आज से मंदिर, होटल, रेस्टोरेंट, शाॅपिंग माॅल खोलने की मिली अनुमति

आज से धार्मिक गतिविधियां सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक शुरू होंगी। मंदिरों के बोर्ड, ट्रस्ट या प्रबंधन समितियां सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करवाएंगी। होटल और होम स्टे को खोलने की अनुमति भी दे दी गई है। इसके साथ रेस्टोरेंट और शापिंग मॉल भी सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुल सकेंगे। वहीं, देहरादून नगर निगम क्षेत्र और कंटोनमेंट जोन में किसी भी गतिविधि को शुरू करने की अनुमति शासन ने नहीं दी है।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने होटल, रेस्टोरेंट, शापिंग मॉल और धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की है। जिलाधिकारी अपने अपने जिलों में इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी करने होंगे।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि आठ जून से प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, शापिंग माल और धार्मिक गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके लिए गाइडलाइन जारी की गई है। दिशानिर्देशों के तहत सभी जिले व्यवस्था बनाने के लिए कार्यवाही करेंगे।

होटल को खोलने की दी अनुमति
होटल, होम स्टे आदि सेवाओं को खोलने की अनुमति दे दी है। होटल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश हैं कि कोविड-19 के प्रति संवेदनशील 75 शहरों में से आने वालों की बुकिंग नहीं की जाएगी। देश के अन्य शहरों से आने वाले अतिथियों के लिए सात दिन तक के लिए बुकिंग होगी। होटल को जिला प्रशासन को प्रत्येक गेस्ट की सूचना देनी होगी। होटल प्रबंधन को प्रत्येक व्यक्ति से लिखकर लेना होगा कि वे पर्यटन स्थल या सार्वजनिक स्थल में नहीं जाएंगे। इसके लिए पर्यटन विभाग अलग से एसओपी जारी करेगा।

रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल मालिकों को राहत
सरकार ने रेस्टोरेंट और शापिंग मॉल के मालिकों को राहत देते हुए सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति दे दी है। शापिंग मॉल मालिकों को लिखित में देना होगा कि एयर कंडिशनर चलाने के लिए सीपीडब्ल्यूडी के मानकों का पालन करेंगे। केवल पचास प्रतिशत दुकानें एक समय में खोली जाएंगी। जिला प्रशासन तय करेगा कि अधिकतम कितने लोग मॉल में एक समय में जा सकेंगे। इसके लिए अलग से एसओपी जारी की जाएगी। रेस्टोरेंट मालिकों को सामाजिक दूरी और सर्विस के दौरान टेबल की दूरी को लेकर भी व्यवस्था बनानी होगी।

धार्मिक स्थल खुलेंगे
धार्मिक स्थल सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक ही खुलेंगे। जिला प्रशासन मंदिरों के ट्रस्ट, बोर्ड और प्रबंधन समितियों से सलाह करने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तय करेगा कि एस समय में कितने लोग मंदिर में आ सकते हैं।

देवस्थानम बोर्ड तय करेगा चारधाम यात्रा
प्रदेश सरकार ने चार धाम देवस्थानम बोर्ड को चार धाम यात्रा शुरू करने का जिम्मा सौंपा है। जारी गाइडलाइन के अनुसार बोर्ड प्रबंधन यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और अन्य हक हकूकधारियों से चर्चा करेगा। आम सहमति बनने के बाद यात्रा शुरू की जाएगी। कितने श्रद्धालु यात्रा में आ सकते हैं, इसके लिए प्रोटोकॉल तय किया जाएगा। गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट निर्देश है कि कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य सुरक्षा को मानकों का पूरी तरह से अनुपालन होगा। यात्रा शुरू करने से पहले उसका पूरी तरह से प्रचार किया जाएगा। इसके साथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए तय प्रावधानों के बारे भी जानकारी दी जाएगी। उड़ान योजना के तहत हेलीकॉप्टर से सवारी के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सिविल एविएशन अलग से एसओपी जारी करेगा।

अन्य राज्यों के श्रद्धालु नहीं आयेंगे
प्रदेश सरकार के स्तर से जारी गाइडलाइन से स्पष्ट है कि चार धाम यात्रा और प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए केवल राज्य के नागरिकों को अनुमति होगी। प्रदेश के बाहर के लोगों को यात्रा और धार्मिक स्थलों में दर्शन की अनुमति नहीं होगी।

साप्ताहिक बंदी पर निगम कर्मचारियों के साथ जुटी रही महापौर

महापौर अनीता ममगाई ने रविवार को हो रही साप्ताहिक बंदी का लाभ उठाते हुए पूरे बाजार क्षेत्र को एक बार फिर से सैनेटाइज करवाया। बता दें कि शहर के व्यापारियों द्वारा महापौर से अनलॉक वन में बाजार में लोगों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर सैनेटाइजेशन कराने का आग्रह किया गया था। जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए महापौर रविवार सुबह से ही मोर्चे पर डट गई। तमाम प्रमुख बाजारों और यहां पड़ने वाले आश्रमों और धर्मशालाओं में सैनेटाइजेशन कराया।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नगर निगम लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को शहर के तमाम प्रमुख बाजारों में सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। महापौर अनिता ममगाई की अगुवाई में नगर निगम अमले ने सैनिटाइजर टैंकर और फॉगिंग मशीनो के साथ मुख्य बाजार में छिड़काव किया। हरिद्वार रोड़, त्रिवेणी घाट बाजार, रेलवे रोड, मुखर्जी मार्ग, देहरादून मार्ग सहित विभिन्न बाजारों में निगम प्रशासन की ओर से सप्ताहिक अवकाश पर जोरदार तरीके से सैनेटाइजेशन कराया गया। महापौर ने दुकानों के बाहर सेनेटाइजर का छिड़काव की कमान खुद संभाली। क्षेत्रवासियों से घरों से बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी की।
महापौर अनीता ममगाई ने बताया कि वैश्विक महामारी को देखते हुए मार्च माह से ही निगम का फोकस सैनेटाइजेशन पर रहा है। लेकिन कुछ कपड़ों की दुकानों एवं अन्य व्यापारिक प्रतिषठानों में सेनेटाइजिंग मे दिक्कतें आ रही थी जिसे देख आज साप्ताहिक बंदी पर बाजारों को पूर्ण सैनेटाइजेशन कराया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के लिए उपजिलाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त और सैनेट्री इंस्पेक्टर को आदेशित किया गया है कि अपनी निगरानी में यह कार्य पूर्ण करायें। महापौर के अनुसार अनलॉक वन में अब सरकार का ध्यान लोगों की परेशानियों को दूर करने के साथ अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूरी तरह से बाजारों को खोलने पर है। आने वाले दिनों में शहर के बाजारों में भी लोगों की आवाजाही और बढ़ेगी जिसके लिए आज बाजारों को पूरी तरह से सैनेटाइजेशन कराया गया है। आगे भी यह अभियान समय-समय पर निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान पार्षद गुरविंदर सिंह, राजपाल ठाकुर, पवन शर्मा, हितेंद्र पवार, राजेश भट्ट, संजय पंवार आदि मौजूद रहे।

बिना शुल्क पेटीएम मनी ऐप में खोले निवेश खाता

विभिन्न कागजी जरुरतों की वजह से म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए खाता खोलना एक जटिल प्रक्रिया हुआ करती थी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पेटीएम मनी ऐप ने इस सारी प्रक्रिया को डिजिटल कर म्यूचुअल फंड में निवेश को बेहद आसान बना दिया है। इसकी मदद से लोग बड़ी आसानी से म्यूचुअल फंड में निवेश कर अपनी संपत्ति को बढ़ा सकते हैं। अब आप बैंकों या वितरकों द्वारा वसूल किये जाने वाले कमीशन से बचते हुए बिना किसी शुल्क के निवेश खाता खोल सकते हैं तथा डायरेक्ट प्लान के द्वारा 1 प्रतिशत तक का अतिरिक्त लाभ कमा सकते हैं।

जानिए पेटीएम मनी पर खाता कैसे खोल सकते हैं और म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें-

चरण 1- गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से पेटीएम मनी ऐप इंस्टॉल करें।
चरण 2- अपने पेटीएम खाते पर लॉग-इन करें या अपने मोबाइल नंबर के साथ एक नया खाता खोलें।
चरण 3- अपना केवाईसी पूरा करें, इसके साथ ही आप निवेश करने के योग्य हो जाते हैं।
चरण 4- होम स्क्रीन के निचले भाग में ’इंवेस्ट’ बटन पर टैप करें।
चरण 5- ’डिस्कवर म्यूच्यूअल फंड्स फॉर इन्वेस्टमेंट’ को चुनें। अब आप रेटिंग, सलाह, फंड मैनेजर और एएमसी जानकारी के आधार पर विभिन्न योजनाओं की तुलना कर सकते हैं।
चरण 6- अपनी पसंद का एक फंड चुनें और श्इनवेस्ट नाउ’ पर टैप करें।
चरण 7- ऐप आपको एसआईपी या एकमुश्त विकल्प के द्वारा निवेश की सुविधा देता है। अपने पसंदीदा विकल्प का चयन करें और निवेश की राशि दर्ज करें। इसके बाद, प्रोसीड टू पेमेंटश् पर टैप करें।
चरण 8- यूपीआई, नेट बैंकिंग या अपने बैंक के साथ ऑटो-पे सेट करके अपने भुगतान को स्वचालित कर भुगतान करें। लेनदेन पूरा करने के साथ ही प्रक्रिया समाप्त हो जाती है और आप एक म्यूचुअल फंड निवेशक बन जाते हैं।

अधिसूचना जारी, क्वारंटीन अवधि में रहने पर कर्मचारी को देना होगा वेतन

राज्य में कोरोना संदिग्ध कर्मचारियों को क्वारंटीन अवधि के दौरान 28 दिन का भुगतान युक्त अवकाश देना होगा। इस संबंध में राज्य सरकार के श्रम विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। श्रम विभाग के सचिव हरबंस सिंह चुघ ने अधिसूचना जारी होने की पुष्टि की। बता दें कि पिछली कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
यह आदेश प्रदेश में संचालित कारखानों, सभी दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों व उन व्यापारिक केंद्रों में जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं, पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। महामारी अधिनियम 1897 की शक्तियों के तहत यह प्रावधान किया गया है। इसके तहत यदि कोई कर्मचारी या कर्मकार कोविड-19 महामारी में संदिग्ध होता है और उसे क्वारंटीन किया गया हो, उसका संस्थान या नियोजक 28 दिन का अवकाश मंजूर करेंगे और उसे इस अवधि का पूरा भुगतान किया जाएगा। लेकिन इस तरह के अवकाश की मंजूरी के लिए कर्मचारी को स्वस्थ होने के बाद अपने नियोजक या प्राधिकृत व्यक्ति को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना होगा।
वहीं, सभी कारखानों, दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, अधिष्ठानों के सूचना पट्ट और मुख्य द्वार पर कोविड-19 महामारी की रोकथाम को लेकर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा बताए गए सुरक्षा उपायों को प्रदर्शित करना होगा।

उत्तराखंड का औषधीय धनिया पौधा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

उत्तराखंड, अल्मोड़ा जनपद, ताड़ीखेत विकास खंड, बिल्लेख गांव के केवलानंद उप्रेती के सिविल इंजीनियर पुत्र गोपाल दत्त उप्रेती द्वारा व्यक्तिगत प्रयासो के बल अपने बिल्लेख गांव स्थित सेव बगान में सात फुट एक इंच ऊंचे सुगंधित व औषधीय धनिये के पौंधे जैविक विधि से उत्पादित कर, कृषि उघम के क्षेत्र मे नई वैश्विक क्रान्ति की अलख जगा, कृषि वैज्ञानिकों, काश्तकारों तथा उद्यम विकास मे संघर्षरत उद्यमियो का ध्यान अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मे दर्ज करा, वैश्विक फलक पर ख्याति अर्जित की है। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड छह फुट एक इंच का था।

जैविक विधि से उत्पादित उक्त धनिया पौंधों का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए 21 अप्रैल को विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के वैज्ञानिक डॉ गणेश चौधरी द्वारा उत्पादित पौंधों का निरीक्षण कर इसकी पुष्टि की गई थी। माह मई प्रथम सप्ताह मे इस उपलब्धि को लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्स में दर्ज किया जा चुका था।

आईसीएआर वैज्ञानिक डॉ गणेश चौधरी व उत्तराखंड के चीफ हॉर्टिकल्चर आफिसर टीएन पांडे, उत्तराखंड आर्गेनिक बोर्ड रानीखेत-मजखाली इंचार्ज डॉ देवेन्द्र सिंह नेगी, उद्यान सचल दल केंद्र बिल्लेख प्रभारी राम सिंह नेगी के द्वारा उक्त सुगंधित व औषधीय गुणों से युक्त तथा पाचन तंत्र को मजबूत करने वाला अम्बेलीफेरी कुल के धनिया पौंधे को विटामिन श्एश्, श्सीश् तथा श्केश् गुणों के साथ-साथ कैल्शियम, कॉपर, आयरन, कार्बोहाइट्रेड, थियामिन, पोटेशियम, फास्फोरस से युक्त बताया गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक आमतौर पर धनिया पौंधों की ऊंचाई वैश्विक स्तर पर दो से छह फुट एक इंच तक देखी जाती रही। पहली बार उत्तराखंड मे सात फुट एक इंच धनिये पौंधे की अदभुत व आश्चर्य चकित कर देने वाली पैदावार कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अवलोकित की गई थी।

कृषि वैज्ञानिकों द्वारा की गई प्रत्यक्ष पुष्टि के बाद, उत्पादित पौंधों के पुनर्वालोकन तथा डाक्यूमेंटेशन कराने हेतु गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से जुड़े पदाधिकारियों को 23 अप्रैल को पत्र भेज आमंत्रित किया गया था।

उत्तराखंड में कृषि को व्यवसायिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पंतजलि से मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में पतंजलि योगपीठ के आचार्य बाल कृष्ण एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक संपन्न हुई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बहुत से लोग प्रदेश में वापस आए हैं। इन्हें स्वरोजगार से जोड़ने और शॉर्ट टर्म में आजीविका उपलब्ध कराने में कृषि क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जैव विविधता उत्तराखण्ड की विशेषता है। कृषि क्षेत्र में इसका लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती हमारे पूर्वजों की देन है। उन्होंने अनुभवों से इसका ज्ञान हासिल किया था। कृषि क्षेत्र में विकास के लिए परंपरागत खेती और आधुनिक तकनीक की मदद से किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेती को व्यावसायिक सोच के साथ करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार फसलों का चयन करना होगा। प्रदेश में गिलोय, मुलेठी, हींग, अदरक, हल्दी और नींबू जैसे उत्पादों को प्रोसेस कर इसके लिए क्लस्टर खेती को बढ़ावा देते हुए उत्पाद की मात्रा बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि इसका अच्छा मूल्य मिल सके।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने और किसानों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में पतंजलि हर सम्भव सहायता करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ. के. एस. पंवार, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश एवं सचिव कृषि आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

टिकटॉक को आ गया बाय-बाय करने का समय, स्वदेशी एप मित्रों हो रहा पॉपुलर

भारत में टिकटॉक का बाय-बाय करने का वक्त आ गया है। भारत के युवाओं की जुबां पर अब टिकटॉक नहीं बल्कि स्वदेशी निर्मित एप मित्रों का नाम है। अभी तक इस एप को 50 लाख से ज्यादा युवा गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर चुके है। इसे आईआईटी रूड़की के पूर्व छात्रों ने बनाया है। इसे टिकटॉक का क्लोन भी कहा जा रहा है।

आईआईटी के पूर्व छात्रों का कहना है कि एप लांच करते समय हमें ऐसे ट्रैफिक की उम्मीद नहीं थी। इसे बनाने के पीछे लोगों को सिर्फ भारतीय विकल्प देना था। आईआईटी रुड़की में वर्ष 2011 में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ब्रांच से पासआउट छात्र शिवांक अग्रवाल ने अपने चार साथियों के साथ मित्रों एप बनाया है।

11 अप्रैल को हुआ था मित्रों एप लांच
पेटीएम के पूर्व सीनियर वाइस प्रेजिडेंट दीपक के ट्वीट के बाद इसकी चर्चा हर किसी की जुबान पर है। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के एप डाउनलोड करने से नेटवर्क ट्रैफिक भी प्रभावित होने लगा। टीम मेंबर ने बताया कि वास्तव में 11 अप्रैल को एप लांच करते समय यह नहीं सोचा था कि इसे इतनी सफलता मिलेगी। टिकटॉक को पीछे छोड़ना जैसी कोई बात नहीं है। हमारा उद्देश्य लोगों को सिर्फ एक भारतीय विकल्प देना था। लोग इसका इस्तेमाल करना चाहेंगे या नहीं यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमें लोगों से जो आशीर्वाद मिला, उससे हम बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि हमें किसी ने फंड नहीं दिया है, उनका फंड लोगों का प्यार ही है।

मित्रों स्वदेशी नाम, इसलिए देना उचित
टीम मेंबर ने बताया कि मित्रों का अर्थ मित्र ही है। एक तो यह भारतीय उपभोक्ताओं को भारतीय मंच के जरिए सेवा देने के लिए है। हम स्वदेशी नाम देकर भारतीय नामों के खिलाफ पूर्वाग्रहों को भी दूर करना चाहते हैं।

ग्रीन टैक्स लगाकर आय बढ़ायेगा देहरादून नगर निगम

देहरादून नगर निगम क्षेत्र में प्रवेश करने पर अब प्रवेश शुल्क देना होगा। मनाली जैसे शहरों की तर्ज पर देहरादून नगर निगम ने शहर में प्रवेश करने पर बाहरी वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी की है। महापौर सुनील उनियाल गामा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। टैक्स कितना होगा, कौन से वाहन इसके दायरे में आएंगे और किन्हें छूट रहेगी, इसका प्रारूप तैयार कर शासन को भेजने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।
महापौर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि देहरादून में पंजीकृत वाहनों को छूट रहेगी। कोरोना संक्रमण के चलते ठप पड़े कार्यो को शुरू करने और नगर निगम को फिर से पटरी पर लाने के लिए कसरत शुरू हो गई है। इसी के मद्देनजर गुरुवार को महापौर ने निगम कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। निगम की कार्यकारिणी के जनवरी में चुने जाने के बाद यह पहली बैठक रही। निगम के सभा हॉल में हुई बैठक में शारीरिक दूरी के साथ महापौर और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई।
इसमें मुख्य एजेंडा निगम की आय बढ़ाने का रहा। इस दौरान महापौर ने प्रस्ताव रखा कि मनाली व कुछ अन्य शहरों में बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूला जाता है। मसूरी में भी ऐसी व्यवस्था है। ऐसे में देहरादून में भी ये टैक्स लगाया जाना चाहिए। इसे पार्षदों की ओर से हरी झंडी दे दी गई। महापौर गामा ने बताया कि निगम अधिकारी इस बारे में प्रारूप तैयार करेंगे और शासन से मंजूरी के बाद नगर निगम क्षेत्र में सभी सीमाओं पर टोल-बैरियर लगाकर टैक्स की वसूली की जाएगी। वहीं, बैठक में तय हुआ कि नए ग्रामीण वार्डों में सफाई की व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए एक जून से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ऐसे 29 ग्रामीण वार्ड हैं, जहां मौजूदा समय में महज पांच-आठ सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में शहर की तर्ज पर बस स्टैंड भी बनाए जाएंगे।

देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक और राधे बने महासचिव

लाॅकडाउन से एक ओर पूरा विश्व आर्थिक तंगी की ओर बढ़ रहा है। वहीं तीर्थनगरी में इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे है। अपने अधिकारों को लेकर ऋषिकेश के रेस्टोरेंट मालिक और संचालक एक मंच पर आ गये है। इन्होंने देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के नाम से अपनी यूनियन का गठन कर लिया है।
जिसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी विवेक तिवारी, तिवारी शुद्ध भोजनालय को दी गई है। यह शहर का प्रतिष्ठित और पुराना रेस्टोरेंट है। जिये शहरवासी तिवारी कैंटी के नाम से भी जानते है। वहीं महासचिव की जिम्मेदारी राधे साहनी, मद्रास होटल को दी गई है। यह शहर का साउथ इडियन रेस्टोरंट है जिसे नगर के ही नही विदेशी भी काफी पंसद करते है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी विपुल चुघ, स्नैक्स प्वाइंट को दी गई है।
यूनियन के गठन के बाद पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अन्य पदों पर भी जिम्मेदारी दी जायेगी। रेस्टोरेंट और होटल को इस समय काफी नुकसान हुआ है। लाॅकडाउन ने हमें सिखाया है कि हमें एकजुट होकर इससे जूझना है। हम सबकी समस्याऐं लगभग एक जैसी है। लाॅकडाउन के कारण हमने रेस्टोरेंट के संचालन में कुछ फेरबदल भी किये है। होम डिलीवरी को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, नगर के व्यापारियों ने रेस्टोरेंट मालिको और संचालकों की यूनियन बनने से खुशी जाहिर की है।

उत्तराखंड में शराब पर लगा हेल्थ केयर टैक्स

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण उत्तराखंड को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसले लिए। इसमें पेट्रोल के दाम एक और डीजल के दाम दो रुपये बढ़ा दिए गए हैं। वहीं, शराब के विभिन्न ब्रांड में बीस रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक का हेल्थ केयर टैक्स लगाया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रिमंडल की बैठक हुई। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोरोना के चलते हुए राजस्व नुकसान को देखते हुए शराब, पेट्रोल और डीजल के दामों को बढ़ाया है।

शराब की प्रति बोतल पर हेल्थ केयर टैक्स लगाया है। शराब की तीनों श्रेणियों में दाम बढ़ाए गए हैं। नए रेट से अर्जित होने वाला टैक्स प्रदेश की विभिन्न योजनाओं और कोविड-19 रोकथाम में खर्च होगा। अनुमान है कि हेल्थ केयर टैक्स से 250 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व आएगा। बढ़े हुए दाम इस वित्तीय वर्ष में प्रभावी रहेंगे। प्रदेश सरकार ने ध्यान रखा है कि शराब के दाम उत्तर प्रदेश से कम रहें। पेट्रोल और डीजल पर वैट में मामूली वृद्धि की गई है। इस वृद्धि से प्रदेश को 120 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित होगा।

इन बातों पर कैबिनेट ने लिया फैसला
– उत्तराखंड में पेट्रोल एक रुपये और डीजल के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया गया।
– शराब के दामों में तीन कैटेगरी में वृद्धि की गई है जो 20 रुपये से लेकर 425 रुपये के बीच है।
– उत्तराखंड लौटने वाले प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू होगी।
– हरिद्वार में अस्थि विसर्जन पर लगी रोक हटा दी गई है।
– उद्यमियों को ऋण सब्सिडी में लाभ मिलेगा।
– 50 हेक्टेयर वाले पट्टे पर मशीन से हो सकेगा खनन

मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि 50 हेक्टेयर तक के खनन पट्टों पर अब मशीन से खनन हो सकेगा। मामला अदालत में विचाराधीन पचास हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र वालेे पट्टाधारकों को यह अनुमति नहीं दी गई है। सरकार इसको लेकर हाईकोर्ट जाएगी। वहीं रायवाला से हरिद्वार के भोगपुर तक खनन पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए सरकार न्यायालय में जाने के साथ केंद्र से भी वार्ता करेगी।

दो शिफ्ट में काम करने की अनुमति
कारखानों में दो शिफ्ट में काम करने की अनुमति मंत्रिमंडल ने दे दी है। इसके लिए श्रमिकों को ओवर टाइम देना होगा। 11-11 घंटे की दो पालियों में काम करने वाले श्रमिकों को 6 कार्यदिवस काम करना होगा और प्रतिदिन तीन घंटे ओवरटाइम मिलेगा। निरंतर उत्पादन करने वाले कारखानों में 12-12 घंटे की दो शिफ्ट होगी। यहां चार घंटे का ओवर टाइम मिलेगा।