धामों में मोबाइल, पर्स मंदिर के अंदर ले जाने पर पूरी तरह नियंत्रित करने की मांग

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिया है, ताकि मंदिर में दर्शन हेतु जा रहे तीर्थयात्रियों के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि वहां जमा हो सकें।
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की छूट दे दी थी। ऐसे में कतिपय शरारती तत्वों द्वारा गर्भ गृह का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया। जिस पर श्रद्धालुओं व तीर्थपुरोहितो ने कड़ी आपत्ति जताई है।
वीडियो बनाकर वायरल होने की घटना पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह को प्रकरण की जांच कर वहां ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही अजेंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान यात्रा काल में अब तक लाखों लोग दोनों धामों की यात्रा कर चुके हैं। कतिपय यात्री मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि के साथ मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं, जो मंदिर के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। लिहाजा, दोनों मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाया जाए। जहां पर यात्रियों के मोबाइल, बैग इत्यादि सामान जमा कर सकें।

केदारनाथ मंदिर में अब गर्भगृह के भी होंगे दर्शन

केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्री अब मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। अब तक धाम में भारी भीड़ को देखते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से तीर्थ यात्रियों को सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कराए जा रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या में कमी आने के कारण शुक्रवार से उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस वर्ष मई-जून में रिकार्ड तीर्थ यात्री बाबा के दर्शनों को केदारनाथ धाम पहुंचे। इसके चलते गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तीर्थ यात्री सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कर रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है, लिहाजा अब वे गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार से मंदिर में दर्शनों का समय भी बदल दिया गया है। अब सुबह चार बजे के स्थान पर पांच बजे से धर्म-दर्शन शुरू हो रहे हैं। दोपहर बाद तीन से शाम 4ः45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए मंदिर के कपाट बंद रखे जा रहे हैं। शाम को शृंगार पूजा के बाद रात नौ बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बदरीनाथ धाम में भी भगवान नारायण की अभिषेक पूजा सुबह पांच बजे से शुरू हो रही है। पूजा के दौरान तीर्थ यात्रियों को धर्म दर्शन की अनुमति है। शाम को विभिन्न पूजाओं के बाद रात नौ बजे कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। बताया कि दोनों धाम में अब तक 17 लाख 38 हजार 499 तीर्थ यात्री दर्शनों को पहुंच चुके हैं।

इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर घोंटा था लोकतंत्र का गलाः डा. प्रेमचंद

इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में 25 जून को लगाये गए आपातकाल को काला अध्याय के रूप में याद किया जाता रहेगा। यह बात आपातकाल की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित विधानसभा स्तर के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कही। इस मोके पर आंदोलन में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया।

आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आपातकालीन की बरसी पर विधानसभा स्तर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उनके परिवार ने भी अनेक यातनाएं सही और जेल की हवा भी खाई। बताया कि बड़े भाई ताराचंद ने इंदिरा गांधी को पत्र भेजकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्याे को गलत ठहराया था। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

इस मौके पर लोकतंत्र सैनानियों व उनके आश्रितों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों आश्रितों में बृजेश चंद शर्मा, दया शंकर पांडेय, भारतेंदु शंकर पांडेय शामिल रहे।

इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता मयंक गुप्ता, मेयर अनिता ममगाई, देवेंद्र दत्त सकलानी, मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र अरविंद चौधरी, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा उषा जोशी, प्रधानाचार्य राजेन्द्र पांडेय, कपिल गुप्ता, संजय शास्त्री, सुमित पंवार, जयंत शर्मा, व्यापारी नेता प्रतीक कालिया, पार्षद प्रदीप कोहली, विजेंद्र मोघा, सोनू प्रभाकर, लक्ष्मी रावत, सुंदरी कंडवाल, तनु तेवतिया, राकेश पारछा, अनिता तिवाड़ी, माधवी गुप्ता, प्रमिला त्रिवेदी, आरती दुबे, नितिन सक्सेना, रुपेश गुप्ता, राजू शर्मा सहित आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने जमरानी बाँध परियोजना पर शीघ्र कार्य प्रारम्भ कराये जाने के लिए प्रस्तावित परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वृहत सिंचाई) के अन्तर्गत स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। साथ ही 300 मेगावाट की बावला नन्दप्रयाग जल विद्युत परियोजना के क्रियान्वयन की शीघ्र स्वीकृति प्रदान किये जाने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने किसाऊ परियोजना के एमओयू में कुछ प्रावधानों को शामिल करने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की महत्वाकांक्षी जमरानी बांध बहुउददेशीय परियोजना के तहत जनपद नैनीताल में गौला नदी पर हल्द्वानी शहर से 10 कि०मी० अपस्ट्रीम में नदी तल से 130.60 मी० ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बाँध निर्मित किया जाना है। बाँध के निर्माण से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के 150027 हेक्टेयर कमाण्ड में 57065 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन होगा तथा हल्द्वानी शहर एवं उसके समीपवर्ती क्षेत्र की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति हेतु 117 मिलियन लीटर प्रतिदिन जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनांक 10.06.2022 को सचिव जल शक्ति मंत्रालय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जमरानी बांध परियोजना का निवेश स्वीकृति हेतु संस्तुति की गयी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जमरानी बांध परियोजना पर शीघ्र कार्य प्रारम्भ कराये जाने के लिए प्रस्तावित परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वृहत सिंचाई) के अन्तर्गत स्वीकृति प्रदान किये जाने हेतु संबंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के उपक्रम यूजेवीएन लि० की 300 मेगावाट की बावला नन्द प्रयाग जल विद्युत परियोजना हेतु भारत सरकार के केन्द्रीय जल आयोग एवं केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के विभिन्न निदेशालयों से स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। इस परियोजना पर मा० उच्चतम न्यायालय द्वारा कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है तथा किसी भी अन्य संस्थान यथा राष्ट्रीय गंगा विकास प्राधिकरण (एन०जी०आर०बी०ए०), वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति -2 इत्यादि द्वारा भी परियोजना पर कोई भी विपरीत टिप्पणी नहीं की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत मंत्रालय, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के मध्य अक्टूबर 2021 में बैठक हुई थी जिसमें गंगा एवं उसकी सहायक नदियों पर प्रस्तावित 10 जल विद्युत परियोजनाओं (बावला नन्द प्रयाग एवं अन्य 9 परियोजनाएं) जिन पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है उनको परियोजनावार आधार पर स्वीकृति प्राप्त किये जाने के लिए विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूजेवीएन लि० को जनवरी, 2022 में जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार से सम्पर्क किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से बावला नन्द प्रयाग जल विद्युत परियोजना के क्रियान्वयन की शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने किसाऊ परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि उक्त परियोजना के क्रियान्वयन के लिए छः लाभार्थी राज्यों के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होना है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के कार्यान्वयन को गति प्रदान करने हेतु अंतर्राज्यीय समझौते में कुछ बिन्दुओं का समावेश करते हुए उक्त समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किये जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करवाने का अनुरोध किया।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग के लिये देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड के लिये जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को जून, 2022 के आगे बनाए रखने, उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान की एक शाखा स्थापित किये जाने, कुमांऊ मण्डल के पौराणिक मन्दिरों को जोड़े जाने के उद्देश्य से “मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन“ को स्वीकृति दिये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के शीघ्र एवं सुचारू संचालन के लिये संबंधित को निर्देशित किये जाने के साथ ही टीएचडीसी इण्डिया लि0 की इक्विटी शेयर धारिता में उत्तर प्रदेश के 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखण्ड राज्य को स्थानान्तरित करने में केंद्र से सहयोग का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य, देश के फार्मास्यूटिकल हब के रूप में उभर रहा है। भारत में कुल उपभोग होने वाली दवाओं में उत्तराखण्ड राज्य में स्थापित औषधि निर्माण इकाईयों की लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राज्य में स्थापित 03 प्रमुख औद्योगिक संकुलों यथा-देहरादून, हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में 300 से अधिक फार्मास्यूटिकल निर्माण इकाईयां स्थापित हैं जो 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहीं है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान की एक शाखा स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। इससे राज्य में फार्मास्यूटिकल शोध को बढावा मिलेगा। उक्त संस्थान की स्थापना हेतु वांछित भूमि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य के सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में एयरस्ट्रिप से फिक्सडविंग (वायुयान) हवाई सेवा संचालित किये जाने हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के शीघ्र एवं सुचारू संचालन के लिये सम्बन्धित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर राज्यों को राजस्व सुरक्षा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से 05 वर्षों यथा 30 जून 2022 तक की अवधि के लिए जीएसटी की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की गयी थी। परंतु संरचनात्मक परिवर्तन, न्यून उपभोग आधार, राज्य में सेवा का अपर्याप्त आधार सहित अन्य कारणों से जीएसटी लागू होने के उपरांत राज्य के राजस्व में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं की जा सकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों को देखते हुए जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि जून, 2022 के पश्चात् अग्रेत्तर वर्षों के लिए बढ़ाये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ एवं बद्रीनाथ को मास्टर प्लान तैयार कर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसी भांति प्रदेश के कुमांऊ मण्डल के पौराणिक मन्दिरों को जोड़े जाने के उद्देश्य से “मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन“ की स्वीकृति दिये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि टीएचडीसी इण्डिया लि० भारत सरकार की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी एवं उत्तर प्रदेश सरकार की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का संयुक्त उपक्रम है। उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 47 (3) के अनुसार उत्तर प्रदेश द्वारा विभाजन की तिथि तक टीएचडीसी इण्डिया लि० में किये गये पूंजीगत निवेश के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को हस्तांतरित होना चाहिए क्योंकि टीएचडीसी इण्डिया लि० का मुख्यालय उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है। टीएचडीसी इण्डिया लि0 की लगभग 70 प्रतिशत परियोजनाऐं उत्तराखण्ड राज्य में ही स्थित है। उक्त परियोजनाओं से उत्पन्न होने वाली पुनर्वास, कानून व्यवस्था तथा अन्य सामाजिक एवं पर्यावरण सम्बन्धी चुनौतियों का सामना भी उत्तराखण्ड राज्य को करना पड़ता है।

उत्तराखण्ड राज्य द्वारा वर्ष 2012 में भारतीय संविधान के अनुच्छेद-131 के अन्तर्गत टीएचडीसी इण्डिया लि० में उत्तर प्रदेश के स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी हेतु मूल वाद संख्या 05 / 2012 मा0 सर्वाेच्च न्यायालय में योजित किया गया था जो सम्प्रति विचाराधीन है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से टीएचडीसी इण्डिया लि की इक्विटी शेयर धारिता में उत्तर प्रदेश के 25 प्रतिशत अंशधारिता को उत्तराखण्ड राज्य को स्थानान्तरित करने में केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपके कुशल मार्गदर्शन से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, ऊर्जा इत्यादि क्षेत्रों में चहुंमुखी विकास कर रहा है। उनकी अपेक्षा अनुसार वर्ष 2025 में राज्य के रजत जयंती वर्ष में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड के लोहाघाट के समीप स्थित मायावती आश्रम आने के लिये भी अनुरोध किया।

आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सीएम गंगा पुरस्कार से सम्मानित

8वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग द्वारा योगा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए हजारों लोगों के साथ योग किया एवं राज्य के साथ ही देश के प्रत्येक नागरिक को योग के प्रति जागरूक ,योग को दिनचर्या में शामिल करने एवं योग के महत्व का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी को परमार्थ निकेतन द्वारा गंगा पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों की संख्या में मौजूद लोगों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण आज योग जन जन तक पहुंचा है उन्होंने कहा योग दिवस एक उत्सव के रूप में मनाया जाए एवं लोगों में योग के प्रति उत्साह हो यह सपना अब पूरा होता दिख रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज योग को विश्व के कोने कोने में पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शरीर और मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा योग से संपूर्ण शरीर की दिशा एवं दशा बदलती है साथ ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है। उन्होंने कहा आदिकाल से ऋषि-मुनियों ने योग को अपनाया है उनकी शक्ति एवं सफलता के पीछे योग एवं ध्यान है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश नगरी को योग धर्म संस्कृति आयुष की धरा बताया। उन्होंने कहा जिस तरह ऋषिकेश से मां गंगा पूरे देश को जीवन देने का कार्य करती है, उसी प्रकार ऋषिकेश से योग का संदेश पूरे विश्व में जाता है। उन्होंने कहा योग अब एक वैश्विक पर्व बन गया है। योग किसी व्यक्ति मात्र के लिए नहीं, संपूर्ण मानवता के लिए है। इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ल्वहं वित ीनउंदपजल भी मनुष्य एवं मानवता हेतु योग के सकारात्मक संकेतों को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की नीति हमेशा से सत्यता एवं न्याय के आधार पर आगे बढ़ने की रही है, उन्होंने कहा हमारा देश मानवता की सेवा का जीता जागता उदाहरण है। कोरोना काल के बाद मेगा वैक्सीनेशन का कार्य भारत वर्ष में चलाया गया, साथ ही मानवता का परिचय देते हुए दुनिया भर में भारत द्वारा वैक्सीन बांटने का कार्य किया गया। भारत ने हमेशा से सभी के सुख और कल्याण की कामना करते हुए सर्वे भवंतू सुखिन, सर्वे संतु निरामया की भावना का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें उत्तराखंड राज्य को 25वे वर्ष पर योग, संस्कृति, पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी विभागों को अगले 10 वर्षाे के विकास कार्याे का रोडमैप तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा आने वाले समय में ऋषिकेश क्षेत्र में पर्यटन हेतु और अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था जिस पर केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने हजारों की संख्या में योग करने आए लोगों के उत्साह को नमन करते हुए सभी को धन्यवाद अर्पित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परमार्थ निकेतन स्थित गंगा घाट पर गंगा स्नान किया।
परमार्थ निकेतन के प्रमुख चिदानंद सरस्वती महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि योग की राजधानी के रूप में विश्वविख्यात संतनगरी ऋषिकेश के गंगा के तट से आज योग का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग हमें ऑलनेस, वेलनेस संदेश देता है, योग एक इंसान को दूसरे इंसान से और जीवमात्र को जीवमात्र से जोड़ता है। योग हमारे मन – मस्तिष्क की वर्जनाओं-बाधाओं को दूर करता है तथा सभी को आपस में प्रेम, विश्वास, सद्भाव से जोड़े रखने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ योग में प्रतिभाग करके यह संदेश दिया कि योग को अपने परिवार के साथ करें।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक रेनू बिष्ट, विधायक दुर्गेश्वर लाल, साध्वी भगवती, पौड़ी विधायक राजकुमार पौरी, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, आयुष सचिव डॉ. पंकज पांडे, डीजीपी अशोक कुमार, जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी यशवंत सिंह चौहान, प्रो. सुनील कुमार जोशी, मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी प्रशांत कुमार आर्य, (कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय), डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी (निदेशक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं उत्तराखंड), पदमश्री और लोकगायक प्रीतम भरतवाण और वसंती बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

दुग्धाभिषेक कर मां गंगा से मांगी राहुल गांधी के लंबी उम्र की मिन्नत

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन गंगा में दुग्धाभिषेक कर मनाया। इस मौके पर राहुल की दीर्घायु की कामना की।

रविवार को कांग्रेसी त्रिवेणी घाट पर पहुंचे और गंगा में दुग्धाभिषेक कर राहुल गांधी की दीर्घायु की कामना की। एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि राहुल गांधी देश के ऐसे नेता हैं, जो सत्ता पक्ष की गलतियों पर आवाज़ उठाने का लगातार काम कर रहे हैं। आज देश के विषम हालातों में देश को राहुल गांधी जैसे नेता की ज़रूरत है।

महानगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि राहुल गांधी ने सभी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि उनका जन्मदिन ना मनाया जाए। लेकिन ऋषिकेश के कार्यकर्ताओं ने गंगा में दुग्धाभिषेक कर उनकी दीर्घायु की और सत्ता पक्ष के जनविरोधी निर्णयों से लड़ने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

मौके पर प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, पार्षद राकेश सिंह, नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, योगेश शर्मा, पार्षद विजय लक्ष्मी शर्मा, सरोजनी थपलियाल, सावित्री देवी, पूर्व पार्षद राहुल शर्मा, मुकेश जाटव, जतिन जाटव, सहदेव राठौर, प्रवीण जाटव, अशोक शर्मा, गौरव यादव, इमरान सैफी, तरुण त्यागी, आदित्य झा, मुकेश वत्स, जय सिंह राणा, जयपाल सिंह, कमल किशोर थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

फ्रेंच यूनिवर्सिटी ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को डाक्टरेट की उपाधि दी

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को फ्रेंच यूनिवर्सिटी (द एकॉल सुपीरियर रोबर्ट डी शोरबन) की ओर से डाक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
देहरादून के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष थॉमस पराडे, उपाध्यक्ष विवेक चौधरी, पदमश्री जितेंद्र सिंह संटी, भाजपा प्रवक्ता व बॉलीवुड अभिनेता डॉ मुकेश त्यागी, डॉ निर्मल बंसल ने डॉक्टरेट की उपाधि देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अग्रवाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा विश्वभर में 20 हजार से अधिक विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को सम्मानित किया जा चुका है। भारत में 400 सर्वक्षेष्ठ प्रतिभाओं को यूनिवर्सिटी में सम्मानित किया है। अग्रवाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले किसी सम्मान की चाह नहीं रखते है, मगर फ्रेंच यूनिवर्सिटी की ओर से सम्मान दिया जाना, सराहनीय है।
इस मौके पर उत्तराखंड से कैबिनेट मंत्री अग्रवाल को सोशल एक्टिविटी और वित्तीय उत्थान के लिए सराहनीय कदम उठाने, आचार्य आशीष सेमवाल को वेलनेस स्पुचिरिटी, कमल शर्मा को इंटरनेशनल फ़ोटो जर्नालिस्ट, आदित्य ठाकुर को इको टूरिज़्म के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष विवेक चौधरी ने बताया कि यूनिवर्सिटी का यूएई और साउथ ईस्ट एशिया के लिए आईआईपीपीटी फाउंडेशन के साथ करार है। बताया कि आईआईपीपीटी का 11वां सोरबन इंटरनेशनल कॉन्वोकेशन का आयोजन किया गया है। जिसमें मानद उपाधी से सम्मानित किया गया। इसमें समाज सेवक, उद्यमी, प्रोफेशनल, सोशल एक्टिविटीज शामिल है।
बताया कि रॉबर्ट डी सोरबन डॉक्टरेट डिग्री एक मानद उपाधी है जो जीवन मे वर्षों के अनुभव के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने पर दिया जाता है। इस मौके पर डीजीपी अशोक कुमार सहित देश विदेश से नागरिक उपस्थित रहे।

तीर्थनगरी में माधव सेवा विश्राम सदन के लिए सीएम ने की 50 लाख रूपये की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज वीरभद्र मंदिर मार्ग, ऋषिकेश में भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा बनाए जा रहे “माधव सेवा विश्राम सदन“ के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग एवं “माधव सेवा विश्राम सदन“ का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने माधव सेवा विश्राम सदन हेतु उत्तराखंड सरकार की ओर से 50 लाख रूपये की धनराशि दिए जाने की घोषणा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश में एम्स के कारण यह स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र भी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य के साथ ही उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्य के लोग भी ऋषिकेश इन समय अपने इलाज हेतु आते है। उन्होंने कहा माधव सेवा विश्राम सदन बनने से बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के ठहरने खाने रहने जैसी तमाम सुविधाएं आसानी से मिलने लगेंगी। उन्होंने कहा सेवा सदन के बनने से परिजनों को होने वाली दिक्कते दूर होंगी। उन्होंने सेवा सदन के कार्य को ईश्वरीय कार्य बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की भारत माता की कोख से ऐसे अनगिनत लाल जन्मे हैं, जिन्होंने देश हित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। भाऊराव देवरस ने अपने जीवन का एक-एक क्षण राष्ट्र के लिए जिया एवं धरती मां को समर्पित किया। उन्होने बताया वर्ष 1937 (20 वर्ष की उम्र में) डाक्टर साहब की संघ विस्तार की योजना के अंतर्गत भाऊराव जी नागपुर से सुदुर उत्तर प्रदेश के लखनऊ आ गए। स्वतंत्रता के पांच वर्ष पश्चात 1952 में शिशुमंदिर योजना आंरम्भ करने के पीछे जो उनका सपना था उसका क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर केंद्र से रहा। उनका मानना था कि ’किसी राष्ट्र का भविष्य उस राष्ट्र के सामान्य जन ही होते हैं, इसलिए शिक्षा का निर्माण देश के सामान्य जनों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होने कहा आदरणीय भाऊ राव जी ने वस्तुतः बीज बनकर स्वयं को त्यागकर समाजरूपी पेड़ को पुष्पित और पल्लवित करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में बना भाऊराव देवरस द्वार हमारे लिए सेवा एवं प्रेरणा का प्रतीक था। उन्होंने कहा एक छात्र के नाते मेरे सामाजिक जीवन में हीरो एवं आदर्श भाऊराव जी रहे। उनके नाम पर रखे गए विश्राम सदन का शिलान्यास करने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुझे पूर्ण विश्वाश है की इसका उद्घाटन भी शीघ्र होगा। उन्होंने माधव सेवा विश्राम सदन हेतु हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए उसे गरीबों की सेवा का सदन एवं गैर व्यवसायिक सदन बताया। उन्होंने, सेवा परमो धमर्रू के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए माधव सेवा न्यास से जुड़े प्रत्येक स्वयंसेवक को नमन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश नगरी को चार धाम यात्रा का प्रथम स्थान बताते हुए कहा कि आज ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का कार्य तेजी से चल रहा है एवं चार धामों को जाने वाली सड़कों को डबल लेन बनाकर सुगम एवं सुरक्षित यात्रा का संदेश भारत के साथ पूरे विश्व में दिया गया है उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भव्यता एवं दिव्यता से किया गया।

इस दौरान पूज्य स्वामी रामदेव, पूज्य यतिन्द्रानंद गिरि, पूज्य संत विजय कौशल, सुरेश भैया जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, वित्तमंत्री उत्तराखण्ड सरकार प्रेमचन्द्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

पैर फिसलने के कारण गंगा में डूब रहे चार लोगों को सकुशल बचाया


त्रिवेणी घाट में गंगा नदी में स्नान कर रहे चार युवकों का पैर फिसलने से डूबने पर समय रहते जल पुलिस के जवानों ने सकुशल बचाया है।
पहली घटना आज शाज चार बजे की हैं जब राजस्थान का 28 वर्षीय रितेश जंगीर पुत्र प्रेमराज पैर फिसलने पर डूबने लगा, जल पुलिस के जवान नायक अनिल पाल, विनोद सेमवाल, संतोष कुमार, विपिन काला ने समय रहते बचा लिया।

दूसरी घटना शाम छह बजकर 10 मिनट की है। जब वंश अग्रवाल पुत्र सतीश कुमार, मोहमद कैफ पुत्र शफीक कैफ का तेज बहाव में पैर फिसला और वह डूबने लगे। तभी उनका मित्र हितेश चौधरी पुत्र ऋषि पाल उन्हें बचाने को नदी में डूब पड़ा। वह भी डूबने लगा।

चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद जल पुलिस व आपदा राहत दल की टीम ने तुरंत गंगा नदी में छलांग लगाकर उन्हें बचा लिया
बचाव दल मे नायक अनिल पाल, विनोद सेमवाल, संतोष कुमार, विपिन काला, हरीश शामिल रहे।