देश को आगे बढ़ाने में युवाओं की अहम भूमिका होती हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम लोगों को नए कार्य करने एवं समाज के लिए अनेक कार्य करने की प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश में अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों से लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए हैंडलूम एवं अन्य स्थानीय उत्पादों की खरीद पर बल दिया। 15 अगस्त 2022 को देश आजादी के 75 वर्ष पूर्ण कर रहा है। आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में 12 मार्च से देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। अमृत महोत्सव सम्पूर्ण देशवासियों का कार्यक्रम है। यह समय देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने का है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में कारगिल विजय दिवस का भी जिक्र किया। कारगिल विजय हमारे सैनिकों के शौर्य एवं पराक्रम का जीता जागता उदाहरण है। कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के अनेक वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी। 26 जुलाई 1999 का दिन भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने में युवाओं की अहम भूमिका होती है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में इस बात का भी जिक्र किया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से अधिकांश सुझाव युवाओं के प्राप्त हो रहे हैं। युवाओं की सक्रियता एवं सुझावों की वजह से यह कार्यक्रम काफी सफल रहा है। टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री की अपील पर मुख्यमंत्री ने सभी को कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।

भाजपा सरकार ने जितने शिलान्यास किए, उन सभी का लोकार्पण करना हैः सीएम

मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं में सीएम को देखकर खासा उत्साह नजर आया। मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को विकास के नजरिए से देश में नंबर वन बनाएंगे। राज्य में तेजी से बिजली, उद्योग व पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राजस्व में भी इजाफा होगा। बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने को कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

सीएम ने कहा कि राज्य में 22 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे राज्य के हाईवे बनेगे और विकास कार्य होंगे। भाजपा सरकार ने जितने भी शिलान्यास हुए हैं, उन सभी का लोकार्पण करना है। टनकपुर से बागेश्वर तक नैनोगेज के लिए सर्वे किया गया था, उसे ब्राडगेज के लिए सर्वे कराया जाएगा। कहा कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कार्य सात साल में किए हैं, वह बाकी वर्षों में किए गए कार्यों पर भारी है। नजूल भूमि पर मालिकाना हक व बाजपुर में 20 गांव के मामले का सामधान किया जाएगा। जसपुर से सुल्तानपुरपट्टी तक सड़क निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये मिले हैं। 2340 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने युवाओं में जोश भरा कि मिशन 2022 फतह करने के लिए कार्यकर्ता अभी से एकजुट हो जाएं। सभी कार्यकर्ता सीएम हैं और सभी कार्यकर्ता को काम मिले। कहा कि जल्द वात्सल्य योजना लांच किया जाएगा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने सीएम को तलवार भेंट किया।

इस मौके पर जिला प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, नानकमत्ता विधायक प्रेम सिंह राणा, काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, राजेंद्र बिष्ट, काशीपुर की मेयर ऊषा चैधरी, आशीष गुप्ता, भारत भूषण चुघ, विपिन जल्होत्रा, पूर्व सांसद बलराज पासी, गुरविंदर सिंह चंडोक आदि मौजूद थे।

पर्यटन को पटरी पर लाने को 200 करोड़ की घोषणा को लेकर सीएम से मिले परिवहन व्यवसायी, जताया अभार

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर ने राज्य में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन और चार धाम यात्रा से संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मौके पर परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनो के लोगों ने भी स्पीकर के संग मुख्यमंत्री से भेंटकर फूलमाला पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।

अवगत करा दें कि 9 जुलाई को स्पीकर ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य के परिवहन एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को राहत पहुंचाने के संबंध में चर्चा वार्ता की थी। स्पीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए परिवहन व्यवसायियों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। भेंटवार्ता के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री एवं स्पीकर को पौधे भेंटकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

स्पीकर ने कहा कि 200 करोड़ के राहत पैकेज से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन, होटल, परिवहन, पोर्टर समेत पर्यटन की अन्य गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखंड राज्य की आर्थिक रीढ़ है, इस राहत सहायता से राज्य के लगभग लाखों लोगों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के उपरांत दिये जाने वाला अब तक का किसी भी सरकार द्वारा सर्वाधिक राहत पैकेज है।

इस अवसर पर स्पीकर ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर वार्ता करते हुए विशेषतौर पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से प्रारंभ किए जाने की अनुमति के लिए गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही। कहा कि चारधाम के कपाट खुले हुए काफी समय हो चुका है परंतु चारधाम यात्रा की अनुमति न मिलने से जहॉ एक और लाखों श्रद्धालु गण दर्शन से वंचित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर तीर्थाटन से जुड़े लाखों कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

इस अवसर पर यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड पर्यटन कंपनी के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात संघ के संचालक मनोहर सिंह रौतेला, जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल वरगली, मोटर मजदूर संघ के सदस्य जगदीश नौटियाल, ऋषिकेश टूर ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यातायात संघ के संचालक योगेश उनियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस इन्टर्न के स्टाईपेंड में हुई वृद्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इन्टर्न डॉक्टरों के स्टाईपेंड को रूपये 7500 रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 17,000 रूपए किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रभाव को कम करने तथा पीड़ितों को त्वरित उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में हमारे चिकित्सकों एवं पेरामेडिकल स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा है।

सीएम ने महालक्ष्मी योजना के तहत लाभार्थी माताओं और नवजात शिशुओं को बांटी किटें


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थी महिलाओं को महालक्ष्मी किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने चयनित लाभार्थी माताओं और नवजात शिशुओं को महालक्ष्मी किट वितरित किये। पूरे राज्य में समस्त जनपदों के कुल 16929 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढाओ का अभियान शुरू किया। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का परिणाम है कि इस अभियान से व्यापक जनजागरूकता आई है। इससे लिंगानुपात मे सुधार भी देखने को मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने आस पास देखें तो पाएंगे कि बेटों की बजाय बेटियां माता पिता का अधिक ख्याल रखती हैं। आज जीवन का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ बेटियों ने सफलता न पाई हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना बेटियों को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण योजना है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना भी शुरू की गयी है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमें बेटियों को आगे बढाने के लिए दोहरी मानसिकता को खत्म करना है। प्रकृति और संविधान ने समानता का संदेश दिया है। इसलिए बेटियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। महिला-पुरूष का समाज में समान महत्व है। भेदभाव की सोच को समाप्त करना है।

प्रसवोपरांत मातृ व कन्या शिशु के पोषण और अतिरिक्त देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत प्रथम दो बालिकाओं-जुड़वा बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है।

इस अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना मे आवेदन हेतु आवश्यक अभिलेख-शर्तेः
1. आंगनवाडी केंद्र पर पंजीकरण
2.सरकारी अथवा प्राइवेट माता-शिशु रक्षा कार्ड की प्रति ( एमसीपी कार्ड)
3. संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र (यदि किसी आकस्मिक कारणवश रास्ते में या घर में प्रसव है हुआ है तो तद्विषयक आंगनवाडी कार्यकर्त्रीध् मिनी कार्यकर्त्रीध्आशा वर्कर ध् चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र )
4. परिवार रजिस्टर की प्रति
5. प्रथम द्वितीय या जुड़वाँ कन्या के जन्म हेतु स्वप्रमाणित घोषणा
6. नियमित सरकारी या अर्धसरकारी सेवक तथा आयकरदाता न होने विषयक प्रमाण पत्र।