राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में राजस्व वादों की समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि डाटा लेक के माध्यम से इसकी डायनामिक रैंकिंग की जाए। सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों की लगातार समीक्षा की जाए, ताकि पैंडेंसी को समाप्त किया जा सके।
मुख्य सचिव ने राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण हेतु 1 दिसंबर से सभी नए वादों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) पर ऑनलाईन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आरसीएमएस को प्रदेश में 100 प्रतिशत लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकार के राजस्व न्यायालयों के ऑनलाईन किए जाने हेतु टाइम फ्रेम निर्धारित किया जाए। नए मामलों को पूर्णतः ऑनलाईन करते हुए लीगेसी डाटा को भी अभियान के तौर पर अपलोड किया जाए।
मुख्य सचिव ने कमिश्नर कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह बैठक कर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार कोर्ट में अधिक पैंडेंसी पर मामले तेजी से निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि के पदों को शीघ्र भरने हेतु कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वीआईपी कार्यक्रमों के लिए एसडीएम आदि को लगाए जाने से राजस्व का काफी कार्य बाधित होता है, जिसके कारण पैंडेंसी बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रोटोकॉल ऑफिसर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी अपने कार्य में अधिक समय दे पाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को 25, 30 एसडीएम के और पद सृजन कर शीघ्र भर्ती किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद राधा रतूड़ी, सचिव राजस्व सचिन कुर्वे और आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद चन्द्रेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की तीसरी बैठक में मुख्य सचिव ने दिये अहम निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की तीसरी बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों एवं संस्थानों के अधिकारियों को शीघ्र से शीघ्र प्रदेश में नेटवर्क की 100 प्रतिशत कवरेज उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ग्राम पंचायत स्तर पर यथोचित देखभाल के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को वीसेट सर्विसेज के लगातार मॉनिटरिंग अथवा काम न करने की दशा में समय पर जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरसंचार विभाग की 4जी सैचुरेशन योजना के तहत प्रदेश में 100 प्रतिशत 4जी नेटवर्क कवरेज के लिए सभी सम्बन्धित विभाग और संस्थान आपसी समन्वय से कार्य करें। साथ ही नेटवर्क कवरेज के लिए फील्ड लेवल पर स्थानीय लोगों से फीडबैक लेकर नेटवर्क उपलब्धता की जांच की जाए। उन्होंने सभी जनपदों में जिला प्रशासन को टावर लगाए जाने हेतु शीघ्र से शीघ्र जगह चिन्हित कर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आरओडब्ल्यू के लम्बित प्रकरणों का तेजी से निस्तारण किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को भारत सरकार के राईट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) को अपनाए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि आवंटित साईट्स पर पावर सप्लाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन द्वारा सील किए गए मोबाइल टावर प्रकरणों के तेजी से निस्तारण के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि दूरसंचार सेवा अति महत्त्वपूर्ण सेवा है जिसे प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। मुख्य सचिव ने बीएसएनएल को प्रदेश में क्षतिग्रस्त लाइनों को शीघ्र से शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बताया गया कि वोडाफोन-आइडिया(वीआई), एयरटेल, रिलायंस जिओ और बीएसएनएल द्वारा सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। प्रदेश में 1.42 करोड़ मोबाईल सब्सक्राईबर बेस है। 42192 किमी0 ओएफसी लगाई गयी है। 9190 टॉवर और 30611 बीटीएस लगाए गए हैं।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली एवं निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों एवं संस्थानों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाकर घायल युवकों को पहुंचाया अस्पताल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फ्लीट वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान से सचिवालय आ रही थी, इस दौरान मुख्यमंत्री ने ओएनजीसी चौक के समीप स्कूटी पर सवार दो युवकों को स्कूटी से गिरते देखा। मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाकर दोनों युवकों का हालचाल जाना, युवकों को मामूली चोट आई थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि युवकों को शीघ्र आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि दो पहिया वाहनों में यात्रा करते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें।

समाज कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने के दिये निर्देश

समाज कल्याण मंत्री चन्दन राम दास ने राज्य में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में 19 प्रतिशत धनराशि एससीएसपी के लिए तथा 3 प्रतिशत धनराशि टीएसपी के लिए निर्धारण के संबंध में समीक्षा बैठक की।
मंत्री ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में समीक्षा करते हुए जारी स्वीकृत राशि के सापेक्ष कम व्यय पर नाराजगी जताते हुए खर्च की सीमा बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय बजट जारी करने में विलम्ब न करते हुए कहा कि जिस योजना मद में बजट जारी हुआ है उसे उसी मद में व्यय किया जाय। उन्होंने एससीएसपी तथा टीएसपी धनराशि के दुरपयोग होने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये।
मंत्री ने कहा कि इस मद से हम गरीबों की सीधे तौर पर मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला सेक्टर और केन्द्र सेक्टर मद की अलग से समीक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता लानी होगी तथा आवश्यकतानुसार भवन, स्कूल, शौचालय, लाईब्रेरी, अस्पताल आदि बनााने होंगे।
मंत्री ने कहा कि बजट व्यय करने के उपरान्त उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल विभाग को भेजा जाय ताकि अगली किश्त जारी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों द्वारा अधूरी सूचना लाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमें अनुसूचित जाति उपयोजना और अनुसूचित जनजाति उपयोजना पर विशेष जोर देना होगा।
मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आज की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी तथा आगामी बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1338.49 लाख रूपये रही जिसमें 938.95 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 14.16ः रहा। कृषि विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 464.84 लाख रूपये रही जिसमें 317.57 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 28.05ः रहा। पशुपालन विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 952.96 लाख रूपये रही जिसमें 582.70 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 39.44ः रहा। पशुपालन विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 149.87 लाख रूपये रही जिसमें 95.00 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 16.45ः रहा। वन विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1093.75 लाख रूपये रही जिसमें 834.40 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 43.06ः रहा। वन विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 127.28 लाख रूपये रही जिसमें 19.96 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 18.86ः रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 2103.14 लाख रूपये रही जिसमें 969.54 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 32.32ः रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1613.92 लाख रूपये रही जिसमें 1321.34 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 33.55ः रहा।
इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन एल. फैनई, सचिव अरविन्द ह्यांकी, निदेशक जनजाति संजय सिंह टोलिया तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के सबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर जन शिकायतों के निस्तारण के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती हो। महिला मित्र प्रकोष्ठ की स्थापना की जाए। महिला के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। महिलाओं से जुड़े संगठनों से नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पुलिस की वेबसाइट पर अपराधियों के नामों की लिस्ट अपलोड की जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल दूर की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाईन में पिछले 10 माह में जो शिकायतें दर्ज हुई, उनमें से 92 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

गौरा शक्ति एप लांच, कामकाजी महिलाएं स्व रजिस्ट्रेशन कराए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों/संस्थानों में कार्यरत महिलाओं के लिए स्व रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया। किसी भी कार्यालय में कार्यरत महिलाएं उत्तराखण्ड पुलिस एप में दिये गये विकल्प गौरा शक्ति से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों में कामकाजी महिलाओं को इस एप में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाए। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए। सभी जनपदों में इसके लिए संगोष्ठियों एवं अन्य प्रचार माध्यमों से प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौरा शक्ति के तहत प्राप्त होने वाली शिकायतों पर संबंधित थानों से त्वरित कार्रवाई की जाए। उच्च स्तर से कृत कारवाई की नियमित निगरानी रखी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महिलाओं के स्व रजिस्ट्रेशन की यह सुविधा प्रधानमंत्री द्वारा महिला सुरक्षा के लिए बेहतर ईको सिस्टम विकसित करने के विजन के अनुरूप कामकाजी महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस एप में रजिस्ट्रेशन करने वाली सभी महिलाओं की रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखा जायेगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं थानों में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं एक महिला कांस्टेबल तैनात की गई है। उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत गौराशक्ति विकल्प में जाकर जब कोई महिला अपना रजिस्ट्रेशन करायेंगी तो संबंधित थाने से महिला सब इंस्पेक्टर को इसकी सूचना प्राप्त होते ही रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिला से बात कर रजिस्ट्रेशन पूर्ण होने की जानकारी देगी, साथ ही समय-समय पर फीडबैक भी लिया जायेगा। गौरा शक्ति के अन्तर्गत स्व रजिस्ट्रेशन के अतिरिक्त महिलाएं ई-शिकायत भी दर्ज करा सकती हैं, साथ ही इसमें महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी और महत्वपूर्ण फोन नम्बर भी उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

परिवहन विभाग की समीक्षा, सीएम ने कसे अधिकारियों के पेंच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी आई.एस.बी.टी में जन सुविधाओं के दृष्टिगत हर सम्भव व्यवस्थाएं की जाए। राज्य में आने वाले समय में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी, इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के आईएसबीटी के विस्तारीकरण के लिए भी योजना बनानी होगी। मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी देहरादून की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि इसमें यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून/उपाध्यक्ष एमडीडीए सोनिका को निर्देश दिये कि देहरादून आईएसबीटी में आवश्यक सुविधाओं को और विस्तार दिया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून आईएसबीटी को जन सुविधा के दृष्टिगत अधिक विकसित किये जाने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आईएसबीटी के आस-पास हो रहे अतिक्रमण के लिए संबंधित थाने एवं चौकी प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आईएसबीटी के आस-पास अतिक्रमण न हो। उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी नए आई.एस.बी.टी बनाये जाने हैं,उसके लिए ऐसे स्थान चिन्हित किये जाएं, जो यात्रियों के लिए भी आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक हों और भूमि की भी पर्याप्त उपलब्धता हो। इस संबंध में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बनाई जाए। बस अड्डों पर पर्वतीय उत्पादों के विपणन की व्यवस्था भी मॉडल रूप में की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढ़ा मुक्त हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कभी भी राष्ट्रीय राजमार्गों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। यदि राष्ट्रीय राजमार्गों पर गड्ढ़े पाये गये तो, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी। सड़कों के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। देवभूमि उत्तराखण्ड में देश विदेश से अनेक श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। सभी की यात्रा सुगम हो, वे यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधियों से जो भी सुझाव मिल रहे हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। सड़क सुरक्षा के लिए लगातार जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। यदि कोई वाहन बिना फिटनेस टेस्ट के चल रहे हैं, तो इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैठक में जो भी निर्णय लिए गये हैं, उन पर आवश्यक कार्यवाही के लिए पहले सचिव परिवहन समीक्षा करेंगे। उसके बाद परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में बैठक की जाए। उसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी बैठक होगी।
बैठक में शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, परिवहन मंत्री चन्दन राम दास, विधायक विनोद चमोली, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, डीआईजी मुख्तार मोहसिन, अपर सचिव सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम रोहित मीणा एवं परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी ने फोन पर दिवंगत किरण नेगी के पिता से की बात, हर संभव मदद का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दिवंगत किरण नेगी के पिता कुंवर सिंह नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में हम सब लोग आपके साथ हैं। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय में इस प्रकरण को देख रही वकील चारू खन्ना तथा केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू से भी उन्होंने बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किरण उत्तराखण्ड की बेटी है, उसको न्याय दिलाने के लिये हम हर संभव प्रयास करेंगे। इस मामले में उत्तराखण्ड सरकार भी आपके साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे दिल्ली आयेंगे तो उनसे मुलाकात भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने नेगी को आश्वस्त किया कि किरण नेगी के प्रकरण में उन्हें न्याय दिलाने में जो भी मदद होगी, वह की जायेगी। किरण के पिता कुंवर सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

पशुलोक विस्थापित की भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश

विस्थापित क्षेत्र पशुलोक को भूमिधरी अधिकार मिलने की मांग को लेकर आज स्थानीय लोग कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल से मिले। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने जिलाधिकारी देहरादून और सचिव राजस्व के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
गुरूवार को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से विस्थापित पशुलोक निवासी लोगों का प्रतिनिधिमंडल कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल से मिला। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी देहरादून सोनिका और सचिव राजस्व सचिन कुर्वे के साथ बैठक की। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2000 में जनपद टिहरी के भागीरथी गांव के परिवारों को ऋषिकेश विधानसभा के पशुलोक में विस्थापित किया गया था।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय से इन परिवारों द्वारा पशुलोक विस्थापित को राजस्व ग्राम की मांग उठाई गई। जिसे उनके अथक प्रयासों से वर्ष 2020 में राजस्व ग्राम घोषित किया गया। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि भूमिधरी का अधिकार इन्हें न मिलने के चले समस्याएं पैदा हो रही है।
मंत्री डा. अग्रवाल ने सचिव राजस्व सचिन कुर्वें को बैठक के दौरान निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पशुलोक विस्थापित के लोगों को भूमिधरी का अधिकार दिया जाए। जिससे राजस्व अभिलेखों में सभी की भूमि दर्ज हो सके।
इस मौके पर पशुलोक विस्थापित के लोगों द्वारा मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान जगदंबा सेमवाल, प्रताप सिंह राणा, बलवीर रावत, दिनेश बहुगुणा, रघुनाथ चौहान, विजय बिष्ट, मीना सजवाण आदि उपस्थित रहे।

कार लूटने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

रायवाला थाना क्षेत्र के हरिपुरकला में एक ऑफिस संचालक से हुई मारपीट और कार लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं, इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। आरोपियों के कब्जे से एक एलईडी टीवी और कार बरामद हुई है।
रायवाला पुलिस के मुताबिक 31 अक्तूबर की रात को हरिपुरकला निवासी राजेश कुमार के ऑफिस में विक्रांत राणा निवासी हरिपुरकला अपने तीन साथियों के साथ आया। आरोप था कि विक्रांत ने राजेश के साथ जमकर मारपीट की और ऑफिस से नगदी, सोने की चेन, एलईडी टीवी, मोबाइल और ऑफिस के बाहर खड़ी कार हथियारों के बल पर लूट ली। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में विक्रांत राणा के साथ आए साथियों की पहचान दीपक सोनू और देव राणा के रूप में हुई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को विक्रांत राणा और देव राणा को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से राजेश कुमार से लूट गई कार और एलईडी टीवी बरामद की। थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि देव राणा भी हरिपुरकला का रहने वाला है। जबकि मामले में दीपक और सोनू जो खड़खड़ी हरिद्वार के रहने वाले हैं, अभी फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया है। बताया कि आरोपियों की मारपीट से घायल हुए राजेश कुमार फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं।