गढ़वाल विवि का परीक्षा कार्यक्रम जारी

गढ़वाल विवि में 19 सितंबर से स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। विवि के अनुसार, नए कार्यक्रम के तहत परीक्षा कार्यक्रम विवि की वेबसाइट में अपलोड कर दिया गया है। 
एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) और यूजीसी ने सभी विवि को 30 सितंबर तक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में विवि की ओर से एक सितंबर और 10 सितंबर से परीक्षा शुरू कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन परीक्षा बार-बार टालनी पड़ी।
अब विवि ने एक बार फिर नई तिथि तय की है। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट ने बताया कि विवि के परिसरों और संबद्ध शिक्षण संस्थानों में  19 सितंबर से बीए, बीएससी, बीकॉम, बीपीएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होेंगी। 

परीक्षा तिथियां
एलएलबी – 20 से 26 सितंबर
बीएध्बीएससी – 19 सितंबर से 9 अक्तूबर 
एमससी – 19 से 3 अक्तूबर
एमकॉम- 20 से 3 अक्तूबर
एमए- 28 से 10 अक्तूबर 
नेट – 16 से 25 सितंबर 
बीफार्मा – 19 से 29 सितंबर
एमबीए- 20 से 30 सितंबर
जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन – 19 से 27 सितंबर
बीसीए, बीएससी (आईटी) और बीएससी (सीएस) – 19 से 27 सितंबर
एमएससी (आईटी) व एमएससी (सीएस) की परीक्षा- 19 से 1 अक्तूूबर

पौड़ी जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही सरकार

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने जनपद पौड़ी में पर्यटन विभाग द्वारा 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अन्तर्गत चयनीत योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने गुमखाल के समीप कीर्तिखाल में कीर्तिखाल से भैरंवगढ़ी रोपवे योजना के साथ ही सतपुली में 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन के अन्तर्गत विभिन्न पर्यटन योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियां से कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
सचिव पर्यटन ने सतपुली में पर्यटन विभाग की 40 शैय्या वाले आवास गृह एवं विवाह समारोह मल्टी परक हाल के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर भवन के डिजाईन एवं सुविधा के बारे में मौके पर जानकारी ली। इसके बाद उन्होने सतपुली में चयनीत पार्किग स्थल एवं सतपुली में नयार नदी के उस पार निर्माणधीन एग्लिंग हट्स कम होमस्टे व नयार नदी में बनने वाले अन्य पर्यटन विकास परक कार्यों की संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके उपरान्त सचिव जावलकर दिवा की डाडा रोपवे योजना के स्थलीय निरीक्षण किया।
सचिव जावलकर ने कहा कि इस क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म की अपार सम्भावनाएं है। नयार नदी में फिशिंग व एंगलिंग का अच्छा स्कोप है। विगत दिनों में पैराग्लाइडिंग व पैरासिलिंग के जो प्रयास किये गये थे, उसके भी अच्छे परिणाम आये है। कहा कि यहां पर राफ्टिंग, क्याकिंग, पैराग्लाइडिंग, पैरासिलिंग, एंगलिंग आदि की अपार सम्भावनाएं हैं, इसलिए इसे एक अच्छे डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जीएमवीएन का टीआरएच 40 बैड कैपसिटी का उद्घाटन भी किया जा रहा है, जो थर्टीन डिस्ट्रिक्ट थर्टीन डेस्टिनेशन का पार्ट है। पैरासिलिंग के जो ट्रायल हुए थे, उसकी रिपोर्ट प्राप्त कर उसके लॉचिंग पार्ट डेवलप किया जा रहे है। कुछ रोपवे भी प्रस्तावित है, जिनका अध्ययन कर उन पर भी कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
सचिव जावलकर ने कहा कि दीवा का डांडा से हिमालय का बहुत अच्छा दर्शन होता है और यहां पर रोपवे का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर कार्य चल रहा है कि किस तरह से बनाया जाय। कहा कि क्षेत्र का निरीक्षण किया जायेगा और तत्पश्चात टेण्डर प्रक्रिया की कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी/साहसिक खेल अधिकारी पौड़ी खुशाल सिह नेगी, उपजिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

सुधारवादी नेता के चलते यमकेश्वर विधायक खंडूड़ी फेम इंडिया पोस्ट में चयनित

देशभर में 50 उम्दा विधायकों का सर्वे कर उनकी लोकप्रियता, कार्यशैली, सामाजिक सरोकार, जनता से लगाव, जनहित कार्य, विधायक निधि खर्च का आंकलन करने वाली संस्था फेम इंडिया-एशिया पोस्ट में यमकेश्वर विधायक को सुधारवादी बताया गया है।

विधायक ऋतु खंडूड़ी के मीडिया प्रभारी अलकेश कुकरेती ने बताया कि फेम इंडिया एशिया पोस्ट के लिए देशभर से 50 उम्दा विधायकों का सर्वे हुआ था, इसमें विधायकों का चयन उनकी लोकप्रियता, कार्यशैली, प्रतिबद्धता, सामाजिक सरोकार, प्रभाव, जनता से जुड़ाव, जनहित के कार्य, छवि के साथ ही शून्यकाल, प्रस्तुत विधेयक, विधायक निधि के खर्च आदि के विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के परिणामों के आधार पर किया गया था। इसमें विधायक ऋतु खंडूड़ी को फेम इंडिया पोस्ट में सुधारवादी चुना गया है, जबकि विकास नगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान को फेम इंडिया पोस्ट में उद्देश्यपूर्ण के लिए चुना गया है।

नैनीताल हाईकोर्ट में दायर परमार्थ निकेतन मामले में याचिकाकर्ता ने वापस ली याचिका

परमार्थ निकेतन के समीप निर्माण कार्य के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका को याचिकाकर्ता ने वापस ले लिया है। याचिकाकर्ता के अनुसार म्यूटेशन संबंधी पत्रावलियां जुटाने के बाद पुनः याचिका दायर करेंगे।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चिदानंद मुनि की ओर से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन पर अतिक्रमण कर भारी निर्माण कर दिया गया है। याचिका में कहा कि 2.39 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है।

पिछले दिनों कोर्ट ने अतिक्रमण मामले में नोटिस देने व 15 दिन में उसका निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने बताया कि म्यूटेशन संबंधी कागजात जुटाने के बाद फिर से याचिका दायर की जाएगी। फिलहाल उन्होंने इस संबंध में दायर याचिका को वापस ले लिया है।

कड़कनाथ के चूजों का एक माह में होगा वितरण, जिला योजना के बजट से खरीदे जाएंगे चूजे

कोविड-19 में उत्तराखंड लौटै प्रवासी युवाओं को गांव में रोकने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़े रखने के लिए जिला योजना के बजट से सरकार ने पहल की है। सरकार इस बजट से पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिले में पशुलोक ऋषिकेश से 70 हजार कड़कनाथ मुर्गी के चूजे भेजने जा रही है। 10 सितंबर से यह चूजे पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।

पहली बार जिला योजना के बजट से पशुपालन विभाग मुर्गी के चूजे खरीद रहा है। पशुलोक ऋषिकेश स्थित कुक्कट प्रक्षेत्र के प्रभारी अधिकारी डा. मनोज तिवारी ने बताया कि पौड़ी जिले को कड़कनाथ के एक माह के 60 हजार चूजे और चमोली जिले को 10 हजार चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर आठ दिन बाद कई अलग जिले को 1500 चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। 10 सितंबर से यह चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे।

कुक्कट प्रक्षेत्र पशुलोक में सात जुलाई को हैदराबाद से एक दिन के रेनबो रोस्टर के 1800 चूजे आए हैं। डॉण्मनोज तिवारी ने बताया कि यह चूजे कुक्कट प्रक्षेत्र में पाले जाएंगे। रेनबो रोस्टर के 1600 मुर्गों की लॉट की नीलामी होनी है। ऐसे में यह चूजे उनके स्थान पर भरे जाएंगे। कुक्कट प्रक्षेत्र में 72 हफ्ते की आयु पूरी होने के बाद मुर्गों की नीलामी की जाती है।

पथरीली जमीन पर उगायी “मेहनत” की फसल

पौड़ी। हिम्मत ए मर्दा तो मदद ए खुदा। इसी सूत्र वाक्य पर चलते हुए मंजखोली गांव के युवक अशोक नौटियाल ने लगभग बंजर हो चुकी जमीन को हरा-भरा बनाने का निर्णय लिया और अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर मिसाल कायम की। मंजखोली गांव में पानी की कमी को देखते हुए यहां की पथरीली जमीन पर खेती करने का हौसला आज से पहले किसी ने नहीं दिखाया। आज इस पथरीले खेत में लहलहाती सब्जीयों की फसल देखकर कोई भी उनके परिश्रम को सलाम कर सकता है।

उत्तराखंड के बीरान और खाली होते गांवों को बचाने के लिए सरकार भले अब जाकर रिर्वस पलायन की बात कर रही हो, लेकिन आज से लगभग 20 बीस साल पहले यह युवक शहर में प्राइवेट नौकरी छोड़ अपने गांव वापस आ गया। पौड़ी गढ़वाल जनपद के पाबौं ब्लाक के मंजखोली गांव के इस युवक का नाम है अशोक नौटियाल। गांव से लगातार होते पलायन ने इस युवक को अंदर ही अंदर झकझोर दिया। जिसके बाद गांव पहुंचे इस युवक ने कुछ करने की ठानी। सबसे पहले गांव की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए अपने स्तर से तमाम प्रयास किए। गांव वालों का भी भरपूर समर्थन मिला, जिसके बाद अशोक नौटियाल ग्राम प्रधान चुन लिए गए। इनके नेतृत्व में मंजखोली र्ग्राम सभा को आर्दश ग्राम का भी पुरस्कार मिला। गांव में बिजली, पानी, सड़क की समस्या को दूर करने के लिए इन्हें ग्रामीणों का सहयोग मिला। गांव में सड़क, बिजली, पानी तो पहुंचा लेकिन गांव बड़ी संख्या में खाली हो गया। गांव में गिनती के लोग बचे।

खाली और वीरान होता गांव भी इस अशोक नौटियाल के इरादों को नहीं डिगा सका। अशोक नौटियाल ने गांव के बंजर खेतों को आबाद करने के बेड़ा उठाया। इसके लिए इन्होंने सीजनल सब्जियों का सहारा लिया। जिसमें आलू, टमाटर, सोयाबीन, मटर, ब्याज, मूली के साथ अन्य सब्जियों का उत्पादन किया। देखते ही देखते इनकी मेहनत रंग लाई। और बंजर खेत भी लहलाने लगे। आस-पास के गांव के साथ ही कुछ किलोमीटर दूर मासौं, पाबौं, सीकू खाल, पौड़ी बाजार तक सब्जियां पहुंचाई। जिसको लोगों ने हाथों हाथ लिया। वर्तमान में लहरा रही सब्जियां उनके पुरुषार्थ की मौन गवाही दे रहे हैं।

आम और केले का बाग किया तैयार

अशोक नौटियाल ने मंजखोली गांव के सीम इलाके में 20 साल की कठिन मेहनत से आम का बाग भी तैयार किया हुआ है। आज आम के पेड़ों पर फल लगे हुए हैं। वहीं केले का बाग भी केलों से लहलहा रहा है।

रासायनिक खाद का नहीं करते इस्तेमाल

अशोक नौटियाल का कहना है कि वह रासायनिक खाद व पेस्टीसाइड्स के विकल्प के रूप में गाय के गोबर व वर्मी कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल करते हैं। वह परंपरागत तरीकों के मुताबिक ही खेती करने के पक्षधर हैं।

स्थानीय लोगों को ही मिलेगा रोजगार

अशोक नौटियाल कहते हैं कि सरकार का सहयोग मिले तो इस कार्य को बड़े स्तर पर किया जा सकता है। जिससे अकुशल बेरोजगार युवाओं के पलायन पर रोक लग सकती है। यदि समूचे मंजखोली क्षेत्र में बंजर पड़े खेतों को सरसब्ज किया जाए तो हजारों की संख्या में स्थाई व सीजनल रोजगार सृजित होना तय है।

जंगली जानवरों से बचाव है सबसे बड़ी चुनौती

अशोक कहते हैं कि उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती फसलों को हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर व बारहसिंगा जैसे जानवरों से बचाने की है। फिलहाल रात दिन खेतों की सुरक्षा के लिए अपने स्तर से प्रयास करते हैं।

मुर्गी, मछली व बकरी पालन से बनाई पहचान

अशोक नौटियाल ने मुर्गी, मछली व बकरी पालन से क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उच्च शिक्षा पाकर रोजगार के लिये भटक रहे युवाओं के लिये अशोक नौटियाल प्रेरणा स्रोत हैं। अशोक ने कठिन परिश्रम और जज्बे से यह साबित कर दिया कि रोजगार सिर्फ शहर जाकर ही नहीं प्राप्त किया जा सकता, बल्कि अपने गाँव में भी मत्स्य-पालन कर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। बेकार पड़ी बंजर भूमि को पोखरे के रूप में आबाद कर इस नौजवान ने मत्स्य-पालन को अपना कैरियर का हिस्सा बनाया। वे पिछले करीब दस साल से मछलीपालन कर रहे हैं। उनके तलाब में एक से लेकर दो किलो तक की मछलियां हैं। जिन्हें व स्थानीय बाजार से लेकर आसपास के गांव के लोगों में बेचते हैं। इसके साथ ही अशोक ने देशी मुर्गीयां भी पाली हुई हैं। जिनके अंडे की स्थानीय बाजार में बहुत डिंमाड है। स्थानीय नश्ल के बकरों के अलावा अशोक ने देशी नश्ल के बकरे भी पाले हुए हैं। आज अशोक नौटियाल अपने संघर्ष के बदौलत अन्य युवाओं के लिये वे प्रेरणास्नेत बन गए हैं।

अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में तकनीक को बढ़ावा दे युवाः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी.पंत इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल द्वारा ‘‘स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग ‘‘ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल की ‘स्मार्ट कॉम-2020’’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश जिस विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। इन परिस्थितियों में तकनीक का महत्व और अधिक बढ़ गया है। समय की मांग एवं अभियांत्रिकी के इस युग में टेक्नॉलोजी को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का जितना अधिक इस्तेमाल होगा उससे कार्यों में और अधिक पारदर्शिता आयेगी और समय की बचत भी होगी। हमारा प्रयास है कि आने वाले डेढ़-दो वर्षों में अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में भी तकनीक के माध्यम से सम्पर्क कर सकें।
मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल को स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग ‘‘ विषय पर अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करने पर बधाई देते हुए कहा कि तकनीकि शिक्षा कुशल जनशक्ति का सृजन कर, औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाकर और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके देश के मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट, उत्तराखण्ड राज्य में प्रमुख तकनीकि संस्थान होने के नाते स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण विषय पर अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर अपनी जिम्मेदारियों का कुशल निर्वाह कर रहा है। यह सम्मेलन तकनीकि क्षेत्र में अनुसंधान कार्य को बढ़ावा देने और नवीन विचारों का साझा करने में सफल होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल के निदेशक प्रो. एम.पी.एस. चैहान, मुख्य संरक्षक डॉ.एस.एन सिंह, डॉ. अयूब खान, संस्थान के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

आज 73 नए मरीज, अब तक 58 मरीज ठीक, 317 पाॅजीटिव हुए केस

राज्य में आज कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले आए हैं। 32 मामले सबसे ज्यादा नैनीताल जिले में मिले हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 317 पहुंच गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आज प्रदेश में 943 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। जबकि 1120 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 58 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन तीनों की ही मौत का कारण कोरोना नहीं है। अन्य कारणों से मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, आज आए मामलों में अल्मोड़ा में 5, चमोली में 8, चंपावत में 1, देहरादून में 11, नैनीताल में 32, पौड़ी में एक, टिहरी में तीन , बागेश्वर में दो और ऊधमिसंह नगर में 9 मामले सामने आए हैं। वहीं, एक मामला निजी लैब में पॉजिटिव पाया गया है। लगातार दूसरे दिन नैनीताल में 117 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
अब तक देहरादून में 75, हरिद्वार में 14, उत्तरकाशी में 10, अल्मोड़ा में 12, चंपावत में 8, टिहरी में 9, बागेश्वर में 8, पौड़ी में 7, रुद्रप्रयाग में 3, पिथौरागढ़ में 2, चमोली में 9, नैनीताल में 117, ऊधमिसंह नगर में 43 संक्रमण के मामले सामने आ चुके है। कोरोना संक्रमण के मामले में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को संक्रमण में बने नए रिकॉर्ड से नैनीताल जनपद प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में आने से सोमवार को कई जिलों की ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी बदल सकती है।
शुक्रवार तक देहरादून संक्रमित मामलों के आधार पर सबसे आगे था, लेकिन शनिवार को नैनीताल जिले में एक दिन में 57 कोरोना संक्रमित मिलने से देहरादून पीछे छूट गया है। वहीं, आज 32 मामले आए हैं।  नैनीताल में कुल संक्रमितों की संख्या 117 पहुंच गई है, जबकि देहरादून में यह संख्या 71  पर पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रदेश के सात जिले हरिद्वार, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ व चमोली ग्रीन जोन में है। जबकि देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और उत्तरकाशी जिला ऑरेंज जोन में है। प्रदेश का कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है।
कोरोना संक्रमण की दर, डबलिंग रेट, प्रति लाख सैंपल जांच, सर्विलांस के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन तय किया जाएगा। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि सोमवार को जोन को लेकर जिलों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र की ओर से तय मानकों के आधार पर जिलों के जोन तय किए जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19  संबंधी कार्यों, आवश्यकता और तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक 2 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत की वजह कोविड नहीं था, वह दूसरी बीमारियों से मरे।
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी के साथ श्रीनगर मेडिकल पहुंचे। यहां उन्होंने सभागार में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की बैठक ली। बैठक की शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम  रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से  कोविड -19 से बचाव और  कोविड जांच की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि कोविड जांच लैब में 3 मई से अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के 670 नमूनों की जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 सिर्फ बीमारी ही नहीं है। बल्कि इस महामारी का असर धीरे-धीरे समाज में आएगा। इसलिए सभी को हर तरह से तैयार रहना होगा। आज से 5 दिन पहले कम कोरोना पॉजिटिव के चलते उत्तराखंड अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में था। लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व राजस्थान आदि प्रदेशों से प्रवासी आने से चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए  हमारी टीम और  हमारी रणनीति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की बाहर से आने वाले लोगों का मानकों के अनुसार परीक्षण हो। सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। जो कोरोना पॉजिटिव नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।

ड्राइवर भाई इस मुसीबत में ऐसा व्यवहार मत करो हमारे भाईयों के साथ!

पंजाब के भटिंडा से 18 प्रवासियों को लेकर पहंुची जीएमओयू बस के ड्राइवर ने उन्हें दुगड्डा में उतार दिया। इससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस ने जीएमओयू की दूसरी बस की व्यवस्था की और कुछ प्रवासियों को पौखाल के लिए रवाना किए। जबकि कुछ टैक्सी बुक कर घरों के लिए रवाना हुए।
पौखाल क्षेत्र के मुंडगांव के युवाओं ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन के चलते वे भटिंडा में फंस गए थे। उन्होंने गांव आने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर आवेदन किया था। उन्हें बीती 16 मई को भटिंडा से देहरादून लाया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद शासन की ओर से उन्हें अगले दिन बसों से पौड़ी लाया गया। जहां फिर से स्वास्थ्य जांच के बाद दुगड्डा ब्लॉक के पौखाल क्षेत्र के 18 लोगों को जीएमओयू की बस से रवाना किया गया, लेकिन बस ड्राइवर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय दुगड्डा में ही छोड़कर चला गया।
कई मिन्नतें करने के बावजूद ड्राइवर ने उनकी नही सुनी। जिससे दुगड्डा जाने के लिए उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि जिनके पास पैसे थे, वे टैक्सियां बुक कराकर अपने घर चले गए, लेकिन जिनके पास पैसे नहीं थे, उन्होंने किसी माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दिलवाई। दुगड्डा चैकी इंचार्ज ओमप्रकाश ने तत्काल मदद करते हुए दूसरी बस की व्यवस्था कर प्रवासियों के लिए व्यवस्था की।

मुख्यमंत्री का प्रयास लाया रंग, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में कोविड-19 की जांच शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कोविड-19 पी.सी.आर टेस्टिंग लैब का ऑनलाईन लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्टिंग लैब से पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं टिहरी जनपद जनपदों के लोगों के सैंपल लेने में आसानी होगी। अल्मोड़ा एवं हरिद्वार में भी जल्द टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। अब प्रदेश में कोरोना के सैंपल लेने में और तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से श्रीनगर में सैंपल टेस्ट होने शुरू हो गए हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग होगी। अभी तक प्रदेश में 5602 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें 55 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, इनमें से 36 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना से अभी तक कोई मृत्यु नहीं हुई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक मुकेश कोहली, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, निदेशक एन.एच.एम युगल किशोर पंत आदि उपस्थित थे।