सरकार ने नये फायर स्टेशन को दी हरी झंडी

प्रदेश सरकार ने पुलिस मुख्यालय द्वारा फायर स्टेशन संबंधी भेजे गये प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। दुर्गम व रिहायशी इलाकों में लगने वाली आग पर काबू पाने को प्रदेश में अब 33 स्टेशन खोलने की योजना है।

प्रदेश हर वर्ष फायर सीजन में लगने वाली आग में 20 से 25 करोड़ की संपत्ति स्वाहा होने के साथ सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ती है। आग से नुकसान के आंकड़े इसलिए भी आसमान छूते हैं क्योंकि प्रदेश के कई इलाकों में राज्य स्थापना के बाद से अब फायर स्टेशन तक नहीं खोले जा सके। लिहाजा दूरदराज के इलाकों से फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ती है और तब तक यहां आग बेकाबू होकर तांडव मचा चुकी होती है।

इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के उन 33 स्थानों पर फायर स्टेशन खोलने को प्रस्ताव भेजा है, जहां अब तक फायर स्टेशन नहीं खुले हैं। मगर अग्नि दुर्घटनाओं के लिहाज यह इलाके हमेशा संवेदनशील रहते हैं। इसमें गैरसैंण, बद्रीनाथ, श्रीनगर, डोईवाला, चंपावत, त्यूणी व भगवानपुर शामिल हैं, जहां फायर स्टेशन स्थापित करने को सरकार ने हरी झंडी दे दी है।

अब घर बुक करने पर बिल्डर नहीं दे पाएगा इनकम की गांरटी

अब रिएल एस्टेट और ज्वेलरी कारोबार में पॉंजी स्कीमों जैसे चलने वाले कारोबार को भी पॉंजी स्कीम माना जाएगा। साथ ही इन्हें रेगुलेट भी किया जायेगा। इसके लिये केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव करने को मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसे संसद में पेश किया जाएगा।

धोखाधड़ी को रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने पॉन्जी स्कीम के दायरे में रिएल एस्टेट और ज्वेलर्स को भी शामिल किया है। पिछले दिनों देश के विभिन्न भागों में ऐसी घटनाएं सामने आई जिनमें गैर-कानूनी तरीके से जमा राशि लेने की योजनाओं के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। इस तरह की योजनाओं के सबसे अधिक शिकार गरीब और ऐसे लोग हुए जिनको वित्तीय मामलों की जानकारी नहीं थी और ऐसी योजनाएं अनेक राज्यों में चल रही थीं।

केन्द्र सरकार का मानना है कि यदि कोई बिल्डर कुछ वर्षों में निश्चित रिटर्न के नाम पर लोगों को घर या प्रॉपर्टी बेचता है तो ऐसे ऑफर्स को पॉन्जी स्कीम की श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं देश में कई ज्वेलर्स ग्राहकों को निवेश के लिए यह ऑफर के साथ उकसाते हैं कि यदि कोई ज्वेलरी खरीदने के लिए वह 11 इन्सटॉलमेंट भरते हैं तो 12 इन्सटॉलमेंट कंपनी की तरफ से भरा जाएगा। ऐसी स्थिति में भी ज्वेलर्स के ये ऑफर्स पॉन्जी स्कीम के दायरे में रहेंगे और केन्द्र सरकार का प्रस्तावित कानून इन्हें रेगुलेट करने के लिए सक्षम होगा।

गौरतलब है कि इस विधेयक पर फैसले से पहले अपने वित्त वर्ष 2017-18 के बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की थी कि गैर-कानूनी जमा योजनाओं की बुराइयों को कम करने के लिए एक विधेयक का मसौदा सार्वजनिक किया जाएगा और उसे अंतिम रूप देने के बाद जल्द ही पेश किया जाएगा। इसी बजट भाषण को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार ने पॉन्जी स्कीमों के खिलाफ नए कानून का ऐलान किया है।

संशोधन के बाद इस तरह बदल जाएगी जमा योजना

पहला विधेयक में तीन अलग-अलग प्रकार के अपराध निर्धारित किए गए हैं, जिनमें अनियमित जमा योजनाओं को चलाना, नियमित जमा योजनाओं में धांधली और अनियमित जमा योजनाओं को गलत तरीके से प्रोत्साहन।

दूसरा, विधेयक में बचाव कार्य करने के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने की व्यवस्था की गई है।

तीसराविधेयक में ऐसे मामलों में जमाराशि को निकालने अथवा उसकी अदायगी के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए है, जहां ऐसी योजनाओं के लिए अवैध तरीके से जमा राशि जुटाने में सफलता मिल जाती है।

चौथा, विधेयक में सक्षम प्राधिकार द्वारा संपत्तियों व परिसंपत्तियों को कुर्क करने और जमाकर्ताओं को अदायगी के लिए सम्परत्ति की अनुवर्ती वसूली का प्रावधान किया गया है।

पांचवा, संपत्ति की कुर्की और जमाकर्ताओं को धनराशि लौटाने के लिए स्पष्ट समय निर्धारित किया गया है।

छठां, विधेयक में एक ऑनलाइन केन्द्रीय डेटाबेस तैयार करने की व्यवस्था है जिससे देश में जमा करने की धनराशि लेने की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं एकत्र करने और उन्हें साझा करने की व्यवस्था होगी।

सातवां, विधेयक में “जमाराशि लेने वाले” और “जमाराशि” को विस्तार से परिभाषित किया गया है।

आठवां, “जमाराशि लेने वालों” में धनराशि लेने वाली अथवा मांगने वाली सभी संभावित कंपनियां (व्यक्तियों सहित) शामिल होंगी। इनमें केवल उन विशिष्ट कंपनियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जिन्हें कानून द्वारा शामिल किया गया है।

नवां, “जमाराशि” को इस तरीके से परिभाषित किया गया है कि जमा राशि लेने वालों पर प्राप्तियों के रूप में जनता की जमा राशि को छिपाने से रोक होगी और साथ ही अपने सामान्य व्यवसाय के दौरान किसी प्रतिष्ठान द्वारा धनराशि स्वीकार करने से रोक होगी।

दसवां, एक विस्तृत केन्द्रीय कानून होने के कारण विधेयक में कानून की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को अपनाया गया है साथ ही कानून के प्रावधानों को लागू करने की प्रमुख जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंपी गई है।

छापेमारी में नीरव मोदी के ठिकानों से हुयी 5100 करोड़ की संपत्ति जब्त

पंजाब नेशनल बैंक में हुये महाघोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी का भारत को छोड़ अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप व दुनिया के कई जगहों में कारोबार है। पीएनबी महाघोटाला प्रकाश में आने पर प्रवर्तन निदेशालय ने गुरूवार को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के भारतीय ठिकानों पर छापेमारी की गयी।


एक्शन में आने के बाद ईडी ने बताया कि इस घोटाले की रकम हांगकांग से निकाली गई थी। अब ईडी हांगकांग के अधिकारियों के साथ संपर्क कर जानने की कोशिश कर रही है कि इस रकम का क्या हुआ। ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी समेत इस घोटाले के चार आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किया है।

गुरुवार को ईडी ने नीरव मोदी के जयपुर, सूरत, दिल्ली समेत कुल 17 स्थानों पर छापेमारी की। नीरव मोदी के दफ्तरों, शोरूम और वर्कशाप पर छापेमारी के दौरान करीब 5,100 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की।

पीएनबी में 11,360 करोड़ रुपये के घपले में नीरव मोदी की कंपनियों और बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा के कुछ अन्य खातों की संलिप्तता उजागर होने के एक दिन बाद बड़े स्तर कार्रवाई शुरू की गई है। पीएनबी के कम से कम 10 बैंक कर्मियों को निलंबित किया गया है, लेकिन पीएनबी की कर्ज अनुमति कमेटी या निदेशक मंडल से कोई इनमें शामिल है या नहीं, यह अभी साफ नहीं हुआ है।

सीबीआई ने पिछले सप्ताह मोदी और उनकी पत्नी एमी और भाई निशाल व मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इससे पहले पीएनबी ने 29 जनवरी को 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर इन चारों के खिलाफ शिकायत की थी।

यह धोखाधड़ी का मामला साल 2011 का है. बताया जाता है कि नीरव मोदी ने पीएनबी और अन्य बैंकों को लिखा था कि वह बकाए की वापसी कर देंगे। मालूम हो कि नीरव मोदी का कारोबार भारत के अलावा यूरोप, अमेरिका, ब्रिटेन, मध्यपूर्व और सुदूर पूर्व में भी है।

आपको बता दें कि इस घोटाले की रकम विजय माल्या के 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने से मुकरने से बड़ी है। बैंकों को चूना लगाने के ये मामले तब उजागर हो रहे हैं जब बैंकों के डूबे हुए कर्ज को लेकर भारतीय बैंकिंग प्रणाली सवालों के दौर से गुजर रही है।

फिल्म बत्ती गुल, मीटर चालू के मुहूर्त को पहुंचे त्रिवेन्द्र

अब उत्तराखंड सरकार ने फिल्म निर्माताओं से शूटिंग टैक्स नहीं लेने का मन बनाया है। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। गौरतलब है कि नई टिहरी में बत्ती गुल, मीटर चालू फिल्म की शटिंग शुरू हो गयी है। जिसके शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भी पहुंचे और उन्होंने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने के उत्तराखंड में शूटिंग टैक्स नहीं लेने की बात कही।

आपको बता दें कि शूटिंग के लिए प्रतिदिन दस हजार रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। जिसे अब नहीं वसूला जायेगा। कहा कि टिहरी में शूटिंग होने से अन्य निर्माता भी यहां आने के लिए प्रेरित होंगे।

यहीं नहीं मुख्यमंत्री ने फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर को मलेथा के वीर भड़ माधों सिंह भंडारी, प्रतापनगर के वीर गंगू रमोला के साथ ही परियों के देश कहे जाने वाले खैट पर्वत की कहानी भी सुनायी। इस दौरान शाहिद कपूर ने बड़ी तन्मयता के साथ सीएम की बातों को समझा।

सीएम ने शाहिद को बताया कि यहां की धरती पर अनेक ऐसे वीर हुए हैं, जिनके बारे में लिखा गया है। फिल्म के निर्देशक श्रीनारायण सिंह ने बताया कि नई टिहरी उन्हें बेहद पसंद आया है और यहां पर शानदार लोकेशन हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में भी शहर का नाम नई टिहरी ही रखा गया है। फिल्म में नाम नहीं बदला जाएगा। फिल्म में कुछ स्थानीय कलाकारों को भी लिया गया है।

इससे पूर्व शाहिद कपूर ने अपने प्रशंसकों को अपनी एक झलक के लिये काफी इंतजार भी कराया। सुबह से ही पडियार भवन में शूटिंग के लिए गए शाहिद दो बजे मकान से बाहर आए और सीधा वेनिटी वैन में चले गए। इस दौरान वहां सड़क के ऊपर खड़े प्रशंसकों को निराश होना पड़ा।

इसके बाद मुख्यमंत्री के आने से शाहिद ही झलक को बेताब प्रशंसकों के लिये अच्छा रहा। इस दौरान प्रशंसक शाहिद को देख पाए। साथ ही शाहिद की तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद कर सके।

उपराष्ट्रपति नायडू बोले रोजगार हर किसी को देना मुश्किल

पकौड़ा पॉलिटिक्स का शोर देश में अभी थमा भी नहीं था कि अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का नया बयान देश में नई बहस छेड़ सकता है

रोजगार के मामले पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, हर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता। कोई भी सरकार यह नहीं कह सकती कि वो सभी को रोजगार देने में सक्षम है।

उन्होंने आगे कहा कि हमें यह समझने की जरुरत है कि शिक्षा का मतलब रोजगार देना नहीं होता, लेकिन इससे खुद में सुधार दिखता है। पकौड़े पर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह हर किसी के काम करने के तरीके पर निर्भर करता है, पकौड़ा बेचना भी एक काम है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, इलेक्ट्रीशियन, टेलर और सेनेटरी जैसे हर क्षेत्र में लोगों की भारी कमी है। प्लंबर से लेकर फॉल सीलिंग तक हर क्षेत्र में कुशल मजदूरों की कमी है। अगर हम ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं मुहैया कराएं तो लोग बाहर नहीं जाएंगे। आपको इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत चीजों में सुधार लाना होगा।

रोजगार और पकौड़ा पॉलिटिक्स पर अपनी राय देने के बाद अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एयरहोस्टेस को नया नाम भी दिया। उन्होंने एयरहोस्टेस को गगनसखी कहा। उन्होंने बताया कि इस शब्द के अनुवाद के लिए उन्हें कोई शब्द नहीं मिला।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पैसा बॉथरुम और बेडरुम हर जगह पड़े हुए हैं। अगर ये पैसे बैंक में आ जाएं तो इंटरेस्ट रेट में कमी आएगी। जन धन योजना का महत्व 8 दिसंबर, 2016 के बाद समझ में आया जब लोगों ने बताया कि उनके नौकर और ड्राइवर के पास भी बैंक खाता है। कुछ लोगों ने सुबह इसकी जमकर आलोचना की लेकिन शाम को वो इसी के साथ काम करते नजर आए।

सपा प्रवक्ता का कहना, लोस चुनाव में मोदी का विकल्प अखिलेश

लोकसभा चुनाव होने में अभी चौदह महीने रह गये है। उधर, कांग्रेस ने राहुल गांधी के चेहरे को आगे करके चुनाव में उतरने के लिए कदम बढ़ा दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश में मोदी का विकल्प राहुल गांधी हैं और देश की जनता राहुल को प्रधानमंत्री देखना चाहती है।

सुरजेवाला की इस बात से कांग्रेस को एनसीपी का समर्थन मिला है। तो वहीं, दूसरे विपक्षी दलों में अलग-अलग राय दी है। समाजवादी पार्टी राहुल के बजाय अखिलेश यादव को मोदी का विकल्प बता रही है। आरजेडी कांग्रेस के फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं है, लेकिन मोदी के मुकाबले राहुल की राजनीति के साथ खड़े होने की बात कह रही है।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा- बेशक मौजूदा समय में राहुल गांधी ही मोदी का विकल्प हैं। कांग्रेस की राय से मैं पूरी तरह सहमत हूं. गुजरात विधानसभा चुनाव और राजस्थान के उपचुनाव के नतीजों से साफ हो गया है कि राहुल गांधी में नेतृत्व करने की क्षमता है। जिस तरह से राहुल गांधी ने अपनी राजनीति से बीजेपी को मात देनी शुरू की है। उससे साफ है कि 2019 का चुनाव विपक्ष की तरफ से मोदी के मुकाबले राहुल गांधी ही विकल्प होंगे।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ये जनता तय करेगी कि मोदी का विकल्प कौन है? कांग्रेस पार्टी के नेता अपने नेता की बात कर रहे हैं। ये उनकी राय होगी। जबकि सपा मानती है कि गांव और गरीब की बात करने वाले अखिलेश यादव बड़ा विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में अखिलेश यादव ने विकास का वैकल्पिक मॉडल दिया है। इतना ही नहीं अखिलेश ओबीसी और किसान परिवार से निकले हैं उनके दर्द को समझते हैं। ऐसे में मोदी के सामने सबसे बेहतर विकल्प अखिलेश होंगे।

राहुल पर विचार

आरजेपी के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारी सकारात्मक सोच है, लेकिन लोकतंत्र में सामूहिक फैसला होना चाहिए। 2019 के लिए राहुल के नाम को आगे बढ़ाती है तो विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में मोदी की तुलना में राहुल की राजनीति भारत की आत्मा के ज्यादा करीब है। मोदी जहां विध्वंस की राजनीति करते हैं तो राहुल सर्वसमाज को लेकर चलने वाली राजनीति करते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि देश में नरेंद्र मोदी का विकल्प सिर्फ कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी हैं। देश में आज दो मॉडल्स हैं। एक है मोदी मॉडल है वो दिन में छह बार कपड़े बदलते हैं, वो देश से ज्यादा अपने कपड़ों को अहमियत देते हैं। जबकि दूसरा, राहुल मॉडल है, वो सादगी से रहते हैं और अपनी बात साफ-साफ कहते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की लहर चलने वाली है और देश की जनता राहुल गांधी को पीएम के रूप में देखना चाहती है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस उसी तर्ज पर चल रही है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव से एक साल पहले बीजेपी ने 2013 से ही नरेंद्र मोदी को पीएम के चेहरे के तौर पर पेश किया था। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ कई सहयोगी दल साथ आए थे। इनमें राम विलास पासवान की लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और अनुप्रिया पटेल की अपना दल सहित कई सहयोगी दल जुड़े थे। इसके अलावा कई नेताओं ने कांग्रेस सहित कई पार्टी से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। कांग्रेस उसी तर्ज पर अब राहुल के नाम को आगे बढ़ाने में जुटी है।

एक बार फिर नये अवतार में उतरी पनडुब्बी करंज

भारत की समुद्री शक्तियों में उजाफा हो रहा है। इस संबंध में भारतीय नौसेना में स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी करंज को मंगलवार में शामिल किया गया। इसे मुंबई के मझगांव डॉक पर लांच किया गया।
करंज को पूरी तरह से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। कलवरी और खांदेरी के बाद करंज के शामिल होने भारत की समुद्री ताकत मजबूत होगी। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और अरब सागर के पास पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए ये सबमरीन काफी अहम भूमिका निभाएगी। चीन और पाकिस्तान के लिए करंज को अपनी रडार में लेना काफी मुश्किल साबित होगा।
आपको बता दें कि करंज इससे पहले चार सितंबर, 1969 को भारतीय नौसेना में शामिल हुई थी, जिसके बाद 2003 में रिटायर हुई थी। अब एक बार फिर नए अवतार के साथ इसे लॉन्च किया गया है।

खास बातें –

– दुश्मन के लिए रडार में आना मुश्किल

– जमीन पर हमला करने में भी सक्षम।

– लंबे समय तक पानी में रुक सकती है।

भारत की 2029 तक 24 पनडुब्बियां बनाने की योजना है। इसके पहले प्रॉजेक्ट पी-75 के तहत स्कॉर्पीन सीरीज की छह पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। डीजल-इलेक्ट्रिक दोनों ही तरह की ताकत से लैस इस पनडुब्बी के आने के बाद से नौसेना के पास कुल पनडुब्बियां 14 हो जाएगी। कंरज इस सीरीज की तीसरी पनडुब्बी है।

मोदी के दावोस भाषण को चीन ने सराहा

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का कायल प्रतिद्वंद्वी देश चीन भी हुआ है। चीन ने मोदी के भाषण की सराहना करते हुये आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और संरक्षणवाद को दुनिया की तीन सबसे बड़ी चुनौती माना है और यही बात पीएम मोदी ने भी अपने भाषण के दौरान कही।

मोदी के दावोस के भाषण की सराहना कर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि हमने नरेंद्र मोदी का संरक्षणवाद के खिलाफ दिया भाषण सुना। ये बयान दर्शाता है कि मौजूदा वक्त में ग्लोबलाइजेश दुनिया का ट्रेंड बन गया है। इससे विकासशील देशों समेत सभी देशों को लाभ पहुंचता है। संरक्षणवाद के खिलाफ लड़ने और ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने में भारत और चीन के बीच काफी समानता है।

प्रधानमंत्री मोदी के बयान का समर्थन करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत समेत दुनिया के सभी देशों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया है। साथ ही दुनिया की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाने के लिए आर्थिक ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा था, ग्लोबलाइजेशन अपने नाम के विपरीत सिकुड़ता चला जा रहा है। मैं यह देखता हूं कि बहुत से समाज और देश ज्यादा से ज्यादा आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं।

इधर दावोस में विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सभी भारतीयों के लिए गर्व का विषय करार दिया है। अमित शाह ने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दावोस में भारत की ताकत और उम्मीदों को दुनिया के समक्ष बिल्कुल सही तरीके से पेश किया है। उन्होंने इस बात को भी शानदार तरीके से रखा कि कैसे भारतीय संस्कृति लोगों को जोड़ने में विश्वास रखती है न कि लोगों को विभाजित करने में। अमित शाह ने कहा, हजारों साल पहले लिखे गए हमारे शास्त्रों में वसुधैव कुटुम्बकम का जिक्र है। हम सभी हमारे साझा भाग्य से जुड़े हुए हैं।

जलवायु परिवर्तन पर अमित शाह ने इसे बहुत बड़ी वैश्विक चुनौती बताया। मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस संबंध में न सिर्फ महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है बल्कि उसे हासिल करने के लिए अभूतपूर्व कदम भी उठा रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर वैश्विक मंच से आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की है। डडब्ल्यूईएफ में भी उन्होंने दुनिया से आतंकवाद को परास्त करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

देश को मिला नया मुख्य चुनाव आयुक्त

देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत होंगे। वे मंगलवार यानि 23 जनवरी को अपना कार्यभार संभालेंगे। एके ज्योति 22 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही अशोक लवासा को चुनाव आयुक्त बनाया गया है।

वर्तमान सीईसी ज्योति ने अपने कार्यकाल के आखिरी वक्त में आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है, जिससे दिल्ली की सियासत बेहद गर्म हो गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में रावत का कार्यकाल 11 महीने का होगा। रावत इस साल दिसम्बर तक अपने पद पर रहेंगे। रावत की देखरेख में इस साल होने वाले राजस्थान, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के चुनाव भी शामिल हैं।

कानून मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने पूर्व वित्त सचिव अशोक लवासा को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। आयोग में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की गयी है। एक अन्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा हैं।

ओम प्रकाश रावत 1977 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। 14 अगस्त 2015 को उन्हें चुनाव आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले रावत मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक इंटरप्राइजेज में सचिव पद पर तैनात थे। 2 दिसंबर 1953 में उनका जन्म हुआ था। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उन्होंने डेब की है। अपने लंबे सेवाकाल में रावत राज्य के साथ-साथ केंद्र में भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश करने पर आप ने एके ज्योति पर दबाव में ये फैसला करने की बात कही है। साथ ही एके ज्योति को राज्यपाल बनाए जाने का लालच मिलने का भी आरोप लगाया।

सरकार पिछड़े जिलों को संवारने को कर सकती ये

केंद्रीय आम बजट में इन जिलों में विकास कार्यो में तेजी लाने के लिए खासी धनराशि आवंटित की जा सकती है। सरकार आम बजट 2018-19 में पिछड़े जिलों के संवारने के लिए कुछ नया कर सकती है।

नीति आयोग ने देशभर में 100 से अधिक पिछड़े जिलों के विकास की योजना तैयार की है। आयोग ने इन जिलों को एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट का नाम दिया है। इन जिलों के विकास के लिए आम बजट 2018-19 में मदद के विकल्पों पर विचार हो रहा है। इन जिलों के लिए बजट में आवंटित सहायता राशि को संबंधित राज्य सरकारों के माध्यम से खर्च किया जा सकता है। इनमें झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों के पिछड़े जिले शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इन जिलों के लिए खासी धनराशि आवंटित की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार इन जिलों के विकास के लिए धनराशि देने के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान भी बनाए जाएंगे। साथ ही सामाजिक-आर्थिक विकास के अलग-अलग पैमाने पर समयबद्ध लक्ष्य तय कर इनकी रैंकिंग की जाएगी। सरकार ने इन जिलों की स्थिति सुधारने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों में तैनात अतिरिक्त और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को प्रत्येक पिछड़े जिले का प्रभारी अधिकारी भी बनाया है। पिछड़े जिलों में वामपंथी अतिवाद से प्रभावित जिले भी शामिल हैं।

विकास की दृष्टि से पिछड़े ये जिले सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं। इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन जिलों के जिलाधिकारियों के एक सम्मेलन को संबोधित किया। नीति आयोग की ओर से आयोजित किए गए दो दिवसीय सम्मेलन का थीम कान्फ्रेंस ऑन ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स रखा गया था। इसमें पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की स्थिति पर चर्चा कर विकास की रणनीति तैयार की गयी। सूत्रों ने कहा कि इस रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए ही आम बजट में वित्तीय उपाय किए जाएंगे। बजट में आवंटित धनराशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए ही विकास के अलग-अलग मानकों पर इनकी रैंकिंग की जाएगी।