विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम ने किया काशीपुर में वर्चुअल प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर काशीपुर, ऊधमसिंहनगर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभाजन स्मृति स्मारक स्थल का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने देश के विभाजन का दंश झेलने वालों को नमन करते हुए कहा कि 14 अगस्त 1947 का दिन हम कभी नहीं भूल सकते, जब मजहब की आड़ में भारत को दो हिस्सों में बाँट दिया गया। जहां एक ओर 15 अगस्त 1947 को पूरा देश आजादी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा था वहीं, उससे ठीक एक दिन पहले ही, देश को दो टुकड़ों में बाँट दिया गया। करोड़ों लोगों को विभाजन की विभिषिका से गुजरते हुए अपने घर, गाँव, खेत-खलिहान, दुकान-व्यापार और अपनों से बिछड़कर शरणार्थी के रूप में रहने को मजबूर होना पड़ा। आज भी उन लोगों की आँखों में वो पीड़ा है, जिनके माँ-बाप इतिहास के उस काले दौर में उन्हें छोड़ कर इस दुनिया से चले गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए यह समझ पाना भी कठिन है कि देश की स्वतंत्रता के समय विभाजन की विभीषिका से गुज़रने वाले लोगों ने उस दौर में किस अकल्पनीय पीड़ा, भय और संघर्ष को सहा था। देश की आजादी के बदले किये गये उनके त्याग और बलिदान की भरपाई कर पाना असंभव है। उनके इस त्याग, बलिदान और पीड़ा के महत्त्व को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों द्वारा किए गए त्याग और बलिदान को हमेशा याद रख सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विभाजन केवल एक भूभाग का बँटवारा नहीं था, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगियों और उनकी सांस्कृतिक पहचान का भी विभाजन था। मानव विस्थापन का इतना भयानक और विकराल रूप इतिहास ने पहले कभी नहीं देखा था। मुख्यमंत्री ने उस वैमनस्य और दुर्भावना का डटकर सामना करने वाले लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेलने के बाद भी अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अटूट विश्वास को बनाए रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समग्र विकास हो रहा है। हमारी सांस्कृतिक धरोहरों, परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार, महाकाल लोक का निर्माण और करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के माध्यम से हमारी धार्मिक विरासत को दिव्यता और भव्यता के साथ पुनर्स्थापित कर देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा प्रवाहित की जा रही है। कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, सीएए एवं वक्फ संशोधन कानून लागू करने तथा 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे निर्णयों के माध्यम से एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को भी साकार रूप प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। काशीपुर के चौती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर का हिस्सा बनाया है। हेमकुंड साहिब आने वाले सिख श्रद्धालुओं की यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सहज बनाने के लिए गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला राज्य है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद लगभग 24 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है। राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिये पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है। प्रदेश में सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, मेयर काशीपुर दीपक बाली, मेयर रुद्रपुर विसा शर्मा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा,स्वामी हरि चौतन्या महाराज, अजय मौर्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट, आपदा राहत के लिये दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए रू 1 करोड़ की धनराशि का योगदान दिया गया।

मुख्यमंत्री ने यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दिए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दिया जा रहा सहयोग प्रशंसनीय है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया देहरादून से अर्चना शुक्ला, बिभूति भूषण राउत व मनोहर सिंह उपस्थित थे।

उत्तराखंड को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारपुरम में योगा पार्क एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने एआई चौटबॉट ‘निगम सारथी’ लॉन्च किया और हरित नीति के डोक्यूमेंट का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने पर एक पेड़ माँ नाम के नाम के तहत रूद्राक्ष का पौधा रोपा, जो सरकार द्वारा चलाये गये बृहद पौधारोपण अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र देहरादून के अन्तर्गत इस वर्ष रोपा गया एक लाखवां पौधा था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सम्मान सेनानियों और कर निरीक्षकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति के लिए सामूहिक शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारपुरम में आधुनिक योगा पार्क के जरिए हम राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य, खुशहाली और पर्यावरण को साथ लेकर चलने की दिशा में एक और मजबूत कदम उठा रहे हैं। यह योगा पार्क आने वाले समय में शहरवासियों के लिए न केवल आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्वास्थ्य, फिटनेस सहित सामाजिक गतिविधियों का भी एक प्रमुख केंद्र होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य के साथ, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश में देश की पहली ’योग नीति’ लागू कर दी गई है। साथ ही राज्य में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना भी की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि योग लोगों की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बने, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास हो सके। इसी सोच के साथ केदारपुरम सहित अन्य पार्कों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में, देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए लगभग 14 सौ करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवी वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हम सभी को मिलकर नशे के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक जंग लड़नी होगी। नशा स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा, दोनों को तो नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहे हैं, इस महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उसके बिना “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड“ का हमारा सपना पूरा नहीं हो सकता। राज्य में पिछले 3 वर्षों में जहां मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त चार हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं 203 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नशीली सामग्री भी जब्त की गई है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना“ कहें और अपने साथियों को भी नशे के लिए ’’ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने पुष्कर सिंह धामी ने कहा का राज्य सरकार ड्रग्स के कारोबार और इससे होने वाली कमाई के खिलाफ ’’जीरो टॉलरेंस’’ की नीति के अनुरूप कार्यवाही कर रही है। इसलिए ’’नशा मुक्त उत्तराखण्ड से नशा मुक्त भारत’’ बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेगें।

कार्यक्रम में मेयर सौरभ थपलियाल ने नगर निगम देहरादून द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी दी।

राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सेनी ने इस अवसर पर उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए एक माह का वेतन और अपने सांसद निधि से एक करोड़ रूपये निर्माण कार्य के लिए प्रदान करने की बात कही।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, पार्षदगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विकास कार्यों का विवरण

शिलान्यास
गांधी पार्क का विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य – 164.33 लाख।

नगर निगम टाउन हॉल का जीर्णाेद्धार एवं हाल के अंदर और मुख्य बिल्डिंग के बाहर एफआरपी कार्य- 232.50 लाख।

लोकार्पण
वार्ड 33 यमुना कॉलोनी में पार्क निर्माण कार्य – 139.49 लाख।

वार्ड 88 हरबाजवाला में मछली तालाब का रखरखाव, वनीकरण एवं वाकिंग ट्रैक निर्माण – 170.32 लाख।

वार्ड 58 डिफेंस कॉलोनी केदारापुरम में योगा पार्क का निर्माण एवं अन्य विकास कार्य – 437.07 लाख।

राज्य में “एआई मिशन“ प्रारंभ होगा, जो “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया। इनमें डिजिटल उत्तराखण्ड एप का उद्घाटन, सुरक्षित, स्केलेबल और सुगम्य प्लेटफॉर्म आधारित 66 वेबसाइटों का उद्घाटन, नगरीय क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए विकसित की गई जीआईएस आधारित वेब एप का उद्घाटन, जन सुविधा के लिए संचालित 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई के अनुप्रयोग नवाचार का शुभारंभ और अतिक्रमण की निगरानी के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन का शुभारंभ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री घोषणाएं-
1-भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत डिजास्टर रिकवरी के लिए भी एक अलग से मैकेनिज्म बनाया जाएगा।

2-राज्य में शीघ्र ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।

3-गुड गवर्नेंस की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।

4-राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सुंदर पहाड़ी राज्य होने के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष राज्य के रूप में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर कार्य कर रही है। आज प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई है। ये सभी नवाचार शासन व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के साथ ही विभिन्न सेवाओं में गति एवं पारदर्शिता भी लाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से प्रौद्योगिकी और नवाचार का विस्तार हुआ है। उनके ’डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है। “डिजिटल उत्तराखण्ड“ एप के माध्यम से लोग घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एप प्रधानमंत्री के ’मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस’ के मंत्र को साकार करने में सहायक होगा। इससे सरकारी सेवाओं को एकीकृत, सरल और सुलभ बनाने में सहायता मिलेगी और विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी आसानी से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर आधारित 66 नई सरकारी वेबसाइटें विभागीय जानकारी को सुरक्षित, त्वरित और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाएंगी। जीआईएस आधारित वेब ऐप शहरी क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। अतिक्रमण की रोकथाम के लिए एक वेब-आधारित ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अतिक्रमण की तस्वीर या वीडियो अपलोड कर सकेगा, जिस पर संबंधित विभाग तुरंत जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 1905 सीएम हेल्पलाइन राज्य के नागरिकों और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस सेवा में भी एआई आधारित सुविधाओं से शिकायतों का ऑटो-केटेगराइजेशन, त्वरित समाधान और फॉलो-अप मॉनिटरिंग और भी बेहतर तरीके से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवा और भूलेख डिजिटलीकरण जैसे कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से लोगों को घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह घर बैठे उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। “अपणी सरकार“ पोर्टल द्वारा 886 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य के लगभग 95 प्रतिशत गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव नितेश झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, नीरज खेरवाल, डॉ. वी. षणमुगम, श्रीधर बाबू अदांकी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटी गौरव कुमार (वर्चुअल माध्यम), नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, संबंधित विभागों के अपर सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

सीएम धामी के निर्देश पर धराली में 98 आपदा प्रभावितों को दिए गए चेक

प्रदेश सरकार द्वारा धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। यह वितरण गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह चौहान द्वारा किया गया।

गत 5 अगस्त को उत्तरकाशी एवं पौड़ी जनपदों में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई थी। कई स्थानों पर भारी बारिश, भूस्खलन और मलबे के प्रवाह से घर पूरी तरह नष्ट हो गए, बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ और प्रभावित परिवारों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। इस आपदा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और सभी प्रभावित परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की तत्कालिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।

इसी घोषणा के तहत आज धराली में 98 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इस सहायता का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को पुनर्वास की दिशा में प्रारंभिक सहारा देना है ताकि वे आपदा के बाद के कठिन दौर में अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सहायता राहत प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है। भवनों, आवासों, होमस्टे, पशुधन और बागानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर एक व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाएगा, जिससे प्रभावितों को दीर्घकालिक सहयोग मिल सके।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग मेरे परिवार के सदस्य हैं। इस कठिन समय में वह और प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जाएगा, ताकि सभी प्रभावित जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।”

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदेश सरकार की इस त्वरित राहत कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।

संवेदनशील क्षेत्रों में सीएम ने दिए निर्माण रोकने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राज्य में आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, हिमस्खलन तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को तत्काल चिन्हित किया जाए, ताकि संभावित खतरे से पहले ही सतर्कता बरती जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर किसी भी प्रकार की नई बसावट या नए निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों और नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार का सरकारी या निजी निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा इनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम धामी के निर्देशों पर धराली से गंगोत्री तक तैनात हैं स्वास्थ्य के सिपाही, हर गांव तक पहुंचीं चिकित्सा टीमें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तरकाशी जिले में आई आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की टीमें तेजी से राहत और चिकित्सा सेवा कार्यों में जुट गई हैं। प्रभावितों को प्राथमिक उपचार से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता तक हर संभव सुविधा प्रदान की जा रही है। विभाग की टीमें धराली से लेकर गंगोत्री और चिन्यालीसौड़ तक हर जगह तैनात हैं और बिना रुके राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मातली में 128 यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण, 25 को प्राथमिक उपचार
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आज शुक्रवार को हेली सेवा के माध्यम से धराली से रेस्क्यू कर 128 यात्रियों को मातली लाया गया। यहां तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों का परीक्षण किया, जिनमें से 25 लोगों को प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पाई गई और उन्हें मौके पर ही राहत प्रदान की गई। एक गंभीर मरीज को जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती किया गया है।

चिन्यालीसौड़ में 76 यात्रियों की स्क्रीनिंग, सभी स्वस्थ
वहीं दूसरी ओर, चिन्यालीसौड़ हेलीपैड पर पहुंचे 76 यात्रियों की भी स्वास्थ्य जांच की गई। सभी यात्री स्वस्थ पाए गए और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। चिकित्सकों ने सतर्कता से सभी की स्क्रीनिंग की और आवश्यक परामर्श दिए।

जिला चिकित्सालय में 09 मरीजों का उपचार जारी
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उत्तरकाशी जिला अस्पताल में वर्तमान में 09 मरीज भर्ती हैं। इन सभी का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।

धराली में टीम मुस्तैद
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि धराली में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघना असवाल के नेतृत्व में टीम गई है। इसके अलावा टीम में डॉ मोहन डोगरा, डॉ कुलवीर सिंह राणा, निश्चेतक डा. संजीव कटारिया, जनरल सर्जन डा. परमार्थ जोशी, निश्चेतक डा. एम एस कौशिक, अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. शिवम् पाठक और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोदिवाल शामिल हैं। इसके अलावा गंगोत्री, गंगनानी, भटवाड़ी, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, मातली, चिन्यालीसौड़ में विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम तैनात की गयी है ताकि किसी भी आपदा प्रभावित को जरूरी इलाज समय से मिल सके। धराली क्षेत्र से नेटवर्क बाधा के कारण डेटा नहीं मिल पाया है। फिर भी, स्वास्थ्य विभाग की टीम वहाँ डॉ. मेघना असवाल के नेतृत्व में लगातार सक्रिय है और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

सीएम धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर, एम्बुलेंस और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक रेस्क्यू यात्री की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और आवश्यक उपचार तत्काल दिया जा रहा है।

गंगोत्री से चिन्यालीसौड़ तक, हर क्षेत्र में तैयार स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा राहत कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों की समुचित व्यवस्था की है। गंगोत्री, हर्षिल, भटवाड़ी, मातली और चिन्यालीसौड़ जैसे प्रमुख राहत केंद्रों में चिकित्साधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ एम्बुलेंस सेवाएं, जीवनरक्षक दवाएं और मेडिकल किट्स उपलब्ध कराई गई हैं। हर्षिल में 9 चिकित्साधिकारी और 3 एम्बुलेंस के साथ 20 मेडिकल किट्स की व्यवस्था की गई है, जबकि मातली में 5 चिकित्साधिकारी और 14 चिकित्सा कर्मी 8 एम्बुलेंस व पर्याप्त उपकरणों के साथ कार्यरत हैं। इसी प्रकार चिन्यालीसौड़, गंगोत्री और भटवाड़ी में भी जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य टीमों की तैनाती कर हर स्तर पर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तैनात
राज्य नोडल अधिकारी डॉ बिमलेश जोशी ने बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैंः-

धराली टीमरू-
डॉ. मेघना असवाल (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. मोहन डोगरा
डॉ. कुलवीर सिंह राणा
डॉ. संजीव कटारिया (निश्चेतक)
डॉ. परमार्थ जोशी (जनरल सर्जन)
डॉ. एम. एस. कौशिक (निश्चेतक)
डॉ. शिवम् पाठक (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. रोहित गोदिवाल (मनोरोग विशेषज्ञ)

अन्य टीमेंः-
मातलीरू डॉ आर.एस. बिष्ट, डॉ. रमेश कुंवर ( डिप्टी सीएमओ हरिद्वार), डॉ. अनमोल सिंह, डॉ. मनीष शर्मा
गंगोत्रीरू डॉ. दीपक रावत, डॉ. पीयूष राणा
गंगनानीरू डॉ. राहुल लाल, डॉ. विशाल सिंह
भटवाड़ीरू डॉ. वेदप्रकाश
चिन्यालीसौड़रू डॉ. विनोद कुकरेती

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशीः-
डॉ. आलोक जैन (ईएनटी)
डॉ. के एस भंडारी (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. एच एस सलूजा (जनरल सर्जन)
डॉ. यशपाल तोमर (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. अरविंद राणा (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. अभिषेक नौटियाल (निश्चेतक)

आपदा प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर करें बहालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार देर रात्रि आपदा कंट्रोल रूम उत्तरकाशी पहुंचकर जनपद में चल रहे आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम से वीसी के माध्यम से मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने हर्षिल धराली में बादल फटने से आयी प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत अभियानों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राहत सामग्री और बचाव दल की प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। उन्होंने बादल फटने, भूस्खलन और भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में कनेक्टिविटी को सुचारू करने के लिए जल्द से जल्द विसेट और जेनसेट को धराली हर्षिल क्षेत्र पहुंचाने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को आपदा प्रबंधन की तैयारियों और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी संबंधित एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं और लगातार राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी आपदा से निपटने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना बनाने के लिए भी कहा, जिसमें पूर्वानुमान प्रणाली और संचार नेटवर्क को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली एवं देहरादून लाए जा रहे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा लगातार आपदा की स्थिति की जानकारी ली जा रही है तथा आपदा की इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वाशन दिया है।’

मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर रोड कनेक्टीविटी को बहाल करने तथा धराली हर्षिल क्षेत्र में मूलभूत सुविधा विद्युत, जल, संचार सेवाओं की बहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम की चुनौतियों के बावजूद सीएम धामी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर, धराली आपदा प्रभावितों से की मुलाकात

मौसम की तमाम चुनौतियों तथा विषम परिस्थितियों की परवाह न करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज धराली में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। आज हेलीकॉप्टर की 07 सार्टी हुईं। सबसे पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना के बाद बुधवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री के ग्राउंड जीरो पर पहुंचते ही प्रभावितों का दर्द और आंसू छलक उठे। कई लोग मुख्यमंत्री से लिपटकर रोने लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी राज्य सरकार धराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को 24ग7 मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शासन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। हर एक व्यक्ति की जान कीमती है और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज प्रातः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यूकाडा के हेलीकॉप्टर निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका, रेस्क्यू टीमें पहुंची धराली
देहरादून। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में यूकाडा के हेलीकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बीच बुधवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टरों की कुल 07 सार्टी हुईं। इनमें से पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दूसरी सार्टी के जरिये जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा एसपी उत्तरकाशी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं अन्य सार्टी में जिला प्रशासन की टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के कुल 22 लोग ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। एनडीआरएफ के 28 जवान भी 02 सेटेलाइट फोन के साथ यूकाडा के हेलीकॉप्टरों के जरिये धराली पहुंच चुके हैं। वहीं यूकाडा के हेलीकॉप्टरों ने सेना के ले. कर्नल समेत 10 जवानों का धराली से रेस्क्यू किया है। सेना के 02 घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है, दो अन्य को सड़क मार्ग से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा जा रहा है। शेष अन्य का उपचार मातली तथा जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। साथ ही 03 अन्य नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। इन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है।

मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास-सुधांशु
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित शासन के वरिष्ठ अधिकारी गणों के साथ राहत और बचाव कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के साथ ही मौके पर भेजे जा रहे मानव संसाधन तथा उपकरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बचाव दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। मार्ग खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने की वजह से हवाई रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न हो रही है, मौसम साफ होते ही हेली सेवाओं द्वारा बचाव दलों के साथ ही मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी को एयर ड्रॉप किया जाएगा। बुधवार शाम को भी आरके सुधांशु राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। सचिव शैलेश बगौली राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आज सुबह से ही उपस्थित हैं और राहत और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव नितेश कुमार झा, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव चंद्रेश यादव, सचिन कुर्वे, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

02 लोगों के शव बरामद, 15 के लापता होने की सूचना
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि धराली आपदा में लगभग 15 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सड़कों को खोलने के लिए लगातार मौके पर टीमें कार्य कर रही हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य संचालित करने के साथ ही बचाव दलों तथा उपकरणों को आवश्यक स्थानों तक पहुंचाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धराली में वहां पर मौजूद बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य मंगलवार को ही प्रारंभ कर दिए गए थे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बनी रेस्क्यू अभियान की रणनीति
देहरादून। प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ ही विभिन्न विभागों के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण प्रातः साढ़े आठ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन को लेकर रणनीति बनाई। सड़कों को खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया। खराब मौसम के बीच हेली सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जाए, किन हेलीपैडो का उपयोग किया जाए, मार्ग बाधित होने के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच उपकरणों को किस प्रकार ग्राउंड जीरो पर भेजा जाए, विभिन्न स्थानों पर फंसी रेस्क्यू टीमों को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस पर मंथन किया गया। मौसम विभाग से आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।

चिनूक पहुंचा जौलीग्रांट, बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र सरकार के स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। वे लगातार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेस्क्यू अभियान की अपडेट ले रहे हैं। भारत सरकार द्वारा त्वरित गति से वायु सहायता उपलब्ध कराई गई है। 02 चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं। इसमें एनडीआरएफ के 50 जवानों तथा उनके उपकरणों को ग्राउंड जीरो के लिए भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है। एक एमआई 17 खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस सरसावा बेस लौटना पड़ा। मौसम साफ होते ही एमआई 17 के पुनः लैंडिंग के प्रयास किए जाएंगे। वहीं 115 स्पेशल फोर्सेज के साथ सेना के 05 एएन-32 हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं।

युद्धस्तर पर कार्य कर रहे राहत और बचाव दल
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान में डटे हैं। मार्ग बंद होने के कारण विभिन्न बचाव दल विभिन्न स्थानों में फंसे हैं। बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग खुलते ही सभी दल ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ करेंगे। भटवाड़ी में बंद सड़क को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। हर्षिल तथा पापड़गाड़ में मार्ग बंद है। उत्तरकाशी तक सड़क खोल दी गई है। गंगनानी तथा लिंचा ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए हैं। बैली ब्रिज बनाकर यहां यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मानव संसाधनों का विवरण निम्नानुसार है
वर्तमान में राजपुताना रायफल्स के 150 जवान तथा घातक बटालियन के 12 जवान ग्राउंड जीरो में मौजूद हैं तथा राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
आईटीबीपी के 100 कार्मिक जिनमें अधिकारी, डाक्टर व जवान शामिल हैं, मौके पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहे हैं।
एसडीआरएफ के 06 जवान भी मंगलवार से ही धराली में ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और उनके द्वारा राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
सेना के 40 जवान नेलांग से पैदल रवाना की गई है। वहीं 50 जवानों की मेडिकल टीम टेकला तक पहुंच गई है।
आईटीबीपी के 130 अतिरिक्त जवान घटनास्थल के लिए रवाना किए गए हैं।
एसडीआरएफ के 10 जवान सेटेलाइट फोन के साथ भटवाड़ी पहुंच गए हैं। 07 जवान लाटा पहुंच गए हैं। 07 जवान सेटेलाइट फोन के साथ गंगोत्री में मौजूद हैं। उजैली में ढालवाला तथा बटालियन से 20 जवानों को भेजा गया है। 08 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में रिजर्व में रखा गया है। डॉक स्क्वायड की 06 टीमें उजैली पहुंच चुकी हैं।

एनडीआरएफ के 79 जवान पापड़गाड़ में फंसे हैं, हालांकि 15 को यहां से आगे भेजने में सफलता मिली है। 07 जवान गौचर से उत्तरकाशी रवाना किए गए हैं। 50 तथा 24 सदस्यीय 02 टीमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट में स्टैंडबाई में हैं। 15 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में स्टैंडबाई में रखा गया है।

फायर सर्विस यूनिट गंगोत्री के 04 जवान घटनास्थल पर मौजूद हैं। उत्तरकाशी फायर स्टेशन में अन्य जनपदों से भेजी गई 03 टीमों को एलर्ट मोड पर रखा गया है। एफएसएसओ उत्तरकाशी मार्ग बंद होने के कारण रास्ते में फंसे हैं।

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी से एक मेडिकल टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। दून मेडिकल कॉलेज से 11 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग के 05 विशेषज्ञों की टीम भी रवाना कर दी गई है। 10 डॉक्टरों की टीम को पोस्टमार्टम के लिए स्टैंडबाई में रखा गया है। मनोचिकित्सकों की टीम भी बनाई गई है, जिसे घटनास्थल के लिए रवाना किया जा रहा है। 25 एम्बुलेंस तैयार हैं। 10 को स्टैंडबाई में रखा गया है। सीएचसी भटवाडी, चिन्यालीसौंड़, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, जिला चिकित्सालय देहरादून, दून मेडिकल कॉलेज तथा एम्स ऋषिकेश में 65 आईसीयू बैड तथा 270 जनरल बैड आरक्षित किए गए हैं।

शाम को करीब पांच बजे चार सदस्यीय एक मेडिकल टीम हर्षिल पहुंच गई है, जिसमें सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट व एक सीनियर डाक्टर हैं, जो स्थानीय निवासी हैं।

धराली आपदा में राहत कार्यों के लिये वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार

उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों से स्थिति की वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त की और उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है तथा प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार स्थिति में हैं, ताकि आवश्यकतानुसार शीघ्रतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदेश सरकार राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक सहायता पहुँचाने हेतु कटिबद्ध है।