27 फरवरी को मुख्यमंत्री करेंगे श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय कैंपस में शिलान्यास

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आगामी 27 फरवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऋषिकेष विधानसभा आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बता दें कि क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के अथक प्रयासों से श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के ऋषिकेश कैंपस पर शैक्षणिक व प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया जा रहा है, इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिरकत करेंगे।
बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा ली गई। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी का ऋषिकेश विधानसभा में प्रथम बार आगमन होना है, इसके चलते उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
डा. अग्रवाल ने बताया कि युवाओं द्वारा मुख्यमंत्री के स्वागत में मोटर साइकिल रैली निकाली जाएगी और जगह-जगह कार्यकर्ता व व्यापारियों द्वारा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश का पहला ऐसा राज्य उत्तराखंड है जहां मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया गया है। साथ ही प्रदेश में शिक्षा के अतिरिक्त हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में उनके द्वारा ऋषिकेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किये गए। इसी के परिणामस्वरूप श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस यहां स्थापित हुआ है, उन्होंने बताया कि इसके लिए शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उनके आगमन पर ऋषिकेश विस क्षेत्रवासियों द्वारा आभार व्यक्त किया जाएगा।
डा. अग्रवाल ने कहा कि श्रीदेव सुमन विवि के कैंपस के स्थापित होने का लाभ ऋषिकेश विधानसभा के छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। इसी क्रम में यहां शैक्षणिक व प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया जा रहा है, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत द्वारा किया जाएगा।
इस मौके पर डा. अग्रवाल ने मुख्यमंत्री धामी के भव्य स्वागत की तैयारियों को लेकर प्रत्येक पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सतीश सिंह, जिला मंत्री दीपक धमीजा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, प्रतीक कालिया, मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र सुरेंद्र सिंह, मण्डल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, रायवाला शिवानी भट्ट, मण्डल महामंत्री नितिन सक्सेना, तनु तेवतिया, गौरव कैंथोला, दीपक जुगलान, चंद्र मोहन पोखरियाल, आशीष जोशी, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, निर्मला उनियाल, सोनी रावत, देवदत्त शर्मा, युवा मोर्चा ऋषिकेश मण्डल अध्यक्ष जगावर सिंह, हरीश तिवारी, रूपेश गुप्ता आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सोमेश्वर मंदिर से आरंभ हुई शिव बारात

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर द्वारा आयोजित श्री बरात कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने महाशिवरात्रि पर्व की शिव भक्तों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर सभी देवी-देवताओं में सबसे भोले है, भक्तों द्वारा सच्चे मन से मनोकामना मांगने पर शीघ्र पूरी करते हैं, इसके चलते उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव को जगत का पालनहार कहा जाता है, जब समस्त सृष्टि के समय विपत्ति आती है तो भगवान शंकर उसका निदान करते है। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान निकले जहरीले विष को भगवान शंकर ने ही पीकर अपने गले में ही रोक दिया था, इस कारण उनका नाम नीलकंठ भी पड़ा।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि महाशिवरात्रि मनाने के पीछे का कारण यह भी है कि आज के दिन देवो के देव महादेव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। जिसे शिवभक्त आज भी धूमधाम से मनाते हैं।

इस मौके पर महाराज रामेश्वर गिरी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सतीश सिंह, पार्षद राजेश दिवाकर, रूपेश गुप्ता, गोपाल सती, विवेक शर्मा, महंत विनय सारस्वत सहित शिव भक्त उपस्थित रहे।

मिश्र परिवार ने कराई ऐतिहासिक रही दंगल प्रतियोगिता

ऋषिकेश नगर निगम के प्रांगण में स्वर्गीय कमल नारायण मिश्र और स्वर्गीय शिव मोहन मिश्र की स्मृति में दंगल प्रतियोगिता आयोजित की गई। दंगल में विभिन्न प्रदेशों से आए पुरुष पहलवानों और रुड़की से आई महिला पहलवानों ने अपने दांव दिखाए।
लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सहयोग से आयोजित दंगल में देश के विभिन्न शहरों से आए नामी-गिरामी पहलवानों ने अपने जबरदस्त दांव पेच से दर्शकों की जहां खूब तालियां बटोरी। वहीं कुछ हैरतअंगेज अदाओं से लोगों को दातों तले उंगली दबाने पर मजबूर भी कर दिया।
दर्शकों की खचाखच भीड़ के बीच दंगल का शुभारंभ भारत माता मंदिर के महामंडलेश्वर महाराज ललितानंद गिरी ने किया। दंगल में कुल 32 कुश्तियां आयोजित हुई जिसमें सबसे बड़ी इनामी कुश्ती ₹11000 की मेरठ के उमेश पहलवान और दिल्ली के जसविंदर पहलवान के बीच हुई लेकिन तमाम जोर आजमाइश के बावजूद बराबरी का मुकाबला रहा जिसके चलते दोनों पहलवानों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया।
दोनों पहलवानों को दंगल के आयोजक ललित मोहन मिश्र और लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के अध्यक्ष रजत भोला ने ट्रॉफी एवं इनामी राशि प्रदान की।
लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने दंगल की अभूतपूर्व सफलता पर नगर वासियों का आभार जताया। ऋषिकेश का यह दंगल ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। दिल्ली मेरठ बिजनौर मध्य प्रदेश और अयोध्या, मध्यप्रदेश व उत्तराखंड के पहलवानों ने ऋषिकेश में अपना हुनर दिखाया। रेफरी जयप्रकाश ठेकेदार, राम प्रसाद भारद्वाज और श्याम बहादुर ने संयुक्तरुप से किया।
दंगल के दौरान लायंस क्लब डिवाइन के अध्यक्ष रजत भोला एवं उनकी पूरी टीम पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व पार्षद रवि जैन, समाजसेवी अजय गर्ग, घनश्याम, नगर निगम पार्षद मनीष शर्मा, राकेश मियां, राजेंद्र सिंह बिष्ट, नरेंद्र मैनी, राजेश अग्रवाल, हरदेव पनेसर, विनय उनियाल, दीप सुनेजा, संदीप खुराना, जोगेंद्र कुमार, अभिषेक शर्मा, सुनील तिवारी, नागेंद्र सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मुक्तिधाम ऋषिकेश को मिला एक और वाहन

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा मुक्तिधाम ऋषिकेश को एक (मोर्चरी वैन) शव वाहन श्री जयराम आश्रम के अध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया।
संस्थापक ललित मोहन मिश्र व अध्यक्ष रजत भोला ने बताया कि शहर का विस्तार होने के कारण तथा आबादी घनत्व बढ़ने के कारण नगर में मोर्चरी वैन की आवश्यकता बढ़ गई थी। ऐसे में देखा गया कि कई मर्तबा लोगों को पुराने मोर्चरी वैन के व्यस्त रहने के कारण काफी घंटे तक इंतजार करना पड़ता था, इस वाहन से इस समस्या से निजात मिल जाएगा।
इस अवसर पर जयराम आश्रम के अध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म की यही सबसे बड़ी विशेषता है कि यह परोपकार में सबसे आगे रहता है। लायंस क्लब डिवाइन द्वारा मोर्चरी वाहन उपलब्ध कराना इसी को दर्शाता है, सेवा कार्य करने में लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन का समाज में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने क्लब को इसी प्रकार ने कार्य करते रहने का आशीर्वाद भी दिया।
कार्यक्रम में मोहित गनेड़ीवाला, घनश्याम डंग, पूर्व अध्यक्ष महेश किंगर, पूर्व अध्यक्ष अशोक डंग, कपिल गुप्ता, राजपाल खरोला, दिनेश अरोड़ा, विकास ग्रोवर, मुकेश अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, विनीत चावला, हेमंत सुनेजा, प्रदीप गुप्ता, तरुण प्रभाकर, अंकित कालड़ा, कृष्णा कालड़ा, अमित सूरी, दीप शर्मा, पवन शर्मा, सुनील गुप्ता, नागेंद्र मिश्रा, पंकज गुप्ता, राजेश अग्रवाल, अनिल कक्कड़, दीपक तायल, संदीप खुराना, अभिषेक शर्मा, विक्की पनेसर, अनिरुद्ध गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

एनएच के खिलाफ शहर के व्यापारी लामबंद

एनएच के अधिकारी किसी भी तरह की कारवाई से पूर्व अपनी स्थिति स्पष्ट करें। यह मांग राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के व्यापारियों ने रेलवे रोड़ स्थित नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र के कार्यालय में आहुत बैठक में एक स्वर में कही।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि लोनिवि द्वारा अनेकों बार पूर्व के वर्षों में सड़कों की स्थिति विज्ञप्ति के माध्यम से जारी की गई है। जिसके आधार पर ही हरिद्वार रोड़ पर दुकानों एवं भवनों का निर्माण हुआ है। उसी आधार पर एन एच को कारवाई करनी चाहिए। उन्होंने व्यापारियों को कहा कि नियम विपरीत यदि प्रशासन द्वारा कारवाई की गई तो उसका पुरजोर विरोध किया जायेगा।
बैठक में रवि जैन, सुनील गुप्ता, शेखर कुमार, आशु डंग, अश्वनी गुप्ता, विजय सिंघल, ललित इच्पिलानि, दीपक गुप्ता, प्रदीप कुमार, अतुल सरीन, कमल अरोड़ा, विजेंद्र गौड़, सुनील ग्रोवर, कपिल कुमार, विनय गॉड, अंकित गॉड, किशोर मेहता, नरेश अग्रवाल, अनिल कुमार, शैलेंद्र चैहान, अखिल गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

अतिक्रमण का नोटिस देने से व्यापारी नेता भड़के

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण डोईवाला द्वारा हरिद्वार रोड पर व्यापारियों को अतिक्रमण के नोटिस दिए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि एनएच पहले सड़क की चैड़ाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करें। कहा कि नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमडल व्यापारियों के साथ किसी भी सूरत में अन्याय नहीं होने देगा।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि गत दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कुछ व्यापारियों को अतिक्रमण के नोटिस जारी किए गए, जिसमें सात फरवरी तक अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि द्वारा पूर्व में न्यायालय में घाट चैक से चंद्रभागा तक सड़क चैड़ाई 40 फीट बताई गई है, जो वर्तमान स्थिति के मुताबिक 40 फीट ही है, मगर एनएच द्वारा अधिकांश जगहों पर 40 फीट से ऊपर सड़क चैड़ी होना बताया जा रहा है,जो सही नही है। कहा कि वर्तमान अधिकारी पूर्व के अधिकारियो द्बारा जारी आदेशों को भी अनदेखा कर रहें है।
मिश्रा ने कहा कि एनएच व्यापारियों को बिना आधार के नोटिस देकर परेशान कर रहा हैं, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले सड़क की चैड़ाई स्पष्ट करने की मांग करता है, उसके पश्चात यदि किसी व्यापारी द्वारा अतिक्रमण किया गया है, तो व्यापार मंडल अतिक्रमण अभियान में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेगा।

न्यायालय के आदेश के बाद चेक बाउंस के आरोपी को राहत, हुआ दोषमुक्त

न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने चेक बाउंस के आठ साल पुराने मामले में आरोपी को राहत देते हुए अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला 2015 से न्यायालय में विचाराधीन था।

दरअसल, न्यायालय में दायर वाद में यह बताया गया कि शूरवीर सिंह कंडियाल निवासी ऋषिकेश ने सतेंद्र सिंह पोखरियाल को उधारी के तौर पर 40 लाख रूपये माह दिसंबर 2012 को दिये। जिसे मार्च माह 2013 तक न लौटा पाने पर सतेंद्र सिंह ने शूरवीर को दो चेक 20-20 लाख रूपये के 28 अप्रैल 2015 के दिए। जो 08 मई 2015 को बाउंस हो गए। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन था।

जबकि आरोपी सतेंद्र सिंह पोखरियाल के अधिवक्ता शुभम राठी ने ठोस पैरवी के चलते न्यायालय के समक्ष यह साबित किया कि वादी और आरोपी के बीच किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ है। अधिवक्ता शुभम राठी ने न्यायालय को बताया कि सतेंद्र पोखरियाल के जानकार ने वादीपक्ष से 13 लाख रूपये उधार लिये थे, जिसमें गारंटर के तौर पर उन्होंने दो चेक दिए थे। अधिवक्ता ने न्यायालय में यह साबित किया कि उधार की 13 लाख रूपये की रकम को वापस लौटा दिया गया। मगर, वादीपक्ष ने गारंटर के चेक वापस नहीं किए।

वहीं, इस मामले में न्यायालय राजेंद्र कुमार की अदालत के समक्ष वादीपक्ष 40 लाख रूपये का लेनदेन साबित नहीं कर सका। न्यायालय ने आरोपी सतेंद्र पोखरियाल निवासी गढ़ी मयचक होशियारपुर ऋषिकेश को दोषमुक्त किया है।

नुकीली वस्तु से हमला कर सेवादार को किया मृतक

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब परिसर में आज दोपहर मुख्य द्वार पर लंगर वितरण के दौरान एक व्यक्ति ने गुरुद्वारा के सेवक पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। हमला गर्दन पर पीछे से किया गया। घायल को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए एम्स रेफर किया गया है। गुरुद्वारा के अन्य सेवकों ने हमलावर को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहब लक्ष्मण झूला ऋषिकेश के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन गरीब लोग को भोजन वितरित किया जाता है। सोमवार की दोपहर करीब दो बजे भोजन समाप्त हो चुका था, इस दौरान एक व्यक्ति भोजन को लेकर विवाद करने लगा। वहां मौजूद आश्रम के सेवक कपिल शाह (45 वर्ष) हाल निवासी गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब परिसर ऋषिकेश ने इस व्यक्ति को समझाने की कोशिश की।

मगर, वह कपिल के साथ ही झगड़ा करने लगा। इस दौरान उसने किसी नुकीली चीज से उसकी गर्दन पर पीछे से वार कर दिया। कपिल वहीं गिर गया, जिसे तुरंत राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने कपिल शाह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया की गर्दन और छाती में बायीं ओर पेचकस से वार किया गया था। आरोपी की पहचान लक्की पुत्र करनैल सिंह निवासी शीशम झाड़ी, मुनिकीरेती के रुप में हुई है। पुलिस आरोपी को पकड़ कर मामले की जांच कर रही है।

धार्मिक स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं, संत समाज

संत समिति (रजि.) ऋषिकेेश ने महानंद आश्रम रेलवे रोड़ में बैठक की। बैठक में ऋषिकेश तीर्थनगरी क्षेत्र में तेजी से बदले जा रहे तीर्थनगरी के धार्मिक स्वरूप पर संत समिति ने चिंता जताई।

संत समिति के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत महाराज की अध्यक्षता में समिति की बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महंत विनय सारस्वत महाराज ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश का धार्मिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। यहां मौजूद सैकड़ों धर्मशालाओं, मठ और मंदिरों से तीर्थनगरी की पहचान पूरे विश्व में धार्मिक क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी। मगर, दुर्भाग्य का विषय है कि लगातार कुछ भू-माफियाओं द्वारा धार्मिक संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर उन्हें व्यवसायिक स्वारूप में तब्दील किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश चारधाम यात्रा का प्रमुख स्थल और प्रवेश द्वार है, यहां पूरे वर्ष भर लाखों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं। मगर, मंदिर, मठ और धर्मशालाओं के अभाव में तीर्थयात्रियों को अन्न क्षेत्र और धर्मशालाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। लगातार खुर्द-बुर्द हो रही धर्मशालाओं व अन्न क्षेत्रों के कारण विगत कुछ वर्षों से यात्रियों को सड़कों पर खुले आसमान के नीचे सोते हुए देखा जा सकता है।

महंत विनय ससरस्वत महाराज ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई धार्मिक संपत्तियों का स्वरूप बदला जा चुका है। जबकि वर्तमान में भी स्वामी विशुद्धानंद महाराज द्वारा स्थापित काली कमली ट्रस्ट द्वारा यात्रियों के निवास स्थान को व्यवसायिक उपयोग के लिए उसका स्वरूप बदला जा रहा है। टाल वाली धर्मशाला तथा स्थित न्यू बिल्डिंग में भी दुकानदारों को ऊपर के यात्री कमरों को भीतर से ही रास्ता देकर गोदाम बनाकर बेचा जा रहा है। इसी तरह सुभाष चैक स्थिति जिंदबाड़ा जो, राजा जिंद द्वारा संस्कृत विद्यालय, गोशाला व अन्य धार्मिक कार्यों के लिए दान दिया गया था, उसमें भी व्यवसायिककरण करने का प्रयास किया जा रहा है, पूरी तरह से निंदनीय है।

महंत विनय सारस्वत महपराज ने कहा कि संत समिति इस मामले को लेकर पूर्व में भी कई बार सरकार व प्रशासन को चेता चुकी है। मगर, इस पर अमल नहीं किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि जो भी धार्मिक संस्थाएं व ट्रस्ट, धार्मिक संपत्तियों का व्यवसायीकरण कर रहे हैं, संत समिति उसका विरोध करती है। संतों ने मांग की कि धार्मिक संपत्ति को बेचने और खरीदने वाले दोनों पक्षों के खिलाफ सरकार रासूका व गुंडप एक्ट के तहत कार्रवाई करे। इस अवसर पर प्रस्ताव पास किया गया कि संत समिति शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री व राज्यपाल से मुलाकात कर पूर्व में खुर्द-बुर्द हुई धार्मिक संपत्तियों को उनके पुराने स्वरूप में लाने तथा वर्तमान में खरीद-फरोक्त की जा रही संपत्तियों की जांच की मांग करेगी। साथ ही ऐसी संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग करेगी। यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो संत समिति उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेगी।

बैठक में प्राचीन सिद्ध सोमेश्वर महादेव मंदिर के शिवरात्रि के उपरांत भव्य शोभायात्रा में भी सभी संतों ने सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर समिति के महामंत्री महंत रामेश्वर गिरी महाराज, महंत पूर्णानंद, महंत कृष्णानंद महाराज, महंत राजेंद्र गिरी, महंत हरिनारायणाचार्य, महंत केवल्यानंद महाराज, महंत नित्यानंद गिरी, महंत निर्मल दास, महंत कृष्णकांत, स्वामी धर्मवीर दादूपंथी, महंत धर्मदास, महंत नित्यानंद पुरी, महंत बलवीर सिंह, महंत इंदर गिरी, महंत हृयग्रीवाचार्य, महंत सुंदरानन्द, महंत हरिदास महाराज, महंत धर्मानंद गिरी, महंत कृष्णकांत आदि संत उपस्थित थे।

ई-रिक्शा संचालकों ने बैठक कर एसोसिएशन का किया गठन

ई-रिक्शा संचालकों की एक आवश्यक बैठक ग्राम खदरी खड़क माफ में संपन्न हुई।

बैठक में सर्वसम्मति से ई-रिक्शा एसोसिएशन के गठन पर विचार विमर्श कर श्यामपुर ई-रिक्शा एसोसिएशन का गठन किया। जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत, उपाध्यक्ष उमेश जोशी, सचिव देवानंद बर्थवाल, सह सचिव राकेश सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष कुमार सिंह चैहान का चुनाव किया गया। कार्यकारिणी सदस्य हेतु सुशील लखेड़ा, मोहन कुकरेती, रोहिणीधर बर्थवाल, रमेश राणाकोटी, करण सिंह रावत, विक्रम सिंह रावत का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया

एसोसिएशन का कार्यकाल 3 वर्ष का तय किया गया साथ ही भविष्य में एसोसिएशन के कार्यालय व आधारभूत सुविधाओं के लिए कार्य करने का निर्णय हुआ, एसोसिएशन की मासिक बैठक प्रत्येक माह 11 तारीख को करने का निर्णय लिया गया, साथ ही एसोसिएशन के प्रपत्र ,स्टीकर, टोकन और अभिलेखों को भी बनाने का निर्णय लिया गया इस अवसर पर सभी ने नवगठित श्यामपुर ई रिक्शा एसोसिएशन की कार्यकारिणी के सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।