डीएम का निर्देशः योजनाओं को क्लब कर करें निर्माण, जनता को मिलेगी सहूलियत

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में जल संस्थान, यूपीसीएल, यूएसडीडीए, एडीबी, टाटा, वोडाफोन, एयरटेल सहित 10 विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा सीवर लाइन, पेयजल लाइन, विद्युत लाइन, फाइबर केबल को भूमिगत करने संबंधित 63 नए और 22 पुराने प्रस्तावों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने परियोजनाओं के चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों एवं शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा करने की अनुमति प्रदान की। जबकि क्रिसमस और नव वर्ष को देखते हुए नए परियोजना के सार्वजनिक सुविधा वाले जरूरी कार्याे को 02 जनवरी के बाद ही अनुमति जारी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता जैसे बिजली लाइन, पेयजल, सीवरेज और गैस पाइप लाइन भूमिगत करने के लिए रात को सड़क खोदने की अनुमति दी जाएगी, किंतु इन सभी कार्यों पर प्रशासन की क्यूआरटी पैनी नजर रखेगी। जिलाधिकारी ने सीओ ट्रैफिक एवं क्यूआरटी को निर्देश दिए कि मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट दी जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई छोड़ देना या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से गुरेज नहीं करेगा। जहां पर रात्रि को सड़क खुदाई की जाएगी वहां पर सुबह तक गढ्डा भराना का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। सुरक्षा के दृष्टिगत खुदाई साइट पर बैरिकेडिंग व साइनबोर्ड होना भी अनिवार्य है। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे मुख्य मार्ग पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ही कार्य करें। केवल कुछ आंतरिक मार्गों पर ही दिन में अनुमति दी गई। डीएम ने कहा कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर, मशीनरी लगाते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समाप्ति के बाद डब्लूपीएम करते हुए सड़क को वाहनों के चलने योग्य बनाना अनिवार्य है। जिन परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है वहां पर तुरंत सड़क को ब्लैकटॉप कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बेरिकेटिंग और साइट सुपरविजन का पूरा ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने चेताया कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था से जनता को परेशानी हुई तो जिम्मेदार विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई तय होगी।

जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, यूएसडीडीए, एडीबी एवं अन्य संस्थानों को आपसी समन्वय से किसी एक स्थान पर योजनाओं को क्लब करते हुए निर्माण कार्य करने पर जोर दिया। कहा कि इससे बार-बार सड़क खराब नही होगी और जनता को भी सहुलियत मिलेगी।

बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, सीओ ट्रैफिक जगदीश पंत सहित समिति के अन्य सदस्य एवं विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

डालनवाला पुलिस स्टेशन में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार, अव्यवस्था और गंदगी पर मुख्यमंत्री सख्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री धामी अचानक पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां की संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस स्टेशन में आए कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए तथा उनका तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और वहां मौजूद महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर का भी निरीक्षण कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल समुचित साफ-सफाई एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव तथा अपराध नियंत्रण को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल पुलिस स्टेशन पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख़्त शब्दों में कहा कि “ *कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।”*

सीएम धामी ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग तथा खेल विभाग द्वारा प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय, रायपुर (देहरादून) में संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। भविष्य में मुख्यमंत्री श्री धामी प्रत्येक जिले में भ्रमण के दौरान अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, दिनचर्या और चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने युवाओं से यह भी पूछा कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान किन-किन सुविधाओं की आवश्यकता महसूस हो रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध शारीरिक प्रशिक्षण, दौड़ अभ्यास, खेल गतिविधियों एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को दी जा रही सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, ताकि वे पूरी आत्मविश्वास के साथ देश की सेवा के लिए चयनित हो सकें।

युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं भी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित खेल गतिविधियों में भाग लिया और युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर अपडेट किया जाए तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सहायता से युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीर योजना देश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा इस योजना के माध्यम से देश सेवा के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बनें। युवाओं को हर संभव सुविधा और मार्गदर्शन देना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं को देश की तीनों सेनाओं में सेवा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करती है। कम आयु में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा न केवल देश की सुरक्षा में योगदान देते हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी कौशल भी अर्जित करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मानना है कि अग्निवीर प्रशिक्षण युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त करता है। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और टीम भावना के माध्यम से युवाओं में निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना से प्रशिक्षित युवा सेवा अवधि के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनते हैं। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल जैसे अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व और तकनीकी दक्षता उन्हें निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करती है।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के अधिक से अधिक युवा अग्निवीर योजना का लाभ उठा सकें। इसके लिए राज्य में निःशुल्क प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन, अनुभवी प्रशिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव डॉ. आशीष चौहान सहित खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा प्रांतीय रक्षक दल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार, डीएम ने तत्काल एडीओ की तैनाती के दिए आदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिकेश तहसील परिसर में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन सुनवाई में 326 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी समस्याएं सुनी और अधिकांश शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान किया। शेष मामलों पर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं को गंभीरता से ले और प्राथमिकता पर उनका समाधान सुनिश्चित करें। जन सुनवाई के दौरान लोगों ने पेयजल, सडक, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र निर्गमन, पेंशन, खाता खतौनी, राजस्व संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न समस्याएं रखीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण करना है। जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

ऋषिकेश में डीएम की जनसुनवाई में जनसैलाब उमडा। शाम 7ः30 बजे रात तक नान स्टाप मैराथन जन सुनवाई में कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हुआ। ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से ऋषिकेश में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के आदेश दिए।

ऋषिकेश में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मीट की दुकान संचालित होने तथा बिना लाइसेंस के पशुओ का बध करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त व एसडीएम ऋषिकेश को फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ टीम बनाकर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में जोगीवाला के समस्त ग्रामवासियों ने नशामुक्ति केंद्र से हो रही परेशानियां डीएम के सामने रखी। इस पर एसडीएम को जांच करते हुए केंद्र के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गणेश विहार निवासी 80 वर्षीय मनीराम ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके बेटे मनमाने ढंग से उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल कर रहे हैं। इसके साथ ही बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर व विमला देवी को अपनी भूमि संबंधी मामलों पर भी जिलाधिकारी ने सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिक सलाह तथा निशुल्क सरकारी वकील उपलब्ध कराने को प्रेषित किया ।

भटोंवाला निवासी व्यथित विधवा अनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगायी कि उनके पति द्वारा बैंक से ऋण लिया गया था जिसका बीमा भी कराया था, पति की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई जिस कारण बैंक वाले अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक उन सभी के नाम नोटिस भेज रहे हैं जिसमें 12 वर्षीय नाबालिक बच्चों के नाम में नोटिस भेजा जा रहा है। इसका बच्चों पर मानसिक दुष्प्रभाव पड रहा हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से बीमा का क्लेम दिलाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बैंक की आरसी जारी करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के पार्षदों ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि यूपीसीएल के आवासों में किराएदार रखें गए है जो खुलेआम बिजली चोरी करते हैं। इसके अलावा निगम क्षेत्र में विद्युत के कई पल जर्जर स्थिति में है जिनको विभाग द्वारा ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए है।

फरियादी पंकज गुप्ता ने हीरालाल लाल मार्ग पर सीवर लाइन न होने की समस्या पर पेयजल निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रेलवे रोड ऋषिकेश पर कोई भी शौचालय न होने और यहां नगर निगम की खाली भूमि पर महिला शौचालय बनाने की मांग पर निगम को समस्या का समाधान करने को कहा गया। सीमा डेन्टल और गुमानी वाला में खाली भूमि पर निराश्रित गौवंश के लिए गौशाला सचालन हेतु सीवीओ को कार्रवाई करने को कहा।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने राइका सत्य मित्रानंद हरीपुर कलां में शिक्षकों की कमी, रायवाला मुख्य बाजार में ट्रैफिक लाइट की समस्या और निराश्रित पशुओं के लिए गौशाला न होने की समस्या पर जिलाधिकारी में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। फरियादी अभिषेक चावला ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी रास्ता बंद कर दिया है जिससे वह अपने प्लॉट पर मकान नहीं बना पा रहे।

ऋषिकेश नगर निगम में शामिल किए गए 17 ग्रामीण वार्डों में पानी का बिल ज्यादा आने की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। गड़ी एवं भल्ला फार्म में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने की निर्देश दिए गए। जन सुनवाई में रजिस्ट्री में गडबडी, निजी भूमि पर अतिक्रमण, जमीन धोखाधडी, सीवर लाईन, यूनीपोल, सामाजिक पेंशन आदि मुद्दे छाए रहे

जन सुनवाई के दौरान ऋषिकेश विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डा. एमके शर्मा, एसडीएम योगेश मेहरा, पीडी डीआरडीए विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

लालपानी में अनुबंध शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, डीएम ने तलब की विस्तृत रिपोर्ट, पेनल्टी, कार्रवाई तय

जिलाधिकारी ने आज ऋषिकेश के लालपानी क्षेत्र में निर्माणाधीन एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की समीक्षा की।

ऋषिकेश अमित ग्राम में नगर निगम के माध्यम से 23.15 करोड़ की लागत से 240 मेट्रिक टन पर डे ठोस अपशिष्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यदाई संस्था निकाफ कंपनी को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी द्वारा दिसंबर 2025 में कार्य पूर्ण किया जाना था, परंतु कंपनी द्वारा अभी तक मौके पर 60 प्रतिशत कार्य किया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम और कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। डीएम ने अनुबंध की निर्धारित शर्तो और टाइम लाइन का पूरा ब्यौरा और प्लांट निर्माण के कार्यों में परिलक्षित समस्याओ की रिपोर्ट तलब की है। प्लांट में अभी तक एलटीपी मशीनें सेटअप न होने पर भी डीएम ने नगर आयुक्त को फोलोअप करने और मशीन इंस्टालेशन कार्यो को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्लांट में स्थापित की जा रही मशीनरी, कचरा पृथक्करण व्यवस्था, लीचेट ट्रीटमेंट और भविष्य की संचालन योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर प्लांट को शीघ्र संचालित किया जाए।

इस अवसर पर महापौर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना पड़ा भारी, जिला प्रशासन ने की कार्यवाही

जिले के बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित बकाया वसूली के तहत रू 87.50 करोड़ की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने सुभारती समूह से बकाया राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी बड़े या छोटे बकायेदार को बकाया राशि न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा। जनपद में राजस्व वसूली को गति देने तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यवाही कर कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने द्वारा जारी कुर्की वारंट से स्पष्ट किया गया है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जनता के धन की लूट करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे एवं बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जिन्होंने लंबे समय से देय राशि जमा नहीं की है या जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इनके विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाकर तत्परता से वसूली सुनिश्चित की जाए।

संस्थान को 6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना भारी पड़ गया है, जिला प्रशासन ने वसूली वारंट जारी कर दिया है, अगले कुछ ही दिवसों में संस्थान का बैंक खाता सीज संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने डीएम से की सिफारिशचिकित्सा शिक्षा निदेशक ने संस्थान से पूर्ण वसूली के जाने के सिफारिश जिलाधिकारी को की थी।

शैक्षिणक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाये द्वितीय बैच के कुल 74 छात्रों द्वारा मा० उच्चतम न्यायालय में एंव रिट याचिका (सिविल) योजित की गई थी, जिसमें में छात्रों की ओर से संस्थान में संरचना उपलब्ध नहीं है, से लगतार शिक्षा प्राप्त नही कर सकते है। याचिका में एम०सी०आई० द्वारा अपने तथ्य रखे गये थे और याचिका में यह प्रश्न था कि छात्रों को अन्य संस्थान में प्रवेश देकर अन्तरित किया जायें। वर्ष 2019 में मा0 उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया गया था कि 300 छात्राओं को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अन्तरित किया जाये। मा० उच्चतम न्यायालय ने यह भी आदेश दिया गया था कि यह छात्र केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज में लागू फीस का ही भुगतान करेगे। मा० उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश को 12 अप्रैल 2019 के आदेश में पुनः पुष्ट किया गया था। श्रीदेव सूमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में इन सभी 300 छात्राओं को राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समयोजित किये जाने हेतु लगभग एक नये मेडिकल कॉलेज को खोलने के अनुरूप अपेक्षित संरचना स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसमें राज्य सरकार पर अनापेक्षित वित्तीय भार आ गया था, जबकि उक्त संस्था द्वारा इन छात्रों से शुल्क बिना किसी काम के संग्रहित किया गया था।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व की हानि किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। बकायेदारों द्वारा देरी या भुगतान से बचने की प्रवृत्ति पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल तैयार करें, प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करें, लगातार फॉलोअप करते हुए वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, आवश्यक होने पर कुर्की, नोटिस, बैंक खाता कुर्की या अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जनता की कमाई से जुटाया गया धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ चलाया जाए ताकि जनपद में राजस्व वसूली की स्थिति मजबूत हो सके।

देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका

देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

*जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’*

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।

*उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय*

विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।

*स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान*

सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

*सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति*

इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पीआर विजन 2047 विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका:धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस–2025 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया तथा कॉन्फ्रेंस स्थल पर आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण कर स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन दिया।

देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” थीम पर केंद्रित है।

सम्मेलन का उद्घाटन आज 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, मीडिया व जनसंपर्क की भूमिका, तकनीक, GST, AI, साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे। रूस से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देगी। 15 दिसंबर को सम्मेलन का समापन होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देशभर से आए जनसंपर्क विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों एवं युवा प्रतिभाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम “पीआर विजन फॉर–2047” विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पब्लिक रिलेशन केवल सूचना संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अंग बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में, जहाँ एक ओर सूचना की प्रचुरता है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना की चुनौती भी गंभीर है। ऐसे में सरकार और जनता के बीच सही, समयबद्ध और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदाओं एवं सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विश्वास की बुनियाद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, धार्मिक एवं पर्यटन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भविष्य की पीआर प्रणाली को तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा, ताकि सरकार और जनता के बीच आदेश का नहीं बल्कि साझेदारी और विश्वास का संबंध स्थापित हो सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पब्लिक रिलेशन संकट के समय एक सक्षम कमांड सेंटर की भूमिका निभाने के साथ-साथ, देश के लिए सकारात्मक नैरेटिव गढ़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से निकला यह विजन विकसित भारत–2047 के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2024–25 में लगभग 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने जा रहा है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य में बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी और बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक कमी आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना का विकास तेज़ी से किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन, वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे, रोपवे परियोजनाएं तथा हवाई अड्डों के विस्तार जैसे कार्य राज्य के विकास को नई गति दे रहे हैं। साथ ही शीतकालीन यात्रा की पहल के माध्यम से वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेश, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में राज्य को उल्लेखनीय सफलता मिली है। सिंगल विंडो सिस्टम, नई औद्योगिक एवं स्टार्टअप नीतियों से उत्तराखंड निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आया है।

उन्होंने कहा कि “एक जनपद–दो उत्पाद”, हाउस ऑफ हिमालयाज, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति जैसी योजनाएं स्थानीय आजीविका को मजबूती प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में उत्तराखंड की उपलब्धियाँ राज्य के पारदर्शी, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित शासन का प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, जनसंख्या संतुलन और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नीतियाँ और नवाचार आज देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन रहे हैं और विकसित भारत–2047 की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” थीम पर केंद्रित है।

इस अवसर पर अपर सचिव और सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी को पीआरएसआई द्वारा सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया |

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, परमार्थ निकेतन से स्वामी चिदानंद मुनि, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, रूसी प्रतिनिधि माइकल मस्लोव, दाव्यदेंको यूलिया, अन्ना तलानीना सहित देशभर से आए जनसंपर्क कार्मिक एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।

बुजुर्ग पिता की आकस्मिक मृत्यु पश्चात ऋण बीमा होते हुए भी अदायगी लिए किया जा रहा था प्रताड़ित, डीएम ने दिलाया न्याय

जनपद देहरादून में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा एक बुजुर्ग विधवा कमलेश तथा उनकी नामिनी असहाय पुत्री प्रीति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने तथा बीमित ऋण पर क्लेम प्राप्त होने के बावजूद अतिरिक्त धनराशि जमा कराने के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल के हस्तक्षेप से पीड़िता को न्याय मिला है। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए बैंक की 3.30 लाख की आरसी काटी गई, जिसके उपरांत बैंक ने 24 घंटे के भीतर 3.30 लाख रुपये का चेक नामिनी पुत्री प्रीति के नाम जारी कर दिया।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके पिता स्व0 राजेन्द्र पाल ने वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ौदा से  रू0 13 लाख का ऋण लिया था। बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कहने पर ऋण को सुरक्षित करने के लिए इसका बीमा कराया गया। वर्ष 2023 से अप्रैल 2025 तक उनके पिता द्वारा रू0 22,295 प्रतिमाह की नियमित किस्तें जमा की गईं। अप्रैल 2025 में उनके पिता का निधन हो गया, जिसकी सूचना तत्काल बैंक और बीमा कंपनी को दे दी गई। जून 2025 में बीमा कंपनी द्वारा ऋण क्लेम की राशि बैंक में जमा कर दी गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा न तो नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा था, बल्कि प्रीति सिंह पर रू0 3,30,980 अतिरिक्त जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था, तथा सम्पति को जबरन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी।

जिलाधिकारी का हस्तक्षेप पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा जांच में पाया गया कि बीमा क्लेम राशि प्राप्त होने के बाद भी बैंक द्वारा अनुचित रूप से धनराशि की मांग की जा रही थी। इस पर बैंक की रू0 3,30,980 की आरसी काटी गई। आरसी कटते ही बैंक ने 24 घंटे के भीतर नामिनी प्रीति सिंह के नाम 3.30 लाख रुपये का चेक जारी कर दिया, जिसे आज जिलाधिकारी द्वारा प्रीति सिंह को सौंप दिया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ वित्तीय संस्थान द्वारा की जाने वाली मनमानी और अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद प्रशासन हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करता रहेगा।” तथा भविष्य में भी इस प्रकार के मामलो पर कठौर एक्शन लिया जाएगा।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यस्था सुनाते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ोदा से 13 लाख ऋण लिया था तथा बैंक के अधिकारियों कर्मचारियों के कहने पर ऋण सिक्योर करने हेतु ऋण का बीमा कराया था। उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 से अपै्रल 2025 तक 22295 प्रतिमाह किस्त भरी थी किन्तु अपै्रल 2025 में पिता की मृत्यु हो जाने पर बैंक जिसकी सूचना उनके द्वारा बैंक व इंश्योरेंश कम्पनी को दी गई तथा इंश्योरेंश कम्पनी द्वारा जून में ऋण के क्लेम की धनराशि बैंक में जमा करा दी किन्तु बैंक द्वारा उनको न तो नो ड्यूज दे रहा है तथा 330980 धनराशि जमा कराने का दबाव बनाते हुए समपति जब्त करने की धमकी दे रहे हैं। जिला पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को कार्यवाही के निर्देश दिए। जहां जिला प्रशासन द्वारा बैंक की धनराशि रू0 330980 की आरसी काट दी। बैंक की आरसी कटते ही बैंक 24 घंटे के भीतर प्रीति के नाम 3.30 धराशि का चैक काट दिया, जिसे आज जिलाधिकारी ने प्रीति सिंह को उपलब्ध करा दिया।

सीएम ने नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास व लोकापर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून महानगर में 46 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में देहरादून नगर निगम ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए, देहरादून को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देहरादून नगर निगम स्थापना दिवस का ये अवसर उन उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विकास के सपनों को धरातल पर साकार करने का भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश में अनेकों परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को विकसित किया गया है। इसी तरह स्मार्ट सिटी मिशन नगर विकास का एक आदर्श नगर विकास के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की है। हरित और स्वस्थ देहरादून बनाने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 35 पार्कों का निर्माण भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर के सबसे बड़े पार्क का निर्माण करा रही है। वहीं वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से शहर में 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ शहर की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘रीन्यू रिस्पना’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वाँ स्थान हासिल किया है। साथ ही, सर्वोच्च स्वच्छ शहरों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में भी देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके लिए, विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उतकृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे विकास कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, नगरायुक्त नमामि बंसल सहित अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित हुए।

*शिलान्यास*
1 – किरसाली चौक से सहस्त्रधारा कॉसिंग की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-264.21 लाख।
2 – मोथरोवाला में मृत पशु शवों के निस्तारण हेतु गैस चलित पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य लागत-147.89 लाख ।
3. कैनाल रोड़, लक्जूरिया फार्म से अजन्ता होटल की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-247.58 लाख।
4. कुठाल गेट से राजपुर चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-257.67 लाख ।
5. धण्टाघर से आर०टी०ओ० चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-165.84 लाख ।
6. धण्टाघर से यमुना कालोनी की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-193.11 लाख।
7. विवेकानन्द चौक से कुठाल गेट की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-234.79 लाख।

*लोकापर्ण*
8. वार्ड सं0-60 आई०टी० पार्क रोड़ में पार्क विकास कार्य लागत-116.75 लाख । 9. नगर निगम की कॉफी टेबल बुक/डायरी / ई-आफिस का अनावरण।
10. मैकेनाइज स्मार्ट कार पार्किंग लागत-3.29 करोड़।
11. राजपुर रोड़ पार्किंग लागत-1.00 करोड़।
12. धोरण में मैकेनाइज ट्रान्फर स्टेशन का निर्माण लागत रू0-6.29 करोड़।