हिमाचल के लोगों ने किया है देश के लिए बलिदानः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एम्स की नींव रख दी है. उन्होंने इसके अलावा ऊना में आईआईआईटी, कांगड़ा मे सेल के प्रोसेसिंग यूनिट की भी नींव रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं आठ मंजिला सभा को संबोधित कर रहा हूं। देश में कृषि क्रांति लाने के लिए बिलासपुर का काफी बड़ा योगदान है। मोदी बोले कि हिमाचल के लोगों ने देश के लिए काफी बलिदान दिया है।

रैली में पीएम मोदी ने कहा कि आज एक ही कार्यक्रम में 1500 करोड़ रुपए के काम की शुरुआत की। हिमाचल में एम्स का बनना सिर्फ यहां का लाभ ही नहीं बल्कि यहां आने वाले टूरिस्टों को भी लाभ ही मिलेगा। पीएम ने कहा कि यहां पर फेफड़े और सांस की बीमारी एक बड़ी समस्या है, एम्स बनने से उनको काफी फायदा पहुंचेगा। यहां के वीर जवानों को भी इससे लाभ पहुंचेगा। एम्स के कैंपस में एक साथ 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारी सरकार ने टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना चलाई, अगर ये योजना दूसरे देश में होती तो तारीफ होती, लेकिन हमारे देश में लोगों को देर से समझ आता है।
750 बिस्तर वाले इस अस्पताल का निर्माण करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से होगा। यहां स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा नर्सिंग, स्नातक और स्नातकोार स्तर पर मेडिकल शिक्षा भी मुहैया करायी जाएगी। गौरतलब है कि हिमाचल में कुछ दिनों बाद चुनाव होना है।

बाप पर लगाया पुत्री ने दुष्कर्म का आरोप

उत्तराखंड के एक आइएएस पर अजमेर में रहने वाली एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। यह युवती कोई ओर नहीं बल्कि आइएएस की पुत्री ही है। युवती ने कहना है कि उसके पिता उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है और प्रताड़ित कर रहे है। युवती इन दिनों अजमेर में तांगा चलाते हुए दिख रही है, युवती अंग्रेजी भाषा में बात करते हुए सवारी को इधर से उधर ले जा रही है।
बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाली युवती आइएएस अफसर की गोद ली हुई बेटी है। उधर, उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी का कहना है कि ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं है। अगर कहीं जीरो एफआइआर हुई होगी तो वो भी यहां ट्रांसफर नहीं हुई है।
कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी की बेटी ने उनपर यह आरोप एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में लगाया है। इस बाबत जब संबंधित आइएएस अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उनकी पुत्री मानसिक रूप से बीमार है। कुछ साल पहले उसने नैनीताल में घुड़सवारी सिखाने वाले युवक पर भी आरोप लगा दिया था। इतना ही नहीं, दिल्ली के एक संस्थान में उसका दाखिला कराया गया था। वहां भी उसने संस्थान के कर्मचारियों पर इसी तरह का आरोप लगा दिया था, जिसके बाद मेरी पुत्री को संस्थान से निकाल दिया गया था।

आखिर क्यों नहीं मिल रही हनीप्रीत?

हनीप्रीत एक ऐसी पहेली बन गई। जो सुलझने का नाम नहीं ले रही। पिछले 35 दिनों से सात सूबों की पुलिस उसके पीछे पड़ी है, लेकिन हनीप्रीत का कोई अता-पता नहीं है। ऐसा तब है जबकि शहर-शहर उसके देखे जाने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती है, हनीप्रीत रफूचक्कर हो जाती है।
25 अगस्त को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद गुरमीत को जब रोहतक के सुनारिया जेल ले जाया जा रहा था, तब हनीप्रीत भी हेलीकॉप्टर पर उसके साथ बैठी थी। उसके बाद से हनीप्रीत की कोई तस्वीर सामने नहीं आई है, सिवाय दिल्ली में मिले सीसीटीवी के तस्वीर के।
जी हां, 25 अगस्त को आखिरी बार हेलीकॉप्टर पर हनीप्रीत नजर आई थी। इसके ठीक एक महीने बाद हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्या के लाजपतनगर स्थित दफ्तर के बाहर लगी सीसीटीवी से हरियाणा पुलिस ने ये वीडियो हासिल किया था, जिसमें एक बुर्केवाली लड़की एक वकील के साथ दिख रही है, जिसके हनीप्रीत होने का शक है।
हालांकि हनीप्रीत के वकील के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए हनीप्रीत जरूरी कागगात पर साइन करने उनके दफ्तर आई थी। राम रहीम की राजदार और डेरा सच्चा सौदा सिरसा की चेयरपर्सन विश्यना इंसां ने दावा किया है कि हनीप्रीत से उसका आखिरी बार संपर्क 26 अगस्त को हुआ था।
विपश्यना के मुताबिक, हनीप्रीत 25-26 अगस्त की दरम्यानी रात सिरसा डेरे में आई थी। उस वक्त डेरे में विपश्यना खुद मौजूद थी। डेरे में रात गुजारने के बाद हनीप्रीत बगैर बताए निकल गई। डेरा से आखिरी बार उसने अगले रोज यानी 27 अगस्त को संपर्क किया। उसके बाद से उसने किसी से कोई बात नहीं की है।
इस तरह 26 अगस्त से 2 अक्टूबर. पूरे 35 दिन बीत चुके हैं। हनीप्रीत की तलाश में पुलिस के हाथ खाली हैं, जबकि हर दूसरे और तीसरे दिन उसके ठिकानों को लेकर ढेरों दावे सामने आते रहे। सिरसा से लेकर हनुमानगढ़ तक, दिल्ली से लेकर नेपाल तक हर जगह खाक छान चुकी है पुलिस, लेकिन हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं।

हनीप्रीत बाबा से चाहती थी बच्चा

राम रहीम और हनीप्रीत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। डेरे के एक पूर्व सेवादार ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि राम रहीम अपनी हनीप्रीत से एक बच्चा चाहता था, जिसे वो डेरे प्रमुख बनाए। पूर्व सेवादार गुरदास सिंह तूर का आरोप है कि ये आइडिया खुद हनीप्रीत का था। वो नहीं चाहती थी कि राम रहीम के बाद डेरा का उतना बड़ा साम्राज्य उसके बेटे जसमीत सिंह इंसां को मिले।
गुरदास सिंह तूर के मुताबिक, राम रहीम के बाद डेरे में हनीप्रीत का दबदबा नंबर दो जैसा बन चुका था, इसलिए वो चाहती थी कि राम रहीम और उसका कोई बच्चा हो तो वही डेरे का मुखिया बने। राम रहीम भी इसके लिए राजी था और चाहता था कि बच्चे के पिता का नाम दुनिया की नजरों में विश्वास गुप्ता ही रहे, लेकिन उनकी चाल भांप कर विश्वास ने पहले ही तलाक लेकर इनके अरमानों पर पानी फेर दिया।
वहीं, इस मामले का एक और चश्मदीद सामने आया है, जो उस रात का गवाह है, जब शादी के बाद पहली बार हनी बाबा की गुफा में गई थी। राम रहीम के ड्राइवर रहे खट्टा सिंह के बेटे गुरदास सिंह हनीप्रीत और बाबा के रिश्तों के एक अहम चश्मदीद हैं। राम रहीम ने ही हनीप्रीत की शादी करवाई। उसके फौरन बाद एक रात हनीप्रीत को अपनी गुफा में रहने के लिए बुला लिया। गुरदास उस रात गुफा के बाहर तैनात था। गुरदास सिंह को उस रोज पहली बार शक हुआ था कि राम रहीम हनीप्रीत के साथ कुछ गलत करने जा रहा है। अगली सुबह हनीप्रीत बाबा की गुफा से रोती हुई बाहर निकली थी। उन दिनों खुद हनीप्रीत के दादा डेरे के खजांची हुआ करते थे। हनीप्रीत सीधे दादा के पास गई। उसकी ये हालत देख कर उसके दादा ने डेरे में काफी हंगामा किया। राम रहीम के खिलाफ खुल कर बोलने लगे, लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया।
इस घटना के फौरन बाद हनीप्रीत डेरा छोड़ कर अपने घर फतेहाबाद के लिए निकल गई, लेकिन बाबा के कुछ गुर्गों ने हनीप्रीत का पीछा किया और हथियारों के दम पर उसे रास्ते में ही एक ढाबे से उठा कर डेरे पर वापस ले आए। ऐसा कहा जाता है कि उस दिन हनीप्रीत ने कसम खाई थी कि वो बाबा को बर्बाद करके दम लेगी। गुरदास को अब लगता है कि राम रहीम की तबाही के पीछे शायद हनीप्रीत की वो कसम ही है।

एनआरआई ही भारत की असली रीढ़

अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मैरियट मारक्विस होटल में आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने एक बार फिर रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। साथ ही हिंसक घटनाओं और असहिष्णुता को लेकर दुनिया में भारत की छवि बिगड़ने की बात कही।
भारत की छवि बिगड़ी
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने विदेशों में भारत की छवि बिगड़ने की बात कहते हुए कहा, भारत हजारों साल से एकता और शांति के साथ रहने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन अब इस छवि को बिगाड़ा जा रहा है। देश में कुछ ऐसी ताकते हैं, जो भारत को बांट रही हैं।
इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने इससे आगे ये भी कहा कि अमेरिका के नेताओं ने उनसे इस संबंध में सवाल किए। राहुल ने कहा, अमेरिका में कई डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक नेताओं ने मुझसे पूछा कि आपके देश में आजकल ये क्या चल रहा है। आपका देश तो शांति के लिए जाना जाता था। राहुल ने कहा, लोग पूछ रहे हैं कि भारत की सहिष्णुता को क्या हुआ?
रोजगार है रियल चौलेंज
राहुल गांधी ने कहा, भारत में 30 हजार युवा हर दिन जॉब मार्केट में आते हैं, मगर उनमें से सिर्फ 450 को ही रोजगार मिल पाता है। यही आज भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है।
इस समस्या के बाद राहुल ने इसकी वजह बताते हुए भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा, रोजगार की समस्या इसलिए पनप रही है, क्योंकि आजकल सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही फोकस किया जा रहा है। अगर, रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा। इससे पहले राहुल ने एनआरआई समुदाय की जमकर तारीफ की और उन्हें भारत की रीढ़ बताया। राहुल ने बताया कि कांग्रेस का असली आंदोलन एनआरआई मूवमेंट ही था। राहुल ने कहा, गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे। ये सभी लोग विदेशों में रहे और इन्होंने भारत लौटकर देश के लिए काम किया। कुर्रियन भी एक एनआरआई थे, जो भारत में दुग्ध क्रांति लाए।
कांग्रेस का आइडिया हजारों साल पुराना
राहुल गांधी ने इस दौरान कांग्रेस के विचारों का भी बखान किया। राहुल ने कहा कि कांग्रेस का विचार उसके संगठन की स्थापना से नहीं है, बल्कि ये विचार हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा कि ये विचार सच के साथ खड़े होना है, जो भारत की विरासत रहा है और महात्मा गांधी भी उसी विचार के साथ खड़े रहे।
ये है जनसभा का मकसद
दरअसल, राहुल गांधी की यह जनसभा कांग्रेस की विदेश शाखा की ओर से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को पार्टी में शामिल करने की योजना के तहत आयोजित की गई है। कांग्रेस के प्रवासी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से संवाद किया। इस दौरान राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर वार किया। राहुल ने यहां कहा कि मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में फेल हो रही है। हालांकि, यहां कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये भी स्वीकार किया कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भारत में इसलिए समर्थन मिला, क्योंकि लोग कांग्रेस पार्टी से बेरोजगारी के मुद्दे पर नाराज थे।

2022 तक देश के हर परिवार के पास अपनी छत

रोहिंग्या मसले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि म्यांमार से आए ये रोहिंग्या रिफ्यूजी नहीं हैं। रोहिंग्या रिफ्यूजी के तौर पर भारत नहीं आए हैं। दिल्ली में एनएचआरसी के कार्यक्रम में गृहमंत्री बोले कि रोहिंग्या समुदाय के लोगों से भारत की सुरक्षा को खतरा है।
राजनाथ ने कहा कि यदि भारत रोहिंग्या को डिपोर्ट करता है तो उसपर लोगों को आपत्ति क्यों है। जबकि बर्मा उन्हें लेने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत ने यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन साइन नहीं किया है। राजनाथ ने कहा कि भारत के अंदर जो भी रिसोर्स है उस पर हर भारतीय का अधिकार है। दूसरों के मानवाधिकार की चिंता करने से पहले अपने मानवाधिकारों की बात करनी चाहिए।
गृहमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार ने गुड गवर्नेंस की नीति अपनाई है, हम उस पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोयला खदानों को लेकर पारदर्शिता नहीं थी, हमारी सरकार इसको लेकर पूरी तरह पारदर्शी है।
राजनाथ ने कहा कि आज जो लोग ह्यूमन राईट की बात करते हैं, वो एनिमल राइट की बात करते हैं, भारत युगों-युगों से इन सभी राईट को बात करता है। गृहमंत्री ने कहा कि भारत में ह्यूमन राईट शांति और कल्याण से निकले है, वही वेस्टर्न ह्यूमन राईट संघर्ष से निकले हैं।
जीएसटी पर राजनाथ बोले कि जीएसटी से कुछ समय के लिए लोगों को परेशानी हो सकती है, पर आने वाले समय मे इसका फायदा सबको होगा। 2022 तक देश के हर परिवार के पास अपना एक मकान हो जो गुड़ गवर्नेंस का ही पार्ट है।

डेरे की जमीन में 600 कंकाल

डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा और वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन से हरियाणा पुलिस की एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस जांच में पता लगा है कि डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय की जमीन और खेतों में करीब 600 लोगों की हड्डियां और कंकाल मौजूद हैं। पीआर नैन ने भी पूछताछ के दौरान ये बात स्वीकार की है।
पीआर नैन ने पुलिस को दलील दी है कि डेरा अनुयायियों का ऐसा विश्वास है कि मौत के बाद यदि उनकी अस्थियां डेरे की जमीन में दबा दी जाएंगी, तो उन्हें मोक्ष मिलेगा। इसी वजह से डेरे की जमीन में करीब 600 लोगों की अस्थियां और कंकाल हैं। हालांकि, पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि लोगों को मारकर खेतों में उनकी लाशें दबा दी गई हैं।
डेरे के कुछ पूर्व सेवादारों ने आरोप लगाया था कि डेरा या राम रहीम के खिलाफ बोलने वाले लोगों की हत्या करके उनकी लाश खेतों में दफना दी जाती थीं। उसके उपर पेड़ लगा दिए जाते थे, ताकि किसी को इसके बारे में पता न चल सके। उनका कहना था कि राज फाश होने के डर से डेरे में इन जगहों पर खुदाई करने या पेड़ काटने तक की मनाही थी।
इससे पहले एसआईटी ने विपश्यना इंसा से करीब सवा तीन घंटे तक गहन पूछताछ की थी। डीएसपी कुलदीप बैनीवाल ने उससे 100 से ज्यादा सवाल किए, लेकिन वह उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए हैं। इसलिए उससे दोबारा पूछताछ की तैयारी की जा रही है। वहीं डेरा के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन और विपश्यना के जवाब में विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
पुलिस का कहना है कि यदि इन दोनों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो इनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। दोनों ने पंचकूला में हुई हिंसा को लेकर अलग-अलग बातें कही है। पीआर नैन पर हिंसा कराने के लिए 5 करोड़ की फंडिंग का आरोप है। इन पैसों से पंचकूला डेरा प्रभारी चामकुमार सिंह ने गुंडों को हिंसा के लिए तैयार किया था। चामकुमार हिरासत में है।

हनीप्रीत नेपाल में ही, पेट्रोल पंप में देखी गयी

रेप आरोपी राम रहीम की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत के खिलाफ पंचकूला में केस दर्ज किया गया है। 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा के दौरान दंगे भड़काने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आईजी लॉ एंड आर्डर एएस चावला ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, सूत्रों द्वारा पता चला है कि हनीप्रीत नेपाल में ही छिपी हुई है। उसे नेपाल के महेंद्र नगर और विराट नगर में देखा गया है।
हरियाणा पुलिस सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत नेपाल के महेंद्र नगर में छिपी हुई है। उसे तीन लोगों के साथ देखा गया है। वह वहां पिछले एक सप्ताह से रुकी हुई है। नेपाल नंबर की गाड़ी में विराट नगर स्थित एक पेट्रोल पर भी देखा गया है उसे अपना हुलिया बदल लिया है, ताकि उसकी पहचान न हो पाए। उसकी खोज के लिए पुलिस की 10 टीम बनाई गई हैं।
इसके साथ ही पुलिस यूपी और बिहार से जुड़े भारत-नेपाल बॉर्डर पर भी पूछताछ कर रही है। पुलिस नेपाल बॉर्डर के रिकॉर्ड रजिस्टर भी खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत नेपाल की सीमा में एक मर्सीडीज कार से दाखिल हुई थी। पुलिस को उस गाड़ी की जानकारी किसी भी रजिस्टर से नहीं मिली है। शक है कि वह बॉर्डर पर गाड़ी छोड़कर नेपाल में दाखिल हुई है। हनीप्रीत ने पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए गाड़ी को बॉर्डर पर छोड़ा होगा। पुलिस हनीप्रीत के नेपाल जाने में मदद करने वाले शख्स की भी तलाश कर रही है। हनीप्रीत को नेपाल के पोखरा में देखे जाने की सूचना मिली थी। जब तक पुलिस वहां पहुंचती वह फरार हो चुकी थी। पुलिस टीम पूछताछ के लिए काडमांडू स्थित इमिग्रेशन विभाग के ऑफिस भी गई थी।

भगवान विश्वकर्मा के पूजन से मिलता है फल

रावण की सोने की लंका बनाने वाले भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पूरी तन्मयता के साथ पूजा करने से भगवान विश्वकर्मा खुश होते हैं और अपने भक्तों पर अपना आर्शीवाद हमेशा बनाये रखते है।
शास्त्रों के मुताबिक हिन्दू धर्म में भगवान् विश्वकर्मा को निर्माण, सृजन का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा ने ही सृष्टि का निर्माण, रावण की सोने की लंका, पुष्पक विमान का निर्माण, कर्ण का कुण्डल, विष्णु जी का सुदर्शन चक्र, शिव जी का त्रिशूल और यमराज का कालदण्ड जैसी तमाम वस्तुओं का निर्माण किया था। जिससे इन्हें देवताओं के इंजीनियर के रूप में जाना जाता है। विश्वकर्मा जंयती पर निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाले सभी औजारों और मशीनों जैसे कंप्यूटर, संयंत्रों, मशीनरी से जुड़े दूसरे उपकरणों व वाहनों की पूजा की जाती है।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर उनकी पूजा और यज्ञ करना अनिवार्य माना जाता है। इस पूजा में बैठने से पहले स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करने के बाद एक चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित करें। इसके पश्चात अपने दाहिने हाथ में फूल, अक्षत लेकर मंत्र पढ़े और अक्षत को चारों ओर छिड़के दें और फूल को जल में छोड़ दें। इस दौरान इस मंत्र का जाप करें। ऊं आधार शक्तपे नमः और ऊं कूमयि नमः, ऊं अनन्तम नमः, ऊं पृथिव्यै नमः। इसके बाद हाथ रक्षासूत्र मौली या कलावा बांधे। भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करने के बाद उनकी विधिवत पूजा करें। पूजा के बाद विविध प्रकार के औजारों और यंत्रों आदि को जल, रोली, अक्षत, फूल और मिठाई से पूजें। तत्पश्चात हवन करें।

लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं मिल रहा सुराग

पंचकुला की विशेष सीबीआई कोर्ट में जहां राम रहीम के खिलाफ हत्या के दो मामलों में सुनवाई चल रही है, वहीं हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल बॉर्डर के जिलों में हनीप्रीत की तलाश में दबिश दे रही है। इस संबंध में सीमा से लगे सात जिलों में अलर्ट भी जारी किया गया है।
गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को पुलिस शिद्दत से तलाश कर रही है। जिसके चलते हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में छापेमारी कर रही है। यही नहीं नेपाल से लगे बिहार के सात जिलों में पुलिस ने हनीप्रीत को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
इससे पहले हरियाणा पुलिस के हाथ उस वक्त बड़ी कामयाबी लगी, जब पुलिस ने हनीप्रीत के विश्वास पात्र ड्राइवर प्रदीप को राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर प्रदीप पिछले कई दिनों से सालासर में छिपा हुआ था।
पुलिस हनीप्रीत तक पहुंचने के लिए डेरा सच्चा सौदा की मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन विपासना इंन्सा को जरिया बनाना चाहती है। रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम का जो भी राजदार रहा है, पुलिस की अब उस पर पैनी नजर है।
गौरतलब है कि विपासना इन्सां और हनीप्रीत इन्सां के बीच छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। एक तरफ जहां हनीप्रीत ने खुद को गुरमीत राम रहीम की असली वारिस होने का ऐलान कर डाला था। वहीं गुरमीत के जेल जाने के बाद से विपासना कहती आ रही है कि हनीप्रीत का डेरा सच्चा सौदा से कोई लेना देना नहीं है। ना ही उसकी कोई हिस्सेदारी है।
साफ है कि डेरे के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। खुद विपासना भी नहीं चाहती कि हनीप्रीत का अब डेरे में कोई दखल हो। इसी खींचतान के बीच हनीप्रीत को ढूंढना पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक विपासना के फोन पर 25 अगस्त की रात को हनीप्रीत की एक कॉल आई थी। इसमें हनीप्रीत की लोकेशन राजस्थान के बाड़मेर में थी। हनीप्रीत को सार्वजनिक तौर आखिरी बार रोहतक में देखा गया था। वहां वो डेरे के एक अनुयायी के घर पर ही एक घंटे तक रुकी थी। उसकी कार आखिरी बार हिसार रोड पर जाती देखी गई थी।
उसके बाद से ही हनीप्रीत की कोई भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी है। पुलिस पर सरकार का दबाव है कि वो जल्दी से जल्दी देशद्रोह के मामले में वांछित हनीप्रीत और आदित्य इन्सां को पकड़ कर कोर्ट मे पेश करे।