शिकायत पर संज्ञान न लिया तो करूंगा आंदोलनः पार्षद नगर निगम

नगर निगम ऋषिकेश पर एक विपक्ष के पार्षद ने सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने 24 घंटे के भीतर अपनी मांग पूरी न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

पार्षद जगत सिंह नेगी ने नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल को ज्ञापन दिया। बताया कि उनके वार्ड में दो बार आवासीय साइन बोर्ड लगाया गया। मगर दोनों ही बार उसे कुछ लोगों ने हटा दिया। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम को इस संबंध में दो बार लिखित में अवगत कराया गया, इसके बावजूद निगम स्तर से कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।

इस पर उन्होंने आज नगर निगम पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर यदि उचित कार्रवाई नहीं की जाती है। तो वह विपक्षी दल के पार्षदों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन देने वालों में पार्षद मनीष शर्मा, राधा रमोला, भगवान सिंह पंवार, देवेंद्र कुमार प्रजापति, विजयलक्ष्मी शर्मा, राकेश सिंह मियां, पुष्पा मिश्रा, शकुंतला शर्मा आदि मौजूद रहे।

जेई को पानी की समस्या बताकर शिवाजीनगर की जनता ने की निस्तारण की मांग

शिवाजी नगर क्षेत्र के गली नंबर 34 में पानी की समस्या को लेकर काफी समय से लोग परेशान चल रहे हैं जिस कारण आज विभागीय जेई को मौके पर बुलाकर ज्ञापन देकर समस्या से अवगत करवाया और शीघ्र समाधान के लिये कहा गया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि शिवाजी नगर में गली नंबर 34 में पानी की विकट समस्या है न ही यहाँ नल के कनेक्शन हैं न ही यहाँ सीवर लाइन है। यहाँ पर लोगों के घरों में हैंडपंप लगे हैं। जिनके पाइप की गहराई करीब 15 फिट है। कहा कि यहां का वर्ग निर्धन है। इसलिये लोग अधिक गहराई के समरसिवल व आरओ लगवाने में असमर्थ हैं। इस कारण यहॉं के लोगों सीवर युक्त पानी का सेवन करना पड़ रहा है जिसके कारण वे बीमार हो रहे हैं। गली में पानी की पाइप लाइन बिछाने को लेकर मौके पर पहुँचे जेई सूरज को ज्ञापन सौंपा गया।

जेई सूरज ने बताया कि यहाँ पर पैरी अर्बन योजना के तहत पानी के कनेक्शन दिये जा रहे हैं यह गली छूट गई है इसका संज्ञान लेकर शीघ्र गली में घरों में पानी के कनेक्शन दिये जायेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में रवि गुप्ता, राजेश कुमार, गीता देवी, माया देवी, नीतू देवी, गौरव कुमार, अमित, राजेश वर्मा, शुभम, कृष्ण कुमार, अनुज सिंह, चमनलाल, शारदा देवी, आशा नेगी, मंशा देवी, सन्नी प्रजापति, जतिन्दर, देवेन्द्र राम, अनिता गुप्ता, विकास कुमार, आरती देवी, रानी कुमार, जितेन्द्र कुमार आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड सीएम हेल्पलाइन 1905 पर अब तक हुआ 51 हजार 248 शिकायतों का संतुष्टि के साथ समाधान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 23 फरवरी 2019 को जनता की सहूलियत के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905 का शुभारम्भ किया था। जिसका मकसद यह था कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये दूर दराज के क्षेत्रों से मुख्यमंत्री कार्यालय या सचिवालय के चक्कर ना काटने पड़ें, जिससे जनता के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा जनता घर बैठे ही सरकार तक विभागों की समस्या ऑनलाइन या फोन पर बता सकेगी।

सीएम हेल्पलाइन के सफलतापूर्वक 2 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड की जनता को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर बेहतर कार्य और उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

सीएम हेल्पलाइन पर हिन्दी, गढ़वाली, कुमाउनी, पंजाबी, अंग्रजी किसी भी भाषा में समस्या दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन सुशासन का जीता जागता उदाहरण है इससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है और सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिय बनी सीएम हेल्पलाइन 1905 का उत्तराखंड की जनता अधिक से अधिक लाभ उठाये। सीएम हेल्पलाइन पर किसी भी फ़ोन से निशुल्क टोलफ्री नंबर 1905 पर डायल करके किसी भी विभाग से सबंधित समस्या दर्ज करा सकते हैं या वेबसाइट cmhelpline.uk.gov.in पर भी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त ने बताया कि अभी तक सीएम हेल्पलाइन पर 51 हजार 248 शिकायतों का संतुष्टि के साथ समाधान हो गया है। कोरोना महामारी और प्राकृतिक आपदा के दौरान सीएम हेल्पलाईन जनता के लिए वरदान बनकर सामने आई है। लॉकडाउन के दौरान सीएम हेल्पलाईन ने आपातकालीन सेवा के रूप में भी कार्य किया है। सीएम हेल्पलाईन के अधिकारी एवं कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान प्रदेशवासियों की समस्याओं को सुनकर उनका 24 घंटे के भीतर ही निस्तारण करा रहे थे। लॉकडाउन खुलने के बाद से सीएम हेल्पलाइन में पंजीकृत प्रदेश के सभी अधिकारी उतनी ही तत्परता से जनसमस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

सीएम हेल्पलाइन में अधिकारियों द्वारा शिकायत का समाधान होने पर सीएम हेल्पलाइन 1905 के कॉल सेन्टर द्वारा शिकायतकर्ता को कॉल भी किया जाता है और शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्राप्त होने पर ही शिकायत को बन्द किया जाता है। सीएम हेल्पलाइन में अधिकारियों को शिकायत प्राप्त होते ही 15 दिन के भीतर शिकायत पर कार्यवाही करना अनिवार्य है।

सीएम हेल्पलाइन में उत्तराखंड के सभी विभागों के अधिकारियों को जोड़ा गया है। प्रत्येक माह आयुक्त गढ़वाल मंडल और आयुक्त कुमाऊं मंडल सभी जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठकें भी ले रहे हैं और शिकायतों के गुणवत्ता पूर्वक समाधान पर प्रतिदिन मंडल आयुक्तों और जिलाधिकारियों द्वारा नजर रखी जा रही है।

अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री राधा रतूड़ी द्वारा समय-समय पर सचिव स्तर पर सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकें भी ली जाती हैं।

परिवहन संस्थाओं ने डीजल दामों में वृद्धि करने पर जताया रोष

डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि से परिवहन व्यवसायियों, परिवहन संस्थाओं में अत्यधिक रोष है। परिवहन व्यवसाय पहले ही क्रोना काल से अत्यधिक नुकसान में चल रहा है और उस पर अब डीजल की मार से परिवहन व्यवसायियों की कमर ही टूट चुकी है, उत्तराखंड का मुख्य व्यवसाय परिवहन है।

यातायात पर्यटन विकास सहकारी संघ ऋषिकेश के उपाध्यक्ष नवीन रमोला ने कहा कि ऋषिकेश की परिवहन संस्थाओं में डीजल डीजल में अत्यधिक वृद्धि अत्यधिक रोष व्याप्त है। जिसके लिए परिवहन महासंघ में आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए एक बैठक बुलाए जाने सुनिश्चित की गई है। मई माह से उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का प्रारंभ होना है जिसमें की देश विदेश से श्रद्धालु आते हैं पिछला 1 वर्ष 2020 में श्रद्धालु नहीं पहुंचे।

अब 2021 की चार धाम यात्रा पर डीजल की वृद्धि का असर पड़ना निश्चित है जिसका प्रभाव उत्तराखंड के परिवहन व्यवसायियों, के साथ-साथ उत्तराखंड के होटल व्यवसायियों छोटे कामगारों के साथ-साथ उत्तराखंड में आने वाले समस्त तीर्थ यात्रियों पर पड़ेगा हमारी उत्तराखंड सरकार से मांग है जब तक डीजल के दामों में गिरावट नहीं आ जाती है। तब तक उत्तराखंड सरकार डीजल पेट्रोल पर वेट को कम करने का कष्ट करें।

टोल टैक्स के खिलाफ एकजुट हुए व्यापार मंडल, स्थानीय वाहनों को छूट की मांग

ऋषिकेश के समस्त व्यापार मंडल आज एकजुट दिखाई दिया। सभी व्यापार मंडल के व्यापारियों ने लच्छीवाला टोल टैक्स का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने इसे अवैध वसूली के साथ एलिफेंट काॅरिडोर में लगाए जाने पर कानूनन गलत ठहराया।

आज दून तिराहे पर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल शाखा ऋषिकेश, ऋषिकेश व्यापार महासंघ, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल व देवभूमि व्यापार मंडल सहित कई व्यापारिक संगठनों ने शिरकत की और विरोध प्रकट किया। गढ़वाल ट्रक एसोसिएशन के सचिव जयेंद्र रमोला ने कहा कि हाइवे के कार्य पूरे नहीं हुए हैं और टोल शुरू कर दिया है, जोकि अवैध वसूली हैं और तो और एनएचएआई ने एलिफेंट कॉरिडोर क्षेत्र में टोल प्लाजा बनाया जोकि कानूनन सही नहीं है।

आज हर हरिद्वार जिले की विधानसभा के विधायक अपने क्षेत्र के लोगों की लड़ाई लड़ कर टोल फ्री करवाने को अग्रसर हैं परन्तु ऋषिकेश ऐसी विधानसभा है जहां के विधायक इस मुद्दे को लेकर कोई पहल नहीं कर रहे हैं। जिससे कारण आज व्यापारियों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, हमारी माँग है कि ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के हर वाहन चाहे वह प्राइवेट हो या व्यवसायिक हो उसको छूट मिलनी चाहिये।

प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक कपिल गुप्ता ने लच्छीवाला में वसूले जा रहे तो उनको वर्तमान में अवैध कहते हुए और भविष्य में भी ऋषिकेश क्षेत्र तक के आवास करने वाले लोगों के लिए टोल को फ्री करने की मांग की। अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि ऋषिकेश निवासी टोल प्लाजा से 3 किलोमीटर पहले भानियावाला में ही टोल रोड पर चढ़ते हैं अतः जब तक कनेक्टिंग रोड जो अभी सभी जगह अधूरी पड़ी है वह पूरी नहीं हो जाती तब तक के लिए टोल वसूली तत्काल बंद करनी चाहिए और ऋषिकेश क्षेत्र में आवाजाही करने वाले व्यापारियों एवं नागरिकों को टोल से मुक्त रखा जाना चाहिए।

ऋषिकेश व्यापार महासंघ के संयोजक राजीव मोहन ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र के लोगों के वाहनों को टोल फ्री करवाने के लिये सभी व्यापार मण्डलों को एक होकर बड़ा आंदोलन चलाना चाहिये।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने सभी स्थानीय और व्यापारिक संगठनों की मांग को जायज बताते हुए समर्थन किया। इस अवसर पर प्रोपर्टी डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गर्ग, दीपक जाटव, विवेक वर्मा, प्रीति पाल सिंह, जस्सल, कमल किशोर लांबा, संजय शर्मा, पवन शर्मा, ललित सक्सेना, हैप्पी ग्वाडी, सौरभ अग्रवाल, हर्षित गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान, रामकुमार कश्यप, श्रवण जैन, नवल कपूर, व्यापार महासंघ के संयोजक राजीव मोहन, विनोद शर्मा, अरविंद जैन, प्रतीक पुंडीर, अखिलेश दीवान आदि उपस्थित रहे।

मेयर अनिता को ज्ञापन देकर आईडीपीएल में सफाई व्यवस्था दुरस्त करने की मांग

युवा मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक प्रकांत कुमार ने मेयर अनिता ममगाई ंको प्रतिनिधि मंडल के साथ ज्ञापन दिया। बताया कि आईडीपीएल संस्थान में उत्पादन पूर्णता बंद है। यहां की गलियों में कूड़े का अंबार लगने लगा है, जो भविष्य में बीमारियों का कारण बन सकता है। प्रकांत कुमार ने बताया कि यहां निवासरत लोगों के स्वास्थ्य की हानि का खतरा बढ़ सकता है उन्होंने मेयर अनिता से नैतिकता के आधार पर मांग की, कि जनता के हित में आईडीपीएल कॉलोनी में नगर निगम द्वारा समय-समय पर सफाई कैंप लगाकर कूड़ा उठान व सफाई व्यवस्था कराने की महान कृपा करें।

ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष अक्षय खैरवाल, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष आनंद शर्मा, आकाश कुमार, शुभ गुप्ता, ओमप्रकाश, संजीव सिलस्वाल, अनुज कुमार, रतन भारद्वाज, विशाल चैहान, शुभम कुमार आदि उपस्थित रहे।

राशन की कालाबाजारी, घटतोली व बदसलूकी का आरोप लगा कार्डधारकों ने किया प्रदर्शन

बनखंडी में एक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान में आज उपभोक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। मौके पर राशन कार्डधारकों ने डीलर पर राशन में घटतोली व कालाबाजारी का आरोप भी लगाया। चेतावनी दी कि विभागीय कार्यवाही ना होने पर आंदोलन किया जाएगा।

शनिवार को पूर्व सभासद हरीश तिवाडी के नेतृत्व में बनखंडी के उपभोक्ता राशन डीलर राजेन्द्र यादव की दुकान पहुचे। जहा दुकान बंद मिलने पर हरीश तिवाड़ी ने जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत कंडारी को फोन कर समस्या की जानकारी दी। बताया कि ऑन लाइन फॉर्म भरने के नाम पर पूर्व में राशन डीलर दो बार उपभोक्ताओ से फॉर्म जमा करा चुका है। लेकिन कई कार्डधारकों को दो माह से राशन नही दे रहा है। जब लोग राशन की मांग कर रहे है तो तुम्हारा राशन नहीं आया है तीसरी बार फॉर्म भरकर दो तब राशन तीन महीने बाद मिलेगा कहकर परेशान कर रहा है। जिस पर जिला पूर्ति अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

पूर्व सभासद हरीश तिवाडी ने बताया कि काफी समय से राशन डीलर के विरुद्ध लोगों की शिकायतें आ रही थी। राशन कार्ड धारकों का कहना है कि डीलर महिलाओं से अभद्रता से भी पेश आता है। उन्होंने कहा अगर उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कार्यवाही नही होती है तो सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत कर राशन की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की जाएगी।

वही, स्थानीय कार्ड धारकों का कहना है कि राशन विक्रेता द्वारा सप्ताह में सिर्फ 3 दिन दुकान खोली जाती है बाकी दिन दुकान बंद ही रहती है। अभी कुछ दिन पहले राशन विक्रेता के विरुद्ध आवाज उठाई गई थी राशन विक्रेता को शनिवार तक का समय दिया गया था। लेकिन आज जब कार्ड धारक दुकान पर एकत्रित हुए तो राशन विक्रेता की ओर से दुकान ही नहीं खोली गई। स्थानीय राशन कार्ड धारक रजनी देवी का कहना है कि डीलर द्वारा सफेद कार्ड पर पीले राशन कार्ड का राशन दिया जा रहा है।

इस पर भी अभी तक 2 महीने तक राशन नहीं दिया गया है। कार्डधारक किरण लता का कहना है कि राशन विक्रेता महिलाओं से अभद्रता से पेश आता है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान फ्री का राशन खाकर तुम लोगो ने मौज की है अब राशन नहीं मिलेगा। इस दौरान लोगो ने बंद दुकान के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया। इस अवसर पर मधु देवी, लक्ष्मी, कंचन अंजलि, गुड़िया, किरण देवी, ममता, रोशनी, राजवती, शकुंतला, पुष्पा, उषा, कुसुम, ममता, पिंकी, मनमीत कुमार, बाली पाल, ललित शर्मा, राकेश पारछा, सुभाष पाल आदि मौजूद थे।

पार्षद बडोनी की शिकायत का एसडीएम ने लिया संज्ञान, गैस पाइप बिछाने पर मांगी रिपोर्ट

तीर्थ नगरी में गैस पाइप लाइन बिछाने में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पार्षद विजय बडोनी ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने अनियमितता के कारण भी बताए हैं।

पार्षद विजय बरौनी ने ज्ञापन के जरिए बताया कि गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान यातायात सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है ना ही बैरिकेडिंग का प्रयोग किया जा रहा है। पार्षद ने कहा कि खुदाई वाली जगहों पर रिपीटिंग टेप का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही किसी भी प्रकार का साइनिंग बोर्ड उपयोग में नहीं लाया जा रहा है, इससे कभी भी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। पार्षद ने कहा राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर गैस पाइप लाइन की खुदाई कार्य की मिट्टी व मलबा पक्की सड़कों पर डाला जा रहा है जबकि लोक निर्माण विभाग के नियमानुसार अगर मिट्टी या मलवा पक्की रोड पर डाला जाता है तो उसको साफ करना आवश्यक है। यह भी एक कारण है जिससे दुर्घटनाएं घट रही हैं। पार्षद ने आगे कहा कि गैस पाइप दबाने के बाद मिट्टी से सही तरीके से नहीं भरा किया गया है उन्होंने मामले में जांच की मांग की।

वहीं पार्षद की मांग पर एसडीएम ने जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित गांवों को भेजी जा रही है राशन और जरूरी सामग्री

मुख्यमंत्री ने तपोवन में भीषण आपदा में मृत हैड कान्स्टेबल मनोज चैधरी और कांस्टेबल बलवीर सिंह गड़िया को नमन करते हुए शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। बुंधवार को कांस्टेबल बलवीर सिंह गड़िया और मंगलवार को हैड कान्स्टेबल मनोज चैधरी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आपदा में मृत्यु का होना बहुत दुखद है। रैणी व तपोवन क्षेत्र में भीषण त्रासदी में सभी मृतकों के प्रति संवदेना प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए आपरेशन पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। सर्च एंड रेस्क्यू के साथ ही आपदा राहत कार्यों की उच्च स्तर से लगतार मॉनिटरिंग की जा रही है।

आपदा में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि अविलंब दी जाएः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिव आपदा प्रबंधन से आपदा राहत कार्यों और सर्च व रेस्क्यू आपरेशन के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने सर्च व रेस्क्यू के काम को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं की कमी न हो। जिन मृतकों की पहचान हो जाए, उनके आश्रितों को राहत राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए। जिन शवों की शिनाख्त न हो पा रही हो, उनके डीएनए रिकार्ड सुरक्षित रखे जाए।

मंगलवार रात्रि और बुधवार को भी जारी रहा सर्च एंड रेस्क्यू आपरेशन

चमोली जिले में रविवार को आयी आपदा के चैथे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन जारी रहा। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के बाद 34 शव मिल गए हैं जबकि 170 लोग अभी लापता हैं। पूर्व में लापता बताए गए ऋषि गंगा कम्पनी के 02 व्यक्ति सुरक्षित अपने आवास पर पाए गए हैं। तपोवन मे टनल मे फंसे लोगो का रेस्क्यू जारी है। यहां पर करीब 25 से 35 लोग टनल मे फंसे है जिनको बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 100, एनडीआरएफ के 176, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड की 04 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 16 फायरमैन, लगाए गए हैं। राजस्व विभाग, पुलिस दूरसंचार और सिविल पुलिस के कार्मिक भी कार्यरत हैं। बीआरओ द्वारा 2 जेसीबी, 1 व्हील लोडर, 2 हाईड्रो एक्सकेवेटर, आदि मशीनें लगाई गई हैं।

स्टैंडबाई के तौर पर आईबीपी के 400, आर्मी के 220 जवान, स्वास्थ्य विभाग की 4 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 39 फायरमैन रखे गए हैं। आर्मी के 03 हेलीकाप्टर जोशीमठ में रखे गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।

प्रभावित गांवों को भेजी जा रही है राशन और जरूरी सामग्री
आपदा में सडक संपर्क टूटने से सीमांत क्षेत्र के 13 गांवों के 360 परिवार प्रभावित हुए है। सडक संपर्क से कटे इन गांवो मे हैली से राशन किट, मेडिकल टीम सहित रोजमर्रा का सामन लगातार भेजा जा रहा है। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री भेजी जा रही हैं।

प्रभावित गांवों में बिजली और पेयजल आपूर्ति
पैंग और मुराडा को छोडकर बाकी सभी 11 गांवो मे विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है। पैंग व मुरंडा मे सोलर लाइट भेजी गई है। उरेडा द्वारा 100 सोलर लाईटों से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। आपदा से 11 गांवों में पेयजल लाईनें प्रभावित हो गई थीं। इनमें से 10 गांवों में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष 1 में काम चल रहा है।

ट्राली से वैकल्पिक व्यवस्था
तपोवन, रैणी, जुआग्वाड मे आवाजाही के लिए ट्राली व वैली ब्रिज से वैकल्पिक व्यवस्था बनायी जा रही है।

सरकारी अस्पताल में है सुविधाओं का अभावः राजकुमार अग्रवाल


राज्य आंदोलनकारी व देवभूमि उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के जरिए उन्होंने राजकीय चिकित्सालय को एम्स ऋषिकेश से संचालित करने की मांग की है।

आज उन्होंने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को ज्ञापन देकर बताया कि ऋषिकेश तथा आसपास के पहाड़ी क्षेत्र की जनता बीमारी के इलाज के लिए राजकीय चिकित्सालय आते है। मगर अस्पताल में चिकित्सकों दवाओं व उपकरणों की कमी के चलते भारी समस्या उठानी पड़ रही है। साथ ही गंभीर रोगियों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की नितांत आवश्यकता है, जो कि यहां नहीं है। बताया कि कुंभ, कावड़ यात्रा, चार धाम, हेमकुंड यात्रा जैसे कार्यक्रमों के दौरान बीमार होने पर मरीज इसी अस्पताल का रुख करते हैं उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस राजकीय चिकित्सालय का प्रबंध करें। जिससे जनता को इसका लाभ मिल सके। ज्ञापन देने वालों में कविता शाह, वेद प्रकाश धींगड़ा, मनीष अग्रवाल, शिव कुमार अग्रवाल, अमित कुमार, हरीश आनंद आदि शामिल रहे।