नशे में धुत होकर करते थे रैगिंग, कॉलेज प्रशासन ने निष्कासित किया

छात्रावास में नशे की हालत में रैगिंग करना तीन छात्रों को महंगा साबित हुआ है। आखिरकार जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग लेने के मामले मे तीन छात्रों को तीन महीने के लिए छात्रावास से निष्कासित करना ही पड़ा। कॉलेज में द्वितीय वर्ष के तीन छात्र नशे में धुत होकर आधी रात को प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में रैगिंग लेने गए थे। जब द्वितीय वर्ष इलेक्ट्रिकल के तीन छात्र नशे की हालत मे प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में घुसे तो वहां प्रभारी वार्डन और स्टाफ ने तीनों को पकड़ लिया। इस बीच किसी छात्र ने छात्रों की शिकायत एंटी रैगिंग सेल में दर्ज करा दी। कालेज के निदेशक प्रो. एसपी पाण्डे ने बताया कि तीनों छात्रों को तीन महीने के लिए हॉस्टल से बाहर कर दिया है, हालांकि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।

अगले साल के अंत तक पूरी हो जाएगी चार धाम सड़क परियोजना

केंद्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड में ‘चार धाम’ सड़क संपर्क परियोजना को सरकार 2018 के अंत तक पूरा कर लेगी। 12 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े 10 प्रस्तावों को पर्यावरण मंजूरी भी मिल गई है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना पर काम तेज कर दिया है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर है। इस परियोजनाओं से जुड़े अन्य अटके प्रस्तावों को भी जल्द ही मंजूरी प्राप्त हो जाएगी। क्योंकि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठकें जारी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह लोगों को सबसे बड़ा उपहार होगा। क्योंकि आस्था से जुड़ी चार धाम यात्रा लोगों के एजेंडे में शीर्ष पर रहती है। विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग चार धाम यात्रा के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि 900 किमी के नए अलाइनमेंट पर राजमार्गो का निर्माण किया जा रहा है और सुरंगों का निर्माण भी तेज गति से हो रहा है। यह मार्ग सभी मौसम में खुले रहेंगे।
मालूम हो कि इसी महीने की शुरुआत में गडकरी ने आधारभूत ढांचे पर एक बैठक की अध्यक्षता की थी। इसमें उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों से मंजूरियों के अभाव में लटके चार धाम यात्रा के 18 प्रस्तावों में तेजी लाने का अनुरोध किया था। चार धाम परियोजना की आधारशिला पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।

छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर बागी शिवम ने लहराया परचम, पूर्व में रह चूके हैं विवि प्रतिनिधि

मैं ईश्वर की शपथ खाकर कहता हूं कि मैं अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करूंगा। साथ ही राजकीय ऑटोनॉमस महाविद्यालय में शिक्षा को आगे ले जाने के लिये हर संभव तत्पर रहंूगा। कुछ इसी पंक्ति के साथ राजकीय महाविद्यालय के विजयी उम्मीदवारों ने शपथ ग्रहण समारोह में पद की मर्यादा की कसम खायी। इस वर्ष मतदान का प्रतिशत 79 रहा। जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 3 प्रतिशत आगे रहा।
उत्तराखंड राज्य के एकमात्र ऑटोनॉमस कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के सर्मिर्थत व एबीवीपी के बागी प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा कर अपने प्रतिद्वंद्वी व एबीवीपी के प्रत्याशी विजय जुगरान को 328 मतो के अंतर से हरा कर एबीवीपी को सबक सिखाया है। वहीं महासचिव पद पर पहली बार मुस्लिम समुदाय से आने वाले व एनएसयूआई के प्रत्याशी इमरान खान ने ऑर्यन के शिखर भंडारी को 101 मतों से पराजित किया। इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के प्रत्याशी अजय कुमार जायसवाल 1522 मतो के साथ विजयी रहे। वहीं सह-सचिव पद एबीवीपी के प्रत्याशी कार्तिक शर्मा को 1423 मतो के साथ विजयी घोषित किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की निकिता पंत को 1238 मतों के साथ सफल उम्मीदवार बनाया गया। विश्व विद्यालय पद पर एबीवीपी के रवि कुमार 1256 मतों के साथ विजयी करार दिये गये। वहीं शाम सात बजे सफल उम्मीदवारों को शपथ ग्रहण दिलवायी गयी।
बारिश के दौरान भी कम नहीं हुआ छात्रों का उत्साह
सुबह आठ बजे से मतदान के शुरू होने के दो घंटे यानी दस बजे से बारिश ने अपनी दस्तक दे डाली। बावजूद छात्र-छात्राओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बारिश के दौरान ही छात्रसंघ चुनाव में लड़ रहे उम्मीदवारों के प्रशंसक कॉलेज परिसर के बाहर नारेबाजी कर समर्थन हासिल करते दिखे।
किसी ने दीदी कहा, तो किसी ने जोड़े हाथ
छात्रसंघ चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवार कॉलेज के प्रवेश द्वार के आगे एक पंक्ति में खड़े थे। इस दौरान वह अपने-अपने पक्ष में मत डालने के लिये अपने से छोटी उम्र की लड़कियों को दीदी तक कह रहे थे, तो कोई मतदान को अपने पक्ष में खींचने की कोशिश में हाथ जोड़ता भी दिखा।
चुनाव के दौरान समर्थकों में टकराव की स्थिति भी रही
छात्रसंघ चुनाव में अपने-अपने समर्थकों के पक्ष में नारेबाजी कर रहे छात्र गुटों में टकराव की स्थिति भी बनी। ऑर्यन गुट के समर्थक वोटर को अपने पाले में वोट डलवाने के लिये एक घेरा बनाकर चल रहे थे। इस पर दूसरे गुट के समर्थकों ने घेरा तोड़ना चाहा तो इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को मौक्े पर ही अलग-थलग कर मोर्चा संभाला।
नहीं रहा स्वच्छता का ध्यान
एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम चला रहे है, तो दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव में समर्थकों ने पोस्टर व पंपलेट से पूरी सड़कों में मानों एक चादर सी बिछा दी हांे।
चुनाव में दिखे बाहरी युवक
छात्रसंघ में भीड़ जुटाने के लिये शहर व आस-पास क्षेत्र के इंटर कॉलेजों व प्राइवेट संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी शामिल किया गया था।
शपथ-ग्रहण के बाद जुलुस का मौका दिया
सफल उम्मीदवारों को क्षेत्राधिकारी मंजूनाथ टीसी ने कॉलेज के प्रवेश द्वार से लेकर बड़ी मंडी के समीप लगे बैरिकैडिंग तक जुलुस निकालने की अनुमति दी।
उम्मीदवारों को पुलिस ने गाड़ी में बिठा, छुड़वाया घर
बैरिकैडिंग तक जुलुस निकालने के बाद सीओ मंजूनाथ टीसी के आदेश पर सभी सफल उम्मीदवारों को पुलिस की गाड़ी में बिठा कर सम्मान पूर्वक घर पहुंचाया गया।

मानकों के विपरीत शिक्षण संस्थाओं के दस्तावेजों पर उत्तराखंड में शिक्षक कर रहे नौकरी!

उत्तराखंड के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने पौड़ी जिले के तकरीबन एक हजार शिक्षकों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को कब्जे में ले लिया है। एसआइटी अब इन प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच करने के साथ फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी पाने वाले अन्य शिक्षकों पर भी शिकंजा कसेगी।
उत्तराखंड में शिक्षक भर्ती में हुए घोटाले की जांच में जुटी एसआइटी फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी है। इसी क्रम में एसआइटी ने पौड़ी के एक हजार शिक्षकों के दस्तावेज कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी है। दरअसल, प्रदेश के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी शिक्षक की नौकरी पाने में कामयाब रहे, जिनके शैक्षिक प्रमाण पत्र या तो पूरी तरह फर्जी थे या सूबे में उनकी मान्यता ही नहीं थी। मामला प्रकाश में आने पर विभागीय स्तर से हुई जांच के पहले चरण में ऐसे 41 शिक्षक पकड़े गए थे। तभी से यह आशंका जताई जा रही थी कि फर्जी या अमान्य प्रमाण पत्रों पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की संख्या पांच हजार के करीब हो सकती है। एसआइटी ऐसे ही शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को कब्जे में लेने की कार्रवाई कर रही है। सूत्रों की मानें तो अकेले पौड़ी जिले में ही एक हजार शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को कब्जे में ले लिया गया है। एसआइटी अब इन प्रमाण पत्रों की वास्तविकता व सत्यता की बारीकी से जांच करेगी।

गैर राज्यों के हैं अधिकांश प्रमाण पत्र
अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार आदि राज्यों से बनवाए गए फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी हासिल कर ली थी। इनमें कई ऐसे भी हैं जो मानकों के विपरीत भारतीय शिक्षा परिषद लखनऊ, ¨हदी साहित्य सम्मेलन, महिला ग्राम विद्यापीठ प्रयाग (उप्र) जैसे शिक्षण संस्थानों की डिग्री पर नौकरी कर रहे थे।

पौड़ी जिले से कब्जे में लिए गए प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन में संबंधित बोर्ड या संस्थान प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।
श्वेता चौबे, एएसपी सीबीसीआईडी/एसआईटी, प्रभारी

किसने कहा, 2024 में देश की बागडोर संभालेंगे योगी!

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट को उम्मीद है कि उनका बेटा देश का प्रधानमं़त्री बनेगा। उन्होंने तो योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने तक की तारीख बता दी है, उनका कहना है कि 2024 में योगी भारत के प्रधानमंत्री होंगे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद बिष्ट को भरोसा है कि उनका बेटा एक दिन प्रधानमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए योगी की जरूरत थी। जिस तरह योगी विकास के लिए तेजी से फैसले ले रहे हैं, उससे वह संतुष्ट हैं।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि मुख्यालय में गुरूवार को पत्रकारों से सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी और उत्तराखंड के विकास कार्यों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली में 9 और 10 का अंतर है। विकास की गति पर उन्होंने उत्तराखंड को नौ और यूपी को 10 अंक दिए। उन्होंने कहा उत्तराखंड में उतनी तेजी से निर्णय नहीं हो रहे। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऐसा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि योगी चुनाव के दौरान फरवरी में गांव आए थे। मौजूदा विधायक ऋतु खंडूड़ी को जीत दिलाने में योगी की बड़ी भूमिका रही। गांवों की समस्या के बारे में उन्होंने कहा कि यदि गांवों में चकबंदी हो जाय तो बेहतर रहेगा। इससे पलायन भी रूकेगा। जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि महायोगी गुरूगोरखनाथ महाविद्यालय बिथयाणी के प्रबंधक होने के नाते वह कॉलेज की मान्यता संबंधी कार्य के लिए यहां आए हैं। मेरा प्रयास है कि कॉलेज में पीजी की कक्षाएं शुरू हों। इस क्षेत्र में यह अकेला महाविद्यालय है।

गाली गलौच, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपी है बेनाम

जिला आबकारी अधिकारी पौड़ी के साथ गाली-गलौच, अभद्रता करने और सरकारी काम में दखल देने के आरोपी पौड़ी पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम सहित इसी मामले के दो अन्य आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपियों ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई गुरुवार को होगी।
जिला आबकारी अधिकारी ने पौड़ी कोतवाली में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोप है कि 24 अप्रैल को पौड़ी डीएम कार्यालय में वार्ता के दौरान पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम, बिंजाल संस्था की अध्यक्ष सरिता नेगी और अशोक बिष्ट ने जिला आबकारी अधिकारी पौड़ी प्रभा शंकर मिश्रा के साथ अभद्रता और गाली-गलौच की थी। आबकारी अधिकारी ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर कोतवाली पौड़ी ने 27 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया। सहायक अभियोजन अधिकारी श्रद्धा रावत ने बताया है कि चार्ज शीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने समन जारी किए थे। बुधवार को आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया। साथ ही जमानत अर्जी लगाई। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है और जमानत अर्जी पर सुनवाई की तिथि गुरुवार को नियत की।

गुलदार स्कूल में घुसा और मच गई भगदड़

श्रीनगर के पास बुघाणी मार्ग पर खोला गांव में गुलदार की दहशत है। यहां गुरुवार को दोपहर के समय स्कूल में गुलदार घुस गया। इसके बाद बच्चों और टीचरों की चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार जूनियर हाईस्कूल स्कूल खोला में गुरुवार को कक्षाएं चल रही थी। स्कूल में उस वक्त चार-पांच बच्चे ही थे। जबकि तीन शिक्षिकाएं मौजूद थीं। सभी एक कमरे में थे। तभी उन्होंने गुलदार के घुर्राने की आवाज सुनीं। सभी सतर्क हो गईं। शिक्षिकाओं ने तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। इसी बीच गुलदार स्कूल के आंगन में धमक गया। इससे शिक्षिकाओं ने बच्चों की चीख-पुकार मच गई। यह सुनकर गांव के लोग स्कूल की ओर दौड़ पड़े। काफी देर तक गुलदार आंगन में घुमता रहा। ग्रामीणों को आता देख गुलदार जंगल की ओर भाग निकला।
खोला के नितिन घिल्डियाल व स्कूल की शिक्षिका राधा बिष्ट ने बताया कि स्कूल में गुलदार के घुसने की सूचना मिलने पर गांव वाले स्कूल में पहुंचे। तब जाकर गुलदार वहां से भागा। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्कूल के बच्चे व शिक्षिकाएं बुरी तरह से सहमी हुई हैं। सूचना पर श्रीनगर तहसीलदार सुनील राज व वन विभाग की टीम स्कूल में पहुंची। ग्रामीणों ने तहसीलदार व वन विभाग की टीम से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा गश्त लगाए जाने की मांग की।
तीन लोगों पर झपटा मार चुका है गुलदार
बीते बुधवार को ही गुलदार ने दो अलग-अलग बाइक में सवार तीन लोगों पर झपटा मार दिया था। इस घटना में एक महिला व युवक घायल हो गए थे। उनके पांवों पर गुलदार ने नाखून मारे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार खोला के नरेश कुमार अपनी मां बीना देवी के साथ बाइक से श्रीनगर से खोला गांव जा रहे थे। गांव के नजदीक ही सड़क के ऊपर से गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। जिसमें बीना देवी के पांवों पर गुलदार ने नाखून गाड़ दिए। बाइक का हमला होते ही नरेश कुमार ने बाइक की स्पीड तेज कर दी। जिससे वह गुलदार के चंगुल से बच गए। इसी घटना के दस मिनट बाद खोला के निर्मल घिल्डियाल(21) भी श्रीनगर से बाइक से खोला गांव आ रहे थे। घात लगाए बैठे गुलदान ने उस पर भी हमला कर दिया। निर्मल के भी पांव पर गुलदार ने नाखून मारे हैं। किसी तरह निर्मल ने गुलदार से अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही तहसीलदार सुनील राज टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को तत्काल संयुक्त अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाया। उन्होंने कहा कि वन विभाग को क्षेत्र में पिंजरा लगाने के आदेश दे दिए गए हैं।

अनुकृति को देखने के लिए कोटद्वार की सड़कों में उमड़ा सैलाब

मिस ग्रैंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता में इंडिया को रिप्रजेंट करने के लिए चुनी गई उत्तराखंड की ब्यूटी क्वीन अनुकृति गुसाईं का कोटद्वार पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान अनुकृति ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और उनके साथ जमकर फोटो खिंचवाए।
अनुकृति के स्वागत के लिए कोटद्वारवासी सुबह से ही इंतजार में जुटे हुए थे। शुक्रवार दिन में कोटद्वार पहुंचते ही अनुकृति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गये। नजीबाबाद रोड स्थित बलूनी पब्लिक स्कूल से शुरू हुआ अनुकृति का काफिला ऑडिटोरियम में आकर ही थमा। विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित इस सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे काबीना मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों में हुनर की कोई कमी नहीं है और उन्हें अगर सही प्लेटफार्म दिया जाये तो वे अपनी सफलता के झंडे पूरे विश्व में बुलंद कर सकते हैं।
मिस ग्रैंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए अनुकृति को शुभकामनायें देते हुए डा. रावत ने कहा कि सफल होने के लिए खूबसूरती के साथ-साथ उदार व्यक्तित्व भी होना चाहिये। इससे पूर्व गढ़वाल सभा, रोटरी क्लब, लायन्स क्लब की ओर से अनुकृति का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया। इसके बाद बलूनी पब्लिक स्कूल, एवीएन स्कूल और एमकेवीएन स्कूल के बच्चों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर वहां उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्वागत समारोह के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, अभिलाषा भारद्वाज, धीरेन्द्र चौहान, शशि नैनवाल, भुवनेश खर्कवाल, मयंक प्रकाश कोठारी, नर्मदा गुंसाईं, उत्तम सिंह गुंसाईं, बुद्धि बल्लभ ध्यानी, जर्नादन बुड़ाकोटी, योगम्बर सिंह रावत, विकास देवरानी, विनीता भट्ट, शोभा बहुगुणा भंडारी, सुषमा जखमोला, सुरेन्द्र गुंसाईं, गीता बुड़ाकोटी, रजनीश शर्मा समेत कई लोग उपस्थित थे।

कमल जोशी की आत्महत्या से सकते में पत्रकारिता जगत!


घुमक्कड़ी पत्रकारिता के जीवन्तप्राय वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। वे अपने कमरे में रस्सी से झूलते हुए पाये गये। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कमल जोशी के शव के रस्सी काटकर उतारा। उनके निधन से पत्रकार जगत एवं शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। गोखले मार्ग स्थित उनके निवास स्थान पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी ने विज्ञान संकाय से परास्नातक करने के बाद पत्रकारिता एवं फोटोग्राफी को अपना कैरियर चुना। 65 वर्षीय स्व. जोशी अपने जीवन में फोटो पत्रकारिता के अलावा कई वर्षो तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया समाचार एजेंसी से जुड़े रहे।
वर्तमान में वे राज्य स्तरीय प्रेस फोटो ग्राफर के रूप स्वतंत्र पत्रकार शासन द्वारा मान्यता प्राप्त थे। पुलिस के अनुसार स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना बाजार चौकी प्रभारी प्रदीप सिंह नेगी को दी। जिस पर वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले को संदिग्ध देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहम्मद यूनुस खान, पुलिस क्षेत्राधिकारी जोधराम जोशी, अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी हरीश वर्मा, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी, नायाब तहसीलदार हरिमोहन खंडूडी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर बताया कि सोमवार सुबह लगभग 10 बजे कमल जोशी को स्थानीय दुकानदारों द्वारा देखा गया। जब वह सांय को काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो आस-पास के लोगों ने उनके मोबाईल नंबर पर फोन किया लेकिन जब उन्होंने काफी देर तक फोन नहीं उठाया तो स्थानीय दुकानदार जब अंदर गया तो उन्होंंने कमल जोशी के शव को खूंटे से लटकते हुए देखा।

नकदी और जेवर लेकर दो बच्चों की मां प्रेमी के साथ रफू चक्कर


कोटद्वार। 
इश्क के चक्कर पड़कर इंसान विवेक खो बैठता है, घर—परिवार, समाज में मान—प्रतिष्ठा के साथ ही अपने बच्चों तक ख्याल भूल जाता है। प्रेम के वशीभूत होकर ऐसा कदम उठा देते हैं। जिसकी सब आलोचना ही करते हैं। ऐसा ही एक मामला कोटद्वार में सामने आया है। दो बच्चों की मांग को इश्क का ऐसा बुखार चढ़ा कि उसे बच्चों की भी परवाह नहीं रही। वह घर से नकदी और जेवर समेटकर प्रेमी संग फरार हो गई। उसकी तलाश में पति थाने के चक्कर लगा रहा है।
कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मोहल्ला की महिला का पास के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसका आभास जब पति को हुआ तो उसने पत्नी को समझाने का प्रयास भी किया। गत शाम पति जब घर लौटा तो पत्नी घर पर नहीं थी। इस पर उसने बच्चों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि वह एक युवक के साथ गई थी। उसने युवक के घर पता किया तो वह भी गायब था। पीड़ित ने आसपास पत्नी की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।
पति के मुताबिक उसने घर की तलाशी ली तो पांच हजार की नकदी भी गायब थी। महिला के पति ने कोतवाली में पहुंचकर युवक के खिलाफ तहरीर देकर पत्नी की बरामदगी की गुहार लगाई है।