राज्य के चहुंमुखी विकास के लिये सरकार कृत संकल्पः त्रिवेन्द्र

त्रिवेन्द्र ने सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में जन सहयोग से अच्छी सुविधायें लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए ’’रूपान्तरण अभियान’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 06 से 12 तक के गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिये गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डलों में एक-एक विशेष विद्यालय खोले जायेंगे। कुमाऊं मण्डल में यह विद्यालय अल्मोडा में खोला जायेगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि विद्यालय के लिये भूमि चयनित कर शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को उपलब्ध करायें।

’’रूपान्तरण अभियान’’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को भौतिक संसाधनों से युक्त बनाना तथा फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, पंखा, हीटर, क्रीड़ा सामग्री व्यवस्था, कम्प्यूटर प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन, सुरक्षित व सुसज्जित भवन, विद्यार्थियों की अन्य मूलभूत आवश्यकताएं, शिक्षकों अभिप्रेरण जिससे वे अपना अधिकतम योगदान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में दे सकें, छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता, सृजनशीलता एवं मानवता की भावनाओं का विकास, समाज को सरकारी विद्यालयों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोग हेतु प्रेरित करना मुख्य हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व विद्यालयी शिक्षा द्वारा अल्मोड़ा में चलाये गये इस अभियान की प्रशंसा की। संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना व उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा किये गये इस रूपान्तरण कार्यक्रम के लिए उन्होंने अधिकारियों की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुॅमुखी विकास के लिए सरकार कृत संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के चार धामों को टेल-मेडिसन सुविधा से शीघ्र जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं एचपी कम्प्यूटर कम्पनी द्वारा भी राज्य के चिकित्सालयों में अपनी सुविधाएं देने की बात की गयी है ताकि चिकित्सालय भी तकनीक के क्षेत्र में समृद्ध हो सकें।

त्रिवेन्द्र सरकार के बजट में आम नागरिकों को राहत

वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस बजट को करमुक्त रख जहां आम नागरिको को राहत दी है तो वहीं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने, बुनियादी सेवाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता, किसानों से लेकर युवाओं और शहरों से लेकर गांवों तक आम नागरिक से जोड़ने के लिये भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंडे को आगे किया है।

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरुवार शाम वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दूसरा बजट सदन में पेश किया। पिछले बजट की तुलना में नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 14.08 फीसद ज्यादा बजट प्रावधान किया गया है।

त्रिवेंद्र सरकार के दूसरे बजट में भी मोदी फेक्ट नजर आ रहा है। बजट में प्रधानमंत्री के मूल मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की ओर से अपने एक साल के कार्यकाल में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली, सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जन सेवाओं की गुणवत्ता, केंद्रपोषित योजनाओं का अधिक लाभ लेने की रणनीति को नए वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

सड़कों-पुलों को दी वरियता

शहरों में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग हों, रेलवे ओवरब्रिज, टनल या पुल, इन सभी को समय पर पूरा करने पर जोर है तो गांवों में अवस्थापना विकास को सरकार ने अपने एजेंडे की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

बजट के तहत राज्य में एक लाख युवाओं को रोजगार व कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य के प्रत्येक जिले में ट्रॉमा सेंटर, इंटेसिव केयर यूनिट और ब्लड बैंक, राज्य के बेस चिकित्सालयों के लिए पहली बार पूंजीगत मद में 20 करोड़ रूपये, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की मुहिम के तहत माइक्रो प्लानिंग शुरू, कृषि व औद्यानिक समेत विभिन्न महकमों के कार्यों को संयोजित कर किसानों को राहत, आर्गेनिक हर्बल स्टेट बनाने को 1500 करोड़ की योजना को मंजूरी, 300 अतिरिक्त फार्म मशीनरी बैंकों की होगी स्थापना, राज्य में 9.12 लाख जोतों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का लक्ष्य, 2019 तक चयनित 1374 ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्त करेंगे घोषित, जन शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1905 शुरू, 14947 आंगनबाड़ी केंद्रों व 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल किट व मेडिसिन किट और कार्यकर्ताओं को ड्रेस, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 75000 परिवारों की गर्भवती व धात्री महिलाओं को प्रति महिला 5000 रुपये, गंगा गाय महिला डेरी योजना में 2000 महिला दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा लाभ, 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसद कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

बजट में हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंहनगर के परिवहन निगम डिपो की सभी बसों को दो साल में सीएनजी से करेंगे संचालित, 2020 तक केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे से बाहर सभी परिवारों को निश्शुल्क गैस सुविधा, राज्य के सभी जिलों की रिसोर्स एटलस बनाने की प्रक्रिया होगी तेज, 2020 तक सभी सरकारी योजनाओं को डीबीटी से करेंगे संचालित, उद्यमिता विकास को 600 करोड़ की बाह्य सहायतित योजना को मंजूरी, आगे बढ़ेंगे कदम, डाट काली मंदिर के समीप डबल लेन टनल का निर्माण नए वित्तीय वर्ष में होगा पूर्ण, देश का सबसे लंबा 440 मीटर मोटर झूला पुल डोबरा-चांटी अगले वित्तीय वर्ष में होगा पूरा, 2020 तक सभी महिला मंगल दल व युवक मंगल दल लेंगे आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 250 से अधिक आबादी के गांव सड़क से जुड़ेंगे, मेट्रो रेल निर्माण के तहत 86 करोड़ का प्रावधान, आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम के लिए दुर्घटना बीमा योजना होगी शुरू, प्रत्येक जिले में बंधुआ पुनर्वास निधि की स्थापना, आम आदमी बीमा योजना में 11.37 करोड़ का प्रावधान, किसानों को सस्ता ऋण देने की दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना को 30 करोड़, नैनीताल झील के पुनर्जीवीकरण को पांच करोड़ की व्यवस्था की है।

बजट में राज्य की नदियों व झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्यों के लिए धन, पर्वतीय क्षेत्रेां में उद्यमिता प्रोत्साहन व पलायन रोकने को ग्रोथ सेंटर स्थापना को 15 करोड़, एमएसएमई के तहत बाह्य सहायितत परियोजनाओं के लिए 30 करोड़, क्षेत्रीय संपर्क योजना के लिए 10 करोड़, ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिस्ट कैंप के निर्माण को सात करोड़, पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना को 15 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को जल्द शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

सीएम ने लांच किया वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को विधानसभा भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत इलैक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटैलीजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन), मीजिल्स रूबैला टीकाकरण, आरएनटीसीपी तथा कायाकल्प पुरस्कार वितरण समारोह 2017-18 में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा एवं आईसीडीएस विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रदेश में 28 लाख बच्चों के मीजल्स एवं रूबेला टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य को सम्बन्धित विभागों द्वारा समय से पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी 13 जिलों के क्षय रोग निदान हेतु कार्य करने वालों को टेबलेट वितरण किया। किसी भी लक्ष्य को प्रदान करने के लिए विभागों में आपसी समन्वय होना जरूरी है। विभागों के समन्वय के कारण ही मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य से अधिक टीकाकरण हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षय रोग मुक्ति के लिए शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इलैक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटैलीजेंस नेटवर्क को मोबाईल एप से लॉच किया।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के जिला चिकित्सालयों, उप जिला चिकित्सालयों एवं प्रत्येक जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पुरस्कृत किया एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये। जिसमें कायाकल्प पुरस्कार के तहत श्रेणी ’ए’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवाहर लाल नेहरू, जिला चिकित्सालय ऊधमसिंह नगर को 50 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जबकि 06 जिला चिकित्सालयों चेनराय जिला महिला चिकित्सालय हरिद्वार, बी.डी.पाण्डेय जिला पुरूष चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर, चमोली, बीडीपाण्डेय जिला महिला चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय रूद्रप्रयाग एवं जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 03-03 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

श्रेणी ’बी’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल को 15 लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय कोरोनेशन, देहरादून को 10 लाख रूपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले संयुक्त चिकित्सालय प्रेमनगर, देहरादून एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोईवाला, देहरादून को 01-01 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

श्रेणी ’सी’ के अन्तर्गत जनपद में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 02-02 लाख रूपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50-50 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

क्या वाकई विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है आयुष्मान भारत

नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम यानी आयुष्मान भारत को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूदी दे दी है। इस योजना को मोदी केयर भी कहा जाता है। विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषण इस साल के बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने की थी।

कैबिनेट ने नेशनल हेल्थ मिशन को जारी रखने पर भी सहमति दी है। यह योजना 31 मार्च 2020 तक चलेगी और केंद्र सरकार इसके लिए 85,217 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इस योजना के तहत हर परिवार को पांच लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई रोक नहीं है। इस योजना के तहत कौन से परिवार आएंगे, इसका फैसला आर्थिक आधार पर होगा। इस योजना के दायरे में आने वाले परिवारों को सरकारी और चुने हुए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। जो परिवार इस योजना के तहत आएंगे उन्हें इलाज की सुविधा देश भर में कहीं भी मिल सकेगी।

क्या है आयुष्मान भारत योजना

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल पेश किए गए बजट में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इसके तहत करीब 10 करोड़ परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये का मेडिकल कवर भी दिया जाएगा। साथ ही इस योजना का लाभ देश की 40 फीसदी आबादी यानी 50 करोड़ लोगों को मिलेगा। इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियां भी भाग ले सकेंगी।

जेटली ने कहा था कि भारत को स्वस्थ भारत बनाया जाएगा, इसके लिए देशभर में 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इन स्वास्थ्य केंद्रों के खोले जाने का फायदा आम लोगों को फौरी तौर पर होगा, क्योंकि उन्हें आम बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना होगा और पास के इन केंद्रों से इलाज करा सकेंगे। साथ ही आरोग्य से जुड़ी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

शुरुआती इलाज में मिलेगा फायदा

आम लोगों को पांच लाख रुपये की बीमा का फायदा तब मिलेगा जब बीमारी बड़ी या फिर गंभीर होने की स्थिति में वह हॉस्पिटल में भर्ती होगा, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों का फायदा छोटे और बड़े हर तरह के बीमार लोगों को तुरंत मिलेगा।

नई योजना के तहत हर तीन संसदीय क्षेत्र या फिर एक राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। फिलहाल देश में निजी और सरकारी दोनों मेडिकल कॉलेजों से हर साल 67 हजार एमबीबीएस और 31 हजार पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर पास होकर निकलते हैं। ऐसे में कई नए मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की कमी दूर होगी और लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त डॉक्टर सुलभ हो सकेंगे।

गंगा तट पर आना, मेरे लिये सौभाग्यः उपराष्ट्रपति

अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडु तीर्थनगरी स्थित परमार्थ निकेतन पहुंचे। योग फेस्टिवल को संबोधित करते हुये नायडु बोले इस पतितपावनी मां गंगा के तट पर आना मेरे लिये वाकई सुखद अनुभव है। मैं अपने को सौभाग्यशाली समझता हूं कि मैं यहां आया।

अपने संबोधन में कहा कि परमार्थ निकेतन ने दुनिया में योग को समझाने में अहम भूमिका निभाई है। योग तन, मन को संुदर बनाता है। इसके साथ ही लोगों को एकजुट होने का संदेश भी देता है।

उपराष्ट्रपति आगे बोले गंगा किनारे बसे ऋषिकेश में योग नदी, मन और हर जगह बसा हुआ है। भारत हमेशा से दुनिया को जानकारी देता है। दुनिया को शांति का सन्देश देता है। मोदी के प्रयास से पूरी दुनिया 21 जून को योग दिवस मनाती है। भगवान कृष्ण ने भी कर्म, भक्ति और ज्ञान योग की बात की। हमे भी इनका अनुसरण करना चाहिए।

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि योग के जरिये दुनिया मे शांति कायम की जा सकती है। आंतरिक शांति यानी मन की शांति योगा के जरिये ही मिल सकेती है। दुनिया में योग एक प्रकार से आपसी प्रेम को उजागर कर रहा है।

आज पूरा विश्व भारत को खासकर उत्तराखंड के ऋषिकेश को योग की राजधानी के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए भी योग करना जरूरी है। न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तनाव भी दूर होता है।

इस मौके पर राज्यपाल डा. केके पॉल, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, भगवती सरस्वती, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित भारी मात्रा में योग प्रशिक्षु, योगाचार्य, योग जिज्ञासु मौजूद रहे।

गढ़वाली गीत कैने मारी पिचकारी से नेगी ने की वापसी

लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी बीमारी की जंग जीतने के बाद एक बार फिर से गायकी से जलवा करने को तैयार है। होली का त्योहार नजदीक है और ऐसे में नेगी का पिचकारी सर्ररर, कैने मारी… वीडियो सॉन्ग सीएम आवास पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिलीज किया। होली के अवसर पर यह गढ़वाली गीत उनके प्रशंसकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

विदित हो कि बीमारी से उबरकर नेगी दा ने एक बार मंच में प्रस्तुति दी थी, मगर गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने पहली बार जारी किया है। समारोह में उन्होंने कहा कि वह अस्वस्थता के चलते लंबे समय से लोकगायिकी से दूर थे। यह गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने होली के खास मौके पर बनाया है। बीमारी के बाद यह लोकगीत लोगों को समर्पित करते हुए वह काफी ऊर्जावान महसूस कर रहे हैैं। उन्होंने यह गीत गाकर समारोह में रंग जमा दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह लोकगीत होली को खास बनाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी का लोकगायिकी के प्रति समर्पण भाव प्रेरणास्रोत है। उनके स्वस्थ होने के बाद से प्रदेशवासी उनकी आवाज सुनने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे, जो आज पूरी हुई।

जम्मू में हुयी गोलाबारी, सेना ने संभाला मोर्चा

जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो जेसीओ शहीद हो गए हैं, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को सुंजवां में चल रहे ऑपरेशन और हालिया स्थिति के बारे में जानकारी दी है। अब इस ऑपरेशन में वायु सेना भी शामिल हो गई है। ऑपरेशन के लिए उधमपुर से पैरा कमांडो बुला लिए गए हैं। ऑपरेशन पिछले सात घंटे से जारी है। हमले के चलते कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चौकसी और बढ़ा दी गई है।

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की है। डीजीपी एसपी वैद्य ने आतंकी हमले के बारे में गृहमंत्री को पूरी जानकारी दी हैं। गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है।

सुबह 5 बजे के करीब आतंकियों ने किया हमला

बता दें कि आतंकियों ने ये आत्मघाती हमला शनिवार को तड़के सुबह 5 बजे के आसपास किया। जानकारी के मुताबिक, 3-4 आतंकी कैंप के पीछे के इलाके से जाली काटकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू की।

आतंकियों के इस हमले का क्विक रेस्पांस टीम ने भी जवाब दिया है। हमले को देखते हुए पूरे जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही इलाके को सील कर दिया गया है। सुरक्षा बल हेलिकॉप्टर के जरिए निगरानी रख रहे हैं।

हमले के पीछे हो सकता है जैश ए मोहम्मद

ताजा जानकारी के मुताबिक, ये सभी आतंकी आर्मी कैंप के रिहायशी इलाके में छिपे हुए हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक अफजल गुरू की बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। खुफिया सूत्रों ने आत्मघाती हमले की आशंका जताई थी। इस हमले के पीछे जैश ए मोहम्मद का हाथ हो सकता है।

आतंकी आर्मी कैंप में फैमिली क्वार्टर की तरफ छिपे हुए हैं। फिलहाल, ऑपरेशन जारी है। हालांकि, कितने आतंकी हैं, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 3-4 हो सकती है।

जम्मू में आतंकियों ने दिया बड़े हमले को अंजाम, लश्कर आतंकी फरार

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस वाले आंतकियों का चेकअप कराने अस्पताल लाये थे। इसी बीच एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। जिसमें एक लश्कर आतंकी अबु हंजुला भागने में कामयाब हुआ। हालांकि, बाकी पांच आतंकी पुलिस की गिरफ्त में है।

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के श्रीमहाराजा हरिसिंह अस्पताल में आतंकवादी हमले में एक पुलिसवाला शहीद हो गया है, हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए हैं। हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है।

आतंकियों ने श्रीनगर के पास अस्पताल के पुलिस की टुकड़ी पर हमला किया था। आतंकी यहां अपने साथी को छुड़ाने के लिए आए थे। आपको बता दें कि अबु हंजुला पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला था।

हमले के बाद एसएसपी श्रीनगर, इम्तियाज इस्माइल ने कहा कि हम सभी आतंकियों को चेकअप के लिए अस्पताल लाए थे, जिस दौरान उन्होंने हमपर ये हमला किया। इस हमले में एक आतंकी फरार होने में कामयाब रहा है।

पुलिसवाले आतंकी अबु हंजुला का मेडिकल चेकअप कराने के लिए लाए थे। अबु हंजुला पाकिस्तान का नागरिक है। हंजुला को कुलगाम से गिरफ्तार किया गया था। हंजुला इस हमले के दौरान भागने में सफल रहा।

आतंकी हमले पर भड़के जी.डी. बख्शी
अस्पताल में पुलिसवालों पर हुए आतंकी हमले पर पूर्व जनरल जी.डी. बख्शी का कहना है कि ये हमला काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों का इलाज जरूरी है। ये आदमी के रूप में भेड़िया हैं, जो लगातार ऐसे काम करते हैं।

यहां आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर सीजफायर उल्लंघन किया गया है। सीजफायर उल्लंघन में रविवार को कैप्टन कपिल कुंडू समेत चार जवान शहीद हुए थे। पाकिस्तान फायरिंग की आड़ में सीमा पर घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है।

इस ऐप के जरिये मेडिकल के क्षेत्र में मिल सकेगी मदद

भारत का पहला ईमेडिकोज मोबाइल ऐप लांच हो गया है। जिसके जरिए मेडिकल हेल्थ प्रोफेशनल, मेडिकल छात्र और अनुभवी डॉक्टर एक साथ कई मेडिकल विषयों पर विचार विमर्श कर सकेंगे। इसे रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर सुमेर सेठी ने लांच किया है।

एन्ड्रायड व आई स्टोर में उपलब्ध इस एप के जरिए एक ही प्लेटफार्म पर छात्र, अनुभवी डॉक्टर व हेल्थकेयर प्रोफेशन से जुड़कर समस्या का समाधान निकाल सकेगें तो वही दूसरी तरफ मेडिकल के छात्र-छात्राऐं औषधीय ज्ञान ले सकते हैैंं।

इस ऐप के इस्तेमाल से मेडिकल एजुकेशन और मेडिकल ज्ञान में गुणवत्ता बढ़ेगी, विश्व के किसी भी कोने में बैठा छात्र डॉक्टर किसी भी मेडिकल संबधित विषय पर प्रश्न पूछ सकता है, चर्चा कर सकता है और अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकता है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ केयर पेशवरों के लिए यह ऐप वरदान साबित हो होगा।

डॉक्टर सुमेर सेठी नें कहा कि यह उन लोगों के लिए खास तौर से उपयोगी साबित होगा जो एनईईटीपीजी, एनईईटी सुपर स्पेशलिटी, यूएसएमएलई, पीएलएपी, एमआरसीपी, ऑस्ट्रेलियाई और कैनेडियन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्हे डिजीटल रुप से ईबुक्स, स्टेडी मेटिरियल, विडियोज उपलब्ध होगें। उन्होंने कहा की ईमेडिकोज एप भारत का पहला मेडिकल व हेल्थकेयर ऐप है जिस पर मेडिकल क्षेत्र के अनुभवी लोग आपस में विचार विमर्श कर सकेगें। इसके अलावा मेडिकल स्टूडेन्टस किसी भी टॉपिक पर विशेषज्ञों से सवाल जबाव कर सकेगें।

ईमेडिकोज ऐप को लॉच करने पर टीम ने बताया कि वर्तमान में डिजिटल वर्ड का दायरा बढ़ता जा रहा हैं और एक ऐसे प्लेटफॉर्म की जरुरत हैं जिस पर मेडिकल से संबधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्रों से सीधे संवाद करें। ईमेडिकोज एप इन जरुरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया हैं जिसके द्वारा छात्र परीक्षा पेपर, मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी हर जानकारी को साझा कर सकेगें। इसके साथ संबधित विषय से जूड़ें रिसर्च पेपर, विडियो और ईलर्निगं प्रोग्राम भी उपलब्ध होगें।

शनि के उदय होते ही किसे मिलेगा लाभ और किसे हानि?

न्याय के देवता शनि महाराज को उनके पिता सूर्य ने बीते पांच दिसंबर को 34 दिनों के लिये डूबा दिया था। जो सात जनवरी की शाम पांच बजकर चालीस मिनट पर उदय हो गये है। उदय भी उन्हीं के पिता सूर्य ने किया। शनि धनु राशि में डूबे थे।

शनि अपनी सम राशि में उदय हुए हैं इसलिए नुकसान कम करेंगे। शनि गुरु के धनु राशि में है। शनि हानिकारक कम हुआ है। आलस्य नहीं आएगा। सारे एग्जाम अच्छे होंगे। अच्छे नंबर आएंगे।
साढ़े साती वालों को परेशानी बढ़ेगी। फिलहाल शनि की साढ़ेसाती वृश्चिक, धनु और मकर राशिवाले पर है और इन राशि के लोग बहुत परेशान हैं। वृष, कन्या और मकर राशिवाले पर भी शनि का संकट है। पढ़ाई, नौकरी, व्यापार नहीं चल रहा है। कर्ज चढ़ा है, क्लेश और बीमारी बढ़ी है। लोहे के कढ़ाई का दान करने और चना गुड़ बांटने से कुछ राहत मिलेगी।

शनि की महादशा और दशा वालों को राहत नहीं मिलेगी। ऐसे में उन्हें शनिदेव पर गुलाब की माला चढ़ानी होगी और साथ ही सरसों के तेल का दीपक भी जलाना होगा। काले वस्त्र बांटने होंगे।

शनि महाराज के कारण चार राशियों को मिलेगा लाभ-
1. कर्क राशि के लिए यह अच्छा समय होगा। हर कार्य आसानी से संपन्न होंगे। आर्थिक समस्याएं दूर होंगी।
2. तुला राशि इन्हें भाग्यवर्धक यात्रा होगी। समाज में मान सम्घ्मान बढ़ेगा। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। साथ ही आर्थिक लाभ होगा।
3. कुंभ राशि वाले जातकों को आमदनी के स्रोत में वृद्धि होगी। व्यसाय में बड़ी सफलता का योग बन रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलेगा।
4. मीन राशि वालों को धन-दौलत का लाभ तो होगा पर कुछ रुकावटें भी आ सकती हैं। हालांकि प्रयास करने पर आर्थिक लाभ कमाने में सफल रहेंगे।