रेड सैंड बोआ दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पांच गिरफ्तार

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक दुलर्भ प्रजातियों के वन्यजीवों की तस्करी रोकने को लेकर एसएसएपी देहरादून जन्मजेय खंडूड़ी की ओर से थाना पुलिस को निर्देश जारी हुए थे। शनिवार रात को थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी को वन्यजीव की तस्करी की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने एक कार चेकिंग के लिए रोक दिया। वाहन के भीतर से रेड सैंड बोआ नाम का सांप मिला। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने मौके वन विभाग की टीम को बुलाया।
थानाध्यक्ष पुजारी ने बताया इस दुलर्भ प्रजाति के सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में हैं। सांप को वन विभाग मोतीचूर रेंज के सुपुर्द कर दिया है। वाहन में सवार पांच लोगों की पहचान अनीस पुत्र रफीक निवासी भोजपुर मुरादाबाद, सलीम पुत्र वकील अहमद, सद्दाम पुत्र फैय्याज, जैदी पुत्र जहीर, जोबिन पुत्र अव्वार हुसैन चारों निवासी रानी नागल भोजपुर जिला मुरादाबाद यूपी के रूप में कराई है। सभी पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सभी को जेल भेजा है। टीम में उपनिरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, कुशाल सिंह रावत, कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे।

सरकार ने नई एसओपी की जारी, जानें क्या है पाबंदी

कोरोना के बढ़ते केसों के बीच उत्तराखंड सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। कोविड 19 संक्रमण के चलते राजनीतिक दलों के सार्वजनिक स्थानों पर रैली, धरना-प्रदर्शन पर भी 22 जनवरी तक रोक रहेगी। राजनीतिक दलों के किसी भवन में होने वाले कार्यक्रमों में सभागार की क्षमता के 50 प्रतिशत अथवा 300 लोगों तक, जो भी कम होगा वहीं मान्य होगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और 12 वीं कक्षा तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को 22 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय किया है।
रविवार शाम मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सीईओ डॉ. एसएस संधु ने कोविड 19 के लिए संशोधित एसओपी जारी की। 11 जनवरी को जारी एसओपी की अवधि आज समाप्त हो गई थी। मुख्य सचिव के अनुसार कोविड के तहत लागू प्रतिबंधों को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। नाइट करफ्यू, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए तय समयावधि पूर्व की तरह लागू रहेगी।

ये रहेंगे बंद-
– आंगनबाड़ी केंद्र, 12 वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, सहायताप्राप्त व निजी स्कूल
– स्वीमिंग पूल, वाटर पार्क भी रहेंग बंद
– राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर 22 तक पांबदी, इंडोर कार्यक्रम को सशर्त छूट

यह मानक रहेंगे जारी
नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। जिम, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, स्पा, सैलून, थिएटर, ऑडिटोरियम, मीटिंग हॉल केवल 50 फीसदी क्षमता के संचालित होंगे। खेल संस्थान, स्टेडियम, खेल के मैदान खिलाडियों के प्रशिक्षण के लिए 50 फीसदी क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे।

इसी प्रकार खुले अथवा बंद स्थान पर होने वाले विवाह समारोह,
शवयात्रा आदि में केवल 50 फीसदी क्षमता में ही लोग शामिल हो सकते हैं।
इसी प्रकार होटल, रेस्तरा, ढाबों में भी 50 प्रतिशत का मानक लागू होगा व होटालों के कांफ्रेंस हाल, स्पा, जिम का भी 50 प्रतिशत क्षमता में प्रयोग किया जा सकेगा। इन सभी में कोविड 19 के लिए तय मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।

स्कूलों में नियमित रूप से ऑनलाइन पढ़ाइ-सुंदरम
उत्तराखंड में स्कूल 22 जनवरी तक बंद रहेंगे लेकिन पढ़ाई पूर्व की तरह ऑनलाइन माध्यम से शुरू कर दी जाएगी। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने कहा कि सभी अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दे दिए गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए शिक्षक छात्रों को आनलाइन माध्यम से नियमित रूप से तैयारी कराएं। छोटी कक्षाओं में छात्र-छात्रों की पढ़ाई को भी पूर्व की तरह ऑनलाइन, वाट़सअप आदि विभिन्न माध्यमों के जरिए शुरू कर दिया जाए।

अगले कुछ दिन का मौसम अपडेट लेकर ही करें सफर

उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में विशेषकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में उथला से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि पर्वतीय जिलों में पाला परेशानी का कारण बन सकता है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान लगाया है। लेकिन 18 के बाद एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के चलते गढ़वाल मंडल के पर्वतीय हिस्सों व कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ बागेश्वर जनपद में कहीं-कहीं हल्की से हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक घने कोहरे को लेकर प्रदेश के मैदानी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वही पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी पाला पड़ने को लेकर येलो अलर्ट जारी है। जिसके चलते मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाने से यातायात में टकराव की स्थिति, ड्राइविंग की मुश्किल परिस्थिति, हवाई अड्डे पर लैंडिंग, टेक ऑफ को प्रभावित कर सकती है।
मौसम विभाग ने रेलवे, एयरलाइंस, परिवहन सेवाओं के संपर्क में रहने के सुझाव दिए हैं। कोहरे में वाहन चला रहे लोगों से फोग लाइट के इस्तेमाल करने को कहा है। साथ ही पर्वतीय जिलों में पौधों को ठंड के कारण नुकसान से बचाने के लिए लगातार हल्की सिंचाई करने खेतों के चारों ओर हवा के अवरोध, शेल्टरबेल्ट लगाने, हवा की गति कम करने व पाले मे सड़क पर सावधानी से वाहन चलाने का सुझाव दिया है। राज्य के कई शहरों में आज तापमान काफी कम रहा।
शुष्क मौसम के बावजूद मसूरी में न्यूनतम तापमान 2.1, रनीचौरी में माइनस 1.8, जॉली ग्रांट में 6.6, नैनीताल में 4.8, पिथौरागढ़ में 1.5, टिहरी में तीन, मुक्तेश्वर में 1.1, पंतनगर में 9.9, डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ों में दिन में धूप के बावजूद सुबह शाम जबरदस्त ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 16 जनवरी व नॉर्थवेस्ट भारत में 18 जनवरी के बाद दो ताजा पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी होंगे जिससे एक बार फिर मौसम बदलेगा।

मकर संक्रांति पर्व पर हरकीपौड़ी हुई सील

मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुवार रात से हर की पौड़ी को सील कर दिया गया। जिस कारण श्रद्धालु गंगा स्नान को हर की पौड़ी में न जा सके। रात को हर की पौड़ी जाने वाले सभी मार्गों पर बेरीकेडिंग लगा दी गई थी। हर की पौड़ी पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। हर की की पौड़ी व साथ लगते घाटों पर स्थानीय लोग भी स्नान नहीं कर सकेंगे।
गुरुवार को जिले की सीमाओं में चिड़ियापुर, लाहड़पुर, नारसन, गोकलपुर व वीरपुर के रास्ते हरिद्वार स्नान को आ रहे श्रद्धालुओं को वापिस भेज दिया गया। सीमा पर पुलिस बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों में सवार यात्रियों को आने का कारण पूछ रहे थे। जिन लोगों ने स्नान की बात कही उन्हें सीमा से ही लौटा दिया गया। हालांकि मकर संक्रांति की पूर्व संध्या में हर की पौड़ी पर गंगा आरती में हजारों लोग शामिल हुए।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज का आयोजन
जगजीतपुर फूटबॉल ग्राउंड के निकट स्थित श्री बालाजी धाम, श्री सिद्धबलि हनुमान मंदिर एवं श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महंत दिगंबर आलोक गिरी के सानिध्य में मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया जा रहा है। महंत आलोक गिरी ने बताया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। संक्रांति के लगते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है। मान्यता है कि मकर-संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने पर देवताओं का सूर्याेदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने पर उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है।

महिला को गंगा के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला

डोईवाला की एक महिला मुनिकीरेती में हनुमान घाट पर अचानक बहने लगी। सूचना पर जल पुलिस और बोट चालक ने महिला को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। महिला को गंगा के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला।
मुनिकीरेती थाना पुलिस के मुताबिक हनुमान घाट से एक महिला गंगा में बहने लगी। इस दौरान सूचना पर जल पुलिस और मौके पर मौजूद बोट चालक तत्काल महिला को बचाने में जुट गए। कुछ दूरी पर महिला अनिता पुत्री नारायण सिंह निवासी शुगर मिल खत्ता, डोईवााल को गंगा के तेज बहाव से बचा लिया। मुनिकीरेती थाना वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश सैनी ने बताया कि महिला मंगलवार को घर से अनबन के चलते मुनिकीरेती में पहुंची थी। परिजनों से संपर्क कर मामले की जानकारी दे दी है। महिला को बचाने वाली टीम में जल पुलिस के जवान सुभाष ध्यानी, विदेश चौहान, रविंद्र सिंह, पुष्कर रावत, महेंद्र रावत, बोट चालक रामप्रकाश शर्मा, अंकित कुकरेजा आदि शामिल रहे।

आखिरी समय में सरकार ने मृत्यंजय मिश्र की बहाली कर विवाद को दिया जन्म

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर मृत्युंजय मिश्रा को बहाल करके प्राइम पोस्टिंग देने के मामले में उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार सवालों के घेरे में आ गयी है। विजिलेंस ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि आयुर्वेद विवि के कुलसचिव के पद पर मृत्युंजय मिश्रा की पोस्टिंग उचित नहीं है। क्योंकि मिश्रा के खिलाफ जांच के बाद केस अदालत में ट्रायल पर है।
बता दें कि इस मुक़दमे में गवाह भी आयुर्वेद विवि के अधिकारी हैं। ऐसे में यदि मिश्रा यहां कुलसचिव रहेंगे तो गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका रहेगी। विजिलेंस की चिट्ठी के बाद इस मामले में शासन के अधिकारियों के साथ ही विभागीय मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका संदिग्ध होने के साथ पूरी सरकार कटघरे में आ गयी है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बस इतना ही कहा कि वह इस मामले को दिखवा रहे हैं।
आपको बता दें कि सरकार ने डा मृत्युंजय कुमार मिश्रा का निलंबन समाप्त कर उन्हें उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर बहाल कर दिया है। साथ ही डा. मिश्रा को निलंबन अवधि का वेतन भुगतान नियमानुसार करने के आदेश भी दिए गए हैं। आयुष शिक्षा सचिव चंद्रेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
आदेश में बताया गया कि डा मिश्रा के खिलाफ 25 जुलाई, 2018 से जारी सतर्कता जांच के क्रम में विभागीय स्तर पर जांच अधिकारी की नियुक्ति और विभागीय अनुशासनिक जांच कराने को शासन ने औचित्यपूर्ण नहीं पाया है। डा. मिश्रा का निलंबन इस प्रतिबंध के साथ समाप्त किया गया है कि सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर यथोचित कार्यवाही की जाएगी। मृत्युंजय मिश्रा को 27 अक्टूबर, 2018 को कुलसचिव पद से निलंबित कर आयुष शिक्षा सचिव कार्यालय से संबद्ध किया गया था। तीन दिसंबर, 2018 को मिश्रा को गिरफ्तार कर जिला कारागार में भेजा गया था।
उधर, आयुष शिक्षा सचिव ने अलग आदेश जारी कर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में ही कुलसचिव पद पर अस्थायी रूप से तैनात किए गए डा राजेश कुमार अदाना को उप कुलसचिव का प्रभार दिया गया है। नियमित उप कुलसचिव की तैनाती तक यह प्रभार सौंपा गया है। डा राजेश कुमार को इस प्रभार के लिए अलग से वेतन-भत्ते देय नहीं होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश में कृषि मण्डी शुल्क कम करने तथा व्यापारियों की अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने पर विभिन्न उद्योग एवं व्यापार से जुड़े संगठनों ने आभार व्यक्त कर उन्हें सम्मानित किया।
गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सांसद नरेश बंसल के नेतृत्व में आये प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल, दून व्यापार मंडल, किराना मर्चेंट एसोसिएशन, राइस मिलर्स एसोसिएशन, फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन, टिंबर मर्चेंट एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएश, केमिस्ट एसोसिएशन आड़त बाजार आदि संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उद्योग एवं व्यापार से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान का बेहतर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग व व्यापार सही ढंग से चले इसके लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा उनके हित में निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने लगभग हर समस्या का समाधान का रास्ता निकाला है। सरकार सभी की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही है। व्यवधान नहीं समाधान हमारा उद्देश्य है। उद्योग व्यापार से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिये कमेटी भी बनायी है। प्रदेश में उद्योग व व्यापार अच्छे ढंग से चलेंगे तो उसका लाभ सभी को होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य हित में लगभग 600 फैसले लिये हैं। उन्हें धरातल पर उतारने के प्रयास हो रहे हैं। राज्य में प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना पर 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार कई हितकारी निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। राज्य के विकास के लिये जो भी प्रयास किये जाने हैं वह किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य का समग्र विकास हमारा ध्येय है इसमें सभी को सहयोगी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। राज्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक डेढ़ साल तक प्रदेश में मण्डी शुल्क समाप्त रहा है। उन्होंने कहा कि मण्डी किसानों के उत्पादों के विपणन की व्यवस्था के साथ ही वहां कई लोगों को रोजगार भी मिला है। हमारा प्रयास है कि मण्डी भी चलती रहे तथा व्यापारियों की समस्याओं का भी समाधान हो।
इस अवसर पर विपिन नागलिया, विनय गोयल, विश्वास डाबर, सुरेंद्र जैन, रमेश गोयल, रामगोपाल बंसल, सुनील मैसोन, राजेन्द्र प्रसाद गोयल, विनोद गोयल, राम गोपाल आदि सहित बड़ी संख्या में उद्यमी एवं व्यापारीगण उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट के विधानसभा चुनाव को लेकर कई सवाल, अगली सुनवाई 12 जनवरी को

हाईकोर्ट नैनीताल ने विधानसभा चुनाव स्थगित किए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग से पूछा है क्या उत्तराखंड में वर्चुअल रैलियां संभव हैं? क्या ऑनलाइन मतदान कराया जा सकता है? 12 जनवरी तक शपथपत्र के साथ बताएं। अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
बुधवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ में चुनाव स्थगित किये जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वर्चुअल रैलियां खराब कनेक्टिविटी के कारण संभव नहीं हैं। मतदान को लेकर भी यही स्थिति है। आयोग ने यह भी बताया कि मुख्य सचिव के साथ चुनाव की तैयारी को लेकर बैठक हो चुकी है। कोर्ट ने आयोग से वर्चुअल रैली व ऑनलाइन वोटिंग को लेकर जवाब मांगा है।
अधिवक्ता शिव भट्ट ने पहले से विचाराधीन सच्चिदानंद डबराल व अन्य से संबंधित जनहित याचिका में कोर्ट के आदेशों के विपरीत विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा कोविड नियमों के विपरीत की जा रही रैलियों की तस्वीरें संलग्न कर प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश किया है। जिसमें कहा है कि सियासी रैलियों में कोरोना संक्रमण फैलने की पूरी संभावना है। राजनीतिक दलों की ओर से कोविड के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

बुली बाई ऐप मामले में मुख्य आरोपी महिला उत्तराखंड में गिरफ्तार

’बुलीबाई’ ऐप मामले में मुंबई पुलिस साइबर सेल ने बेंगलुरु के एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी एक महिला है, जिसे उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब उत्तराखंड पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई है।
मुंबई पुलिस ने सोमवार को ये जानकारी दी। मुंबई पुलिस साइबर सेल ने ’बुली बाई’ ऐप मामले में बेंगलुरु से जिस 21 वर्षीय आरोपी विशाल कुमार को पकड़ा है जो इंजीनियरिंग छात्र है। इससे पहले महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने सोमवार को पुलिस को “बुली बाई“ ऐप के डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था जिसके बाद इस मामले में ये पहली बड़ी कार्रवाई है।

क्या है मामला?
शनिवार को एक महिला पत्रकार ने बुल्ली बाई ऐप पर ’डील ऑफ द डे’ बताकर बेची जा रही अपनी तस्वीर को शेयर किया। पत्रकार ने ट्विटर पर कहा, “यह बहुत दुखद है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में आपको अपने नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है।“ पार्टी लाइन से हटकर नेताओं ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के साइबर उत्पीड़न की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने इसके लिए दक्षिणपंथी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है। ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं को “नीलामी“ के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनकी तस्वीरों को बिना अनुमति से लिया गया था और उनसे छेड़छाड़ की गई थी। एक साल से भी कम समय में ऐसा दूसरी बार हुआ है।

युवा व्यापारी नेता ने सीएम को बताई मंडी व्यपारियों की समस्या

व्यापार मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया ने प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के व्यापारियों पर मंडी के बाबत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विगत 8 जून को प्रदेश सरकार द्वारा एक अध्यादेश जारी कर मंडी के बाहर व्यापार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क समाप्त करते हुए उन्हें लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया गया था। जिससे व्यापारियों को मंडी प्रपत्र की पर्ची संख्या 9 से मुक्ति मिल गई थी। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून पर किसानों के आंदोलन के कारण वापस लेने की वजह से मंडी शुल्क फिर लागू हो गया है।
इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जनवरी माह में व्यापारियों को दी जा रही छूट का हवाला देते हुए उत्तराखंड में जनवरी माह में मंडी शुल्क पर छूट दिए जाने व इस निर्णय को अगली सरकार के विवेक पर छोड़े जाने की व्यापारी नेता प्रतीक कालिया द्वारा मुख्यमंत्री से मांग की गई। व्यापार मंडल के महामंत्री की तमाम बातें गौर से सुनने के पश्चात मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में सकारात्मक कारवाई का आश्वासन दिया। जिस पर युवा व्यापारी नेता ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।