पूर्व सैनिक पिता ने दी शहीद बेटे विकास गुरूंग को मुखाग्नि

जब तक सूरज चांद रहेगा। विकास गुरूंग तेरा नाम रहेगा…., पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों के बीच शहीद विकास गुरूंग की अंतिम यात्रा तीर्थनगरी के विभिन्न मार्गों से होती हुयी मुनिकीरेती के पूर्णानंद घाट पहुंची। जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार लामा रिति रिवाज से किया गया। शहीद विकास गुरूंग के पिता रमेश गुरूंग ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी।

शनिवार को जम्मू-कश्मीर में नौशेरा के लाम सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलाबारी में 21 गोरखा रायफल में तैनात गुमानीवाला निवासी रायफलमैन विकास शहीद हो गए थे। 21 वर्षीय शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक आवास पहुुंचा था, तभी से वहां श्रद्धांजलि देने वालों को तांता लगा हुआ था। सोमवार सुबह सेना के जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

शहीद विकास गुरूंग को पूर्णानदं घाट पर 24 फील्ड रेजीमेंट के जवानों ने हवा में 32 राउंड फायर कर सशस्त्र सलामी दी। गंगा घाट पर शहीद जवान का लामा रीति से अंतिम संस्कार किया गया। पिता रमेश गुरुंग ने बेटे को मुखाग्नि दी। घाट पर विधानसभा अध्यक्ष, सेना के अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसे पहले सुबह करीब नौ बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद के घर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास गुरुंग की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। ऐसे वीरों के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद विकास की स्मृति में द्वार बनाने, उनकी एक आदमकद मूर्ति स्थापित करने और गुलरानी फार्म का नाम शहीद के नाम पर करने की घोषणा की।

शहीद विकास गुरूंग की अंतिम या़त्रा में राजनैतिक संगठनों ने भी शिरकत की। मगर, राजनीति के लिये नहीं बल्कि देशभक्ति की भावना उन्हें एक साथ ले आयी। शहीद की विदाई यात्रा में हर पचास कदम की दूरी पर व्यापारी ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर शहीद को श्रद्धांजलिद अर्पित की। शहीद विकास के सम्मान में देश भक्ति के गीत चल रहे थे। यह देश भक्ति ही थी जो लोगों को भीषण गर्मी में घर से बाहर सड़क तक ले आयी।

सभी वर्ग के लोगों ने दी नम आंखों से विदाई

शहीद की अंतिम यात्रा में क्या बच्चे, क्या बुढ़े और क्या जवान इन सभी के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलायें भी चल रही थी। शहीद के घर से लेकर पूर्णानंद घाट तक सभी ने भारत माता की जय जैसे नारे के साथ शहीद जवान को अपनी-अपनी श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने ली वन्य जीव बोर्ड की बैठक, लिया ये अहम फैसला

मुख्ममंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक बुलाई गयी। जिसमें अहम फैसला लेते हुये वन्य जीवों द्वारा मारे जाने व गंभीर रूप से घायल होने पर मिलने वाली मुआवजा राशि को बढ़ाया गया। इसके लिये कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जायेगा। इसके बाद मारे गये मृतक के परिजनों को तीन के बजाए पांच लाख रूपये व गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रूपये की बजाए दो लाख रूपये की मुआवजा राशि मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के प्रबंधन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वनों के संरक्षण के लिए ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है। वनों का संरक्षण भी हो और स्थानीय ग्रामीण इनसे आजीविका भी प्राप्त कर सकें इसके लिए ग्रीन टूरिज्म की कन्सेप्ट पर काम किया जाए। कार्बेट के बफर जोन व रामनगर वन प्रभाग में हाथी सफारी को भी अनुमति दी गई। यह भी तय किया गया कि राजाजी टाईगर रिजर्व में पर्यटन से होने वाली आय का 100 फीसदी राजाजी टाईगर रिजर्व कंजरवेशन फाउंडेशन के कोष में जमा किया जाएगा। इसका कुछ भाग सामुदायिक गतिविधियों में प्रयोग किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल में एक बार होने वाली उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक हर छह माह में आयोजित की जाए। इसमें प्रस्तुत किए जाने वाले बिंदुओं के साथ विस्तृत रिपोर्ट भी संलग्न होनी चाहिए। यदि कोई मामला जनता से जुड़ा हो तो बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत करने से पहले यह भी अध्ययन करा लिया जाए कि इससे सम्भावित लाभ व हानि क्या-क्या हैं।

आरक्षित वन और टाईगर रिजर्व के बफर जोन में एंगलिंग का परमिट नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन विभाग द्वारा जिन पर्वतारोही दलों को अनुमति दी जाती है उसकी सूचना पुलिस को भी दी जाए। ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में फंसे पर्वतारोहियों को बचाया जा सके। बैठक में वाईल्ड लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तावित कंडी मार्ग पर किए गए फिजीबिलिटी सर्वे का प्रस्तुतिकरण किया गया। बताया गया कि इसके बनने से गढ़वाल से कुमायूं के लिए सीधा सम्पर्क मार्ग बनेगा और इससे यात्रावधि में लगभग तीन घंटे की कमी आएगी। इस पर कंडी मार्ग के संबंध में एक कार्यकारी समिति बनाने का निर्णय किया गया।

उत्तराखंड पुलिस ने मांउट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर किया ऐतिहासिक कार्यः त्रिवेन्द्र

माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहरण पर गये उत्तराखंड पुलिस के 15 सदस्यों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन आठ सदस्यों जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। को पद में पदोन्नति व वेतन वृद्धि की घोषणा की।

जिन आठ सदस्यों ने सफलतापूर्वक आरोहण किया। उनमें से छह आरक्षी, एक निरीक्षक तथा एक मिनी फायरमैन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन छह आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नति एवं निरीक्षक तथा मिनी फायरमैन को एक-एक वैयक्तिक वेतन वृद्धि की घोषणा की। माउंट एवरेस्ट आरोहण के लिए गये दल को पांच लाख रूपये देने की घोषणा भी की। जिन आरक्षियों को पदोन्नति दी जायेगी। उनमें विजेन्द्र प्रसाद काला, मनोज जोशी, सूर्यकान्त उनियाल, विजेन्द्र कुड़ियाल, प्रवीण सिंह, योगेश रावत शामिल हैं। जबकि निरीक्षक संजय उप्रेती एवं मिनी फायरमैन रवि चौहान को वेतन वृद्धि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस दल ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तराखण्ड पुलिस का दल देश का ऐसा पहला पुलिस दल है, जिसने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अनुभवी और हिम्मत वाले जवानों की हमेशा आवश्यकता रहेगी। इस तरह के अभियानों में प्रतिभाग कर जवानों का हौंसला बढ़ता है और नये अनुभव प्राप्त होते हैं। इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाने जरूरी हैं। उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य होने के साथ ही आपदा के दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। राज्य में आपदा प्रबन्धन के लिए तकनीक के विकास के साथ ही प्रशिक्षित लोगों का होना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उत्तराखण्ड पुलिस दल को माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण पर बधाई देते हुए कहा कि जवानों के दृढ़ निश्चय एवं आत्मविश्वास की वजह से अभियान सफल रहा। उत्तराखण्ड में कार्य करने के लिए अपार सम्भावनाएं हैं, यहां के लोगों में बहुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस दल ने टीम स्प्रिट का संदेश दिया है। हमें जनता की सेवा के लिए भी टीम स्प्रिट की भावना से कार्य करना होगा।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी उत्तराखण्ड पुलिस दल ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर आरोहण कर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक अभियान के बाद जवानों को जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उससे निश्चित रूप से भविष्य में फायदा होगा।

युवाओं को नदियों के पुनर्जीवीकरण को आगे आना होगाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री ने मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाते हुये कहा कि युवाओं को नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिये आगे आना होगा। मैड संस्था इस संबंध में बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा देने का रचनात्मक कार्य किया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित कर हमें देश के समक्ष रोल मॉडल बनाना होगा। यह कार्य जन सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन नदियों के पुनर्जीवन के लिए सरकार को समाजिक संस्थाओं, विभिन्न संगठनों एवं स्थानीय जनता का पूरा सहयोग मिल रहा है।

त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ गंगा मिशन को सफल बनाने के लिए हमें पूरा सहयोग करना होगा। नमामि गंगे के तहत 25 हजार करोड़ रूपये इस प्रोजेक्ट में रखे गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को पूर्ण ग्रेविटि का पानी उपलब्ध कराने के लिए अगले वर्ष तक सौंग बांध की नीव रखी जायेगी।

राज्य सरकार द्वारा ईको सिस्टम, पर्यावरण सरंक्षण, जल संरक्षण, नदियों के पुनर्जीवीकरण व स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

37 हजार की ऑनलाइन शॉपिंग में मिला पत्थर का टुकड़ा

तीर्थनगरी के एक छात्र ने एक नामी कंपनी से ऑनलाइन कैमरा का आर्डर दिया, जिसके लिये उसने 37450 रूपये की रकम भी ऑनलाइन जमा कर दी। मगर, जब कुछ दिन बाद आर्डर किया हुआ पार्सल घर आया, तो छात्र के होश उड़ गये। उसके पार्सल खोला तो उसमें से 40 ग्राम का एक पत्थर का टुकड़ा निकला। जिसके बाद छात्र ने पुलिस की शरण ली।

मुनिकीरेती में मधुबन आश्रम के पास कैलाश गेट निवासी शुभम झा पुत्र लल्लन झा बीसीए का छात्र है। छात्र के मुताबिक उसने 17 मई को एक नामी अंतराष्ट्रीय कंपनी से ऑनलाइन कैनन ईओएस-200डी का ऑर्डर दिया था। कैमरे की कीमत 37450 रुपये उसने ऑनलाइन जमा भी करा दिए थे। 20 मई को कस्तूरबा गांधी मार्ग दिल्ली स्थित एसएस इंटरप्राइजेज ने ब्लूडॉर्ट कोरियर सर्विस के जरिये भेजा गया पार्सल छात्र को प्राप्त हुआ।

पार्सल की बनावट देख छात्र शुभम को शक हुआ। तो उसने वीडियों रिकॉर्डिंग करते हुए पार्सल को खोला। देखा तो उसमें पत्थर का टुकड़ा निकला। जिसका वजन करीब 40 ग्राम था। शुभम ने पार्सल के साथ आए कागजों के आधार पर डिलीवरी करने वाली एजेंसी को फोन किया। शुभम के मुताबिक तीन बार उक्त नंबर पर घंटी गई, फिर चौथी बार नंबर स्विच ऑफ हो गया। शुभम ने कोरियर कंपनी कार्यालय जाकर शिकायत की, तो उन्होंने इस पार्सल को लेने से इंकार कर दिया।

दोस्तों से पैसे उधार लेकर कैमरा मंगाने वाले शुभम ने पुलिस चौकी जाकर तहरीर दी। थाना मुनिकीरेती के प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि यह भी संभव है कि नामी कंपनी के नाम से किसी अन्य ने यह धोखाधड़ी किया हो। पुलिस मामले से जुड़े हर पहलु की गहनता से जांच कर रही है।

जिंदगी और मौत के बीच जवान दीपक ने ली अंतिम सांस

गढ़वाल राइफल्स में तैनात दीपक नैनवाल की यूनिट को दस अप्रैल को सूचना मिली कि कुलगाम के वनपोह इलाके में आतंकवादी छिपे है। आतंकियों और भारतीय सेना के बीच जबरदस्त फायरिंग हुयी। इस दौरान दीपक नैनवाल के सीने में दो गोलियां लगी। हालांकि सेना की टुकड़ी ने दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा था। जिंदगी और मौत के बीच जूझते आखिरकार दीपक नैनवाल ने रविवार को दम तोड़ दिया। जवान की मौत की सूचना पाकर क्षेत्र व परिवार में शोक फैल गया।

जनपद चमोली के कर्णप्रयाग ब्लॉक के कांचुला गांव निवासी दीपक नैनवाल का परिवार दून के हर्रावाला में रहता है। पिछले माह 10 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सेना और आतंकवादियों के बीच चली लंबी मुठभेड़ के दौरान दीपक बुरी तरह घायल हो गए थे। दीपक का इलाज पहले दिल्ली के सैन्य अस्पताल में किया गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे दीपक के शरीर से दो गोलियां बमुश्किल ऑपरेशन कर निकाली गईं, लेकिन तीसरी गोली हड्डी में फंसने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया, जिससे दीपक की हालत बिगड़ती गई।

उनके शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। बाद में उन्हें पुणे के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। पिछले एक सप्ताह से उन्होंने कुछ खाना-पीना भी बंद कर दिया था। रविवार सुबह हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नायक दीपक नैनवाल की शहादत को सलाम करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को प्रदेश व देश का गौरव बताया है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को हर संभव मदद दी जाएगी।

राज्य सरकार ने सृजित किये रोजगार के नये मौके

उत्तराखंड को पर्यटन राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। उन्होंने सैकड़ो रोजगार देने के लिये वीर चंद्र सिंह गंढ़वाली योजना का दायरा बढ़ाकर क्याकिंग, टेरेनबाइकिंग, कैरावेन, एग्लिंग, स्टार गेसिंग, बर्ड वॉचिंग, आदि गतिविधियों को जोड़ा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुधवार को कोटी कॉलोनी क्षेत्र में टिहरी झील में तैरती बोट पर बैठक हुई। बैठक में 13 बिंदु रखे गए। लेकिन थराली उपचुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते जोशीमठ क्षेत्र से जुड़े एक बिंदु को स्थगित कर दिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग) पॉलिसी में संशोधन कर पर्यटन से जुड़ी कई गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दिया गया। अब कायाकल्प रिजॉर्ट, आयुर्वेद, योग, पंचकर्मा, बंजी जंपिंग, जॉय राइडिंग, सर्फिंग, कैंपिंग, राफ्टिंग जैसे उद्यम एमएसएमई नीति के तहत आएंगे। इस क्षेत्र में आने वाले उद्यमियों को उक्त नीति के तहत तमाम सुविधाएं मिलेंगी।

मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्टियल पॉलिसी के तहत आयुष और वेलनेस को लाया गया है। इससे होटल, रिजॉर्ट, क्याकिंग, सी प्लेन उद्योग, आयुर्वेद, योग जैसी 22 गतिविधियां को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के लिए आने वाले उद्यमों को सरकार की ओर से कई लाभ मिलेंगे।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में 11 नई गतिविधियों के लिए उपकरणों की खरीद के लिए सहायता दी जाएगी। काबीना मंत्री कौशिक ने बताया कि चालू वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन और रोजगार को आपस में जोड़कर राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।

राज्य आंदोलनकारियों की याचिका हुयी खारिज

हाईकोर्ट ने राज्य आंदोलनकारियों की उस याचिका को खारिज किया है। जिसमें उन्हें सरकारी सेवाओं में दस फीसदी आरक्षण की मांग की थी।

राज्य आंदोलनकारियों को दस फीसद क्षैतिज आरक्षण के मामले में हाई कोर्ट के दो न्यायाधीश द्वारा अलग-अलग राय दी गई। जस्टिस सुधांशु धूलिया द्वारा आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया गया तो जस्टिस यूसी ध्यानी द्वारा संवैधानिक करार दिया गया। इसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश तक पहुंचा तो उन्होंने निर्णय के लिए तीसरी बैंच को मामला रेफर कर दिया।

न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया था। आरक्षण असंवैधानिक करार देने के फैसले को चुनौती देते हुए अधिवक्ता रमन कुमार साह द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर की गई। मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। अधिवक्ता साह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करना जरूरी था। अब आरक्षण मामले को लेकर जल्द एसएलपी दायर की जाएगी।

अपना प्रभाव दिखाते तो लाखों की नौकरी करता बेटाः प्रेमचंद

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे अपूर्व अग्रवाल को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) से जलसंस्थान में सहायक अभियंता के पद तैनाती मिली थी। यह मामला प्रकाश में आने के बाद काफी बड़ा मसला खड़ा हो गया था। राज्य के विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन व विस अध्यक्ष के पुतले तक आग के हवाले किये जा रहे थे। इस बीच विवाद को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष के बेटे अपूर्व अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि उनके बेटे ने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और अब इस विषय को यहीं समाप्त किया जाए।

पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल इस पूरे प्रकरण पर व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अपूर्व उपनल में सहायक अभियंता के पद पर 11 माह के लिए अस्थायी नियुक्ति हुआ था। उनके बेटे ने इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया गया था। इस नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके लिए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया। यदि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते तो उनका बेटा दो-तीन लाख की नौकरी करता, न कि 15 हजार रुपये की अस्थायी नौकरी। उनके बेटे की यदि अपनी योग्यता व मेहनत के बूते नौकरी लगी है, इसके बाद भी ऐसी बातें कही जा रही हैं, इसका उन्हें कष्ट है।

उन्होंने कहा कि मेेरे राजनीतिक जीवन में अभी तक आरोप नहीं लगे हैं। वे राज्य आंदोलन समेत तमाम मांगों को लेकर संघर्षरत रहे हैं। उनकी छवि व संवैधानिक पद पर उनकी मर्यादा को तार-तार करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे ने इस्तीफा दे दिया है तो इस प्रकरण को यहीं समाप्त किया जाए।

रबी विपणन सत्र की बैठक में सीएम ने दिये ये निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में रबी विपणन सत्र 2018-19 की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिये कि गेहूं की फसल कटाई से पूर्व सहकारिता विभाग को अपेक्षित धनराशि उपलब्ध करा दी जाय ताकि किसानों को गेहूं क्रय मूल्य का भुगताल समय पर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि गेहूं क्रय हेतु नामित विभाग एवं संस्थान आपसी समन्वय से गेहूं क्रय के लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने क्रय नीति को भी शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी 2.21 लाख मीटरटन गेहूं क्रय लक्ष्य निर्धारित करने तथा गेहूं का समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर 1735 प्रति कुन्तल निर्धारित किये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने गेहूं भण्डारण क्षमता व भण्डारण एंजेसियों से सम्बन्धित कार्ययोजना पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गेहूं क्रय केन्द्रों पर कोई कठिनाई न हो तथा गेहूं का मूल्य किसानों को समय पर उपलब्ध हो जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय।

प्रमुख सचिव खाद्य आनन्द बर्धन ने अवगत कराया कि प्रदेश में रबी विपणन सत्र 2018-19 हेतु 05 क्रय एजेन्सियां नामित की गई है, जिसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (विपणन शाखा), उत्तराखण्ड राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड, भारतीय राष्ट्रीय कृषक उपज उपार्जन, प्रसंस्करण एवं रिटेलिंग सहकारी संघ मर्यादित (एनएसीओएफ), भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ), उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड शामिल है। साथ ही प्रदेश में गढ़वाल व कुमाऊं मण्डलों में कुल 194 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये है तथा चैक के माध्यम से कृषकों को किये जाने वाले भुगतान व क्रय गेहूं की स्टेटपूल डिपोज पर डिलिवरी हेतु सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।