखिरी वक्त 22 अप्रैल को यह विदेशी इस व्यापारी की दुकान में आया।

मंगलवार को जब व्यापारी ने अपनी दुकान में रखे रत्नों का मिलान किया तो कीमती हीरों के बाक्स में एक हीरा देखकर उनका माथा ठनक गया। जब जांच की गई तो यह हीरा नकली था। व्यापारी के मुताबिक गायब हीरे को वह विदेशी पर्यटक अक्सर परखता था। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि इस विदेशी पर्यटक ने असली हीरे की जगह नकली हीरा बॉक्स में रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर संबंधित दूतावास को सूचना भेज दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि उक्त विदेशी तपोवन के एक गेस्ट हाउस में ठहरा था। मगर, जब पुलिस वहां पहुंची तो वह वहां नहीं मिला।

राज्य के तीव्र विकास के लिये अनुभवियों के सुझाव जरूरी

सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखंड के चतुर्थ प्रांतीय महाधिवेशन में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पेंशनर्स भवन की मांग देहरादून में विचारणीय है। उन्होंने संगठन के अधिवेशन के लिये एक लाख रूपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की।

संगठन के महाधिवेशन में पहुंचे मुख्यमंत्री के सम्मुख संगठन ने 14 सूत्रीय मांग पत्र रखा। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मांगों का परीक्षण किया जायेगा। जो मांग पूरी हो सकती है, उसे पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदों एवं विधायकों से एक घण्टे के संवाद में उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए हम सबको आधुनिक तकनीक के अधिक से अधिक प्रयोग पर बल देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं नीतियों से अपडेट रहना जरूरी है। सरकार के नीतिगत निर्णय, शासनादेश सब वेबसाइट पर अपलोड हो जाती हैं। किसी भी समस्या की शिकायत, उसके समाधान और सुझाव के लिए सीधे मुख्यमंत्री ऐप एवं टोल फ्री नम्बर 1905 पर की जा सकती है। उन्होंने बताया कि शिकायत या सुझाव मिलने पर उसे सीधा सम्बन्धित विभागों को भेजा जाता है। जिस पर सम्बन्धित विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाती है।

उन्होंने बताया कि घेस व हिमनी गांवों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से दिल्ली के अपोलो अस्पताल से जोड़ा गया है। चमोली के सुदूर बलाड गांव में कम उम्र में ही महिलाओं के दांत गिरने की समस्या पायी गयी थी, इसकी जांच करने पर यह जानकारी मिली कि प्रसव के दौरान उन्हें ठीक से आहार न मिलने के कारण यह समस्या पैदा हो रही है। इसके लिये गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश को 2024 तक टीबी मुक्त राज्य बनाने लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहल करते हुए प्रदेश में 47 ई-अस्पताल स्थापित किये गये है। जबकि पूरे देश में इनकी संख्या 144 है। सरकार का प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक सेवाएं दी जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के वरिष्ठ पेंशनर्स को सम्मानित भी किया।

इस दौरान मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारियों को अपने अनुभवों से सरंक्षक की भूमिका निभानी होगी। राज्य के तीव्र विकास के लिए अनुभवी लोगों का सुझाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य कर रही है। पिछले एक साल में परिवहन एवं ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को घाटे से उभारा गया है।

मानसरोवर यात्रा पर माना चीन, नाथुला के रास्ते होगी यात्रा

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने बीजिंग में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को सुधारने की बात कही। दोनों ने भारत-चीन के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे की सराहना की। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तारीफ करते हुये वांग ने कहा, इस साल हमारे नेताओं के मार्गदर्शन में चीन-भारत संबंधों ने अच्छा विकास किया है और विदेश मंत्री सुषमा ने उसमें बहुत अहम योगदान दिया है, जिसकी हम सराहना करते हैं। वहीं सुषमा स्वराज ने वांग को स्टेट काउंसलर और भारत के साथ सीमा मुद्दे पर चीन के विशेष प्रतिनिधि बनने की बधाई दी।

यात्रा पर सहमति

भारत और चीन ने सिक्किम में नाथूला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमति जता दी है। करीब 10 महीने पहले डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद यात्रा रोक दी गयी थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की यहां चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत के दौरान यह निर्णय लिया गया।

सुषमा ने कहा, ‘हम इस बात से खुश हैं कि इस साल नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस साल चीनी पक्ष के पूरे सहयोग से यात्रा भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए संतोष देने वाला अनुभव होगी।

विदेश मंत्रालय हर साल दो अलग-अलग रास्तों से जून से सितंबर तक यात्रा का आयोजन करता है। इन दो मार्गों में लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथूला दर्रा (सिक्किम) है। धार्मिक महत्व वाली इस तीर्थयात्रा का सांस्कृतिक महत्व भी है, जिसमें हर साल सैकड़ों लोग कैलाश मानसरोवर जाते हैं।
विदेश मंत्री ने वार्ता के बाद कहा कि साल 2018 में चीन, सतलज और ब्रह्मपुत्र नदी के डेटा भारत को उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा भारत और चीन के बीच आतंकवाद, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल हेल्थकेयर जैसे अहम मुद्दों पर भी बातचीत हुई है।

चीन जाएंगे पीएम

सुषमा स्वराज ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी और कई समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को चीन दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात होगी।

क्षेत्रीय समन्वय समिति के जरिये अनुभवों को करें साझा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में अपराध बहुत तेजी से अपने पैर पसार रहा है। सूचना तकनीक के विकास से विश्व में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। बढ़ते अपराधों की रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों की पुलिस में आपसी समन्वय और तालमेल की जरूरत बढ़ती जा रही है। यह बात सीएम ने पुलिस विभाग द्वारा अयोजित चतुर्थ उत्तर क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने बैठक का शुभारंभ कर कहा कि समन्वय समिति की बैठक में जिन आठ राज्यों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। उनमें से पांच राज्यों की सीमायें अन्तराष्ट्रीय सीमाओं से लगी हैं। यह बैठक हमारे लिए महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के जरिये अलग-अलग राज्यों से आये पुलिस एवं सतर्कता एवं अभिसूचना विभाग के अधिकारी अपने-अपने अनुभवों को आपस में साझा करेंगे।

उन्होंने कहा कि पुलिस को विभिन्न समस्याओं का समाधान कुशलतापूर्वक करना होगा। समाजिक विविधता के दृष्टिगत पुलिस को व्यवस्थाओं और मर्यादाओं को कायम रखते हुए कार्य करना होगा। अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं पर भारत सरकार से सामंजस्य एवं अनुमति की जरूरत होती है। इसके लिए हमें समन्वय, बेहतर संवाद एवं सामंजस्य स्थापित करने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि सतर्कता एवं अभिसूचना तंत्र को तकनीकि एवं प्रशिक्षण की दृष्टि से सशक्त होना जरूरी है।

प्रमुख सचिव गृह आनन्द वर्द्धन ने कहा कि उत्तर क्षेत्रीय समन्वय समिति के इस सम्मेलन में पुलिस एवं सुरक्षा से संबधित उच्च अधिकारियों को अपने विचारों और अनुभवों को आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा। वर्तमान परिस्थितियों में विभिन्न मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा होगी और आपसी सामंजस्य भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, कम्यूनिकेशन एवं सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों से साइबर क्राइम बढ़ा है। इन अपराधों को किस तरह नियंत्रित किया जा सकता है, इन विषयों पर अधिकारी अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि वैश्वीकरण एवं संचार क्रांति के वर्तमान दौर में राज्यों को अनैक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें अन्तर्राज्यीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रकार की बाहरी एवं आन्तरिक सुरक्षा की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की चुनौतियों के मुकाबले के लिए राज्यों के संसाधन सीमित हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्यों की पुलिस व्यवस्था को उसी के अनुकूल सक्षम बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए दिन-प्रतिदिन की सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा अपराध की चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत एवं अभिसूचना तंत्र की मजबूती पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अर्न्तराज्यीय सम्मेलन से समस्याओं के समाधान तथा सुधार की दिशा में दूरगामी परिणाम प्राप्त होते हैं।