अंकिता भंडारी हत्याकांड में उग्र भीड़ ने रिसॉर्ट में की तोड़फोड़, आरोपियों को भी पीटा

गंगा भोगपुर स्थित रिजार्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की अंकिता भंडारी के मामले का आखिरी कार खुलासा हो गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने उसकी हत्‍या का खुलासा किया। उग्र भीड़ ने पुलिस कस्‍टडी में आरोपितों से मारपीट की। साथ ही रिजार्ट पर गुस्‍सा भी उतरा।

थाना लक्ष्मण झूला से पुलिस की टीम तीनों आरोपितों को पौड़ी न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी। इस बीच कोडिया गंगा भोगपुर में पहले से जमा गुस्साए लोगों ने पुलिस की अभिरक्षा में तीनों आरोपितों के साथ जमकर मारपीट की।

मौके पर पहले से भारी भीड़ जमा थी। गुस्साए लोग ने संबंधित रिजार्ट पर अपना गुस्सा निकाला। भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। समीप से ही थोड़ी देर बाद जब पुलिस का वाहन आरोपितों को लेकर निकला तो वाहन पर भी पथराव किया गया।

पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। भीड़ के आगे मुट्ठी भर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। तीनों को जमकर पीटा गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि रिजार्ट मालिक पुलकित आर्य और अन्‍य आरोपित अंकिता पर कस्टमर से संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने दोस्‍तों को बता दी थी। इसको लेकर रिजार्ट मालिक और अंकिता में विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ ले गए थे।

इस अंकिता हत्‍या मामला में लक्ष्मण झूला पुलिस ने रिजार्ट के मालिक को पुलकित आर्य पुत्र विनोद आर्य निवासी आर्य नगर हरिद्वार, प्रबंधक सौरभ भास्कर, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को अरेस्‍ट कर लिया है।

पुलिस ने लापता रिसेप्शनिस्ट मामले में छह कर्मचारियों से की पूछताछ

यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर स्थित रिसार्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई रिसेप्शनिस्ट का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। शुरुआत से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा यह मामला अब राजस्व पुलिस से नागरिक पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया है।

युवती के स्वजन की ओर जताई गई अनहोनी की आशंका के चलते वहीं पुलिस ने रिसार्ट पर ताला जड़कर वहां मौजूद छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जबकि युवती की गुमशुदगी दर्ज कराने वाला रिसार्ट स्वामी तथा मैनेजर अभी तक पुलिस के सामने नहीं आए हैं।

राजस्व क्षेत्र गंगा भोपगुर स्थित वनंन्तरा रिसार्ट में ग्राम श्रीकोट पट्टी नांदलस्यूं पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भंडारी (19 वर्ष) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में कुछ समय से काम कर रही थी।

बताया जा रहा है कि 19 सितंबर की सुबह अंकिता भंडारी रिसार्ट के अपने कमरे में नहीं मिली। जिसके बाद रिसार्ट के संचालक पुलकित कुमार ने राजस्व पुलिस को तहरीर दी।

उसमें बताया कि अंकिता कुछ समय से अंकिता मानसिक तनाव में थी। उसके मन को बहलाने के लिए पुलकित और सौरभ उसे 18 सितंबर को दुपहिया वाहन पर ऋषिकेश की ओर ले गए थे। जहां से देर सायं को वह सभी रिसार्ट में लौट आए थे।

इसके बाद वह अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। 19 सितंबर की सुबह पता चला कि अंकिता अपने कमरे में नहीं है।

जिसके बाद अंकिता की काफी तलाश की गई मगर, उसका कुछ पता नहीं चल पाया।

अंकिता के पिता से भी जानकारी लेने पर पता चला कि वह गांव भी नहीं पहुंची।

खटीमा नागरिक अस्पताल पहुंचे सीएम, बिजली गिरने से घायल महिलाओं की जानी स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा नागरिक अस्पताल पहुंच खटीमा क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से घायल महिलाओं से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मुख्यमंत्री ने डाक्टरों को बेहतर उपचार किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने बिजली गिरने से मृतक महिला के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्ति की।

चंपावत में छत गिरने से हुई छात्र की मौत, सीएम ने शोक जताकर दिए मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौनकाण्डे में एक दुःखद घटना में विद्यालय में शौचालय की छत गिरने से कक्षा 03 में अध्ययनरत् एक छात्र की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश देते हुए कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि सभी सरकारी स्कूल भवनों का निरीक्षण कर लिया जाए। जहां जरूरी हो वहां भवनों के मरम्मत संबंधी काम करवा लिया जाए। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि कक्षाएं पूरी तरह से सुरक्षित भवनों में ही संचालित हो।

उधर घटना की जानकारी देते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी, चम्पावत जितेन्द्र सक्सेना ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौनकाण्डे में दिनांक 14 सितम्बर, 2022 को एक दुःखद घटना में विद्यालय में कक्षा 03 में अध्ययनरत् छात्र चन्दन सिंह पुत्र गोधन सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। दुःख की इस घड़ी में विद्यालयी शिक्षा विभाग शोक संतप्त परिवार के साथ है। विद्यालय में एक अन्य शौचालय भी बना हुआ था, जो कि छात्रों द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा था। जिस शौचालय की छत गिरने से दुर्घटना हुयी, यह निष्प्रोज्य (प्रयोग में नहीं) था। मध्यावकाश में खेल-खेल में विद्यार्थी उस निष्प्रयोज्य शौचालय की छत पर चढ़ गये, जिससे कि भार अधिक होने के कारण दुघर्टना घटित हुयी। दुर्घटना में घायल छात्र-छात्राओं का ईलाज तत्काल चिकित्सकों के द्वारा किया गया व अन्य सभी घायल छात्र छात्राएं खतरे से बाहर है।

महाराष्ट्र के चार यात्रियों की मौत, कार खाई में गिरने से दो घायल

बदरीनाथ हाईवे पर नीरगड्डू के पास एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई, जिससे उसमें सवार चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो लोग घायल हो गए। घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। कार में सवार यात्री बदरीनाथ जा रहे थे। हादसे की वजह चालक को अचानक नींद की झपकी आना बताया जा रहा है।

आज सुबह सवा छह बजे हरिद्वार से एक कार महाराष्ट्र के 5 तीर्थयात्रियों को लेकर बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। सुबह करीब साढ़े सात बजे के आसपास ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के तपोवन से आगे नीरगड्डू के समीप कार खाई में जा गिरी। हादसा होते देख हाईवे से गुजर रहे लोगों ने मुनिकीरेती थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर एसडीआरएफ की टीम घटना स्थल पर पहुंची और रेस्क्यू कर कार में सवार सभी गंभीर घायलों को खाई से बाहर निकाला। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि 108 आपातकालीन एंबुलेंस के माध्यम से सभी घायलों को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक घायल यात्री ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि चालक और एक अन्य यात्री को ऋषिकेश एम्स में इलाज चल रहा है। घायल चालक रविंद्र सिंह ने बताया कि उसे अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे कार पर नियंत्रण खो बैठा।

उन्होंने बताया कि घायलों पहचान रविंद्र सिंह पुत्र ज्ञान सिंह निवासी ग्राम उसाड़ा, पोस्ट दैडा, तहसील उखीमठ, रुद्रप्रयाग और रविन्द्र चव्हाण पुत्र महादेव चव्हाण निवासी ब् 714, ओम सद्गुरुनगर, ग्रेटर मुम्बई के रूप में कराई।
जबकि मृतकों की पहचान शिवाजी बुधकर पुत्र शिवाजी बाबा जी बुधकर निवासी दहिसर मुंबई (महाराष्ट्र), पुरुषोत्तम दत्तात्रेय खिलकुटी पुत्र दत्तात्रेय खिलकुटी निवासी पछुबंदर कोलीवाडा रोड वेस्ट वसई थाणे महाराष्ट्र, जितेश प्रकाश लोखंडे पुत्र प्रकाश लोखंडे निवासी स्ठैभ् मार्ग मनोर टाकवाहल ठाणे महाराष्ट्र, धर्मराज पुत्र नारायण निवासी पचुबंदर वसई पालघर महाराष्ट्र के रूप में कराई है।

गंगा में मिली कार व शव, परिजनों ने की एसबीआई ब्रांच मैनेजर के रूप में शिनाख्त


ब्यासी चौकी के अंतर्गत एसडीआरएफ को एसबीआई के ब्रांच मैनेजर की कार व शव गंगा नदी में मिला है। परिजनों से शव की शिनाख्त भी की है।
एसडीआरएफ के इंचार्ज कविंद्र सजवाण ने बताया कि आज एक कार गंगा नदी में नजर आई। एसडीआरएफ और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कार से एक बैग मिला है, जिसमें अमित बिजेत्रा (36) पुत्र जबर सिंह बिजेत्रा की आईडी मिली है।

बताया कि अमित बिजेत्रा दो दिन पूर्व देहरादून के कौलागढ़ स्थित घर से कार में पौड़ी के लिए निकला, जिसकी आखिरी लोकेशन ब्यासी के पास मिली। उसकी कार आज गंगा नदी में मिली है। वहीं, शव को भी बरामद कर लिया गया है।

बताया कि अमित बिजेत्रा पौड़ी में एसबाई की सैंजी शाखा में मैनेजर के पद कार्यरत थे।

तीन दोस्तों के लिए भारी रहा शनिवार का दिन, गंगा में लापता

मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के तपोवन नीम बीच पर गंगा में स्नान करते समय तीन दोस्त पानी के तेज बहाव में आकर डूब गए। एसडीआरएफ की टीम ने तपोवन से लेकर मुनिकीरेती तक गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन डूबे किशोरों का कुछ पता नहीं चल पाया। गंगा में डूबे किशोर दोस्त का जन्मदिन मनाने अमितग्राम, गुमानीवाला से अन्य पांच दोस्तों के साथ तपोवन आए थे।

एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि ऋषिकेश के अमितग्राम, गुमानीवाला से आठ दोस्‍त नीम बीच पर घूमने आए थे। यहां गंगा में स्नान के लिए उतर गए। गंगा का जलस्तर बढ़ा होने के कारण तीन किशोर पानी के तेज बहाव में आकर डूब गए। एसडीआरएफ निरीक्षक ने गंगा में डूबे किशोरों की पहचान आर्यन बंगवाल (16) पुत्र वीरेंद्र बंगवाल, वत्सल बिष्ट (17) पुत्र महेंद्र बिष्ट, प्रतीक मलेठा (16) पुत्र राकेश चंद्र सभी निवासी गली नंबर 28 अमितग्राम गुमानीवाला के रूप में कराई है।

मेरठ के तीर्थयात्रियों की कार गंगा में समाई


श्रीनगर मार्ग पर कौड़ियाला के पास एक कार अनियंत्रित होकर गंगा में गिर गई। सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम बचाव उपकरणों के साथ घटना पर पहुंची। फिलहाल गंगा में कार का पता नहीं चल पाया है। कार में सवार चार लोग भी लापता चल रहे हैं। तीर्थयात्री केदारनाथ से दर्शनकर वापस मेरठ लौट रहे थे।

मुनिकीरेती थाना पुलिस ने बताया आज सुबह कौड़ियाला के पास केदारनाथ से वापस लौट रही एक कार अनियंत्रित होकर गंगा में समा गई। कार में सवार चार लोगों की पहचान पंकज शर्मा (52) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा, गुलवीर जैन (40) पुत्र दर्शनलाल जैन, नितिन (25) पुत्र राजेश तीनों निवासी शास्त्री नगर मेरठ और हर्ष गुर्जर (19) पुत्र संजय निवासी काजीपुर, मेरठ के रूप में हुई है। कार के गंगा में गिरने की सूचना पर जल पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। टीम को घटनास्थल के पास से कार का स्क्रेप और तीर्थयात्रियों के मोबाइल मिले। किसी तरह पुलिस ने उनके मोबाइल चालूकर परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद कार सवार लोगों की पहचान हो पाई। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ा होने से दिक्कत आ रही है।

सेल्फी लेते वक्त खाई में गिरा युवक, हुई मौत

दिल्ली के 29 वर्षीय युवक को सेल्फी लेना भारी पड़ गया। युवक सेल्फी लेने के दौरान गहरी खाई में जा गिरा, जिससे युवक की मौत हो गई।

एसडीआरएफ के प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आज सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली कि बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी के पास एक युवक सेल्फी लेते वक्त गहरी खाई में गिर गया। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। मगर, हादसे में युवक की मौत हो चुकी थी।

युवक की पहचान 29 वर्षीय मिंटू पुत्र दिलीप मंडल निवासी दिल्ली कैंट प्रह्लाद पुर गांव पालम दिल्ली के रूप में हुई है।

मारपीट के मामले में कोर्ट ने सुनाया अपना फैसला, किया दोषमुक्त

वर्ष 2018 में चंद्रेश्वर नगर में शौचालय को लेकर किरायदारों में हुई मारपीट के मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपियों को दोषमुक्त किया है।

दरअसल, प्रभाकर पांडेय निवासी चंद्रेश्वर नगर ने कोतवाली ऋषिकेश में दी तहरीर में बताया था कि 28 फरवरी 2018 को वह शौच के लिए गए। तभी पीछे से विक्रम, राहुल और सुरेंद्र ने उन्हें शौचालय में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी थी। बाद में कुंडी खोलते हुए उनके साथ मारपीट की। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। साथ ही मामले में चश्मदीन भी बताए।

इस मामले में अधिवक्ता कपिल शर्मा व अधिवक्ता राजेश साहनी ने आरोपियों की ओर से मजबूत पैरवी की। अधिवक्ताओं ने न्यायालय में प्रस्तुत चार्जशीट के आधार पर साक्षीगणों से सवाल जवाब किए। जिसके आधार पर न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया।
1. अधिवक्ता कपिल शर्मा और राजेश साहनी ने न्यायालय को बताया कि जब घटना 28 फरवरी 2018 को हुई तो 10 मार्च 2018 यानी 10 दिन बाद प्रथम सूचना क्यों दर्ज कराई गई। इस मामले में संदेह है और इस पर पीड़ित पक्ष की ओर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
2. अधिवक्ता कपिल शर्मा और राजेश साहनी ने न्यायालय को जोर देते हुए बताया कि जब पीड़ित पक्ष की ओर से चार्जशीट में यह बताया गया कि आरोपियों ने उन्हें शौचालय के भीतर बंद किया और बाहर से कुंडी लगाई। मगर, न्यायालय में पीड़ित प्रभाकर पांडेय अपने बयान से पलटते हुए बोला कि उसे नहीं मालूम शौचालय में किसने बंद किया।
3. अधिवक्ता कपिल शर्मा और राजेश साहनी ने न्यायालय को बताया कि जब प्रथम सूचना में आरोप राहुल, विक्रम और सुरेंद्र चौहान पर लगाया गया तो विवेचक ने किस आधार पर राहुल को इन आरोपों से दूर रखा। यह भी संदेहास्पद है।
4. पीड़ित पक्ष उन अपमानजनक शब्दों को नहीं बता पाया जिनसे यह धारा 504 आईपीसीए साबित होती हो।
5. इसी तरह घटना के दौरान पुलिस की ओर से बताए गए चश्मदीनों ने कोई संतोषजनक जवाब न्यायालय में नहीं दिया।

तमाम दलीलों के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भवदीप रावते ने फैसला सुनाते हुए आरोपियों सुरेंद्र चौहान और विक्रम सिंह को दोषमुक्त किया है।