फूलों की घाटी के दीदार को पहुंचे पर्यटक

फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिये खोल दिया गया है। विश्व प्रसिद्ध यह घाटी में पर्यटकों की आमद हमेशा बनी रहती है। इस वर्ष फूलों की घाटी में जाने वाले पर्यटकों को रास्ते व घाटी में हिमखंड के दीदार कर रहे है। विदित है कि फूलों की घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते है।

फूलों की घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते है। 87.5 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैली फूलों की घाटी में जैव विविधता का खजाना है। फूलों की घाटी में हर 15 दिनों में अलग रंग के फूल खिलते हैं। इसलिए इसलिए फूलों की घाटी में पर्यटक बार-बार आने आवाजाही करते हैं। फूलों की घाटी को दो अक्टूबर 2005 को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया था।

फूलों की घाटी की खोज 1931 में कॉमेट पर्वतारोहण के बाद ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रेक स्मिथ ने की थी। वे घाटी की सौन्दर्य से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने ही इस पर वैली ऑफ फ्लावर किताब लिख कर फूलों की घाटी का नामकरण किया। फूलों की घाटी नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी वृजमोहन भारती ने बताया कि फूलों की घाटी पयर्टकों के लिए खोल दी गई है।

फूलों की घाटी के लिए घाघरिया से तीन किमी पैदल चलकर पहुंचा जा सकता है। फूलों की घाटी यात्रा का बेस केंप घाघरिया है। गोविंदघाट से 14 किमी पैदल चलकर घांघरिया पहुंचा जा सकता है। इसके बाद भी लोगों को फूलों की घाटी से उम्मीदें हैं। आपदा में फूलों की घाटी का पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्ष 2017 में फूलो की घाटी मे रिकार्ड तोड़ पर्यटक आए थे। वन विभाग को पर्यटको की अच्छी खासी आमद बढ़ने से आय में इजाफा हुआ था।

दून अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को आईसीसी ने उपयुक्त पाया

आईसीसी के विशेषज्ञों ने देहरादून के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के लिये उपयुक्त पाया है। जिसके बाद यहां तीन जून से अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन किया जायेगा। यह मुकाबला बांग्लादेश व अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के बीच खेला जायेगा। अफगानिस्तान की टीम पूर्व में यहां पहुंच चुकी हैं और दून के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास मैच में हिस्सा भी ले चुकी है। मगर, बांग्लादेश की टीम मंगलवार को यहां पहुंच गयी है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल ही में विशेषज्ञों के दल के साथ स्टेडियम का दौरा किया था। इस दल में आइसीसी के विशेषज्ञ भी शामिल थे जिन्होंने स्टेडियम का जायजा लिया था। विशेषज्ञों ने सभी सुविधाओं का जायजा लेने के बाद खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं के स्तर, मीडिया और प्रसारण जरूरतों को अंतरराष्ट्रीय मैचों के तीनों प्रारूपों के आयोजन के लिए उपयुक्त पाया था और इसे हाल के समय में सर्वश्रेष्ठ स्थलों में से एक करार दिया गया। उत्तराखंड की राजधानी में स्थित यह स्टेडियम पहाड़ियों के बीच स्थित है और इसके आस-पास की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस स्टेडियम में 25 हजार दर्शकों की क्षमता है।

विदित हो कि आइसीसी की ओर से राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का मुआयना करने के लिये टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ 21 मई को दून आए थे। 21 मई की शाम को ही उन्होंने फ्लड लाइट में स्टेडियम का निरीक्षण किया था जबकि उसके अगले दिन वे दोपहर में एक बार फिर स्टेडियम पहुंचे। स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं की बरीकी से जांच करने के बाद श्रीनाथ ने बकायदा फोटो खींचकर भी आइसीसी के अधिकारियों को भेजी थी। वे स्टेडियम में उपलब्ध सभी उपकरणों और खूबसूरती के कायल हुए थे। उसी दिन यह तय हो चुका था कि स्टेडियम को जल्द ही आइसीसी की हरी झंडी मिल जाएगी। 237 करोड़ रुपऐ की लागत से बने इस स्टेडियम में अब शहरवासियों को हर प्रारूप की क्रिकेट देखने को मिलेगी।

इतना सस्ता प्लान किसी अन्य नेटवर्क का भी नहीं

पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्डधारकों को बीएसएनएल कम मूल्य पर एक प्लान उपलब्ध करायेगी। इसके लिये पतंजलि बीएसएनएल कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध करायेगी।

इस प्लान पर 144 रुपये के न्यून शुल्क पर सभी नेटवर्क पर असीमित कॉल, प्रतिदिन 2 जीबी डाटा मिलेगा। साथ ही इसमें कोई रोमिंग चार्ज नहीं होगा और 100 एसएमएस प्रतिदिन करने की सुविधा मिलेगी।

प्लान को जारी करने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव ने बीएसएनएल का सिम लांच किया। इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि बीएसएनएल देश की पूर्ण स्वदेशी टेलीकॉम कंपनी है। कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।

बीएसएनएल मुबई, महाराष्ट्र के डीजीएम गोपाल पाटिल ने कहा कि पतंजलि व बीएसएनएल का संबंध 2010 से है। बीएसएनएल महाराष्ट्र के पीजीएमइबी सुनील कुमार गर्ग ने कहा कि पतंजलि जैसी राष्ट्र-निर्माण के कार्य में संलग्न संस्था से जुड़ना गर्व की बात है। बीएसएनएल उत्तराखंड के मुख्य महाप्रबंधक महक सिंह ने कहा कि पतंजलि ने स्वदेशी अभियान में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

त्रिवेन्द्र सरकार के पॉलीथीन मुक्त एवं जल संरक्षण के प्रयासों की योगी ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के सार्थक प्रयासों के कारण दोनों राज्यों के बीच अनेक मसले सुलझे है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की जमकर तारीफ की। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने भी त्रिवेन्द्र सरकार द्वारा पॉलीथीन मुक्त एवं जल संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि योगी जी की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के मध्य नहरों एवं अलकनन्दा होटल के सम्बन्ध में समझौता हुआ है। अन्तर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम और सुदृढ़ बनाने के लिए दोनों राज्यों के बीच पारस्परिक समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य आपसी तालमेल से शीघ्र ही परिसम्पत्तियों से सम्बन्धित मामलों में निर्णय लेंगे और उनका निस्तारण करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दोनों राज्यों को ज्वाइंट वेंचर बनाकर कार्य करना होगा। जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए दोनों राज्यों को दीर्घकालीन योजना बनानी होगी। जल को संचय करने के लिए वर्षा जल को एकत्रित करना जरूरी है। जल संरक्षण से ईको सिस्टम भी ठीक होगा। जल संरक्षण के लिए दोनों राज्यों को मिल जुलकर प्रयास करने होंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप अलकनन्दा होटल से जुड़ी समस्या का समाधान होकर उत्तर प्रदेश सरकार ने हरिद्वार में उत्तर प्रदेश भवन के नाम पर एक नवीन आवास पर्यटक गृह के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर्यटक आवास का नाम भागीरथी पर्यटन गृह रखा जायेगा। इस आवास को उत्तराखण्ड की वास्तु शैली में बनाया जायेगा। आगामी दो माह में दोनों राज्य परिसम्पत्तियों से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान आपस में बैठकर करेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड जो भी सार्थक पहल करेगा उत्तर प्रदेश की ओर से उसमें पूरा सहयोग दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखण्ड सरकार की पॉलीथीन मुक्त एवं जल संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंगा कि अविरलता एवं निर्मलता को बनाये रखने के लिए हम सबको अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। ‘नमामि गंगे’ केवल सरकार का अभियान न रहे, इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि 2019 में इलाहबाद में होने वाले कुंभ से पहले उत्तर प्रदेश में 15 दिसम्बर 2018 तक सीवरेज एवं नालों के पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए गंगा के किनारे उत्तर प्रदेश के सभी 27 जनपदों के 1556 गांवों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच पिछले 17-18 वर्षों से चल रहे विवादों का निपटारा दोनों राज्य सौहार्दपूर्ण माहौल में किया जायेगा। यह कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को लेकर किया जायेगा।

इस अवसर पर हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री प्रो. रीता बहुगुण जोशी, आदि उपस्थित थे।

चार वर्षों में देश को कई कल्याणाकारी योजनाएं मिलीः त्रिवेन्द्र

केंद्र की मोदी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर राज्य सरकार ने हर्ष जताया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नरेन्द्र मोदी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन चार वर्षों की सफलता की बदौलत आज पूरा विश्व भारत को सम्मान की नजर से देख रहा है। इन चार वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता को कई जन कल्याणकारी योजनाएं दी है।

केन्द्र सरकार के सफल चार वर्षों की उपलब्धियों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा इन चार वर्षों में भारत वर्ष ने आर्थिक, सामाजिक समृद्धि एवं विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है। स्वच्छ भारत मिषन के अंतर्गत देष के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 7.25 करोड से भी अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया। स्वच्छता कवरेज 38 प्रतिषत से बढ़कर 83 प्रतिषत हो गया है। इतिहास में पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब दिया गया। गत 4 वर्षों में सड़क परिवहन में उल्लेखनीय तेजी से कार्य हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के ठेकों में 77 फीसदी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में 38 फीसदी की तेजी आई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिषन के तहत आयुष्मान योजना में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज 15 से 20 फीसदी सस्ता होगा, गरीब परिवारों को पांच लाख तक का बीमा कवरेज दिया जा रहा है। जन औषधि केंद्रों में जरूरी दवाएं 50 प्रतिषत से कम दाम पर उपलब्ध है।

उज्ज्वला योजना मई 2016 को प्रारंभ हुई थी, मात्र दो वर्षों के भीतर ही उज्ज्वला योजना के अंतर्गत चार करोड़ महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस कनेक्षन देकर धुॅआ मुक्त जीवन दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2022 तक सबको आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा 1200 अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया जा चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को व्यापक तरीके से बढ़ाया गया है, जिसके सुखद परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। 12 वर्ष से कम उम्र की बेटियों के साथ दुष्कर्म पर मृत्युदंड की सजा का प्रावधान किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के संकल्प के दृष्टिगत चार वर्षों में केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार संबंधी कोई आरोप नहीं है। जीएसटी से कर प्रणाली एवं कारोबार आसान हो रहा है। प्रधानमंत्री के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का कार्य त्वरित गति से चल रहा है। सौभाग्य योजना के माध्यम से करोड़ घर में बिजली पहुंचाई गई है। आजादी के 70 वर्षों बाद दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत देष के समस्त गांवों में बिजली उपलब्ध कराई गई। उन्होने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने हेतु विषेष प्रयास किए गए हैं। किसानों को उसकी लागत का 1.5 गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। 12.5 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि चाहे वह रोड कनेक्टिविटी हो या हवाई एवं रेल सेवाएं, चाहे ग्रामीण विद्युतीकरण हो या सोलर परियोजना, चाहे वह आर्गेनिक फार्मिंग हो अथवा सहकारिता, नये पर्यटन स्थलों का विकास हो, देहरादून में साईंस सिटी को मंजूरी हो, ऋषिकेष में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेन्शन सेण्टर हो, श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो, नमामिगंगे परियोजना हो राज्य को केन्द्र सरकार ने विकास की यात्रा में सदैव अपने साथ रखा है।

सीएम ने किया पुस्तक प्राचीन व वर्तमान टिहरी का विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भवानी प्रताव सिंह द्वारा संपादित पुस्तक प्राचीन एवं वर्तमान टिहरी का विमोचन किया। टिहरी महोत्सव कार्यक्रम में पहुंच सीएम में 31 करोड़ 95 लाख रूपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

विधानसभा क्षेत्र टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड जाखणीधार के आवासीय भवनों हेतु एक करोड 57 लाख रूपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया गया। विकासखण्ड जाखणीधार के कार्यालय भवन हेतु एक करोड़ आठ लाख 55 हजार रूपये के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इसके अलावा जिन निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। उनमें केन्द्रीय वित्त पोषित योजना ’स्वदेश दर्शन’ के अन्तर्गत कोटी में निर्मित टूरिस्ट पाथवे, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, फ्लोटिंग हट तथा सर्विस सेटअप, चम्बा में मल्टी लेवल कार एवं बस पार्किंग एवं सिराई में ईको लॉज, मल्टीपरपस हॉल तथा यूटिलिटी भवन शामिल है।

मुख्यमंत्री ने भवानी प्रताप सिंह द्वारा सम्पादित पुराना दरबार ट्रस्ट की पुस्तक ’प्राचीन एवं वर्तमान टिहरी’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ज्ञान सिंह नेगी को पेंशन का चैक देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अपने सम्बोधन में कहा कि 16 मई को टिहरी झील में कैबिनेट कराने का जो निर्णय लिया, यह निर्णय भविष्य में पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा देने के लिये ’13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टिनेशन’ की सरकार की परिकल्पना है। जिसमें टिहरी जिले में टिहरी झील को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से टिहरी झील में बड़ा पोटेंशियल दिखता है। इस तरह के आयोजनों से वैश्विक स्तर पर टिहरी झील एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर आयेगा। वेलनेस, योगा टूरिज्म, एडवेंचर, फिल्म आदि के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टिहरी झील राज्य में युवाओं को आर्थिक एवं आध्यात्मिक रूप से भी मजबूत करेगी। उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों को उत्तराखण्ड आने के लिये आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उत्तराखण्ड को प्रकृति द्वारा दी गई इस देन को समझना होगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिये जाने से पर्यटन राज्य की रोजी रोटी का जरिया बनेगा। उन्होंने कहा कि टिहरी महोत्सव के आयोजन से देश व विदेशीयों के लिये टिहरी झील आकर्षण का केन्द्र बनेगी। फ्लोटिंग हट्स यह कि विशिष्ट पहचान है। वॉटर स्पोर्ट्स, पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग एवं अन्य गतिविधियां टिहरी में पर्यटन के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटक स्थलों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है।

फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने की सीएम से मुलाकात, दिये ये सुझाव

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फिल्म निर्माता व निर्देशक से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा मिलने से राज्य की कई प्रतिभाओं को फिल्मों के क्षेत्र में काम करने के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए फिल्मों की शूटिंग के लिये अब शुल्क नहीं लिया जा रहा है। फिल्मों की शूटिंग सम्बन्धित सभी प्रक्रियाओं हेतु सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इससे आकर्षित होकर कई बड़े बैनर के फिल्मकार राज्य में फिल्मों की शूटिंग हेतु आ रहे है। उन्होंने कहा कि एफटीआईआई से उत्तराखण्ड में फिल्म इंस्टीट्यूट के लिए परमिषन ली जायेगी। इसके लिए उन्होंने सचिव/महानिदेषक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आवष्यक कार्यवाही करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसगिृक सौन्दर्य देखकर देष के अधिक से अधिक फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में फिल्मों का निर्माण कर रहे है। इससे उत्तराखण्ड की पहचान देष-विदेष में हो रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों के निर्माण व फिल्मांकन हेतु व्यापक सम्भावनायें है। आवष्यकता है उसको गहराई में देखने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। यहॉ तीर्थ स्थलों के साथ ही साधकों की तपोस्थली भी है। जिसके बारे में इस क्षेत्र के सूदूर अॅचलों में जाने से जानकारी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में फिल्म निर्माण से यहॉं के लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिकी में सुधार होगा।

37 हजार की ऑनलाइन शॉपिंग में मिला पत्थर का टुकड़ा

तीर्थनगरी के एक छात्र ने एक नामी कंपनी से ऑनलाइन कैमरा का आर्डर दिया, जिसके लिये उसने 37450 रूपये की रकम भी ऑनलाइन जमा कर दी। मगर, जब कुछ दिन बाद आर्डर किया हुआ पार्सल घर आया, तो छात्र के होश उड़ गये। उसके पार्सल खोला तो उसमें से 40 ग्राम का एक पत्थर का टुकड़ा निकला। जिसके बाद छात्र ने पुलिस की शरण ली।

मुनिकीरेती में मधुबन आश्रम के पास कैलाश गेट निवासी शुभम झा पुत्र लल्लन झा बीसीए का छात्र है। छात्र के मुताबिक उसने 17 मई को एक नामी अंतराष्ट्रीय कंपनी से ऑनलाइन कैनन ईओएस-200डी का ऑर्डर दिया था। कैमरे की कीमत 37450 रुपये उसने ऑनलाइन जमा भी करा दिए थे। 20 मई को कस्तूरबा गांधी मार्ग दिल्ली स्थित एसएस इंटरप्राइजेज ने ब्लूडॉर्ट कोरियर सर्विस के जरिये भेजा गया पार्सल छात्र को प्राप्त हुआ।

पार्सल की बनावट देख छात्र शुभम को शक हुआ। तो उसने वीडियों रिकॉर्डिंग करते हुए पार्सल को खोला। देखा तो उसमें पत्थर का टुकड़ा निकला। जिसका वजन करीब 40 ग्राम था। शुभम ने पार्सल के साथ आए कागजों के आधार पर डिलीवरी करने वाली एजेंसी को फोन किया। शुभम के मुताबिक तीन बार उक्त नंबर पर घंटी गई, फिर चौथी बार नंबर स्विच ऑफ हो गया। शुभम ने कोरियर कंपनी कार्यालय जाकर शिकायत की, तो उन्होंने इस पार्सल को लेने से इंकार कर दिया।

दोस्तों से पैसे उधार लेकर कैमरा मंगाने वाले शुभम ने पुलिस चौकी जाकर तहरीर दी। थाना मुनिकीरेती के प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि यह भी संभव है कि नामी कंपनी के नाम से किसी अन्य ने यह धोखाधड़ी किया हो। पुलिस मामले से जुड़े हर पहलु की गहनता से जांच कर रही है।

सीएम ने किया प्रयोगशाला कॉम्पलेक्स का उद्घाटन

राजकीय कन्या इंटर कॉलेज देहरादून में नवनिर्मित प्रयोगशाला कॉम्पलेक्स का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। रोडिक कन्सलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इस आधुनिक प्रयोगशाला के लिए सीएसआर मद से सहायता प्रदान की गई है। कॉम्पलैक्स में फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं बायोलॉजी की अत्याधुनिक लैब खुलने से छात्राओं में बौद्धिक विकास होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रयोगशाला कॉम्पलैक्स के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि आईआईटी मुम्बई के इंजीनियरों द्वारा ’के-यान’ नाम से एक ऑल-इन-वन डिवाइस तैयार की गई है। इस डिवाइस से सैकड़ों विद्यालयों में ऑनलाईन माध्यम से एक स्थान से पढ़ाया जा सकता है। के-यान डिवाइस राजपुर रोड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय देहरादून में लगाई गई है, कुछ अन्य स्कूलों में भी यह डिवाइस लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रयासरत है। उत्तराखण्ड में 12 छात्र-छात्राओं पर एक अध्यापक तैनात है, यह स्थिति अन्य राज्यों से काफी अच्छी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के छह माह बाद उन्होंने आईएएस अधिकारियों को स्कूलों में भेजकर स्कूलों की जरूरतों एवं मूलभूत आवश्यकताओं की जानकारी लेने को कहा। आईएएस अधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना। अधिकारियों के भ्रमण के दौरान स्कूलों की आवश्यकताओं से सबंधित अनेक सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक उपकरणों से युक्त इस लैब की स्थापना से छात्राएं विज्ञान एवं तकनीक के प्रायोगिक पहलुओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगी।

पिथौरागढ़ के रमेश पर लगा भारत विरोधी संगठनों के संपर्क में होने का आरोप

डीडीहाट के रमेश कन्याल नामक युवक पर भारत विरोधी संगठनों के संपर्क में रहने के आरोप लगे है। खुफिया विभाग के अलर्ट होने के बाद यूपी एटीएस ने युवक को दबोच लिया और अपने साथ ले गयी है। युवक पर पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय में रसोईया बनकर भारत विरोधी संगठनों के संपर्क में बने रहने का आरोप लगा है।

पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट तहसील के गराली गांव निवासी रमेश सिंह कन्याल (43) पुत्र आन सिंह कन्याल 2015 में पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के उच्चायुक्त कार्यालय में रहा था। वह एक भारतीय अधिकारी के साथ रसोइया बन कर गया था। पाकिस्तान में वह दो साल पांच माह रहने के बाद सितंबर 2017 को भारत लौट आया। इसके बाद अपने गांव गराली आ गया। यहां आने के बाद तहसील बंगापानी के अंतर्गत पड़ने वाले नेपाल सीमा से सटे बलमरा गांव में सस्ते गल्ले की दुकान खोल ली।

लखनऊ एटीएस की एक टीम ने डीडीहाट कोतवाल धीरेंद्र कुमार को साथ लेकर रात्रि के समय रमेश को उसके किराए के कमरे से उठा लिया। डीडीहाट थाने में ही कागजी कार्यवाही पूरी कर यूपी एटीएस उसे साथ ले गई। एटीएस टीम ने इस बारे में कुछ भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया। डीडीहाट पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में रहने के दौरान रमेश वहां सक्रिय भारत विरोधी संगठनों के संपर्क में था। पाक में तैनात भारतीय अधिकारी के साथ वह भी भारत आता रहता था। यूपी एटीएस की पिछले तीन माह से उस पर नजर थी। लोकेशन मिलते ही तीन दिन पूर्व यूपी एटीएस की टीम इंस्पेक्टर मंजीत सिंह के नेतृत्व में डीडीहाट पहुंची। एटीएस ने लखनऊ पुलिस में रमेश के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई थी।’

रमेश सिंह अपने गांव गराली में रहता था। इसके माता-पिता अपने खेतार कन्याल स्थित मूल गांव में रहते हैं। अपने दो बच्चों को पढ़ाने के लिए रमेश सिंह ने डीडीहाट के जीआइसी रोड में भी कमरा किराए पर लिया है। बीते दो-तीन दिनों से यह डीडीहाट में ही था।