श्री भरत मंदिर के तीसरे महंत बने वत्सल प्रपन्न शर्मा, नगर में उत्साह

हृषीकेश नारायण श्री भरत मंदिर गद्दी पर महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा तीसरे महंत के रूप में विराजमान हुए। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज की अध्यक्षता में आयोजित पट्टाभिषेक महोत्सव में साधु समाज सहित नगर के तमाम लोगों ने शिरकत की। जनप्रतिनिधियों, समाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों सहित आम नागरिकों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

शुक्रवार को पट्टाभिषेक महोत्सव वैष्णव परंपरा के साथ आयोजित किया गया। ब्रह्मलीन महंत अशोक प्रपन्नाचार्य के गुरुस्थान से महंत हरिनारायणचार्य महाराज, डा. रामकमल दास वेदांती महाराज, उत्तराखंड पीठाधीश्वर कृष्णाचार्य महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, हनुमंत पीठाधीश्वर स्वामी डा. रामेश्वरदास महाराज, जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा को महंताई की चादर ओढ़ाकर पट्टाभिषेक किया। 
बीते आठ जुलाई को श्री भरत मंदिर के महंत अशोक प्रपन्नाचार्य ब्रह्मलीन हो गए थे। उनके बाद से ही श्री भरत मंदिर की गद्दी का स्थान रिक्त चल रहा था।

एक नजर महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा पर…
ऋषिकेश। 15 जनवरी 1983 को महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा का जन्म स्व. महंत अशोक प्रपन्नाचार्य व निशा शर्मा के घर हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा द दून स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने मास्टर आफ बिजनेश एडमिनिस्ट्रेटर किया। अपने छोटे भाई वरूण शर्मा के साथ उन्होंने बाल्यावस्था में स्वामी अहोवल मठ में वैष्णव परंपरा की दीक्षा वर्ष 1995 में ग्रहण की। विन्रम स्वभाव के वत्सल शर्मा शुरूआत से ही स्व. पिता महंत अशोक प्रपन्नचार्य के साथ श्री भरत मंदिर प्रबंधन के साथ जुड़े रहे।

कार्यक्रम में यह भी रहे मौजूद
ऋषिकेश। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर अनिता ममगाई, अखाड़ा परिषद के महामंत्री महामंडलेश्वर हरिगिरी, निर्मल आश्रम के महंत राम सिंह महाराज, महंत जोध सिंह महाराज, झंडा दरबार देहरादून के महंत देवेन्द्र दास महाराज, तुलसी मानस मंदिर हरिद्वार के महंत महामंडलेश्वर अर्जुनपुरी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महाराज, दक्षिणकालीपीठाधीश्वर महामंडलेश्वर कैलाशनंद ब्रह्मचारी, अवधूत बाबा अरूण महाराज, भरत मिलाप आश्रम के परमाध्यक्ष महंत रामकृपालुुदास महाराज, रामानंदाश्रम के परमाध्यक्ष महंत अभिरामदास महाराज, कैलाश पीठाधीश्वर मुनिकीरेती के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर दिव्यानंद महाराज, हरिहर पीठाधीश्वर हरिद्वार आश्रम के महंत प्रेमानंद महाराज, शिवानंद आश्रम के अध्यक्ष योग स्वरूपानंद महाराज, रामतपस्थली ब्रह्मपुरी परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज, महामंडलेश्वर ईश्वरदास महाराज, महंत अखंडानंद महाराज, महंत हरिनारायण महाराज, महंत विश्वेश्वरानंद महाराज, मौनीबाबा महाराज, श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा, स्वामी पदभनामानंद महाराज आदि शामिल रहे।

ट्रांसपोर्ट में पॉलिथीन की खेप सप्लाई करने पहुंचा ट्रक, निगम ने पकड़ा

नगर निगम ने एक ट्रक से साढ़े 13 कुंतल पॉलिथीन पकड़कर ट्रक सीज कराया है। ट्रक जिस विजय लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के यहां पॉलिथीन लेकर पहुंचा था। उसके स्वामी पर निगम ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही एक अन्य जगह छापेमारी के दौरान निगम की टीम ने एक कुंतल पॉलिथीन जब्त की है। इसमें दुुकान स्वामी पर 10 हजार रुपये का चालान किया है।

जानकारी के अनुसार, यूपी15एपी-8923 नंबर का ट्रक लाजपतराय मार्ग पर पहुंचा था। निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत ने ट्रक चालक से पूछताछ की। चालक ने बताया कि ट्रक में पॉलिथीन है, जिसे वह विजय लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के यहां सप्लाई करने पहुंचा है। इस पर निगम की टीम मौके से ट्रक सहित चालक को लेकर घ्नगर निगम पहुंचे। यहां ट्रक के सामान बाहर निकालने पर 54 बैग निकले। नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि ट्रक के भीतर 54 बैग में साढ़े 13 कुंतल पॉलिथीन पाई गई है। चालक के अनुसार यह पॉलिथीन दिल्ली से विजय लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के यहां देनी थी। इस कारण उक्त ट्रांसपोर्ट के स्वामी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।

दूसरी ओर, सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत और टीम ने पुष्कर मंदिर मार्ग पर अभियान चलाया। अभियान के दौरान यहां एक दुकान से एक कुंतल पॉलिथीन पाई गई। जिसे कब्जे में लेकर दुुकान स्वामी पर 10 हजार रुपये का जुमाना वसूल किया है।

विरोध जताने का नया तरीका, कांग्रेस ने सड़क के गड्ढ़ों में रोपे पौधे

वीरपुर खुर्द में तालाब बनी सड़कों की चपेट में आकर आए दिन दुर्घटना घट रही है। लिहाजा, इस मार्ग की जिम्मेदार विभाग सुध लेने को तैयार नहीं है। स्थानीय लोग कई बार मामले को उठा भी चुके है। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां बने गड्ढों में धान के पौधे रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया।

दरअसल, नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत करीब डेढ़ साल से यहां सीवर लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। नमामि गंगे की ओर से सीवर लाइन तो बिछा दी गई। पीडब्ल्यूडी ने यहां सड़क बनानी हैं, मगर एक साल बीतने को हैं, अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कांग्रेस के पूर्व सचिव दीपक जाटव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार, पीडब्ल्यूडी के खिलाफ नारेबाजी की। तालाब बनी सड़क पर खड़े होकर कार्यकर्ताओं ने यहां धान के पौधे तक रोप डाले। विरोध करने वालों में प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, जयपाल बिट्टूू, सरोज देवराड़ी, नीरज चौहान, राजेश गोयल, गौतम नौटियाल, हरिराम वर्मा, इमरान सैफी, सीताराम सेमवाल, जगदंबा रतूड़ी, दाताराम नौटियाल, गोविंद सरीर, सुनील, जगतपाल रावत आदि उपस्थित रहे।

मास्क न पहनने पर एक लाख लोगों पर हुई कार्यवाही

अशोक कुमार, महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था ने बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन में प्रदेश में अभी तक सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन पर 9497, मास्क न पहनने पर 105544, क्वारंटाइन का उल्लंघन करने पर 765, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर 211 व्यक्तियों पर अभियोग पंजीकरण और चालान की कार्यवाही की गयी है। साथ ही पुलिस एक्ट के अर्न्तगत 1.68 करोड़, एमवी एक्ट के अन्तर्गत 5.60 करोड़, डीएम एक्ट व माहमारी विनियमावली के अन्तर्गत 99.33 लाख कुल 8.28 करोड़ रूपए का संयोजन शुल्क जुर्माना वसूला गया है।’

एहतियातन अभी तक 965 पुलिसकर्मियों को क्वारन्टाइन किया गया, जिसमें से क्वारन्टाइन अवधी पूर्ण करने के पश्चात 820 पुलिसकर्मी वापस ड्यूटी पर वापस आ चुके हैं। साथ ही 29 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजीटिव पाये गए, जिसमें से 09 पुलिसकर्मी स्वस्थ होकर वापस ड्यूटी करने लगे हैं। कोरोना वायरस को हराकर ड्यूटी पर पहुंचे इन 09 पुलिसकर्मियों को पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

किसी भी पंजीकृत अस्पताल में बिना रेफर के असीमित खर्चे पर इलाज की सुविधा

उत्तराखंड के तीन लाख राजकीय कर्मचारी-पेंशनरों को एक सितंबर से असीमित खर्चे पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अटल आयुष्मान योजना के तहत अगस्त में इनके गोल्डन कार्ड बनाने की तैयारी कर ली है। अगस्त के वेतन और पेंशन से उनके अंशदान की कटौती होगी, जो राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के खाते में जमा होगी।
कोरोना महामारी के बीच अगर सब कुछ सामान्य रहा तो प्रदेश के कर्मचारी-पेंशनरों को एक सितंबर से अटल आयुष्मान योजना में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इस योजना का लाभ कर्मचारी-पेंशनरों के परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 31 जुलाई 2020 तक सभी कर्मचारी-पेंशनरों से गोल्डन कार्ड बनाने के लिए परिवार के सदस्यों का ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद अगस्त में गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। कार्ड बनाने के लिए प्राधिकरण की ओर से गाइडलाइन जारी की जाएगी। प्राधिकरण की ओर कार्ड बनाने के लिए निजी कंपनी को भी अधिकृत किया जाएगा, जिससे कर्मचारी-पेंशनरों के कार्ड आसानी से बन सकें।
योजना के तहत कर्मचारी, पेंशनर और उनके परिजनों को किसी भी पंजीकृत अस्पताल में बिना रेफर के असीमित खर्चे पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इलाज पर व्यय होने वाली राशि के लिए कोई सीमा तय नहीं है। ओपीडी और आईपीडी दोनों में इलाज उपलब्ध होगा।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना में कर्मचारी-पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू करने को एक सितंबर की तारीख प्रस्तावित की गई है। अगस्त में कार्ड बनाए जाएंगे और अगस्त के वेतन से ही अंशदान लिया जाएगा।

रमेश भट्ट के नए गीत का टीजर लांच, ’’मेरी शान उत्तराखण्ड’’ स्वरोजगार अपना रहे युवाओं को समर्पित

कोरोना संकट के बीच अपने घर लौटे प्रवासियों के उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट का गीत जल्द ही सामने आने वाला है। रमेश भट्ट ने ‘मेरी शान उत्तराखण्ड’ नाम के गीत का एक टीजर अपने फेसबुक पेज पर डाला है, जिसे बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

जय जय हो देवभूमि गीत से धूम मचा चुके रमेश भट्ट का नया गीत ‘मेरी शान उत्तराखण्ड’ बेहद ही खास है और यह जल्द ही सामने आने वाला है। फिलहाल इस गीत के पोस्ट प्रोडक्शन का काम चल रहा है।

इस गीत की खासियत ये है कि इस गीत में कोरोना संक्रमण के चलते घर लौटे प्रवासियों को नई दिशा मिलेगी। देवभूमि उत्तराखंड की महिमा का वर्णन करते हुए रमेश भट्ट ने इस गीत के माध्यम से प्रदेश युवाओं से स्वरोजगार अपनाने और अपनी माटी को संवारने की अपील की है। गीत के बोल हर उत्तराखण्डी में जोश भरने वाले हैं।

फेसबुक में लिंक को देखने के लिए यहां क्लिक करें…
https://www.facebook.com/947292551970436/posts/3451340721565594/

खासतौर से युवाओं से किया गया आह्वाहन स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। रमेश भट्ट का कहना है कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो संकल्प लिया है, वो हर भारतीय को प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने भी कोरोना संकट को अवसर मानते हुए स्वरोजगार के लिए गंभीर प्रयास किए हैं। इन्हीं बातों को सोचकर ये ख्याल आया कि क्यों न घर लौटे युवाओं को प्रेरित किया जाय। उनमें जोश भरा जाय, ताकि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी यहां के काम आ सकें, मैं समझता हूं, गीत संगीत इस संदेश को पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उत्तराखण्ड में वो तमाम संसाधन, वो तमाम खूबियां मौजूद हैं जिनका सही इस्तेमाल करके हम उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर बना सकते हैं, ऐसी ही सोच मुख्यमंत्री की भी है। हम सब आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लिए संकल्पित हैं।*

अजय ढौंडियाल के निर्देशन में तैयार हो रहे इस गीत के बोल स्वयं रमेश भट्ट ने लिखे हैं, जबकि ईशान डोभाल ने संगीत तैयार किया है। सिनेमैटोग्राफी संदीप कोठारी ने की है। जल्द ही शिल्पा प्रोडक्शन के बैनर तले यह गीत सबके सामने होगा।

सस्ती दरों को मिलेंगी कर्मचारियों को मिलेंगी रोजमर्रा की वस्तुएं

उत्तराखंड सरकार का सहकारिता विभाग राज्य के पांच लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ पहुंचाने जा रहा है। उत्तराखंड राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को विभाग पुनर्जीवित करने जा रहा है। इसमें कर्मचारियों को रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली वस्तुएं सस्ती दरों पर मिल सकेंगी। इस योजना का शुभारंभ जुुलाई माह में होगा। 

योजना के तहत उत्तराखंड राज्य कर्मचारी कल्याण निगम ने सृष्टि डिपार्टमेंटल स्टोर से एमओयू कर लिया है। अनुबंध की शर्तों के तहत राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों, निकायों के कर्मचारियों को स्टोर में उपलब्ध छूट के अतिरिक्त न्यूनतम ढाई प्रतिशत से लेकर पांच प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके लिए कर्मचारियों को एक कार्ड जारी किया जाएगा। अभी यह फायदा कर्मचारियों को देहरादून में सृष्टि के डिपार्टमेंटल स्टोर से मिलेगी। अगस्त तक इस योजना को प्रदेश के अन्य जिलों में भी ले जाने की योजना है। श्रीनगर और हरिद्वार से बोर्ड ऑफ गर्वनर को भी प्रस्ताव मिल गए हैं। 
2400 से अधिक प्रोडेक्ट की रेंज सृष्टि डिपार्टमेंटल स्टोर के पास उपलब्ध है। इसमें ग्रोसरी से लेकर फैशन, किचन सहित अन्य सामान उपलब्ध हैं। अधिकारियों के मुताबिक सृष्टि का सेल आउटपुट करीब ढाई करोड़ रुपये प्रति माह है। 

17 प्रतिशत अधिकतम छूट सामान के खरीदने पर कर्मचारियों को मिलेगी। स्टोर को कहा गया है कि वह ढाई से पांच प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट उपलब्ध कराए। मतलब ये कि स्टोर अगर दस प्रतिशत की छूूट अपने ग्राहकों को दे रहा है तो वह कर्मचारियों को न्यूनतम 12.5 प्रतिशत की छूट देगा जो अधिकतम 17 प्रतिशत तक हो सकती है। 2015 में इस निगम का गठन किया गया था। उस समय अपर मुख्य सचिव इसके अध्यक्ष थे। तक से यह निगम बंद था। अब सहकारिता सचिव को इस निगम का अध्यक्ष और अन्य विभागों के सचिवों को सदस्य बनाया गया है। 

गंगानगर को अब कहा जाएगा शहीद प्रदीप सिंह रावत द्वार

गंगानगर के मुख्य द्वार पर शहीद प्रदीप सिंह रावत के नाम का द्वार स्थापित हो गया है। इसी के साथ इस गंगानगर को अब शहीद प्रदीप सिंह रावत द्वार के नाम से जाना जाएगा। 12 अगस्त को शहीद की दूसरी पुण्यतिथि पर इस द्वार का लोकार्पण विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल करेंगे।

बता दें कि 12 अगस्त 2018 को उड़ी सेक्टर में तैनात तीर्थनगरी के बहादुर जाबांज प्रदीप रावत पुत्र कुंवर सिंह रावत वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी शहादत पर पूरी तीर्थनगरी सहित उत्तराखंड गमगीन हुआ था। शहीद की अंतिम यात्रा में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जो घर से निकलकर नमन करने न आया हो। शहीद की अंतिम यात्रा में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उनके घर अपर गंगानगर के मार्ग को शहीद प्रदीप रावत द्वार बनाने की घोषणा की थी। शहीद की पहली पुण्यतिथि 12 अगस्त 2019 को विस अध्यक्ष ने इस द्वार का शिलान्यास किया था। एक साल के भीतर यह द्वार बनकर तैयार हो गया है। अब दूसरी पुण्यतिथि के दिन इस द्वार का लोकार्पण किया जाना है। लोकार्पण के साथ ही अपर गंगानगर को लोग शहीद प्रदीप रावत द्वार के नाम से जानेंगे।

एक नजर शहीद प्रदीप रावत पर…
ऋषिकेश। 10 अक्टूबर 1990 को सैनिक कुंवर सिंह रावत के परिवार में हुआ। तीन बहनों के एकलौते भाई प्रदीप ने प्रारंभिक शिक्षा भगवती देवी पूर्णानंद महाराष्ट्र निवास सरस्वती शिशु मंदिर से की। इसके बाद कक्षा छह से उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर आवास विकास तथा 12वीं की परीक्षा उन्होंने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से उत्तीर्ण की। 19 मार्च 2010 में उन्होंने सेना में दाखिला पाया। 10 अक्टूबर 2013 को स्पेशल फ्रन्टियर फोर्स में उनका चयन किया। 02 अप्रैल 2017 में उनकी तैनाती उड़ी सेक्टर में हुई। इसके बाद 12 अगस्त 2018 को वह सीमा पर शहीद हो गए।

कैबिनेट के 21 अहम फैसलों पर मुहर, जानिए पूरी खबर

राज्य सचिवालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में 21 अहम फैसलों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई। कैबिनेट निर्णय की जानकारी शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दी।

1. श्रीकोट सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज के लिए 0.326 हैक्टेयर पटटे पर दी गई भूमि का नजराना और मालगुजारी को निशुल्क करने का निर्णय लिया गया।

2. कैम्पा योजना निधि प्रबन्धन के लिए विभागीय ढ़ांचा 29 पद की मंजूरी।

3. उत्तराखण्ड राज्य परिवहन निधि नियमावली 2020 में संशोधन करते हुए प्राप्त धनराशि सीधे ट्रेजरी में लेने के निर्देश।

4. उत्तराखण्ड स्टोन क्रेशर प्लांट, मोबाईल, हॉट मिक्स प्लांट निति 2020 के अन्तर्गत कृषि मंत्री की संस्तृति के आधार पर गंगा नदी के किनारे 1.5 कि0मी0, मैदानी नदी के किनारे 1 कि0मी0, बरसाती नदी के किनारे 500 मीटर तक प्लांट लगाने की अनुमति दी गई।

5. उत्तराखण्ड खनिज अवैध खनन भण्डारण नियमावली 2020 को अनुमति। शासन स्तर से जिलाधिकारी स्तर पर अधिकार दिया गया। मोबाईल स्टोन क्रेशर हेतु दो वर्ष, रिटेल भण्डारण हेतु पांच वर्ष की अनुमति। लाइसेंस शुल्क 25,000 हजार। क्रय विक्रय नगद पर प्रतिबंध।

6. औद्योगिक नियोजन आर्दश नियमावली 1992 के तहत कर्मकारों को रखने के लिए नियत अवधि नियोजन कर्मकार नियमावली 2020 लाया गया।

7. उद्योग विभाग में उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नियमावली को मंजूरी। विभागीय चयन समिति के स्थान पर समुह ग के अन्तर्गत पद पर चयन उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से होगा।

8. ऋषिकेश भोगपुर मैसर्स गंगा डिजायन स्टूडियों फर्म के न्यूनतम मार्ग में छूट दी गई।

9. देहरादून अर्बन सिलींग होम हेतु एमडीडीए को स्थानांतरित भू उपयोग भूमि के लिपिकीय त्रुटि में सुधार।

10. मुख्यमंत्री राहत कोष में प्राप्त धनराषि में पारदर्शिता के लिए वित्त विभाग के अधिकारी को रखा जायेगा। अभी तक 15 मार्च से 26 जून 2020 तक कुल 154 करोड़ 56 लाख रूपये प्राप्त किया गया। इनमें से 85 करोड़ 60लाख व्यय किया गया।

11. राज्य सरकार के कल्याणकारी नीति के प्रचार प्रसार हेतु भारत सरकार की एजेंसी ब्राडकास्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंट लि0 से अनुबंध किया गया।

12. उत्तराखण्ड विज्ञापन अनुश्रवण समिति में भारतीय प्रेस परिषद् के सदस्य के स्थान पर वरिष्ठ पत्रकार को लेने की अनुमति।

13. श्रम विभाग में इएसआई चिकित्साधिकारी के लिए प्रेक्टिस भत्ता की अनुमति।

14. एकीकृत आर्दश कृषि ग्राम योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंजूरी। 95 ब्लॉक में 95 ग्राम पंचायत का चयन करके 100 कृषकों हेतु 10 हैक्टेयर का क्लस्टर बनेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत को 15 लाख रूपये सीड मनी के रूप में दिया जायेगा।

15. अमृतसर, कलकता इंडस्ट्रीयल समेकित निर्माण समूह, उधम सिंह नगर में, फिल्म सिटी, साईबर पार्क, एसइजेड के लिए तीन हजार एकड़ भूमि में से प्रथम चरण के लिए एक हजार एकड़ भूमि दी जायेगी।

16. राज्य सरकार की भूमि के आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा निलामी न्यूनतम बाजार मूल्य के आधार पर आवंटन प्रक्रिया की जायेगी। पर्यटन, उद्योग, पेयजल व उर्जा इत्यादि विभाग को सूखा अधिकार के तहत सर्किल रेट पर भूमि दी जायेगी लेकिन इसका प्रयोग सार्वजनिक कार्यो के लिए भी होगा।

17. ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व में 2220 रूपये जल संयोजन को कम करके केवल 1 रूपये संकेत के रूप में लेने का निर्णय लिया गया है।

18. कोविड स्वास्थ्य सेवा एवं मेडिकल कॉलेज भर्ती के लिए 1020 नर्सिंग स्टाफ को तत्काल भरने का निर्णय लिया गया है।

19. नर्सिंग शिक्षक सेवा नियमावली को मंजूरी।

20. दीनदयाल उपाध्याय सहकारी कृषक कल्याण योजना के ऋण सीमा शुन्य प्रतिशत पर बढ़ाकर 1 लाख से 3 लाख किया गया। इसके अन्तर्गत 3 लाख 68 हजार कृषक, 1247 स्वंय सहायता समुह लाभान्वित होंगे।

21. विधानसभा सदस्यों के लोन लेने की नियमावली संशोधन किया गया।

एक्टिव मामलों में कमी लेकिन हम और सतर्क रहना होगाः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोविड-19 के एक्टीव मामलों में कमी होने पर भी लगातार सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की शिथिलता न हो। शनिवार को मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम तथा बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारी रिकवरी रेट 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मृत्यु दर को कम करने पर विशेष ध्यान देना होगा। गम्भीर मामलों पर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं लगातार नजर रखें। ऐसे मामलों में अविलम्ब रेस्पोंस सुनिश्चित किया जाए। लगातार सर्विलांस किया जाए और संदिग्ध मामलों में सेम्पलिंग जरूर की जाए।

एक्टीव मामलों में कमी आई, पर किसी तरह की ढ़िलाई न आए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग 4 माह में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए काफी काम किया गया है। इसी का परिणाम है कि वर्तमान में प्रदेश में कोरोना का रिकवरी रेट 81 प्रतिशत से अधिक है और यह निरंतर बढ़ रहा है। हमारे यहां एक्टीव मामलों की संख्या 500 से भी कम हो गई है। परंतु अभी आराम का समय नहीं है। सतत सतर्कता बनाए रखनी है। कान्टेक्ट ट्रेसिंग और क्वारेंटाईन सेंटरों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डेथ ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित की मृत्यु के कारणों का विश्लेषण कर देखा जाए कि कहां-कहां सुधार किए जाने की जरूरत है। क्लिनिकल मैनेजमेंट में गम्भीरतम मामलों पर उच्च स्तर से मॉनिटरिंग की जाए।

आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समय पर मिले मानदेय
आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आदि फ्रंटलाईन वर्कर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में हमारे प्रमुख योद्धा हैं। इनके मानदेय के भुगतान में किसी प्रकार का विलम्ब नहीं होना चाहिए। साथ ही इन्हें फेस शील्ड, सेनेटाईजर आदि उपलब्घ करवाना सुनिश्चित किया जाए।

मास्क व फिजीकल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। आई.सी.यू., वेंटिलेटर, टेस्टिंग मशीन व लेब आदि सुविधाओं में भी काफी वृद्धि हुई है। लोगों को लगातार जागरूक करने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क व फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से कराया जाए। कोविड-19 को लेकर भ्रामक व गलत समाचार प्रसारित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोराना से ठीक हुए लोगों के अनुभवों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में साझा किया जाए ताकि आम जन में इसके प्रति जागरूकता आए।

बुजुर्गो और गम्भीर बीमार व्यक्तियों के हेल्थ स्टेटस की लगतार मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि कोविड-19 को लेकर किसी भी प्रकार का निर्णय बहुत सोच समझकर लिया जाता है। प्रदेश में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। अन्य बहुत से प्रदेशों से हमारी स्थिति बेहतर है। परंतु अभी भी हमारे प्रयासों में किसी प्रकार की ढ़िलाई नहीं आनी चाहिए। कान्टेक्ट ट्रेसिंग में कमी न रहे। कोविड-19 के प्रति संवेदनशील बुजुर्गो, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों को टार्गेट करते हुए उनके हेल्थ स्टेटस को लगातार मॉनिटर किया जाए। जो भी डाटा प्राप्त होता है, जिलाधिकारी भी उसका विश्लेषण कर देखें कि उनके जिले में कहां कमियां रही हैं। उनमें सुधार किया जाए। कोविड-19 के साथ ही डेंगू पर भी ध्यान देना है। बरसात के सीजन को देखते हुए भी सभी तैयारियां कर ली जाएं।

विभिन्न मानकों पर राज्य की स्थिति बेहतर
सचिव अमित नेगी ने बताया कि राज्य में कोविड-19 के कुल एक्टीव केस 500 से भी कम रह गए हैं। पिछले सात दिन में कोरोना की वृद्धि दर 0.56 प्रतिशत है जबकि भारत में यह 1.28 प्रतिशत है। उत्तराखण्ड में पॉजिटीविटी रेट 4.68 प्रतिशत है और देश में औसत पॉजिटीविटी रेट 6.73 प्रतिशत है। राज्य में कुल पॉजिटिव मामलों में से 89 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में और 11 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में पाए गए हैं। सेम्पलिंग में भी पहले की तुलना में लगातार बढ़ोतरी हुई है। राज्य की डबलिंग रेट 57.39 दिन है जबकि देश की डबलिंग रेट 23.52 दिन है।

आईसीयू, वेंटीलेटर व आक्सीजन सपोर्ट की पर्याप्त उपलब्धता
कोविड केयर सेंटरों में वर्तमान में 22601 रिक्त बेड उपलब्ध हैं। कोविड फेसिलिटी में 1126 आक्सीजन सपोर्ट बेड, 247 आईसीयू बेड और 159 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। जिलों को सेम्पलिंग के लिए 16 ट्रू-नेट मशीन उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। जिलों की आवश्यकता के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कान्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए तीन राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम कार्यरत
आईजी संजय गुन्ज्याल ने बताया कि प्रदेश में कान्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए तीन कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं। देहरादून, उत्तरकाशी व टिहरी के लिए देहरादून कंट्रोल रूम, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली और रूद्रप्रयाग के लिए हरिद्वार कंट्रोल रूम और कुमायूं मण्डल के सभी जिलों के लिए रामनगर कंट्रोल रूम कार्य कर रहा है। सभी 13 जिलों में कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए बीआरटी और सीआरटी सक्रिय हैं। हर जिले में इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी तैनात है।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, आयुक्त कुमायूं अरविंद सिंह ह्यांकि, सचिव डा. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. अमिता उप्रेती सहित सभी जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।