एसीएस ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

एसीएस राधा रतूड़ी ने सभी विभागों के अधिकारियों को समीक्षा बैठकों के निर्देशों के क्रियान्वयन में पत्राचार की औपचारिकता से आगे बढ़कर कार्यों को पूरा करने के लिए डेडलाइन निर्धारित करने की हिदायत दी है। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप अपने कार्यों की ऑनरशिप लेने की भी बात कही। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई विधान सभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

सचिवालय में एसीएस ने संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग, गृह विभाग, ऊर्जा विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा वन एवं पर्यावरण विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वन व अन्य संबंधित विभागों को राज्य में वन गुर्जरों, बोक्सा जनजाति तथा अन्य घुमंतू जनजातियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने, पुनर्वास तथा उनके विकास व कल्याण के लिए संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को पर्वतीय क्षेत्रों विशेषकर चारधाम यात्रा पर नये टावर लगाने के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

एसीएस राधा रतूड़ी ने आपदा प्रबन्धन विभाग को आपदा सुरक्षा सम्बन्धित कार्याे तथा ग्राम्य विकास विभाग को पीएमजीएसवाई योजनान्तगर्त सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत सम्बन्धी कार्य को पूरा करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर सचिव सविन बंसल, रंजना राजगुरू तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण करे पीडब्ल्यूडी विभाग-सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में पूर्व में जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठकों में लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं के निस्तारण के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु विभाग एवं शासन स्तर पर डेडीकेटेड अधिकारी सुनिश्चित कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने बागेश्वर जनपद के अंतर्गत पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई में अमीनो की शीघ्र तैनाती एवं चमोली में जोशीमठ-औली मोटरमार्ग का डामरीकरण और चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने चंपावत में मानसून के दौरान मुख्य मार्ग के बंद रहने वाले के कारण सूखीडांग-डाडामिनार मार्ग को वैकल्पिक मोटर मार्ग के रूप मिले जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए, साथ ही कार्य की टाइमलाइन निर्धारित की जाए। उन्होंने सभी कार्यों के महत्व के अनुरूप उनका वर्गीकरण कर अधिक महत्त्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में पार्किंग की समस्या विशेषकर पर्वतीय जनपदों में मल्टीलेवल पार्किंग, टनल पार्किंग की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीआरओ से सम्बन्धित प्रकरणों को उनके साथ मुख्य सचिव स्तर से अलग से बैठक आयोजित कर निस्तारित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा जनपदों में मार्ग सुधारीकरण की मांग की गई है, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र से शीघ्र कार्यवाही की जाए। शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों को भी तेजी से निस्तारित किया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने पौड़ी में सड़क की जांच करने और दोषियों को पर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद पौड़ी के एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत विकास भवन सभागार में सम्बंधित अधिकारियों के साथ आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों तथा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने आपदा से हुई क्षति की जानकारी लेते हुए पुर्नस्थापना कार्य को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 24 घंटे के भीतर बंद सड़कों को खोलने का प्रयास करें तथा कहा कि जहां स्थिति ज्यादा खराब है वहां वैकल्पिक मार्ग बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर जनपद की समस्त सड़कों को गड्डा मुक्त बनाना सुनिश्चित करे, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़े। डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करना सुनिश्चित करें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डुंगरीपंत-छांतीखाल-खेड़ाखाल मोटर मार्ग को लेकर जिलाधिकारी को जांच करने तथा दोषी पाये जाने वाले के विरूद्व निलंबन करने की कार्यवाही के निर्देष दिये।
मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त परिसंपतियों, अवरुद्ध मोटर मार्गों, क्षतिग्रस्त विद्युत और पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द बहाल करने के भी आवश्यक दिशा निर्देष दिये। उन्होने कहा कि आपदा राहत कार्या में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कोरोना काल तथा आपदा में त्वरित कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बेहतर कार्य किया है।
क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि रेलवे परियोजना से जनासू गांव के सडक क्षतिग्रस्त हो रहे है जिसे जनमानस की सुगमता को दृष्टिगत रखते हुए ठीक किया जाय जिस पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने जिलाधिकारी को निर्देषित करते हुए कहा कि रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण करें। इसके अलावा उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्यान्न की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि नवम्बर माह का राशन का उठान कार्य अतिशीघ्र करें तथा जनपद में संचालित हो रहा अन्न महोत्सवों में जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कोविड-19 की वैक्सीनेशन की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी वेक्सीनेशन अभियान को युद्ध स्तर पर चलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर तथा 19 अक्टूबर 2021 को हुई अतिवृष्टि से लैंसडाउन व कोटद्वार क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे डेंगू जैसी बीमारियों फैलने की सम्भावनाएं हैं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित उन स्थानों पर दवाई का छिड़काव तथा जन जागरूकता करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास कार्याे की समीक्षा की जिस पर उन्होने विधायक निधि के खर्चे पर तेजी लाने हेतु विधायकों को अपने अपने प्रस्ताव शीघ्र दीपावली से पूर्व भेजने को कहा साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
लोक निर्माण व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी के पुराने स्रोतों पर निर्भर न रहकर नए स्रोत तलाशे। साथ ही उन्होंने चौबट्टाखाल विधानसभा के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में पानी की समस्या को दूर करने तथा क्षेत्र की अवरुद्ध सड़को को शीघ्र खोलने को निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए।
उच्च शिक्षा व आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत बंद सड़कों की जानकारी ली। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर मार्ग बंद है उसे तत्काल खोलना सुनिश्चित करें, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़ा। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया की जिन सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है उन पर कार्य प्रारम्भ करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने विगत 18 व 19 अक्टूबर को जनपद में हुई भारी अतिवृष्टि से हुए नुकसान की विभागवार जानकारी दी तथा अनुमानित धनराशि क्षति का आंकलन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, पौड़ी विधायक मुकेश सिह कोली, जिला अध्यक्ष संपत सिंह रावत, नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, एसएसपी पी. रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

रैंजर्स कालेज मैदान की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने की मांग

वन भूमि हस्तांतरण में 5 हैक्टेयर तक की स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया जाए। राज्य सरकार की परियोजनाओं में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए डिग्रेडेड फारेस्ट लैंड को अनुमन्य किया जाए। सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट कर उत्तराखण्ड से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कैम्पा के अंतर्गत 2019-20 की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित करने, रैंजर्स कालेज मैदान की रिक्त भूमि को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आपदा क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों की तात्कालिकता, चारधाम आलवेदर रोड़, पीएमजीएसवाई, ग्रामीण विद्युतिकरण आदि महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण विषयों पर जल्द निर्णय लिए जाने की आवश्यकता होती है। इसलिए कार्यहित में 5 हैक्टेयर तक के प्रकरणों में स्वीकृति का अधिकार राज्य सरकार को दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआरओ की सड़क परियोजनाओं, केंद्र सरकार व केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की परियोजनाओं के लिए क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, डिग्रेडेड फारेस्ट लैंड पर किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। परंतु केंद्र पोषित परियोजनाओं व राज्य सरकार की समस्त परियोजनाओं में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए दोगुनी मात्रा में सिविल भूमि की अनिवार्यता की गई है। राज्य में अधिकांश भाग वनाच्छादित व पर्वतीय है। यहां सिविल भूमि की सीमितता को देखते हुए केंद्र पोषित, बाह्य सहायतित व राज्य पोषित समस्त परियोजनाओं के लिए भी डिग्रेडेड फारेस्ट लैंड पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की अनुमति प्रदान की जाए।
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भारत सरकार से कार्ययोजना के प्राविधानों के अनुसार 1000 मीटर से ऊपर स्थित प्रौढ़ वृक्षों के पातन का समय-समय पर अनुरोध किया गया है। वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा भी एक वैज्ञानिक अध्ययन के बाद ऐसे पातन के लिए संस्तुति की गई है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से इसकी अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों पर वाटर सैस एकत्र कर भारत सरकार के कोष में जमा किया जाता था, जिसका 80 प्रतिशत भारत सरकार द्वारा राज्य प्रदूषण बोर्ड को उपलब्ध कराया जाता था। परंतु जीएसटी एक्ट के बाद यह व्यवस्था समाप्त हो गई है। इससे राज्य सरकार को औसतन 3 करोड़ 25 लाख रूपए की वार्षिक आय बंद हो गई है। भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य के 5 नगरों में नियमित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन, एनवायरमेंटल डाटा सेंटर व एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए 142 अतिरिक्त स्टेशन स्थापित करने के लिए कुल 20 करोड़ रूपए की लागत संभावित है। यह राशि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाए।
देहरादून में रेंजर्स कालेज का संचालन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के अधीन है। यहां काफी रिक्त भूमि है जिसका उपयोग निकट भविष्य में स्मार्ट सिटी देहरादून की योजना को क्रियान्वित करने, नेशनल गेम्स आदि कार्यक्रम आयोजित करने में किया जा सकता है। इसलिए रेंजर्स कालेज की रिक्त भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाए।