भाजपा की कमेटी देखेगी विस अध्यक्ष और राज्यमंत्री कोठारी का मामला

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और गन्ना एवं चीनी विकास बोर्ड के अध्यक्ष भगतराम कोठारी के मध्य उपजे विवाद प्रकरण की भाजपा ने जांच कराने का निर्णय लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के अनुसार जल्द ही जांच कमेटी घोषित की जाएगी।
विस अध्यक्ष अग्रवाल और दायित्वधारी कोठारी के मध्य तब विवाद हो गया था, जब हाल में ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत नमामि गंगे के कार्यों के निरीक्षण को ऋषिकेश पहुंचे थे। इस दौरान चंद्रभागा पुल के नजदीक परिचय कराने को लेकर दोनों के मध्य हुआ विवाद नोकझोंक तक जा पहुंचा। बाद में विस अध्यक्ष अग्रवाल और दायित्वधारी कोठारी ने ऋषिकेश पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश से अलग-अलग मुलाकात की।
अब भाजपा का प्रदेश नेतृत्व भी इस विवाद को लेकर गंभीर हुआ है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि विस अध्यक्ष और दायित्वधारी के मध्य विवाद के मद्देनजर जांच बैठाई जा रही है। जल्द ही जांच कमेटी गठित की जाएगी। इस बारे में पार्टी के प्रांतीय पदाधिकारियों से विमर्श किया जा रहा है।
गौरतलब है कि कुछ समय से भाजपा विधायकों कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के मध्य विवाद चला आ रहा है। दोनों विधायकों के मध्य छिड़ी जुबानी जंग ने पार्टी को असहज स्थिति में ला दिया था। सरकार और संगठन के हस्तक्षेप के बाद भी जब बात नहीं बनी तो पार्टी ने प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष भट्ट को सौंप चुकी है, लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि जांच रिपोर्ट आधी उन्होंने पढ़ ली है। जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।

चुनौती को अवसर में बदलने का कार्य करुगां, अपेक्षाओं पर खरा उतरुगांः निशंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक आज देहरादून में कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। निशंक ने कहा- मंत्री बनने के साथ ही काम शुरू हो चुका है। 100 दिन में काम के लक्ष्य हमारे सामने हैं। पहले उन्हें साधना है। उसके बाद ही वे अपने मंत्रालय की जानकारियों को लेकर प्रेस के सामने आएंगे।
डॉ. निशंक प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह कार्यक्रम में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। अपने करीब आधे घंटे के संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्होंने भी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री उन्हें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री सरीखा अहम मंत्रालय देंगे। उनका तो पर्यटन और संस्कृति में मन था। कहा-‘मेरे लिए ये बड़ी चुनौती है। मैं इसे अवसर में बदलने का प्रयास करूंगा। प्रधानमंत्री ने मुझ पर बहुत भरोसा किया है। मैं समझ लूं कि प्रधानमंत्री जी क्या चाहते हैं। जितनी भी क्षमता है लगा दूंगा किंतु उत्तराखंड का माथा नीचे नहीं होने दूंगा।’
निशंक ने कांग्रेस पर निशाना साधा तो प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस ने देश को चैराहे पर ला खड़ा किया था। लेकिन भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाया और उनके नेतृत्व में देश लगातार नई ऊंचाई छू रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की तारीफ की। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, वरिष्ठ विधायक हरबंस कपूर, देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी निशंक ने भी कार्यकर्ता संबोधन किया और निशंक को केंद्रीय मंत्री बनाने का पीएम मोदी का आभार प्रकट किया। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने कार्यकर्ताओं का आभार जताया। पार्टी विधायक खजानदास ने कार्यक्रम का संचालन किया।

एचआरडी मंत्री निशंक ने किए बदरी-केदार के दर्शन
केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री बनने के बाद पहली बार डा. रमेश पोखरियाल निशंक शनिवार को दोनों बेटियों के साथ बदरी-केदार के दर्शन किए। उन्होंने दोनों धामों की पूजा में भी भाग लिया। साथ ही तीर्थयात्रियों, पुरोहितों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक बेटियों के साथ सुबह पौने आठ बजे केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर करीब आधा घंटे तक पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और समस्याओं पर प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें मंत्री बनने पर बधाई देते हुए अभिनंदन पत्र सौंपा।

इसके बाद वह दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर पहुंचे। यहां बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, पूर्व विधायक अनिल नौटियाल और मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। वह 25 मिनट तक मंदिर में आयोजित पूजा में शामिल हुए। डा. निशंक ने धाम में यात्रा व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई। इस मौके पर विधायक भरत सिंह, जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, महामंत्री अजय सेमवाल, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष अशोक खत्री, वाचस्पति सेमवाल, आशा नौटियाल, चंडी प्रसाद भट्ट, मंदिर समिति के सदस्य चंद्रकला ध्यानी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, धीरज पंचभैया मोनू, डिमरी पंचायत अध्यक्ष राकेश डिमरी और मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद थे।

गजेन्द्र शेखावत ने किया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ऋषिकेश में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 298 अलग-अलग तरह के कार्य किए जा रहे है, ताकि गंगा का शुद्धिकरण हो सके। इसके तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार किए जा रहे हैं। 298 निर्माण कार्यों में से 98 पूरे हो चुके है।
ऋषिकेश में निर्माणाधीन दोनों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी तय समय सीमा में पूरा होने की उम्मीद है। कुंभ से पहले गंगा नदी का जल आचमन योग्य हो जाएगा। वह यहां बृहस्पतिवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे थे। यहां स्वामी चिदानंद सरस्वती के साथ उन्होंने पीलो पानी प्याउ से पानी पीकर उसका शुभारंभ किया किया। पीलो पानी के संस्थापक जतिन अहलावत ने पीलो शुद्ध जल मशीन के बारे में जानकारी दी।
बताया कि इसकी क्षमता 500 लीटर है। यह हर घंटे 300 लीटर आरओ प्यूरीफाइड जल उपलब्ध कराने में सक्षम है। इस दौरान शेखावत परमार्थ गंगा घाट पर आयोजित श्रीराम कथा में भी पहुंचे। यहां कुछ देर कथा सुनने के बाद वह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के लिए निकल पड़े। इस दौरान नमामि गंगे के डायरेक्टर जनरल राजीव रंजन मिश्रा, ज्वाइंट सेक्रेटरी अशोक कुमार, वित्तीय प्रमुख रोजी अग्रवाल, उत्तराखण्ड राज्य प्रमुख उदयराज, तकनीकी निदेशक प्रवीण कुमार आदि उपस्थित रहे।

30 नवंबर तक हर हाल में पूरा हो प्लांट का काम
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चंद्रेश्वर नगर में 7.5 एमएलडी के निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप से परियोजना के निर्माण की अवधि पूछी। इस पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि पहले इसका निर्माण 30 अगस्त तक किया जाना था, लेकिन अब इसे 30 दिसंबर तक पूरा किया जा सकेगा।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने 30 सितंबर तक इसे पूरा करने को कहा, लेकिन प्रोजेक्ट मैनेजर के कई पहलुओं का हवाला देने के बाद उन्होंने प्लांट को हर हाल में 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए।

26 एमएलडी प्लांट के कार्य से संतुष्ट दिखे शेखावत
लक्कडघाट में निर्माणाधीन 26 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य पर केंद्रीय जल शक्ति संतुष्ट दिखे। उन्होंने प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इसे सुंदर बगीचे रूप देने को भी कहा। कार्यदायी संस्था जीडीसीएल के प्रदीप जैन से तकनीकी जानकारी भी ली। उन्होंने आम का पौधा भी रोपा। इस दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी मौजूद रहे।

केन्द्रीय मंत्री के सामने ही भिड़े विस अध्यक्ष और दर्जाधारी
ऋषिकेश पहुंचे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के स्वागत की होड़ में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और दर्जाधारी राज्यमंत्री भगतराम कोठारी आपस में भिड़ गए। मर्यादा को भूल दोनों राजनेताओं के बीच खूब गाली गलौज हुई। यहां तक कि दोनों महानुभावों ने एक दूसरे को देख लेने तक की धमकी तक दे डाली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ऋषिकेश दौरे पर पहुंचे थे। पहले उन्होंने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे मोटर बोट से नाव घाट पहुंचे।
यहां से वे चंद्रेश्वर नगर स्थित नमामि गंगे योजना के तहत बनाए जा रहे 7.5 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने जा रहे थे। चंद्रेश्वर नगर के मोड़ पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल तथा दर्जाधारी राज्यमंत्री भगतराम कोठारी अपने-अपने समर्थकों के साथ उनके स्वागत के लिए मौजूद थे।
करीब ढाई बजे केंद्रीय मंत्री की फ्लीट पहुंची। वे अपनी कार से उतरे तो विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के बीच पहले मैं-पहले मैं की होड़ शुरू हो गई। कुछ ही पलों में यह होड़ विवाद में बदल गई और सभी मर्यादाएं तार-तार हो गईं। दोनों के बीच जमकर गाली गलौज हुई। हालांकि, बाद में दोनों महानुभावों को स्थिति का एहसास हुआ और बारी-बारी से केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। इस बारे में जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो वे मुस्कुराकर चुप्पी साध गए और आगे बढ़ गए।

किसने क्या कहा-

ये वाकया पहली बार नहीं हुआ है। पूर्व में भगवान बद्री विशाल की गाडू घड़ा यात्रा के दौरान भी विधानसभा अध्यक्ष ने मेरे साथ अभद्रता की थी। वहां मैं अपनी पत्नी के साथ दर्शन के लिए लाइन में खड़ा था। बृहस्पतिवार को ऐसा ही सलूक मेरे साथ किया गया। मैं ऐसी राजनीति से त्रस्त आ चुका हूं। अपनी बात ऊपर तक पहुंचाऊंगा। विधानसभा अध्यक्ष ने गाड़ी में बैठते-बैठते धमकाया कि मैं बताऊंगा तेरे को।
– भगतराम कोठारी, अध्यक्ष, गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड

भगतराम कोठारी काफी बड़े आदमी हैं और सरकार ने उनको काफी अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मैं जहां हूं, वहां तक पहुंचने के लिए सालों परिश्रम किया है और यह पार्टी के प्रति अगाध निष्ठा का परिणाम है। ताजा घटनाक्रम पर मैं यही कह सकता हूं कि कुछ नहीं हुआ। मेरी तरफ से यही सलाह है कि पार्टी नेताओं को संगठन की रीति नीति को समझना चाहिए।
– प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष व स्थानीय विधायक

स्वरोजगार की दिशा में सार्थक प्रयास है ‘‘पहाड़ी रसोई‘‘

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महिला सशक्तिकरण के साथ ही प्रदेश के परम्परागत व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा देश व दुनिया में पर्यटकों के माध्यम से इसकी पहचान बनाने के लिए पहाड़ी रसोई योजना को कारगर प्रयास बताया है। राजपुर रोड स्थित अनिकेत पैलेस में सरस्वती जागृति महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित ‘‘पहाड़ी रसोई‘‘ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह द्वारा किया गया यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की भी मजबूत पहल है। उन्होंने इसे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायी भी बताया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि समाज में महिला व पुरुष दोनों पक्ष यदि सशक्त होंगे तो हमारा समाज भी आगे बढ़ेगा तथा समाज का कल्याण भी होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा प्रदेश पर्यटन प्रदेश है। यहां आने वाले पर्यटकों को पर्वतीय व्यंजनों की चाहत रहती है। इससे हमारे उत्पादों को देश व दुनिया में पहचान मिलने के साथ ही पारम्परिक खेती के उत्पादन के प्रति हमारे लोग प्रेरित होंगे। इससे पारम्परिक उत्पादों व खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे उत्पाद पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने, इसके भी प्रयास किए जाने चाहिए। इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार के.एस.पवार, सरस्वती जागृति महिला स्वयं सहायता समूह की सुश्री पूजा तोमर, सुषमा शालिनी आदि उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा मंत्री ने नये विषयों को शामिल करने पर दिया जोर

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा परिषद् की 8वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में रूसा फेज-2 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय को महाविद्यालय हेतु अनुमोदित स्वीकृत योजनाओं पर चर्चा हुई तथा रूसा फेज-1 की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि रूसा से आच्छादित सभी राज्य विश्वविद्यालय वर्तमान की आवश्यकता के अनुसार नये विषयों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। कॉलेजो में ऐसे ट्रेड या कोर्सेज भी चलाए जाए जो राज्य के स्थानीय कलाओ, परम्परागत शिल्पों, पारम्परिक उद्यमों तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं से जुड़े विषयों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। उच्च शिक्षा मंत्री रावत ने कहा कि महाविद्यालयों में शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार शैक्षणिक व अन्य प्रकार के 172 पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है।

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सरकार की इच्छा शक्ति से समय पर बनकर तैयार हुआ फ्लाईओवर

डॉ. धनसिंह रावत द्वारा रूसा फेज-2 में विश्वविद्यालयों के संरचनात्मक अनुदान के अन्तर्गत विश्वविद्यालयों के लिये स्वीकृत धनराशि का समय से सदुपयोग करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि से विश्वविद्यालय में अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने कॉलेजों को निर्देश दिए कि रूसा-1 के सभी कार्यों को हर हाल में 15 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी महाविद्यालयों में बायोमैट्रिक से उपस्थिति को सख्ती से लागू किया जाए। इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
डॉ. धनसिंह रावत ने निर्देश दिए कि महाविद्यालय का जुलाईध्अगस्त 2019 में नैक से प्रत्यायन के लिये शीघ्रता से प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राज्य में मॉडल एवं प्रोफेशनल कॉलेजों को खोलने की कार्यवाही में तेजी लायी जाए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा उन्नयन समिति की उपाध्यक्ष दीप्ती रावत भारद्वाज, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं महाविद्यालयों के महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।

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सरकार की इच्छा शक्ति से समय पर बनकर तैयार हुआ फ्लाईओवर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर आईएसबीटी के समीप 2-लेन वाई शेप फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रिकार्ड संख्या पर्यटक आ रहे हैं। इससे हमारे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ी हैं। परंतु पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुरूप आधारिक संरचना के विकास और पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर और ध्यान देना होगा। आने वाले समय में श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम हो सके, इस पर कार्ययोजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएसबीटी के फ्लाईओवर से देहरादून में ट्रैफिक जाम से कुछ निजात मिलेगी और सुलभ यातायात की सुविधा मिलेगी। इसका निर्माण निर्धारित समय के भीतर किया गया है। यहां 100 मीटर सर्विस रोड़ विकसित की जाएगी। देहरादून में स्थित फ्लाईओवरों के नीचे के स्थान का जनहित में सदुपयोग करने के लिए विचार किया जाएगा। प्रेमनगर देहरादून के लिए बोटलनेक था, वहां सड़क चैड़ीकरण किया जा रहा है। इसके लिए 18 करोड़ रूपए स्वीकृत भी हो चुके हैं। आईएसबीटी के समीप हरिद्वार बाईपास की ओर 33 करोड़ 26 लाख रूपए लागत से बने इस फ्लाईओवर की लम्बाई 387.25 मीटर, पहुंच मार्ग की लम्बाई 210 मीटर व कुल लम्बाई 597.25 मीटर है।
इस अवसर विधायक विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, मुख्य अभियंता एनएच हरिओम शर्मा आदि मौजूद थे।

भारतीय सेना के अंग बने 382 युवा अधिकारी

भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होकर 382 जांबाज अधिकारी भारतीय सेना का हिस्सा बन गए, जबकि मित्र राष्ट्रों के 77 कैडेट्स भी पास आउट हुए। पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन रहे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ। इसके बाद ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए 459 जेंटलमैन कैडेट्स चैटवुड भवन के सामने पहुंचे। इस दौरान इन कैडेट्स पर हेलीकाॅप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। परेड की सलामी लेने के बाद दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन ने कैडेट्ों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद देश का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिस पर अब काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। उन्होंने कैडेट्स को दुश्मन के बोलने पर विश्वास न करने को लेकर सचेत किया तो वही ऐसे प्रोपेगेंडा को अनदेखा कर आगे बढ़ने की सलाह दी।

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इसके साथ ही आज आईएमए के इतिहास में 61 हजार 536 अफसर देने का रिकॉर्ड भी जुड़ गया। इनमें 2 हजार 2 सौ 59 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स भी शामिल हैं।
आज पास आउट हुए 77 युवा सैन्य अधिकारियों में 9 मित्र देशों- अफगानिस्तान, भूटान, मालदीव, फिजी, मॉरीशस, पपुआ न्यू गिनी, टोंगा, लेसोथो और तजाकिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बने हैं। इस बार सबसे ज्यादा 72 अधिकारी उत्तर प्रदेश से हैं, जबकि उत्तराखंड से 33 युवा अधिकारी हैं।

श्रद्धांजलि देते समय भावुक हुए साथी, बताया अपना गुरु

दिवंगत प्रकाश पंत का पार्थिव शरीर पहले दिल्ली और फिर विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट लाया गया। दिवंगत पंत के पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट हवाई अड्डे के निकट एसडीआरएफ भवन में श्रद्धांजलि और दर्शनार्थ रखा गया। जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट सहित कई मंत्रियों, विधायकों के अलावा कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने स्वर्गीय पंत को श्रद्धांजलि अर्पित की। एसडीआरएफ भवन के प्रागंण में दिवंगत पंत के पार्थिव शरीर को पुलिस के द्वारा सलामी भी दी गई।

मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं ने स्वर्गीय पंत के पार्थिव शरीर को कंधा भी लगाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने अपने प्रिय नेता स्वर्गीय प्रकाश पंत के अंतिम दर्शन कर उन्हें भावनभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी दिंवगत पंत को जौलाग्रांट स्थित एसडीआरफ भवन में श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में नेता प्रतिपक्ष डाॅ. इंदिरा हृद्येश भी शामिल रहीं। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी के अलावा वरिष्ठ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और विधानसभा के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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ठीक होकर आने का वादा किया था, लेकिन साथ छोड़ दिया- मुख्यमंत्री

‘मैं निश्चित रूप से वापस आऊंगा, पर अब उनका पार्थिव शरीर वापस आ रहा है’ कैबिनेट सहयोगी प्रकाश पंत से आखिरी मुलाकात को याद कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भावुक होकर फफक पड़े। उन्होंने प्रकाश पंत से जुड़ी कुछ यादों को साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुआ एक वीडियो बुधवार शाम को जारी किया। मुख्यमंत्री ने पंत की संसदीय प्रणाली की समझ और उनके कार्यशैली को याद किया। मुख्यमंत्री बोले, ‘राज्य गठन के बाद अंतरिम सरकार बनी तो बात आई कि विधानसभा अध्यक्ष किसे बनाया जाए। मैंने डा. मुरली मनोहर जोशी को सुझाया कि प्रकाश पंत को बनाते हैं। उस समय मैं प्रदेश संगठन देख रहा था। जोशी जी का एक संशय था कि इतनी कम उम्र में प्रकाश विधानसभा का कार्य देख पाएगा। मैंने उन्हें समझाया, जिसके बाद वे मान गए। उनकी संसदीय कार्यों की मजबूत समझ से इतिहास में लंबी लकीरें खींची हैं।
वे न केवल मर्यादाओं की चिंता करते थे बल्कि उस पर चलते भी थे’। मुख्यमंत्री ने उनकी कार्यकुशलता और विनम्रता को लेकर कई रोचक बातें बताईं। अपनी बात समाप्त करने से पहले मुख्यमंत्री ने पंत जी से आखिरी मुलाकात को याद किया तो वे भावुक हो गए। उन्होंने अंत में कहा कि ‘मैं बहुत दुखी हूं’। इतना कहने के बाद वे फफक ही पड़े। प्रकाश पंत ने जब सोशल मीडिया पर अपने स्वास्थ्य में आ रहे सुधार के संबंध में एक वीडियो पोस्ट किया तो अपने प्रशंसकों के चेहरे खिल उठे। सभी उनके सेहत को लेकर चिंतित थे और हर जुबान पर एक सवाल तैर रहा था कि प्रकाश पंत जी को आखिर क्या हुआ? पंत ने संदेश में कहा था कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और सेवा के भाव लेकर वे पुनः उपस्थित होंगे।

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कंपनी जीडीसीएल के निर्माण कार्य पर नमामि गंगे असंतुष्ट, ठोका जुर्माना

लक्कड़घाट में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए नगर के मार्गों पर नमामि गंगे का सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा हैं। इस कार्य को दिल्ली की जीडीसीएल कंपनी कर रही है। कंपनी को दिए समय के मुताबिक काम अभी तक 60 फीसदी हो जाना चाहिए था मगर, अभी तक 42 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका हैं। वहीं कंपनी के कार्य में कई बार शिकायतें तथा दुर्घटना भी हो रही है। इसी को देखते हुए नमामि गंगे ने कंपनी को एक लाख रूपए का जुर्माना लगाया हैं। वहीं अन्य जुर्माने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया है।

नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत कुल 72 करोड़ रुपये की लागत से लक्कड़घाट पर एक 26 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, तीन पंपिंग स्टेशन (मायाकुंड, बापूग्राम, सर्वहारानगर) तथा करीब 15 किलोमीटर मार्ग पर भूमिगत सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस पूरे कार्य का जिम्मा दिल्ली की कंपनी जीडीसीएल को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से निर्माण कार्य में आए दिन लापरवाही के मामले सामने आ रहे है। इसी के चलते 24 अप्रैल को कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उच्चाधिकारियों को और जुर्माना लगाने के लिए पत्राचार किया गया है।

लोनिवि, निगम, एनएच को दिया मुआवजा
प्रोजेक्ट मैनेजर (नमामि गंगे) संदीप कश्यप ने बताया कि भूमिगत सीवर लाइन बिछाने के कार्य के लिए जिस विभाग की सड़क को उखाड़ा जा रहा है, उसे पिछले वर्ष ही धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। इसमें लोक निर्माण विभाग को दो करोड़ 31 लाख, नेशनल हाईवे को 94 लाख, नगर निगम को 87 लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भूमिगत लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण होने पर इसका टेस्टिंग कराया जाएगा। इस दौरान कहीं से भी लीकेज की समस्या आती है, तो दोबारा उसे दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद ही सड़क निर्माण हो सकेगा।