गढ़वाली गीत कैने मारी पिचकारी से नेगी ने की वापसी

लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी बीमारी की जंग जीतने के बाद एक बार फिर से गायकी से जलवा करने को तैयार है। होली का त्योहार नजदीक है और ऐसे में नेगी का पिचकारी सर्ररर, कैने मारी… वीडियो सॉन्ग सीएम आवास पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिलीज किया। होली के अवसर पर यह गढ़वाली गीत उनके प्रशंसकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

विदित हो कि बीमारी से उबरकर नेगी दा ने एक बार मंच में प्रस्तुति दी थी, मगर गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने पहली बार जारी किया है। समारोह में उन्होंने कहा कि वह अस्वस्थता के चलते लंबे समय से लोकगायिकी से दूर थे। यह गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने होली के खास मौके पर बनाया है। बीमारी के बाद यह लोकगीत लोगों को समर्पित करते हुए वह काफी ऊर्जावान महसूस कर रहे हैैं। उन्होंने यह गीत गाकर समारोह में रंग जमा दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह लोकगीत होली को खास बनाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी का लोकगायिकी के प्रति समर्पण भाव प्रेरणास्रोत है। उनके स्वस्थ होने के बाद से प्रदेशवासी उनकी आवाज सुनने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे, जो आज पूरी हुई।

जम्मू में हुयी गोलाबारी, सेना ने संभाला मोर्चा

जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो जेसीओ शहीद हो गए हैं, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को सुंजवां में चल रहे ऑपरेशन और हालिया स्थिति के बारे में जानकारी दी है। अब इस ऑपरेशन में वायु सेना भी शामिल हो गई है। ऑपरेशन के लिए उधमपुर से पैरा कमांडो बुला लिए गए हैं। ऑपरेशन पिछले सात घंटे से जारी है। हमले के चलते कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चौकसी और बढ़ा दी गई है।

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की है। डीजीपी एसपी वैद्य ने आतंकी हमले के बारे में गृहमंत्री को पूरी जानकारी दी हैं। गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है।

सुबह 5 बजे के करीब आतंकियों ने किया हमला

बता दें कि आतंकियों ने ये आत्मघाती हमला शनिवार को तड़के सुबह 5 बजे के आसपास किया। जानकारी के मुताबिक, 3-4 आतंकी कैंप के पीछे के इलाके से जाली काटकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू की।

आतंकियों के इस हमले का क्विक रेस्पांस टीम ने भी जवाब दिया है। हमले को देखते हुए पूरे जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही इलाके को सील कर दिया गया है। सुरक्षा बल हेलिकॉप्टर के जरिए निगरानी रख रहे हैं।

हमले के पीछे हो सकता है जैश ए मोहम्मद

ताजा जानकारी के मुताबिक, ये सभी आतंकी आर्मी कैंप के रिहायशी इलाके में छिपे हुए हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक अफजल गुरू की बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। खुफिया सूत्रों ने आत्मघाती हमले की आशंका जताई थी। इस हमले के पीछे जैश ए मोहम्मद का हाथ हो सकता है।

आतंकी आर्मी कैंप में फैमिली क्वार्टर की तरफ छिपे हुए हैं। फिलहाल, ऑपरेशन जारी है। हालांकि, कितने आतंकी हैं, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 3-4 हो सकती है।

जम्मू में आतंकियों ने दिया बड़े हमले को अंजाम, लश्कर आतंकी फरार

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस वाले आंतकियों का चेकअप कराने अस्पताल लाये थे। इसी बीच एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। जिसमें एक लश्कर आतंकी अबु हंजुला भागने में कामयाब हुआ। हालांकि, बाकी पांच आतंकी पुलिस की गिरफ्त में है।

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के श्रीमहाराजा हरिसिंह अस्पताल में आतंकवादी हमले में एक पुलिसवाला शहीद हो गया है, हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए हैं। हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है।

आतंकियों ने श्रीनगर के पास अस्पताल के पुलिस की टुकड़ी पर हमला किया था। आतंकी यहां अपने साथी को छुड़ाने के लिए आए थे। आपको बता दें कि अबु हंजुला पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला था।

हमले के बाद एसएसपी श्रीनगर, इम्तियाज इस्माइल ने कहा कि हम सभी आतंकियों को चेकअप के लिए अस्पताल लाए थे, जिस दौरान उन्होंने हमपर ये हमला किया। इस हमले में एक आतंकी फरार होने में कामयाब रहा है।

पुलिसवाले आतंकी अबु हंजुला का मेडिकल चेकअप कराने के लिए लाए थे। अबु हंजुला पाकिस्तान का नागरिक है। हंजुला को कुलगाम से गिरफ्तार किया गया था। हंजुला इस हमले के दौरान भागने में सफल रहा।

आतंकी हमले पर भड़के जी.डी. बख्शी
अस्पताल में पुलिसवालों पर हुए आतंकी हमले पर पूर्व जनरल जी.डी. बख्शी का कहना है कि ये हमला काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों का इलाज जरूरी है। ये आदमी के रूप में भेड़िया हैं, जो लगातार ऐसे काम करते हैं।

यहां आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर सीजफायर उल्लंघन किया गया है। सीजफायर उल्लंघन में रविवार को कैप्टन कपिल कुंडू समेत चार जवान शहीद हुए थे। पाकिस्तान फायरिंग की आड़ में सीमा पर घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है।

इस ऐप के जरिये मेडिकल के क्षेत्र में मिल सकेगी मदद

भारत का पहला ईमेडिकोज मोबाइल ऐप लांच हो गया है। जिसके जरिए मेडिकल हेल्थ प्रोफेशनल, मेडिकल छात्र और अनुभवी डॉक्टर एक साथ कई मेडिकल विषयों पर विचार विमर्श कर सकेंगे। इसे रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर सुमेर सेठी ने लांच किया है।

एन्ड्रायड व आई स्टोर में उपलब्ध इस एप के जरिए एक ही प्लेटफार्म पर छात्र, अनुभवी डॉक्टर व हेल्थकेयर प्रोफेशन से जुड़कर समस्या का समाधान निकाल सकेगें तो वही दूसरी तरफ मेडिकल के छात्र-छात्राऐं औषधीय ज्ञान ले सकते हैैंं।

इस ऐप के इस्तेमाल से मेडिकल एजुकेशन और मेडिकल ज्ञान में गुणवत्ता बढ़ेगी, विश्व के किसी भी कोने में बैठा छात्र डॉक्टर किसी भी मेडिकल संबधित विषय पर प्रश्न पूछ सकता है, चर्चा कर सकता है और अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकता है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ केयर पेशवरों के लिए यह ऐप वरदान साबित हो होगा।

डॉक्टर सुमेर सेठी नें कहा कि यह उन लोगों के लिए खास तौर से उपयोगी साबित होगा जो एनईईटीपीजी, एनईईटी सुपर स्पेशलिटी, यूएसएमएलई, पीएलएपी, एमआरसीपी, ऑस्ट्रेलियाई और कैनेडियन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्हे डिजीटल रुप से ईबुक्स, स्टेडी मेटिरियल, विडियोज उपलब्ध होगें। उन्होंने कहा की ईमेडिकोज एप भारत का पहला मेडिकल व हेल्थकेयर ऐप है जिस पर मेडिकल क्षेत्र के अनुभवी लोग आपस में विचार विमर्श कर सकेगें। इसके अलावा मेडिकल स्टूडेन्टस किसी भी टॉपिक पर विशेषज्ञों से सवाल जबाव कर सकेगें।

ईमेडिकोज ऐप को लॉच करने पर टीम ने बताया कि वर्तमान में डिजिटल वर्ड का दायरा बढ़ता जा रहा हैं और एक ऐसे प्लेटफॉर्म की जरुरत हैं जिस पर मेडिकल से संबधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्रों से सीधे संवाद करें। ईमेडिकोज एप इन जरुरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया हैं जिसके द्वारा छात्र परीक्षा पेपर, मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी हर जानकारी को साझा कर सकेगें। इसके साथ संबधित विषय से जूड़ें रिसर्च पेपर, विडियो और ईलर्निगं प्रोग्राम भी उपलब्ध होगें।

शनि के उदय होते ही किसे मिलेगा लाभ और किसे हानि?

न्याय के देवता शनि महाराज को उनके पिता सूर्य ने बीते पांच दिसंबर को 34 दिनों के लिये डूबा दिया था। जो सात जनवरी की शाम पांच बजकर चालीस मिनट पर उदय हो गये है। उदय भी उन्हीं के पिता सूर्य ने किया। शनि धनु राशि में डूबे थे।

शनि अपनी सम राशि में उदय हुए हैं इसलिए नुकसान कम करेंगे। शनि गुरु के धनु राशि में है। शनि हानिकारक कम हुआ है। आलस्य नहीं आएगा। सारे एग्जाम अच्छे होंगे। अच्छे नंबर आएंगे।
साढ़े साती वालों को परेशानी बढ़ेगी। फिलहाल शनि की साढ़ेसाती वृश्चिक, धनु और मकर राशिवाले पर है और इन राशि के लोग बहुत परेशान हैं। वृष, कन्या और मकर राशिवाले पर भी शनि का संकट है। पढ़ाई, नौकरी, व्यापार नहीं चल रहा है। कर्ज चढ़ा है, क्लेश और बीमारी बढ़ी है। लोहे के कढ़ाई का दान करने और चना गुड़ बांटने से कुछ राहत मिलेगी।

शनि की महादशा और दशा वालों को राहत नहीं मिलेगी। ऐसे में उन्हें शनिदेव पर गुलाब की माला चढ़ानी होगी और साथ ही सरसों के तेल का दीपक भी जलाना होगा। काले वस्त्र बांटने होंगे।

शनि महाराज के कारण चार राशियों को मिलेगा लाभ-
1. कर्क राशि के लिए यह अच्छा समय होगा। हर कार्य आसानी से संपन्न होंगे। आर्थिक समस्याएं दूर होंगी।
2. तुला राशि इन्हें भाग्यवर्धक यात्रा होगी। समाज में मान सम्घ्मान बढ़ेगा। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। साथ ही आर्थिक लाभ होगा।
3. कुंभ राशि वाले जातकों को आमदनी के स्रोत में वृद्धि होगी। व्यसाय में बड़ी सफलता का योग बन रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलेगा।
4. मीन राशि वालों को धन-दौलत का लाभ तो होगा पर कुछ रुकावटें भी आ सकती हैं। हालांकि प्रयास करने पर आर्थिक लाभ कमाने में सफल रहेंगे।

2025 तक भारत को ट्यूबरक्लोसिस से मुक्त करने का है लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में क्षय रोगियों के उपचार के लिए नई उपचार पद्यति ’डेली रिजीम’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित कुछ क्षय रोगियों को नई उपचार पद्धति की दवाइयां देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ’लॉंच ऑफ डेली रेजीम फॉर टीबी ट्रीटमेंट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक भारत को ट्यूबरक्लोसिस से मुक्त करना है। उत्तराखण्ड की जागरुकता के स्तर को देखते हुए राज्य में यह लक्ष्य 2024 तक पाया जा सकता है। क्षय रोग अब किसी डर का विषय नहीं है और चिकित्सा शास्त्रीयों ने इस पर विजय प्राप्त कर ली है। परंतु इस रोग के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है और इसका चिकित्सकीय परामर्श के साथ नियमित उपचार बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए सरकार गंभीर है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हाल ही में पौड़ी मुख्यालय में प्रदेश के कुल 12 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी की सेवा शुरू कर दी गई है और शेष 23 अस्पतालों में जल्द शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में भी टेली रेडियोलॉजी और टेली मेडिसिन का प्रयोग दूरस्थ क्षेत्रों में उपचार पहुंचाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी के प्रयोग से हमें हिचकना नहीं चाहिए।
चिकित्सा क्षेत्र में शोध कार्य निरंतर चलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में युवा पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक अपडेट है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं सहित सभी युवाओं से कहा कि वे सीधे फेसबुक, ट्विटर और ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपने सुझाव दे सकते हैं। विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले सात-आठ माह में शासन प्रशासन की कार्य प्रवृत्ति में बहुत सुधार आया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि स्वास्थ्य विभाग के लोग पूर्ण निष्ठा के साथ जुड़कर प्रदेश से क्षय रोग का नाश करेंगे। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ.नवीन बलूनी ने कहा कि पहाड़ों में डॉक्टरों की तैनाती से ओपीडी सेवा में आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। 5 जिला अस्पताल डिजिटलाइज हो गए हैं जिससे उनकी मॉनीटरिंग आसान हो गई है। सरकार एक ठोस कार्य योजना बनाकर डॉक्टरों की कमी को पूरा करने का प्रयास कर रही है और शीघ्र ही लोक सेवा आयोग से डॉक्टरों की भर्ती के साक्षात्कार भी शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले 2 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से सभी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और बेस अस्पतालों में 22 वेंटिलेटर वाले चार बेड के आईसीयू खोलने की योजना बना ली गई है। राज्य क्षय नियन्त्रण अधिकारी डॉ.बी.सी.काला ने बताया कि एचआईवी और ड्रग रेजिस्टेंट मरीजों के कारण ट्यूबरक्लोसिस से लड़ने की चुनौती जटिल हो गई है। पहले डॉट्स कार्यक्रम के अंतर्गत प्रति सप्ताह 3 दिन ट्यूबरक्लोसिस की दवाइयां दी जाती थी जबकि प्राइवेट अस्पताल प्रतिदिन दवाइयों के डोज देते थे। इलाज में एकरूपता लाने और ड्रग रेजिस्टेंस की समस्या को दूर करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन के अनुसार अब से नई प्रक्रिया के अंतर्गत क्षय रोगी को प्रतिदिन फिक्स्ड डोज दिया जाएगा। पहले की 78 गोलियों के स्थान पर अब मरीज को केवल दो या तीन गोलियां खानी होगी।

जानिए किन छोटी-छोटी बातों के ध्यान रखने से शनि की साढ़ेसाती से बचा जा सकता है

न्याय के देवता शनि ने 26 अक्टूबर को धनु राशि में प्रवेश किया है, शनि यहां पर 23 जनवरी 2020 तक रहेगा। इसके पहले यह वक्री होने के कारण वृश्चिक राशि में था। अब शनि लंबे समय तक धनु राशि में बने रहेंगे। अलग-अलग राशियों पर इस राशि परिवर्तन का प्रभाव भी अलग ही पड़ने वाला है। कुछ राशियों की साढ़साती खत्म हो रही है तो कुछ की शुरू. हम आपको बताएंगे कि कहां आप लाभ उठा सकते हैं और कहां आपको बेहद सावधान रहना होगा। साथ ही किन उपायों से शनि के प्रकोप से बच सकते हैं।
तुला राशि की साढ़ेसाती समाप्त हो जायेगी। मकर राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा।
वृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगी। धनु राशि पर साढ़ेसाती का मध्य रहेगा।
वृश्चिक राशि से साढ़ेसाती उतरती शुरू हो जायेगी। मेष राशि और सिंह राशि से ढैया उतर जायेगी।

मेष राशि के लिए शनि मध्यम रहेगा, नौकरी और धन के मामले में आपको खूब सफलताएं देगा लेकिन हड्डियों, पेट और मूत्र विकार की समस्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। नियमित रूप से शनि मंत्र का जाप करने से लाभ होगा।
वृष राशि के लिए भी शनि का प्रभाव मध्यम ही रहेगा। शनि संपत्ति और वाहन का सुख देगा लेकिन दांपत्य जीवन में मतभेद बढ़ेगा। आंखों और वाणी की समस्या पर ध्यान दें।
मिथुन राशि के लोगों को शनि शुरुआत में बाधाएं देगा और बाद में लाभ। कड़ी मेहनत और संघर्ष करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन के तालमेल पर ध्यान देना जरूरी है।
कर्क राशि वालों को शनि की कृपा मिलती रहेगी। विवाह, संतान और आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। नौकरी में सफलता के योग हैं लेकिन विवाह में देरी हो सकती है।
सिंह राशि वालों को थोड़ी मानसिक चिंताएं हो सकती हैं लेकिन समाधान भी मिलेगा। चोट-चपेट और हड्डियों की समस्या से सावधान रहें।
कन्या राशि वाले लोगों को शनि कृपा से रिश्ते, नौकरी, कारोबार में सफलता मिलेगी। पुरानी समस्याएं दूर होंगी, नए लोग जीवन में जुड़ेंगे। बेवजह के मुकदमे और वाद-विवाद से बचें।
तुला राशि पर शनि की कृपा रहेगी। जीवन की तमाम रुकावटें दूर होंगी। संतान और करियर के मामले में लाभ होगा लेकिन बड़े अवसरों को हाथ से बिल्कुल न जाने दें।
वृश्चिक राशि वालों की शनि परीक्षा ले सकते हैं। नौकरी में समस्याएं और पद-प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। ऐसे में सेहत पर ध्यान दें और अपयश से बचें।
धनु राशि वालों को यश और धन मिलेगा, लेकिन भागदौड़ काफी ज्यादा होगी। शनि आपका स्थान परिवर्तन भी जरूर कराएंगे। प्रेम और विवाह के मामलों में सावधान रहें।
मकर राशि को शुभ फल मिलेगा। आपके जीवन में बड़े बदलाव की शुरुआत होगी। शनि के कारण संपत्ति, धन और बेहतरीन करियर मिलेगा। जोड़ों के दर्द और वाणी पर विशेष ध्यान दें।
कुम्भ राशि वालों को शनि धन भी देगा और समस्याओं से राहत भी। करियर में आप बुलंदियों पर पहुंचेंगे, अचानक संपत्ति और वाहन का लाभ भी मिल सकता है।
मीन राशि वाले करियर के मामले में लाभ उठाएंगे, कई बड़े अवसर मिलेंगे। अतिविश्वास से बचें और बुजुर्गों की सलाह मानें. आगे जानिए कैसे शनि के प्रकोप से बच सकते हैं।
कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखने से शनि की साढ़ेसाती या ढैया के बुरे परिणामों से बचा जा सकता हैं। जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत डालें और मांस-मदिरा से परहेज करें। नाखून और बालों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। रोज सुबह और शाम से समय शनि मन्त्र का जाप करें। शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। एक लोहे का छल्ला बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में पहनें। अपनी आय का कुछ हिस्सा जरूर दान करते रहें।

हिमाचल के लोगों ने किया है देश के लिए बलिदानः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एम्स की नींव रख दी है. उन्होंने इसके अलावा ऊना में आईआईआईटी, कांगड़ा मे सेल के प्रोसेसिंग यूनिट की भी नींव रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं आठ मंजिला सभा को संबोधित कर रहा हूं। देश में कृषि क्रांति लाने के लिए बिलासपुर का काफी बड़ा योगदान है। मोदी बोले कि हिमाचल के लोगों ने देश के लिए काफी बलिदान दिया है।

रैली में पीएम मोदी ने कहा कि आज एक ही कार्यक्रम में 1500 करोड़ रुपए के काम की शुरुआत की। हिमाचल में एम्स का बनना सिर्फ यहां का लाभ ही नहीं बल्कि यहां आने वाले टूरिस्टों को भी लाभ ही मिलेगा। पीएम ने कहा कि यहां पर फेफड़े और सांस की बीमारी एक बड़ी समस्या है, एम्स बनने से उनको काफी फायदा पहुंचेगा। यहां के वीर जवानों को भी इससे लाभ पहुंचेगा। एम्स के कैंपस में एक साथ 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारी सरकार ने टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना चलाई, अगर ये योजना दूसरे देश में होती तो तारीफ होती, लेकिन हमारे देश में लोगों को देर से समझ आता है।
750 बिस्तर वाले इस अस्पताल का निर्माण करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से होगा। यहां स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा नर्सिंग, स्नातक और स्नातकोार स्तर पर मेडिकल शिक्षा भी मुहैया करायी जाएगी। गौरतलब है कि हिमाचल में कुछ दिनों बाद चुनाव होना है।

400 साल तक चल सकता है मानव शरीर

योगगुरू बाबा रामदेव अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते है। इस बार भी उन्होंने मानव जीवन को लेकर एक बड़ा बयान तक दे डाला है। बाबा के अनुसार मानव का जीवन कुछ इस तरह बना हुआ है कि वह 400 साल तक जीवित रह सकता है, परंतु वर्तमान में मनुष्य की जीवनशैली ठीक प्रकार से न होने के कारण वह रोगग्रस्त हो जाता है। जिस कारण वह अपना जीवन छोटा कर बैठता है और ऊपर से नशीली चीजों के सेवन आदि से भी वह अपनी आयु कम कर लेता है।
योगगुरु रामदेव ने मानव जीवन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मानव शरीर इस तरह बना है कि 400 साल तक चल सकता है, लेकिन खराब जीवनशैली के चलते यह बीमारी का शिकार हो जाता है और इसका समय से पहले ही अंत हो जाता है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे स्वस्थ भोजन और व्यायाम अपनाकर खुद को बीमारियों और दवाओं से मुक्त रखें।
रामदेव ने 12वें नेशनल क्वालिटी कान्क्लेव में कहा, ‘मानव शरीर ऐसे बना है कि वह 400 वर्ष चले, लेकिन हम अधिक भोजन और बदतर जीवनशैली से अपने ही शरीर पर अत्याचार करते हैं। हम उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी समेत अन्य बीमारियों को निमंत्रण देते हैं। ये हमारी जिंदगी को कम कर देते हैं और चिकित्सकों व दवाओं पर निर्भर बना देता है।’
योगगुरु रामदेव ने यह भी बताया कि एक व्यक्ति स्वस्थ रहने के लिए किस तरह से अपनी दिनचर्या और खाने की आदतों पर नियंत्रण रख सकता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ऐसा करके अपना वजन 38 किलोग्राम कम किया। उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार और योग करके 400 साल तक जीवित रहा जा सकता है।

अच्छा प्रर्दशन करें तो निकायों को मिल सकती है 75 लाख की धनराशि

स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम में स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम तीन स्थान पाने वाले नगर निगम, नगर पालिका को क्रमशः 75, 50 एवं 25 लाख रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह घोषणा एक स्थानीय होटल में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तकनीकी एवं स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्याशाला में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यशाला उत्तराखण्ड में स्वच्छता कार्यक्रम के अभियान को मजबूती देगी। यह हमारे लक्ष्यों को पूर्ण करने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम के लिए मानसिंकता में बदलाव की आवश्यकता, आम व्यक्ति की जागरूकता एवं सहभागिता से यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। ठोस अपशिष्ठ एवं प्रबन्धन की दिशा में आधुनिक तकनीक और शोध की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी के माध्यम से हम बडा से बडा लक्ष्य प्राप्त कर सकते है। सरकारी स्तर पर स्वच्छता कार्यक्रम की महत्ता को दर्शाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के प्रयासों को कर्मचारियों के वार्षिक प्रवृष्टि में अंकित किया जायेगा।
नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम में नवीन तकनीकी के प्रयोग हेतु स्थानीय निकायों को अपनी आमदनी बढाने के प्रयासों पर बल देना होगा। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि मार्च 2018 तक शत-प्रतिशत शौचालय ओडीएफ, डोर-टू-डोर कलेक्शन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जायेगा। इसके अतिरिक्त शत-प्रतिशत एलईडी का लक्ष्य प्राप्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम कि कार्य संस्कृति से अन्य नगर पालिका प्रभावित होती है। इसलिए नगर निगम की जिम्मदारी स्वच्छता के सन्दर्भ में अधिक है।
सचिव शहरी विकास राधिका झा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छता के कार्यक्रम को लेकर संवेदनशील है। जिलाधिकारियों को साप्ताहिक नगर आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारियों, नगर निगम के साथ समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिये गये है। राज्य स्तरीय कार्यशाला में स्वच्छता विषय पर शपथ ली गई एवं स्वच्छता कार्यक्रम की एक मार्गदर्शिका पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता विषय के इनोवेटिव टेक्नोलाॅजी के प्रयोग सम्बन्धी देशभर के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी लगायी गयी है।