सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या होने पर जांच को गई पुलिस को रोका

सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास एक युवक लखबीर सिंह की निर्मम हत्या कर शव बैरिकेड्स से लटकाने की घटना की संयुक्त किसान मोर्चा (ैज्ञड) ने निंदा करते हुए इसे एक बड़ी साजिश बताया है। किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने शुक्रवार को कहा कि हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस घटना के दोनों पक्षों, निहंग समूह और मृतक का एसकेएम के साथ कोई संबंध नहीं है। मोर्चा किसी भी धर्म और प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ है। किसान नेता ने कहा कि मोर्चा को धार्मिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है, यह एक साजिश लगती है, इसकी जांच होनी चाहिए। दल्लेवाल ने कहा कि जब हम मौके पर पहुंचे तो कुछ लोग कह रहे थे कि मृतक (लखबीर सिंह) ने मरने से पहले स्वीकार किया था कि उसे किसी ने भेजा है और 30 हजार रुपये दिए हैं। इसका वीडियो प्रूफ मेरे पास नहीं है। सरकार को इस मामले की गहनता से जांच करनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव निवासी लखबीर सिंह (35 वर्षीय) के रूप में हुई है। पेशे मजदूर लखबीर अनुसूचित जाति से संबंध रखता था। एडीजीपी (रोहतक) संदीप खिरवार ने कहा कि लखबीर सिंह की हत्या के मामले में हमने आईपीसी की धारा 302/34 के तहत एफआईआर दर्ज की है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर ली है, मृतक का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है। हम इंटेलिजेंस इनपुट भी इकट्ठा कर रहे हैं और हमारे पास कुछ संदिग्धों के नाम भी हैं। जल्द ही आगे की कार्रवाई करेंगे।

बेरहमी से मारा, बैरिकेड से बांधा
सोनीपत जिले के कुंडली में किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास शुक्रवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव बैरिकेड से बंधा हुआ मिला। शव का एक हाथ कटा हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक वीडियो क्लिप में कुछ निहंगों को जमीन पर खून से लथपथ पड़े एक व्यक्ति के पास खड़े हुए देखा गया और उसका बायां हाथ कटा हुआ था। निहंगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मृतक को सिखों की पवित्र किताब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए सजा दी गई है।
पुलिस ने बताया कि मृतक लखबीर सिंह को पंजाब के तरण तारण का एक मजदूर बताया गया है और उसकी आयु 35 वर्ष के आसपास है। उसका शव एक बैरिकेड से बंधा हुआ मिला जो केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 10 महीनों से आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा बनाए एक मंच के पास स्थित है। किसानों का प्रदर्शन स्थल सिंघु में दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास स्थित है।
सोनीपत पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कुंडली पुलिस थाने को सुबह पांच बजे सूचना मिली कि किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास एक शव मिला है। उन्होंने बताया कि मृतक के शरीर पर केवल पायजामा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और दोषियों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। पुलिस घटना के संबंध में प्रदर्शन स्थल के पास लोगों से पूछताछ करने की कोशिश की है। शुरुआत में कुछ लोगों ने इलाके में पुलिस के प्रवेश का विरोध किया और पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया।

पालिका मुनिकीरेती ने किए सात चालान वसूला 25 सौ रूपए का राजस्व

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती ने ढालवाला क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम, गंदगी करने और थूकने पर छापेमारी अभियान चलाया। कुल सात चालानों से 25 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया।
मंगलवार को कर निरीक्षक अनुराधा गोयल और सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में पालिका की टीम ढालवाला क्षेत्र पहुंची। यहां ढालवाला क्षेत्र में भद्रकाली मार्ग, शांति विहार, आनंद विहार स्थित दुकानों में छापेमारी अभियान चलाया गया। कूड़ा फैलाने पर चार और थूकने पर तीन चालान किए गए। जिनसे 25 सौ रूपए का राजस्व भी वसूला गया। इस दौरान कर निरीक्षक ने लोगों से प्लास्टिक का प्रयोग न करने, कूड़ा न फैलाने और जगह-जगह न थूकने की अपील भी की। छापेमारी अभियान में सुपरवाईजर जितेंद्र सिंह सजवाण भी मौजूद रहे।

स्मार्ट सिटी कार्य से नागरिकों को परेशानी ना हो, इसका ध्यान रखने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में स्मार्ट सिटी के अंतर्गत कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट सिटी के कार्यों को समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण किया जाए, साथ ही आम जन को होने वाली परेशानियों को कम से कम किए जाने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि आम जन को परेशानी कम हो इसके लिए कार्यों को छोटे छोटे हिस्सों में किया जाए। एक कार्य के पूर्ण होने के बाद दूसरे काम को शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को युद्ध स्तर पर करते हुए 3 शिफ्टों में कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में प्रत्येक रूट पर एवरेज ऑक्यूपेंसी का अध्ययन कर, जिन रूट्स में बसें बढ़ाने की आवश्यकता है उनमें बसें बढ़ाई जाएं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट टॉयलेट को ऐप के साथ ही गूगल मैप एवं गूगल टॉयलेट लोकेशन पर भी अपडेट किया जाए, ताकि आमजन को जानकारी आसानी से मिल सके। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए परियोजना को ससमय पर पूर्ण किया जाए।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी डॉ. आर. राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अनूसूचित जाति के लोगों की जमीन एक ही समुदाय के द्वारा खरीदने पर सवाल

नैनीताल के सरना गांव में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन कौड़ियों के दाम एक ही समुदाय के लोगों ने एक साथ खरीदी। इस मुद्दे को संवेदनशील करार देते हुए भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाक़ात कर उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात में नैनीताल की धारी तहसील के सरना गांव के मामले को उठाते हुए अंदेशा जताया कि इसके लिए बड़ी संख्या में एक समुदाय विशेष के लोगों ने शायद अनुसूचित जाति के लोगों को डराया-धमकाया और लालच दिया गया होगा। उच्च स्तरीय जांच से इसका खुलासा हो सकता है।
उन्होंने ने कहा कि 21 व 22 सितम्बर को सरना गांव में एक साथ 13 लोगों ने भूमि की रजिस्ट्री की। इस भूमि के सभी खरीददार अलीगढ़ व संभल के हैं। कुछ भूमि बेचने वालों की पत्नियों ने धारी के उप जिलाधिकारी को इस मामले में लिखित शिकायत की है। महिलाओं ने कहा है कि उनके पति ने अपनी भूमि के पंजीकृत बैनामे कर दिए। इससे भविष्य में परिवार पर प्रत्यक्ष व परोक्ष तौर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी शिकायत की है कि ये वे भूमि हैं जिस पर बैंक ऋण भी लिया गया है।
उन्होंने कहा कि बेची गई भूमि के सह खातेदार भी हैं। एक सह खातेदार ने इस सम्बन्ध में धारी के तहसीलदार के न्यायालय में एक वाद भी दाखिल किया गया है। यह भी जानकारी मिली है कि भूमि को बाजार भाव के विपरीत कौड़ियों के भाव ख़रीदा गया है। भूमि का लेन-देन नगद किया गया है। इससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि भूमि की खरीद-फरोख्त में किसी एक खास व्यक्ति अथवा संस्था की भूमिका है। उसकी तरफ से बेनामी संपत्ति खरीदी जा रही है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

एमडीडीए ने पूर्णानंद आश्रम के निर्माणाधीन हिस्से को किया सील

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने तीर्थ नगरी के पूर्णानंद आश्रम के निर्माणाधीन हिस्से को सील किया है।
प्राधिकरण के सहायक अभियंता सुनील गुप्ता ने बताया कि गंगा किनारे स्थित पूर्णानंद आश्रम का निर्माण हो रहा था। इस मामले में आश्रम संचालक को नक्शा पास नहीं कराने और एनजीटी के मानकों की अनदेखी करने पर नोटिस जारी किया था। कुछ दिन निर्माण कार्य रोकने के बाद फिर से शुरू कर दिया था।
बताया कि ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर बन चुका था। नापजोख करने के बाद निर्माणाधीन आश्रम को सील कर दिया गया है। टीम में अवर अभियंता अनुज पांडेय, सुपरवाईजर एसएन भट्ट, सतीश कुमार आदि शामिल रहे।

उपखंड कार्यालय में बिलों की बड़ी हुई धनराशि को लेकर प्रदर्शन

उत्तराखंड जन विकास मंच ने पानी और बिजली के मूल्यों में अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध में मुनिकीरेती विद्युत उपखंड कार्यालय में धरना दिया।
मंगलवार को मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुनिकीरेती स्थित विद्युत उपखंड कार्यालय पहुंचे। मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि प्रति यूनिट पर विद्युत के मूल्य में फिक्स्ड चार्ज, फ्यूल चार्ज, ग्रीन कर आदि लगाया जा रहा है जो कि उपभोक्ताओं के ऊपर दोहरी मार है। इसे समाप्त कर सरकार द्वारा आम लोगों को राहत दी जानी चाहिए।
नगर पालिका मुनिकीरेती के पूर्व अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल ने कहां कि यूपीसीएल द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं से बिल का भुगतान मासिक ना लेकर 2 माह में लिया जाता है। जिससे न्यूनतम सीमा तक विद्युत का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को स्लैब का लाभ नहीं मिल पाता है। जिससे स्लैब बढ़ जाने भारी भरकम बिल भरना पड़ता है। उन्होंने मांग की, कि यूपीसीएल द्वारा उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह बिल दिया जाना चाहिए।
तपोवन व्यापार सभा के अध्यक्ष लेखराज भंडारी ने कहा कोविड काल में घरेलू व व्यवसायिक विद्युत संयोजन वाले उपभोक्ताओं से विलंब शुल्क अधिभार नहीं लिया जाना चाहिए। कविता कंडवाल व सुभाष शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण जो उपभोक्ता अपने बिल का भुगतान समय पर नहीं कर पा रहे हैं। उनके विद्युत संयोजन को एक निश्चित समय अवधि न काटा जाए।
इस अवसर पर विनोद भाई, राकेश शर्मा, विपिन शर्मा, जसवंत, सुरेश, अर्जुन गुप्ता, धर्मेंद्र नौटियाल, नंदकुमार, देव नारायण, बेचन गुप्ता, संदीप कुमार, भगवती प्रसाद, वीरेंद्र गुसाई, सुनील कंडवाल, महेश सिंह, विवास चक्रवर्ती, नरेंद्र रतूड़ी, राकेश सेमवाल, राजेश कुमार, अंगद आदि उपस्थित रहे।

पीएम की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस हुई सतर्क, शुरु किया सत्यापन अभियान

कोतवाली पुलिस ने सत्यापन अभियान चलाकर की गई कार्यवाही में 350 लोगों का सत्यापन करते हुए किरायेदारों का सत्यापन ना कराने पर 15 मकान मालिकों के विरुद्ध कार्यवाही कर डेढ़ लाख का जुर्माना किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पूर्व अपराध पर अंकुश लगाने व अपराधियों की धरपकड शुरू की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में किरायेदारों के सत्यापन कराने व सत्यापन ना कराने वाले मकान मालिकों पर कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया है। उक्त आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक देहात क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश द्वारा भी अपने अधीनस्थों को उक्त विषय में कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया है। जिस पर महेश जोशी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा आज प्रातः 6 बजे से एम्स पुलिस चौकी क्षेत्र में एम्स हॉस्पिटल से लगते हुए इलाके शिवाजी नगर, बैराज कॉलोनी, स्टर्डिया व आवास विकास में किरायेदारों के सत्यापन की जांच हेतु अभियान चला गया।
उक्त अभियान में प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश के द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर नेतृत्व करते हुए वरिष्ठ उप निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश, चौकी प्रभारी एम्स, चौकी प्रभारी आईडीपीएल, चौकी प्रभारी त्रिवेणी घाट, चौकी प्रभारी बस अड्डा, चौकी प्रभारी श्यामपुर, उपनिरीक्षक, कांस्टेबल, महिला कॉन्स्टेबल की टीम बनाकर सत्यापन अभियान चलाया गया। अभियान से पूर्व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा टीम के सभी अधिकारी/कर्मचारी गणों को को ब्रीफ कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
सत्यापन अभियान के दौरान किरायेदारों का सत्यापन करते हुए सत्यापन ना कराने वाले मकान मालिकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। सत्यापन के दौरान 350 लोगों का सत्यापन किया गया। इसके साथ ही 15 चालान कर डेढ़ लाख का जुर्माना किया गया। इसके अतिरिक्त ऐम्स हॉस्पिटल रोड पर ठेली एवं फड़ लगाने वाले व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए यातायात के दृष्टिगत रोड किनारे से अतिक्रमण हटाया गया।

गंगा के तेज बहाव में तीन महिला डूबी

रायवाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गीता कुटीर घाट पर रविवार सुबह नहाते समय तीन महिलाएं गंगा के तेज बहाव में बहने लगी। सूचना पर जल पुलिस और आपदा राहत टीम ने उनकी तलाश को गंगा सर्च ऑपरेशन चलाया। रायवाला थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि रविवार को गीता कुटीर घाट पर तीन महिलाएं स्नान करने के लिए गंगा में पहुंची थी। इस दौरान गंगा के तेज धारा में वह लोग बहने लगे। लोगों की सूचना मिलने पर जल पुलिस और आपदा राहत दल की टीम ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।

विस अध्यक्ष ने एसडीएम को रायवाला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने के दिए निर्देश

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर रायवाला के प्रधान सागर गिरी के नेतृत्व में रायवाला क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया कि त्रुटिपूर्ण भू अभिलेख की वजह से क्षेत्रवासियों को अनेक प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है।
रायवाला के प्रधान सागर गिरी ने कहा है कि ग्राम सभा रायवाला के निवासियों का आबादी खसरा नंबर वन भूमि पर चढ़या गया है। जबकि वन भूमि का खसरा नंबर आबादी में तब्दील हो गया है, जिसके कारण स्थानीय क्षेत्र वासियों को अनेक प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधान सागर गिरी ने कहा है कि इस कारण स्थानीय लोगों को बिजली, पानी का कनेक्शन नहीं मिल रहा है जबकि वह अपने भवन निर्माण के लिए सरकार से लोन भी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उनका खसरा वन भूमि पर दर्शा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी ऋषिकेश को दूरभाष पर निर्देशित करते हुए कहा कि स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। विस अध्यक्ष अग्रवाल ने यह भी कहा है कि तहसील प्रशासन द्वारा की गई त्रुटि का खामियाजा स्थानीय लोगों को क्यों भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि समस्या का समाधान शीघ्र किया जाए।
इस अवसर पर स्थानीय प्रधान सागर गिरी, कुशल सिंह, सुरेंद्र सिंह चौहान, गब्बर सिंह, विशाल चौहान, नवीन कुमार, आनंद सिंह, कुल बहादुर छेत्री, ममता छेत्री, चंद्रमोहन कैंतूरा, पार्वती थापा, प्रीतम सिंह, सूरत सिंह कैंतूरा, सुषमा देवी, पदम सिंह, लाखन सिंह, पूर्ण सिंह, लक्ष्मण सिंह, मंगल सिंह, विक्रम सिंह, सूरज शर्मा, लक्ष्मी देवी, पान सिंह, कुंती देवी, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, सुमेर चंद, गंगा शरण, राकेश कुमार आदि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सीएस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने मंगलवार को सचिवालय में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए, इसे राज्य की प्राथमिकता बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाया जाए। यह अभियान सिर्फ त्यौहारी सीजन को देखते हुए न हो, बल्कि इसे नियमित आधार पर चलाया जाए।

मुख्य सचिव ने फूड टेस्टिंग लैब बढ़ाए जाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी राज्य में एक ही फूड टेस्टिंग लैब है, जो कि रूद्रपुर में है। उन्होंने अधिकारियों को देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में भी फूड टेस्टिंग लैब खोले जाने के नर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊं हेतु एक-एक मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही, फूड एडल्ट्रेशन को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलायी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इसके प्रति आमजन जागरूक नहीं होगा तब तक फूड एडल्ट्रेशन को रोकना आसान नहीं होगा।

मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का अनुपालन हो सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने होटल व्यवसायियों को स्वच्छता रेटिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाए, इसके लिए होने वाले व्यय को सरकार द्वारा वहन किए जाने हेतु प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों और मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। होटल व्यवसायियों को इसके लिए जागरूक किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित जांच और कठोर कार्रवाई के अभाव में मिलावट पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए लगातार सघन निरीक्षण अभियान के साथ ही मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाए ताकि लोगों में मिलावटखोरी के प्रति भय हो, और इसे रोका जा सके।
इस अवसर पर सचिव अमित नेगी एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।