सीएस ने कहा-धान खरीद में किसानों के साथ धोखाधड़ी ना हो

मुख्य सचिव डॉ0 एस.एस. संधु की अध्यक्षता में उनके सचिवालय सभागार में 2021-22 के खरीफ सीजन में धान की खरीद के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों खाद्य विभाग, सहकारिता तथा संबंधित पक्षों से धान की खरीद में आने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं, बाधाओं और व्यावहारिक कठिनाइयों के संबंध में संबंधित स्टेक होल्डर (पक्षों) का पक्ष सुनने के पश्चात् विभागीय अधिकारियों तथा जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार को धान की व्यवस्थित, पारदर्शी और शीघ्रता से खरीद के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और क्रय केन्द्रो का संचालन करने वाले प्रबन्धकों के सख्त निर्देश दिये कि धान की खरीद में किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी अथवा किसानों का किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिये कि किसानों से धान की व्यवस्थित और पारदर्शी खरीददारी में जो भी प्रबन्धन स्तर की, प्रशासनिक स्तर की तथा तकनीकी स्तर की कठिनाईया हैं, उनको तत्काल दूर करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि जिन स्थानों पर और धान क्रय केन्द्र खोलने की डिमांड है वहां शीघ्रता से खोले जाए। जहां पर बोरे अथवा धान क्रय से सम्बन्धित सामग्री इत्यादि की कोई जरूरत हो उनको तत्काल पूरा करें। विभागीय अधिकारियों ने जब मुख्य सचिव को अवगत कराया कि किसानों के प्रत्येक वर्ष क्रय प्रक्रिया हेतु खाते खोले और क्रय प्रक्रिया पूरी होने के तत्काल बाद बंद हो जाते है तो इस पर मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जिन किसानों से खरीददारी की जाती हैं उन सभी का एक ही बार जीरो बैलेंस पर खाता खुलवायें तथा उसको बार-बार बंद ना करें बल्कि चलता रहने दें क्योंकि इससे अनावश्यक रूप से प्रक्रिया में देरी हो जाती है। साथ ही किसान खाता खोलने, बंद करवाने में अनावश्यक परेशान होते हैं। उन्होंने सभी क्रय केन्द्रों पर 50 से 100 मॉस्चर (नमी) मीटर रिजर्व के रूप में रखने के निर्देश दिये। कहा कि जब तक क्रय केन्द्रों पर किसानों का धान आ रहा है तब तक उसको खरीदते रहें।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि विभागीय स्तर पर विभिन्न कार्यों में जो औपचारिकता और कार्य पहले किये जा सकते हैं उनको पहले से ही पूरा कर लें, बिना किसी वाजिब कारण के हर एक कार्य को अन्तिम मूवमेंट के लिए पेंडिंग ना रखें, इसको गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिये कि सारी प्रक्रिया समय से पूरी हो, इसके लिए वार्षिक कैलेण्डर बना लें और उसका अनुपालन करें। उन्होंने भुगतान की पहले की पेंडेंसी को तत्काल निपटाने तथा आगे से भुगतान से संबंधित प्रक्रिया को सरलीकृत करने तथा पोर्टल से सम्बन्धित जो भी तकनीकी समस्या है उसको भी तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि प्रत्येक क्रय केन्द्रों और मंडी के मुख्य द्वार पर अनिवार्य रूप से विजिबल आकर्षक साइन बोर्ड लगा होना चाहिए जिस पर स्पष्ट शब्दों में लिखा हो कि किसानों को यदि धान क्रय से संबंधी किसी भी तरह की शिकायत हो तो वे इन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं। साथ ही सम्बन्धित जिलाधिकारी ये सुनिश्चित करेंगे कि शिकायत करने वाले नम्बर न केवल सक्रिय हो बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का तत्काल उचित निराकरण भी हो। जिलाधिकारी उस पर खुद कॉल करते रहें। साथ ही यदि कोई किसान जिलाधिकारी अथवा संबंधित उप जिलाधिकारी के पास धान क्रय की उचित निस्तारण के संबंध में कोई शिकायत करता है तो उस पर अनिवार्य रूप से त्वरित व उचित कार्यवाही करनी ही होगी। इसके अतिरिक्त जहां तक संभव हो मण्डी अथवा क्रय केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को भी कहा।
मुख्य सचिव ने जनपद ऊधमसिंहनगर के लिये धान क्रय के संबंध में निर्देश दिये कि ऊधमसिंह नगर में दिनांक 1 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक केवल उत्तराखण्ड के ही किसानों के धान की खरीद की जाएगी। उसके पश्चात् सम्बन्धित जिलाधिकारी अपने स्तर से इस तिथि को आगे बढ़ा सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य जनपदों के जिलाधिकारी अपने स्तर से अपने विवेक से ये सुनिश्चित करने को स्वतंत्र होंगे कि केवल उत्तराखण्ड के ही किसानों से कब तक खरीद करनी है तथा किस तिथि के बाद उत्तराखण्ड अथवा अन्य राज्यों के किसानों दोनों से खरीद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ये आवश्यक ध्यान रखा जाए कि उत्तराखण्ड के किसानों को खरीद में वरियता मिले। साथ ही उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वे समय-समय पर विभिन्न क्रय केन्दों का औचक निरीक्षण करके स्वयं व्यवस्थाएं देखें तथा अधीनस्थ अपर जिलाधिकारियों-उपजिलाधिकारियों सभी से एन्फोर्समेंट की कार्यवाही संपादित करवाते हुए सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी तरह से किसानों के उपज को मॉस्चर (नमी) अथवा खराब बताकर अथवा घटतौली या बिचौलियों की भूमिका से या अन्य किसी भी तरह से किसानों के साथ धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिलाधिकारी अपने स्तर पर विक्रय हेतु टोकन अथवा पर्ची सिस्टम जो भी उचित लगता हो प्रकिया अपना सकते हैं।
इस दौरान बैठक में सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, मीनाक्षी सुन्दरम, एच.एस. बोनाल, अपर सचिव प्रताप शाह, आर.एफ.सी (संभागीय खाद्य नियंत्रक) गढ़वाल बी.एस. राणा, वित्त नियंत्रक डॉ. एम.एस. बिसेन सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी तथा सम्बन्धित पक्षों के सदस्य उपस्थित थे। साथ ही जनपद ऊधमसिंहनगर तथा हरिद्वार के जिलाधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नर्सिंग स्टाफ को एम्स दे रहा प्रशिक्षण

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में स्त्री रोग विभाग की ओर से नर्सिंग ऑफिसरों के लिए महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर स्क्रिनिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम विधिवत शुरू किया गया। जिसमें एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक प्रशिक्षण देंगे। 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात नर्सिंग ऑफिसर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मंगलवार को मुख्य अतिथि एम्स के संकायाध्यक्ष शैक्षणिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी की देखरेख में आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए उनकी नियमिततौर पर स्क्रिनिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा ​कि राज्य सरकार को महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी इस बीमारी को इंगित कर इसके उपचार व रोकथाम को प्राथमिकता देनी चाहिए। संकायाध्यक्ष प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि तब तक इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाओं से कोई लाभ नहीं होगा जब तक राज्य सरकार प्रशिक्षित नर्सिंग आफिसरों को अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराती। लिहाजा उत्तराखंड सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और इसे धरातल पर उतारने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि राज्य के चिकित्सकों व नर्सेस को प्रशिक्षित कर दक्ष बनाना एम्स का कर्तव्य है,जिसका निर्वहन संस्थान भली प्रकार से कर रहा है, मगर राज्य सरकार को चाहिए कि वह कार्मिकों की दक्षता का लाभ आम जनमानस तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करे। उन्होंने राज्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम व उपचार के लिए उत्तराखंड में गायनी ओंकोलॉजिस्ट की तैनाती को नितांत आवश्यक बताया। जिससे ग्रसित मरीजों का राज्य के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपचार हो सके। उन्होंने बताया कि सर्विक्स कैंसर महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला दूसरे नंबर का कैंसर है,लिहाजा इस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों को महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड की निदेशक डा. सरोज नैथानी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से मरीजों को राज्य सरकार के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही इलाज संभव हो पाता है। उन्होंने महिलाओं से अपने परिवार के साथ साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति भी जागरुक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में जनसामान्य के स्वास्थ्य को लेकर और अधिक जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता है। डा. सरोज नैथानी ने समय समय पर राज्य के चिकित्सकों व नर्सिंग आफिसरों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन के लिए एम्स प्रशासन का आभार जताया। सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना ने बताया कि महिलाओं को बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए स्वयं जागरुक होने व दूसरों को भी जागरुक करने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में लगभग 1.5 लाख महिलाएं प्रतिवर्ष इस कैंसर से ग्रसित हो जाती हैं, जागरुकता की कमी, समय पर उपचार नहीं मिलने अथवा किन्हीं अन्य वजहों से इनमें से करीब 40 फीसदी महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। उन्होंने ऐसे मामलों को कम करने के लिए महिलाओं से नियमिततौर पर अपनी स्क्रिनिंग कराने को कहा है, साथ ही नर्सिंग आफिसरों से समुदाय को इस कैंसर को लेकर जागरुक करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण कार्यशाला की समन्वयक व एम्स के स्त्री रोग विभाग की कैंसर शल्य चिकित्सक डा. शालिनी राजाराम ने महिलाओं से बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए समय समय पर अपना स्वास्थ परीक्षण कराने व इसके लिए उपलब्ध वैक्सीन की डोज लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की जागरुकता से ही सर्विक्स कैंसर का खात्मा हो सकता है। इस अवसर पर गायनी विभाग की डा. रूबी गुप्ता, डा. कविता खोईवाल, डा. लतिका चावला, सीएफएम विभाग के डा. अजीत भदौरिया, अस्पताल प्रशासन से डा. पूजा भदौरिया, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य जैवियर वैल्सियाल, एएनएस कमलेश चंद्र आदि मौजूद थे।

सीमान्त क्षेत्रों में सड़क संचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को विधानसभा में सेन्ट्रल कमांड के जी.ओ.सी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ए.वी.एस.एम. वीएस.एम ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य के सीमान्त क्षेत्रों में संचार सुविधाओं एवं सड़कों के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री से जोशीमठ-औली तक सड़क चौड़ीकरण, पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों तक सड़क निर्माण एवं सुधारीकरण की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमान्त क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने तथा संचार सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सैनिकों के कल्याण के लिये अनेक योजनायें संचालित की गई हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों का सेवायोजित करने की व्यवस्था राज्य में की गई है। उन्होंने सीमान्त क्षेत्रों में सड़कों, संचार सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में सेना को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बनबसा की भांति खटीमा में भी सीएसडी कैन्टीन खोले जाने की अपेक्षा की।
ले.जन योगेन्द्र डिमरी ने मुख्यमंत्री से जोशीमठ-औली सड़क के चौड़ीकरण के साथ ही पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों के मानसरोवर मार्ग को सड़क से जोड़ने में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, बागेश्वर आदि स्थलों पर सेना द्वारा सीजीएचएस पॉलीक्लीनिक की स्थापना के लिये भूमि उपलब्ध कराने की भी अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में स्थित सीएसीडी डिपो को शहर में अन्यत्र कहीं उपयुक्त स्थल पर्याप्त भूमि उपलब्ध करायी जाये तो इसे स्थानान्तरित किये जाने पर विचार किया जायेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, जीओसी सब एरिया मे.ज. एस खत्री आदि उपस्थित थे।

कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता करेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को और मजबूती दी जाएगी। समूहों को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत मिल सके, इसके लिए जरूरी है कि मांग आधारित उत्पादन किया जाए। कोशिश की जाएगी कि समूहों का टाईअप बड़ी कम्पनियों से हो। मुख्यमंत्री, सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद कर उनका फीडबैक ले रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इन्हें और अधिक मजबूती दी जाएगी। इन समूहों को क्या समस्याएं आ रही हैं, उनके अनुसार राज्य सरकार और क्या कर सकती है, इसे जानने के लिए यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बेहतर कीमत के लिए मांग आधारित उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सके, इसके लिए बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन किए जाने की जरूरत है। निजी बड़ी कम्पनियों के साथ समूहों के जाइन्ट वेंचर की सम्भावनाएं भी देखी जाएंगी। दीनदयाल अन्त्योदय-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य स्वरोजगार के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों को सशक्त करना है।

स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित होती हैं, इसलिए राज्य सरकार का रिक्त पदों पर भर्ती के साथ ही लाखों लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी फोकस है। लोगों को बहुत बार औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण बैंक से ऋण स्वीकृत नहीं हो पाता है। इन समस्याओं को देखते हुए हमने कैम्प लगाने के निर्देश दिए हैं जहां राज्य सरकार के अधिकारी और बैंक अधिकारी मौके पर ही फार्म आदि भरने और औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता करेंगे।

कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता पर सरकार करेगी विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में उद्यमियों के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। राज्य सरकार विचार करेगी कि कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की किस प्रकार सहायता की जा सकती है। रक्षा बंधन तक इस संबंध में कुछ न कुछ निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश में मुफ्त वैक्सीन, सबको वैक्सीन का अभियान शुरू किया गया है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड में आगामी चार माह में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से अपने आसपास के लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किए जाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज, वैल्यु एडीशन, प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 13 जिलों के 95 विकासखण्डों में संचालित की जा रही है। 33 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह इससे जुड़े हैं। लगभग 2.5 लाख महिलाएं इन समूहों की सदस्य हैं। प्रत्येक समूह को 10 से 15 हजार रूपए राशि का रिवाल्विंग फंड उपलब्ध करवाया जाता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने अपने समूह की गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी देते हुए सुझाव भी दिए। कुछ महिला स्वयं सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री को अपने उत्पाद भी भेंट किए।

वंदना के परिजनों का खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने किया सम्मान

विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, खेल, युवा कल्याण एवं पंचायती राज मंत्री, उत्तराखंड सरकार अरविन्द पाण्डेय ने हरिद्वार ग्राम रोशनाबाद में देश की अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के निवास स्थान पर पहुंचकर उनकी माता एवं परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें शॉल ओढ़ाकर व फूल गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।

इसी क्रम में माननीय खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने वंदना कटारिया को खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के फल स्वरुप बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत 2020-21 के लिए हरिद्वार जनपद का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया।

साथ ही खेल मंत्री ने ग्राम रोशनाबाद में मार्ग की स्थिति का संज्ञान लेते हुए मार्ग को शीघ्र ठीक करवाने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात उक्त मार्ग का नाम वंदना कटारिया किया जाएगा।

खेल मंत्री ने हर्ष सहित वंदना कटारिया के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है की टोक्यो ओलंपिक्स में वंदना कटारिया ने तीन गोल करके ओलंपिक्स इतिहास में हैट्रिक लगाने वाली भारत की प्रथम महिला हॉकी खिलाड़ी होने का खिताब हासिल किया।

वंदना ने अपनी क्षमता और सामर्थ्य से जो मील का पत्थर स्थापित किया है और युवाओं के लिए सशक्त पदचिन्ह बनाए हैं वह निश्चित ही प्रदेश में युवा खिलाड़ियों को नया दृष्टिकोण और नया आयाम प्रदान करेंगे। सभी युवाओं को कड़ी मेहनत और सतत प्रयास के लिए प्रेरित करते हैं। इस दौरान विधायक रानीपुर आदेश चौहान भी उपस्थित रहे।

एम्स को विधानसभा अध्यक्ष ने दो एम्बुलेंस दी

विधानसभा अध्यक्ष एवं ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने मरीजों की सुविधा के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश को अपनी निधि से 2 एम्बुलेंस भेंट की हैं। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष व निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने संयुक्तरूप से हरी झंडी दिखाकर उक्त रोगी वाहनों को रवाना किया।
विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने अपनी विधायक निधि से शुक्रवार को एम्स ऋषिकेश को मरीजों की सुविधा के लिए दो एम्बुलेंस प्रदान की। इस अवसर पर आयोजित एक सादे समारोह में विधानसभा अध्यक्ष व एम्स निदेशक ने संयुक्तरूप से एम्स परिसर से एंबुलेंसों को रवाना किया गया।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान विभिन्न परेशानियों को देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में विधायक निधि से एम्बुलेंस देने का निर्णय लिया है,जिससे मरीजों को आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे एम्स संस्थान को भविष्य में भी वह आवश्यक सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
निदेशक प्रोफेसर रवि कान्त ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का आभार जताते हुए कहा कि संस्थान को उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंसों से मरीजों को आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि कई मरीजों को नियमिततौर पर आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवन्त सिंह कोविड केयर सेंटर से एम्स आना-जाना होता है। लिहाजा अतिरिक्त रोगी वाहनों का सीधेतौर पर मरीजों को लाभ मिल सकेगा। इस मौके पर उन्होंने एम्स परिसर में विधायक निधि से एक टीन शैड बनाए जाने के लिए भी अध्यक्ष विधानसभा प्रेमचंद अग्रवाल का आभार जताया।
कार्यक्रम के दौरान डीन एकेडेमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, एमएस प्रोफेसर बीके बस्तिया, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रोफेसर यूबी मिश्रा, डा. अजीत भदौरिया आदि मौजूद रहे।

शक्तिफार्म में बनाई जायेगी उप तहसील-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उधमसिंह नगर में विस्थापित बंगाली समाज को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से ‘‘पूर्वी पाकिस्तान’’ शब्द हटाये जाने तथा शक्ति फार्म को उप तहसील बनाये जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शक्ति फार्म के साथ ही सितारगंज क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं के त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया है। क्षेत्र वासियों को शीघ्र ही शक्ति फार्म आने का भी आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायक सितारगंज सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आये लोगों ने भेंट की। स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से अवगत कराया। शक्तिफार्म के निवासियों की प्रमुख मांग थी कि विस्थापित बंगाली समाज को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द को हटा दिया जाय जिसकी वे वर्षों से मांग कर रहे हैं। उनके द्वारा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिये शक्तिफार्म में उप तहसील की स्थापना की भी मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने सभी की समस्या सुनते हुए कहा कि विस्थापित बंगाली समाज के लोगों को जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाया जायेगा उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में भी लाया जायेगा। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिये मुख्यमंत्री ने शक्तिफार्म में उप तहसील खोले जाने की भी घोषणा की। क्षेत्रीय लोगों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र शक्ति फार्म का भ्रमण करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सितारगंज सहित पूरे क्षेत्र की समस्याओं से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही खनन नीति के साथ ही उद्यमियों की सुविधा के लिये नीतियों में भी बदलाव किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रवासियों को केन्द्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अनावश्यक अपने काम के लिये शासन के चक्कर न लगाने पड़ें इसके लिये जिलाधिकारियों को जनपद की समस्याओं का समाधान जिले में ही किये जाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक दो घंटे नियमित रूप से जनता से मिल कर उनकी समस्याओं को समाधान करें इसके भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये विभागवार लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में 40 हजार स्वयं सहायता समूहों को अलग से पैकेज की घोषणा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने शक्ति फार्म में ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा एजेंडा चुनाव नहीं, प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास है। हम घोषणाओं के साथ शासनादेश भी जारी कर रहे हैं। जिस योजना का शिलान्यास करेंगे, उसका लोकार्पण भी किया जायेगा। हमारा विश्वास कार्यों को उलझाने में नहीं सुलझाने में है। हम बोलेंगे कम और काम ज्यादा करेंगे। उन्होंने सभी से प्रदेश व क्षेत्र के विकास में सहयोगी बनने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तहसील दिवसों का आयोजन सुनिश्चित किया जायेगा। सरकारी कार्यप्रणाली में हमने नो पेडेंसी की कार्य प्रणाली विकसित करने का नियम बनाया है।
विधायक सौरभ बहुगुणा ने क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं के समाधान के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक लोहाघाट पूरन सिंह फर्त्याल, सचिव एल. फैनई सहित अन्य अधिकारी एवं सितारगंज क्षेत्र के लोग उपस्थित थे।

शहरी विकास विभाग ने की समीक्षा, दिए स्वच्छता और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शहरी विकास विभाग की समीक्षा की। कहा कि राज्य के स्थानीय निकायों में स्वच्छता प्रबंधन और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। नगर निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता है। चार धाम यात्रा मार्ग में स्थित निकायों में शौचालय की अच्छी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में रैनबसेरों में स्वच्छता का ध्यान रखा जाए। यथासंभव इनकी संख्या बढाई जाए। अमृत योजना में स्वीकृत कार्यों में तेजी लाई जाए। इन्हें लक्ष्य के अनुरूप समय पर पूरा किया जाए। केवल पानी के कनेक्शन देना ही नहीं बल्कि दिये गये कनेक्शनों में पानी की उपलब्धता भी हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी फोकस किया जाए। मलिन बस्तियों के सुधार और शहरों में पार्किग की सुविधा पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया। शहरों में स्वच्छता के कार्यों की लगातार मानिटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना में पात्र लोगों को लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए बैंकों से समन्वय बहुत जरूरी है। जनसेवाओं को जितना सम्भव हो, ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए। स्मार्ट सिटी देहरादून के कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उत्तराखंड एकीकृत शहरी विकास परियोजना और देहरादून स्मार्ट सिटी पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बैठक में प्रभारी सचिव सुरेंद्र नारायण पाण्डेय, नगर आयुक्त देहरादून नगर निगम विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणबीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

सीएम ने पंचायतीराज निदेशालय में किया स्मार्ट एवं ईको फ्रेंडली ई-आफिस का लोकार्पण


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सहस्त्रधारा रोड स्थित पंचायतीराज निदेशालय में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत स्मार्ट और इको फ्रेंडली ई-आफिस के रूप में नवीनीकृत निदेशालय पंचायतीराज के भवन और राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया।

सीएम ने वचुअर्ल रूप से 662 कॉमन सर्विस सेन्टर व जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय व जिला पंचायत कार्यालय व खण्ड विकास कार्यालय व पंचायती राज, महिला सशक्तिकरण व ग्राम्य विकास के फील्ड स्टाफ तथा त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

कहा कि पंचायतों को बदलते जमाने के अनुरूप बनाने के लिए उन्हें सूचना व संचार तकनीक से जोड़ा जाना अत्यन्त आवश्यक है। इसी के क्रम में आज राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत निदेशालय पंचायतीराज के भवन को स्मार्ट और इको फ्रेंडली ई-आफिस के रूप में नवीनीकृत किया गया है। साथ ही राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के नवनिर्मित भवन का भी लोकार्पण किया गया है।

उन्होंने कहा कि पंचायत के दायित्वों एवं कर्तव्यों के क्रियान्वयन में होने वाली समस्याओं के निदान हेतु डैस्क प्रणाली तैयार की गई है। इसके लिए टोल फ्री न0 18004190444 जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत गांवों में बसता है। देश तभी समृद्ध होगा जब हमारे गांव समृद्ध होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गांधी के ग्राम स्वराज की दिशा में उल्लेखनीय काम किए हैं और निरन्तर करते जा रहे हैं। 24 अप्रैल 2018 को राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की शुरूआत की गई। इसका उद्देश्य पंचायतों और ग्राम सभाओं की क्षमतावृद्धि कर उन्हें मजबूत करना और उनमें जनसहभागिता सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत पंचायतों को मजबूत करने के लिए काफी काम किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण द्वारा उनकी क्षमताओं में वृद्धि की गई है। ग्राम पंचायतों में बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का एक और बड़ा काम है जिसका परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेगा। देश के लाखों गांवों में स्वामित्व योजना शुरू की गई है। इसे युगांतरकारी योजना कहा जा सकता है। इसमें ड्रोन का उपयोग कर लोगों की भूमि सम्पत्ति का वैरीफिकेशन किया जाता है। इससे गांवों में सही भूमि अभिलेख तैयार करने में मदद मिलेगी। विवादों में कमी आएगी। वैध रिकार्ड उपलब्ध होने से ग्रामीण अपनी सम्पत्ति पर ऋण भी ले सकेंगे। मोदी सरकार के कार्यकाल में ही पंचायतों को ऑप्टिअकल फाईबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इससे हमारी पंचायतें तकनीकी रूप से दक्ष बन रही हैं और ई-पंचायत की परिकल्पना साकार हो रही हैं। इससे डिजीटल भारत में पंचायतों की भूमिका भी सुनिश्चित हो रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल का आह्वान किया है। भारत आत्मनिर्भर तभी होगा जबकि हमारे गांव आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए हम काम भी कर रहे हैं। स्थानीय उत्पादों के माध्यम से गांव समृद्धि के केंद्र बन सकते हैं। इसके लिए वोकल फॉर लोकल बहुत जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा विश्व कोरोना से जूझ रहा है, पिछले वर्ष हमने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सफलतापूर्वक कोरोना से लड़ाई लड़ी। इसमें हमारे पंचायत प्रतिनिधियों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्राम स्तर पर काम कर रहे हमारे लोगों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब जब कोरोना दुबारा से फैल रहा है तो हमें फिर से उसी जज्बे से काम करना है और इसमें हमारी पंचायत राज संस्थाओं को सक्रिय भूमिका निभानी है।

इस अवसर पर विधायक रायपुर उमेश शर्मा ‘‘काऊ‘‘, सचिव पंचायती राज एचसी सेमवाल आदि उपस्थित थे।

19 निरीक्षकों के हुए तबादले, 10 पहाड़ चढ़े तो 09 उतरे मैदान

पुलिस विभाग से बड़ी खबर है, 19 निरीक्षकों के तबादले किए गए है, जिनमें 10 को पहाड़ चढ़ाया गया है तो 09 को मैदान उतारा गया है। आज डीआइजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग ने तबादलों की सूची जारी की है।

शहर कोतवाल शिशुपाल नेगी का ट्रांसफर टिहरी गढ़वाल, डोईवाला कोतवाली में तैनात निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी को टिहरी गढ़वाल, डालनवाला कोतवाली के निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव को पौड़ी गढ़वाल, एसएसपी आफिस में तैनात निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी को चमोली, नेहरू कॉलोनी में तैनात राकेश गुसांई को चमोली, विकासनगर में तैनात निरीक्षक राजीव रौथाण को उत्तरकाशी, एसएसपी कार्यालय में तैनात निरीक्षक भावना कैंथोला व नदीम अतहर को टिहरी गढ़वाल व हरिद्वार जिले में कनखल थाने में तैनात निरीक्षक कमल कुमार लुंठी को उत्तरकाशी और रानीपुर कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव का ट्रांसफर पौड़ी गढ़वाल किया गया है।

वहीं, उत्तरकाशी में तैनात निरीक्षक दिग्पाल सिंह कोहली, टिहरी गढ़वाल में तैनात रविंदर कुमार, चमोली थाने में तैनात गिरीश चंद्र शर्मा व महेश कुमार लखेड़ा, रुद्रप्रयाग थाने में तैनात निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली, पौड़ी गढ़वाल में तैनात संर्पूणानंद गैरोला को जिला देहरादून और टिहरी गढ़वाल में तैनात निरीक्षक रामकिशोर सकलानी व मनीष उपाध्याय, पौड़ी गढ़वाल में तैनात प्रमोद कुमार उनियाल को हरिद्वार जिले में भेजा गया है।