देश की नजर आज उत्तराखंड परः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता मिलन हॉल में उत्तराखण्ड सरकार एवं वर्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के तत्वावधान में उद्यमियों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ आयोजित आर्थिक परिचर्चा में प्रतिभाग किया। उन्होंने उद्यमियों का आभार व्यक्त कर कहा कि इस परिचर्चा से प्रदेश में पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, आईटी, कृषि आदि के क्षेत्र में हुए मंथन का लाभ प्रदेश को मिलेगा तथा विकास के प्रति हमारी सोच को नया दायरा मिलेगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री केदारनाथ के कपाट खुलने व बन्द होने के समय दो बार श्री केदारनाथ आये। उनकी सोच स्पष्ट है कि दुनिया के 120 करोड़ हिन्दू उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर आना चाहते है। इसके लिये इस देवभूमि में सड़क, रेल व वायु परिवहन सेवाओं का बेहतर होना आवश्यक है, इसी दिशा में उन्होंने 12 हजार करोड़ रूपये ऑल वेदर रोड, 13 हजार करोड रूपये भारतमाला योजना तथा 1600 करोड रूपये ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिये स्वीकृत किये है, जिस पर कार्य तेजी से किया जा रहा है।
जॉलीग्रांट हवाई अड्डे को एलीवेटेड रूप में विस्तार कर इसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही पंतनगर हवाई अड्डे, चिन्यालीसौड, नैनी सैनी हवाई पट्टियों के विस्तारीकरण के साथ ही चौखुटिया में नई हवाई पट्टी बनायी जायेगी। उत्तराखण्ड में भविष्य के पर्यटन का आधार तैयार किया जा रहा है।

कई फिल्मों का फिल्मांकन यहां पर किया जा रहा है। इसके लिये सूटिंग फीस को माफ किया गया है। जनपद चमोली के सीमांत गांव घेस व हिमनी को वाई-फाई सुविधा से जोडा गया है। 36 अस्पताल व ब्लड बैंको, दवा स्टोरों को ऑनलाइन किया गया है। टेली मेडिसिन से जुडे अस्पतालो को अपोलो अस्पताल से जोडा गया है। जहां से विशेषज्ञ डॉक्टरो का परामर्श प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 144 ई-अस्पतालों में से 47 उत्तराखण्ड में है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकि के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र की कमियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 03 साल के अन्दर प्रदेश के सभी गांवों को ऑप्टीकल फाइवर से जोडने का हमारा प्रयास है, इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोग देश व दुनिया को देख सकेंगे।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड सदियो से साधको मनीषियों व पर्यटको के आर्कषण का केन्द्र रहा है। प्रदेश में गढवाल व कुमाऊं में 24 धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाये जा रहे है। चारधाम पैदल यात्रा मार्ग की हजारों साल पुरानी परम्परा की शुरूआत की जा रही है। इससे हमारे पड़ाव व चट्टियों को पुनर्जीवित करने तथा पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकल खान-पान व ट्राईवल दूरिज्म को भी बढ़ावा दिये जाने की योजना हमारी है।

जानिए किस प्रशिक्षण के बाद चाइनीज के उत्पादों की हो जाएगी छुट्टी

एलईडी ग्राम लाईट प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ग्राम स्तर तक महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना जरूरी है। इससे पीएम मोदी के बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं अभियान को सफल और सार्थक बनाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुये सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूवात की जा रही है। यदि महिलाएं स्वावलम्बी हो गई तो स्वयं सशक्त हो जायेंगी।

त्रिवेन्द्र ने महिला स्वयं सहायता समूहों से अपेक्षा की है कि इस एलईडी ग्राम लाईट प्रशिक्षण के उपरान्त एलईडी से सम्बन्धित कार्यों में दक्षता प्राप्त कर अच्छा कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्पादों के तैयार होने के साथ ही मार्केटिंग की व्यवस्था की जायेगी।

अब एलईडी के लिए द्वितीय प्रशिक्षण शीघ्र ही कोटाबाग में दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ग्राम पंचायत स्तर पर भी महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु एलईडी ग्राम लाईट प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और ‘चाइनीज’ उत्पादों की खरीद पर भी रोक लगेगी। इन उत्पादों की बिक्री से राजस्व की भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि हमें सभी संसाधनों का सही उपयोग करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को एलईडी उपकरण बनाने के लिए किट का वितरण भी किया। थानो में 10 महिला स्वयं सहायता समूहों की 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।

आज के युवा कल का भविष्यः सीएम

मिलेनियम वोटर्स महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बोले युवा देश का भविष्य है। भविष्य के भारत निर्माण में युवाओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 57 प्रतिशत युवा मतदाता है। यदि सही मार्गदर्शन मिले तो युवाओं में सब कुछ करने की क्षमता है।

एक वैडिंग प्वाइंट में मिलेनियम वोटर्स महाअभियान का शुभारंभ राज्य के सीएम त्रिवेन्द्र ने किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने 09 मिलेनियम दिव्यांग वोटरों को प्रमाण पत्र बांटे। त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड वासियों में ईमानदारी, मेहनत एवं संस्कार की भावना है। जिस प्रदेश के पास इतना अच्छा मानव संसाधन हो, वह सब कुछ करने में समर्थ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए भ्रष्टाचारियों को जड़ से मिटाना होगा। पिछले 11 माह में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचारियों के प्रति कठोर कदम उठाये हैं। एक ही मामले में अभी तक 20 लोग जेल जा चुके हैं। उन्होंने युवाओं को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वं ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सबके वोट का एक ही मूल्य होता है, चाहे वह राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री का हो चाहे एक सामान्य भारत के नागरिक का। इसलिए युवाओं को स्वयं का और अपने वोट के महत्व को समझना जरूरी है।

होली पर त्रिवेन्द्र ने जनता को दी बधाई

होली के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनता से भेंट कर होली खेली। इस दौरान जनता ने उन्हें अबीर व गुलाल भी लगाया। इस मौके पर त्रिवेन्द्र बोले होली का पर्व हमारे सनातन धर्म परंपराओं में से एक पावन पर्व है। जिससे हमें सदैव प्रसन्न व उल्लासित रहने की सीख मिलती है।

मुख्यमंत्री आवास पर होली मिलन कार्यक्रम में जनता ने सीएम त्रिवेन्द्र को रंग लगाकर होली की शुभकामनायें दी। इस पर सीएम ने भी रंगो के पर्व की सभी प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनायें दी। सीएम ने प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य व दीर्घ जीवन, समृद्धि की कामना भी की। त्रिवेन्द्र बोले हमारे अधिकांश त्यौहार खेती, गांव और प्रकृति पर आधारित है। प्रकृति ने हमेशा सृजन का कार्य करती है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों को होली की शुभकामना देते हुये कहा कि किसान अन्नदाता व ग्राम देवता है। किसानों की आय दोगुनी हो, इसके लिये केंद्र की मोदी सरकार वचनबद्ध है। मोदी सरकार ने उनके हित के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई हुयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने होली के पावन पर्व पर राजभवन में राज्यपाल डा. केके पाल से भेंट की और उन्हें होली की शुभकामनाएं व बधाई दी। इस अवसर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी राज्यपाल डा. केके पाल को होली की शुभकामनाएं दी।

सरकार ने नये फायर स्टेशन को दी हरी झंडी

प्रदेश सरकार ने पुलिस मुख्यालय द्वारा फायर स्टेशन संबंधी भेजे गये प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। दुर्गम व रिहायशी इलाकों में लगने वाली आग पर काबू पाने को प्रदेश में अब 33 स्टेशन खोलने की योजना है।

प्रदेश हर वर्ष फायर सीजन में लगने वाली आग में 20 से 25 करोड़ की संपत्ति स्वाहा होने के साथ सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ती है। आग से नुकसान के आंकड़े इसलिए भी आसमान छूते हैं क्योंकि प्रदेश के कई इलाकों में राज्य स्थापना के बाद से अब फायर स्टेशन तक नहीं खोले जा सके। लिहाजा दूरदराज के इलाकों से फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ती है और तब तक यहां आग बेकाबू होकर तांडव मचा चुकी होती है।

इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के उन 33 स्थानों पर फायर स्टेशन खोलने को प्रस्ताव भेजा है, जहां अब तक फायर स्टेशन नहीं खुले हैं। मगर अग्नि दुर्घटनाओं के लिहाज यह इलाके हमेशा संवेदनशील रहते हैं। इसमें गैरसैंण, बद्रीनाथ, श्रीनगर, डोईवाला, चंपावत, त्यूणी व भगवानपुर शामिल हैं, जहां फायर स्टेशन स्थापित करने को सरकार ने हरी झंडी दे दी है।

अब यूपी भी गुजरात मॉडल की राह पर

सीएम योगी के सत्ता संभाले एक साल पूरा होने जा रहा है, योगी सरकार ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर यूपी में इंवेस्टर समिट आयोजित करते हुये देश और उससे बाहर के कारोबारिेयों को यूपी में निवेश करने का आमंत्रण दिया है।

दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चीन सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। लगातार 30 साल तक 10 फीसदी की विकास दर दर्ज करने वाले चीन को आर्थिक शक्ति बनाने में उसके कुछ प्रोविंसेस की अहम भूमिका रही है। देश की जीडीपी में इन राज्यों का सर्वाधिक योगदान भी है। खास बात यह है कि आर्थिक आंकड़ों को देखकर साफ है कि ये प्रोविंस चीन की सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं और इस घनी आबादी के सहारे ही चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हुआ है।

गुजरात मॉडल से उम्मीद

उत्तर प्रदेश में इवेस्टर समिट के लिए सजे मंच से एक के बाद एक शख्सियत और संभावित निवेशकों ने 2003 का वह मंजर याद दिलाया जब गुजरात की कमान संभालने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात की नींव रखी। लखनऊ के मंच पर दावा किया गया कि वायब्रेंट गुजरात समिट ने गुजरात में बड़े निवेश का रास्ता खोलते हुए गुजरात को कारोबार में देश का अग्रणी राज्य बना दिया। लिहाजा इसी तर्ज पर चलते हुए अब उत्तर प्रदेश को देश का अहम वाणिज्यिक क्षेत्र बनाया जाएगा। भारत में जनसंख्या के हिसाब से सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। लिहाजा भारत के लिए चीन जैसी अर्थव्यवस्था को पकड़ने और उसे पछाड़ने के लिए जरूरी है कि भारत में भी आर्थिक विकास के केन्द्र में उत्तर प्रदेश को रखा जाए।

ये कंपनियां देंगी योगदान

यूपी इंवेस्टर्स समिट के मंच से बोलते हुए देश के बड़े उद्योगपतियों ने अगले कुछ वर्षों में हजारों करोड़ के निवेश के साथ-साथ राज्य में लाखों नए रोजगार पैदा करने का दावा किया है। इनमें यदि राज्य के सबसे बड़े निवेशक आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश का दावा किया तो देश के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी ने तीन साल में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक लाख से अधिक नौकरियां देने का दावा किया। वहीं समिट में शिरकत कर रहे अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी ने अगले कुछ वर्षों के दौरान राज्य में अपनी कंपनियों के विस्तार के लिए कुल 45,000 करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया है।

इनके अलावा कई क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश के इवेस्टर समिट के दौरान राज्य में बड़े निवेश का ऐलान किया है। उल्लेखनीय है कि महज डेयरी सेक्टर में नीदरलैंड समेत यूरोप की कंपनियों ने लगभग 500 समझौते करते हुए हजारों करोड़ के निवेश का खाका पेश किया है।

भारत और कनाडा आंतक के विरूद्ध एक साथ

भारत और कनाडा आतंकवाद और अलगाववादी ताकतों से साथ मिलकर लड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की बातचीत के बाद दोनों देशों की ओर से जारी साझा बयान में ये प्रतिबद्धता जताई गई।

साझा बयान में कहा गया है कि आतंकवाद पर काबू पाने के लिए जरूरी है कि आतंकी संगठन में भर्ती रोकी जाए, उनके पास पैसा पहुंचने के रास्ते बंद किए जाए। उनके ठिकानों को ध्वस्त किया जाए और उन्हें कहीं पनाह न मिले, इसका इंतजाम किया जाए।

साझा बयान में भारत और कनाडा ने जिन आतंकवादी संगठनों से लड़ने की बात कही है उनमें अलकायदा, आईएसआईएस, हक्कानी नेटवर्क, एलईटी, जैश-ए-मोहम्मद, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन शामिल है। कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रुडो की मुंबई यात्रा के दौरान जिस जसपाल अटवाल की तस्वीर ने तूल पकड़ा था वो इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन से ही जुड़ा रहा है।

कनाडा में खालिस्तान समर्थकों को लेकर वहां की सरकार के नरम रवैये की वजह से जस्टिन ट्रूडो की यात्रा को लेकर भारत सरकार ने पहले से ही कोई ज्यादा जोश नहीं दिखाया था। बात तब और बिगड़ गई जब पता चला कि ट्रुडो की यात्रा के दौरान खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल न सिर्फ भारत आ गया है बल्कि मुंबई के एक कार्यक्रम में ट्रूडो की पत्नी के साथ फोटो भी खिंचवा चुका है। उसे कनाडा के उच्चायुक्त के घर डिनर में आने का निमंत्रण भी मिल चुका था जिसमें ट्रूडो को शामिल होना था, लेकिन जब भारत ने इसका जोरदार विरोध कराया तब जाकर उसका निमंत्रण रद्द किया गया।

अपनी भारत यात्रा के छठे दिन शुक्रवार को ट्रुडो की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। इस मौके पर मोदी और ट्रुडो गले भी मिले, लेकिन हैदराबाद हाउस में जब दोनों नेता द्विपक्षीय बातचीत का नतीजा बताने के लिए प्रेस से मुखातिब हुए तो साफ दिखा कि उनकी मुलाकात में गर्मजोशी नहीं है।

कनाडा के प्रधानमंत्री की बातों से ऐसा लग रहा था कि वो बोल तो दिल्ली में रहे हैं लेकिन उनका ध्यान कनाडा के लोगों पर ही है और वो उन्हीं को खुश करने में लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में मजबूती से आतंकवाद और कनाडा में खालिस्तान समर्थकों पर लगाम लगाने का मामला उठाया।

मोदी ने कहा, आतंकवाद और उग्रवाद भारत और कनाडा जैसे लोकतांत्रिक, बहुलवादी समाजों के लिए खतरा हैं। इन ताकतों का मुकाबला करने के लिए हमारा साथ आना महत्वपूर्ण है। संप्रदाय का राजनीतिक उद्देश्य के लिए दुरूपयोग करने वालों और बंटवारे की खाई खोदने वालें के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हमारे देशों की संप्रभुता, एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

ट्रूडो ने मोदी को कनाडा आने का न्यौता भी दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रुडो सपरिवार भारत की एक हफ्ते लंबी यात्रा के दौरान कई मौकों पर भारतीय परिधान पहने ही दिखे।

सीएम ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का दर्द किया बयां

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का दर्द बयां करते हुये कहा कि राज्य कीं स्वास्थ्य सेवाओं में अभी बहुत कमियां है। जिस कारण दूरस्त क्षेत्रों में समय पर उपचार न मिल पाने के कारण जच्चा-बच्चा दम तोड़ देते है। हमें इनके प्रति अपनी संवेदना जगानी होगी।

एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं संतोषजनक नहीं। उन्होंने कहा कि दून या किसी अन्य बड़े शहर को देख आपको लगेगा कि सब अच्छा है, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों के लिये भी सरकार उतनी ही जवाबदेह है।

उत्तरकाशी के जखोल गांव और नैनीताल के ओखलखंडा का उदाहरण देते सीएम बोले वहां अब भी महिलाएं सुरक्षित प्रसव की अवधारणा से कोसो दूर हैं। समय से उपचार न मिलने के कारण जच्चा-बच्चा दम तोड़ देते हैं। दुरुह क्षेत्र में रहने वाले इन लोगों के प्रति हमारी संवेदना जागनी चाहिए। हमें दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर इनकी पीड़ा हरनी है।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का सरकार प्रयास कर रही है और इसमें आप सबका सहयोग चाहिये। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र के व्यवसायिक पक्ष पर बोलते कहा कि डाक्टर जब कमाई के पीछे भागता है तो वह कसाई के समान हो जाता है।

उत्तर प्रदेश में बदमाश बोले, अब हम सुधर गये है, हमें जीने दो।

उत्तर प्रदेश में बदमाश अपनी जान के लिये भीख मांगने पर मजबूर है। यहां बदमाश मेहनत व मजदूरी करके घर चलाने की कसम खा रहे है। इन दिनों यहां बदमाशों को अपने हाथ में तख्ती पकड़ पुलिस थानों के चक्कर लगाते हुये देखा जा रहा है।

यूपी में अब गुंडे कहते है, अब हम सुधर गए हैं, हमें जीने दो। योगी राज में दनादन पुलिस मुठभेड़ों से अपराधियों की बोलती बंद हो गयी है। साल भर में 40 बदमाश मारे जा चुके हैं। इसीलिए तो अब अपराधी बेल लेने के बदले जेल में ही रहना चाहते हैं।

इरशाद और सालिम बाबा, दोनों सगे भाई हैं। सालिम बाबा पर सहारनपुर के एक दारोगा की हत्या का आरोप है, जबकि इरशाद पर मर्डर समेत आठ मुकदमे चल रहे हैं। पिछले साल ही पुलिस ने इन्हें मुठभेड़ में पकड़ा था। अब जेल से जमानत पर पिछले ही हफ्ते छूटे हैं। दोनों भाई अपने जान की गुहार लगाते हुए शामली के एसपी के ऑफिस पहुँच गए। दोनों के हाथ में तख्ती थी, जिस पर लिखा था मैं भविष्य में कोई अपराध नहीं करूंगा और मेहनत-मजदूरी कर अपने और परिवार का भरण पोषण करूंगा।

इरशाद और सलमान ने एसपी को एक हलफनामा भी दिया कि वे अब आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। सालिम ने बताया, अब वह एक अच्छे आदमी की तरह अपने परिवार के लिए जीना चाहता है। शामली के एसपी अजयपाल शर्मा अब एनकाउंटर मैन के नाम से जाने जाते हैं। वे यूपी में सबसे अधिक पुलिस मुठभेड़ करनेवाले एसपी बन गए है।

सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनकी पीठ थपथपा चुके हैं। शर्मा ने कहा कि अगर अपराध करनेवालों का मन बदल जाए तो फिर ये एक नई शुरुआत होगी। उत्तर प्रदेश में हर 24 घंटों में तीन एनकाउंटर होते हैं। योगी आदित्यनाथ के राज में अब तक 1152 पुलिस मुठभेड़ हो चुकी हैं। जिसमें 39 ईनामी बदमाश मारे जा चुके हैं। शामली, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़, मेरठ और लखनऊ में सबसे अधिक मुठभेड़ हुई हैं। लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार बताते हैं कि हम लगातार ईनामी अपराधियों का पीछा करते रहते हैं।

यूपी में बीजेपी की सरकार में अब तक 1991 गुंडे पुलिस मुठभेड़ में पकडे जा चुके हैं। एनकाऊंटर में चार पुलिस वाले भी शहीद हुए हैं। सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने गुंडों को राज्य छोड़ कर चले जाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था जो ऐसा नहीं करेंगे उन्हें दुनिया ही छोड़नी पड़ेगी। यूपी पुलिस अब लुटेरों की लिस्ट बना रही है। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है। लुटेरे राह चलते लोगों के मोबाईल, पर्स और गहने छीन लेते हैं, अब उनकी खैर नहीं है।

पुलिस एनकाउंटर के डर से कुछ अपराधियों को तो खुली हवा से अब जेल ही अच्छी लगने लगी है। लखनऊ में एक दारोगा पर गोली चलाने वाला और कई हत्यायों का आरोपी अंशु दीक्षित अब जेल में ही रहना चाहता है। यही हाल सलीम और सोहराब का है। जिसके नाम से ही कभी लखनऊ कांपने लगता था। वे अब जेल से बाहर नहीं आना चाहते हैं। ऐसे बदमाशों को लगता है कि अगर बाहर निकले तो शायद पुलिस हमें ठोंक देगी। इसीलिए यूपी की जेलों में अब नारे लगते है – हमें बेल नहीं जेल चाहिए।

कुछ गुंडे तो अपनी जमानत रद्द करवा कर फिर से जेल पहुँच गए हैं, लेकिन यूपी में कुछ पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ पुलिस अफसर फर्जी एनकाउंटर कर रहे हैं। ऐसे ही दो मामलों में मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस भी भेजा है, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ अपराधियों पर सख्ती के अपने फैसले से टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।

शरीयत में मस्जिद शिफ्ट करने का विकल्पः सलमान

राम मंदिर पर सुलह का फॉर्मूला सुझाने वाले मौलाना सलमान नदवी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निकाले जाने के बाद कहा है कि वे खुद इससे से अलग हो गए हैं क्योंकि वे लड़ाई-झगड़े के पक्ष में नहीं हैं और चाहते हैं कि हिंदू-मुस्लिम एकता और अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए मस्जिद को शिफ्ट किया जाए।

नदवी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में कट्टरपंथी लोगों ने कब्जा कर लिया है। मौलाना नदवी ने कहा, मैं शरीयत के हिसाब से फैसला चाहता हूं और शरीयत में मस्जिद शिफ्ट करने का विकल्प हैै। मैं हिंदू-मुस्लिम एकता की बात कर रहा हूं। दोनों समुदाय मिलकर बात करेंगे। सबसे पहले अयोध्या जाऊंगा। साधु-संतों के साथ मिलकर बातचीत करेंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा मुस्लिम लॉ बोर्ड को प्रतिबंधित करने की मांग पर नदवी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भंग नहीं करना चाहिए।

मुस्लिम बोर्ड के एग्जीक्यूटिव सदस्य थे नदवी

गौरतलब है कि मौलाना नदवी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया था और मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने का फॉर्मूला सुझाया था, जिसके बाद से बोर्ड उनसे नाराज चल रहा था। हैदराबाद में बोर्ड की तीन दिवसीय बैठक के दौरान उन्हें निकालने का फैसला लिया गया। नदवी बोर्ड के एग्जीक्यूटिव सदस्य थे।

नदवी ने रखा मंदिर निर्माण का प्रस्ताव

माना जा रहा है कि मौलाना सलमान नदवी के खिलाफ बोर्ड की कार्रवाई से कोर्ट के बाहर राम मंदिर विवाद को सुलझाने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, बोर्ड की बैठक से पहले मौलाना सलमान नदवी ने राम मंदिर निर्माण को लेकर एक प्रस्ताव रखा था। इसमें उन्होंने बातचीत कर अयोध्या विवाद सुलझाने और मस्जिद के लिए कहीं और जमीन लेने का प्रस्ताव दिया था। नदवी के इस बयान के बाद काफी विवाद हुआ था।

वहीं हैदराबाद में बोर्ड की बैठक हुई। एक तरफ नदवी इस बैठक से ही नदारद दिखे, तो वहीं दूसरी तरफ आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की।

बोर्ड ने साफ कहा कि वह अपने पुराने रुख पर कायम है और मस्जिद के लिए समर्पित जमीन न तो बेची जा सकती, न उपहार में दी जा सकती और ना ही इसे त्यागा जा सकता है।