मुख्यमंत्री धामी ने 122 अभ्यर्थियों को दिये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में परिवहन निगम के अन्तर्गत चालक एवं परिचालक पद के लिए 106 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इन अभ्यर्थियों को मृतक आश्रित के रूप में परिवहन विभाग में नियुक्ति दी गई है। परिवहन विभाग के अन्तर्गत चयनित 16 सहायक लेखाकारों को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता रैली का फ्लैग ऑफ किया। इस अभियान के तहत सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा कैलेण्डर और सड़क सुरक्षा पर आधारित डाटा बुक का विमोचन भी किया। 16 महिलाओं को परिवहन विभाग द्वारा निःशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देने के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रदान किये।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने पर परिवहन निगम और परिवहन विभाग के सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपनी नौकरी की शुरूआत से ही अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से निर्वहन करें। परिवहन सेवा को सुचारू रखने के लिए चालक और परिचालक का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में आत्म अनुशासन का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नौकरी की शुरुआती चरण से ही अपनी नियमित दिनचर्या के साथ कार्य करना शुरू करेंगे, तो यही दिनचर्या आदत में शामिल हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इनकी सुख-सुविधाओं को और बेहतर बनाने की भी परिवहन विभाग और परिवहन निगम पर बड़ी जिम्मेदारी है। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए हम सबको अपने-अपने क्षेत्रों में अहम योगदान देना है, सबके सहयोग से उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से अनेक भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। पिछले दो सालों में तेजी से भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण की गई हैं। सभी भर्तियां पूर्ण पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद तेजी और पूर्ण पारदर्शिता से सभी परीक्षाएं सम्पन्न हुई हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए निःशुल्क ड्राईविंग प्रशिक्षण दिलाने के लिए परिवहन विभाग के प्रयासों की सराहना भी की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी, प्रबंध निदेशक परिवहन निगम डॉ. आनन्द श्रीवास्तव एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

यातायात नियमों के प्रति जन जागरूकता के सीएम ने दिये निर्देश

बस स्टेशनों को स्वच्छ और आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में क्रैश बैरियर और सड़कों के किनारे वृक्षारोपण किये जाएं। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। वाहन चालकों के प्रशिक्षण और मेडिकल की भी समुचित व्यवस्था की जाए। यातायात नियमों के प्रति लोगों को निरन्तर जागरूक किया जाए। रोडवेज की बसों के माध्यम से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रचार भी किया जाए। जन सुरक्षा की दृष्टि से पर्वतीय क्षेत्रों में पुराने वाहनों की जगह पर नये वाहनों की व्यवस्था की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही। राज्य में जो भी नये बस स्टेशन बनाये जा रहे हैं, उनमें यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाया जाए। सभी बस स्टेशनों पर स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के लिए देहराूदन, हल्द्वानी और हरिद्वार से बस सेवा को संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों पर नम्बर प्लेट स्पष्ट दिखे, नम्बर प्लेट से छेड़खानी करने वालों पर सख्त कारवाई भी की जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम की स्थिति में पिछले दो वित्तीय वर्ष में लगातार सुधार आया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में निगम को 29.06 करोड़ रूपये का फायदा हुआ, जबकि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 27 करोड़ रूपये का फायदा हुआ है। परिवहन विभाग के राजस्व प्राप्ति में भी पिछले दो वित्तीय वर्ष में लगातार वृद्धि हुई है। 2021-22 में 20.86 प्रतिशत और 2022-23 में 34.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वित्तीय वर्ष में भी अभी तक गत वर्ष की तुलना में 11.20 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। परिवहन विभाग में ऑनलाईन सुविधाएं बढ़ने से प्रर्वतन संबंधी कार्यवाही में भी तेजी आई है। उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में व्हीकल टेस्टिंग सेंटर के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। अल्मोड़ा में आईएसबीटी का निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है। परिवहन विभाग द्वारा 58 सेवाएं ऑनलाईन दी जा रही हैं। लाइसेंस संबंधी सभी सेवाएं ऑनलाइन की गई है। पंजीयन से संबंधित 20 सेवाएं और परमिट से संबंधित 08 सेवाएं ऑनलाईन दी जा रही हैं।

प्रवर्तन कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में 10 चिन्हित स्थानों पर ए.एन.पी.आर कैमरे लगाये गये हैं, जबकि 17 स्थानों पर और लगाये जा रहे हैं। 09 इन्टरसेप्टर वाहनों और 30 बाईक स्क्वैड की तैनाती की गई है। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से 66811 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाये गये हैं। 2023 में 35515 वाहनों पर वी.एल.टी.डी स्थापित किये गये हैं। परिवहन विभाग द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार एवं कोटद्वार में ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाया गया है। जबकि काशीपुर, अल्मोड़ा , उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रूड़की हल्द्वानी और रामनगर में ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की कार्यवाही गतिमान है। इन्वेस्टर समिट में परिवहन विभाग के साथ 3513 करोड़ के 22 एम.ओ.यू हुए हैं। जिन्हें उच्च मध्यम और निम्न प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर धरातल पर उतारने की कार्यवाही की जा रही है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी, एमडी उत्तराखंड परिवहन निगम डॉ. आनंद श्रीवास्तव, परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की परिवहन विभाग की समीक्षा, आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए टनकपुर बस स्टेशन को कुमाऊँ क्षेत्र के आधुनिकतम सुख-सुविधाओं वाले मॉडल बस स्टेशन के रूप में जल्द विकसित हेतु इस कार्ययोजना पर गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश परिवहन विभाग को दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोटद्वार बस स्टेशन सहित राज्य में सभी 30 निर्माणाधीन बस स्टेशनों के निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता के साथ ही पर्यटक, तीर्थ यात्री अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें इस विजन के साथ उत्तराखण्ड के परिवहन विभाग को अपनी कार्ययोजनाएं तथा नीतियां बनानी होगी। सीएम धामी ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़क किनारे वृक्षारोपण की योजना पर कार्य करने के निर्देश भी सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में चारधाम यात्रा पूरे वर्ष संचालित हो सके इस विजन पर भी परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को कार्य करना होगा। देश-विदेश से उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर आए यात्री राज्य में अधिक से अधिक समय बिताए इसके लिए एक प्रभावी कार्ययोजना सम्बन्धित विभागों को जल्द बनानी होगी।
बैठक के दौरान परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा एमएसटीसी के माध्यम से वाहनों का ई ऑक्शन, एएनपीआर कैमरों के माध्यम से वाहनों की निगरानी, ऑनलाइन सेवाओं का अधिकाधिक प्रयोग, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, वाहन चालकों हेतु ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट टै्रक की स्थापना तथा वर्कशॉप के आधुनिकीकरण जैसी योजनाओं पर गम्भीरता से कार्य किया जा रहा है।
बैठक में सचिव डा0 आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्री अरविन्द सिंह हयांकि तथा परिवहन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

वित्त मंत्री अग्रवाल ने की वित्तीय वर्ष 2022-23 के संसाधन वृद्धि की समीक्षा

प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में वित्तीय वर्ष 2022-23 में संसाधन वृद्धि के संबंध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

मंत्री ने खनन, परिवहन, आबकारी तथा वन विभाग से प्राप्त होने वाले राजस्व की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को वित्तीय संसाधन बढ़ाने हेतु विभागीय स्तर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने विभागों को लंबित अवशेषों को प्राथमिकता के आधार जल्द से जल्द खत्म करने हेतु निर्देशित किया।

मंत्री ने खनन विभाग की समीक्षा करते हुए वन विकास निगम को आवंटित लॉट गोला, कोशी, दाबका आदि में चुगान कार्य प्रारम्भ न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जल्द से जल्द इन प्रमुख लॉटों पर चुगान कार्य प्रारम्भ किया जाए। उन्होंने जनपद देहरादून के सांग नदी लॉट को प्रारम्भ करने हेतु किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने खनन के लॉट में चोरी रोकने तथा अन्य लॉटों को बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में रेत, बजरी के खनन के अलावा खड़िया, सेलखड़ी आदि अन्य खनिजों के लिए प्रयास करना होगा।

मंत्री ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से ट्रेस एण्ड ट्रैक के संबंध में अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि जल्द से जल्द स्पॉटों को चिन्हित करते हुए कैमरे लगाने का कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रदेश में अवैध मदिरा की रोकथाम हेतु सरकार के प्रभावी प्रवर्तन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि वन विभाग तथा आबकारी विभाग को आपसी सामंजस्य से अवैध मदिरा तथा राज्य में होने वाली अन्य तस्करी को रोकने का प्रयास करना होगा।

मंत्री ने परिवहन विभाग के अंतर्गत अन्य राज्यों से आने वाले व्यवसायिक वाहन एवं परिवहन निगम की बसों से कर वसूली के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने वाहनों के पंजीयन से पंजीकरण/फिटनेस शुल्क की वसूली को सुचारू रूप से जारी रखने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये।

वन विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं इसके लिए विभागीय स्तर पर शुरूआत करनी होगी। उन्होंने इको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए स्पॉटों का चयन करने तथा उनके रखरखाव पर विशेष ध्यान देने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक रवाने से गाड़ियों के पास होने संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

मंत्री ने सभी प्रमुख विभागों से आने वाले समय में तेजी से काम करते हुए राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा निश्चित समयावधि में कार्य को संपन्न करने के लिए निर्देश दिये।

इस अवसर पर बैठक में अपर मुख्य सचिव शहरी विकास आनन्द वर्द्धन, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिव आबकारी हरि चन्द्र सेमवाल, सचिव वन विजय कुमार यादव, एमडी जीएमवीएन बंशीधर तिवारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

परिवहन विभाग की समीक्षा, सीएम ने कसे अधिकारियों के पेंच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी आई.एस.बी.टी में जन सुविधाओं के दृष्टिगत हर सम्भव व्यवस्थाएं की जाए। राज्य में आने वाले समय में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी, इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के आईएसबीटी के विस्तारीकरण के लिए भी योजना बनानी होगी। मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी देहरादून की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि इसमें यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून/उपाध्यक्ष एमडीडीए सोनिका को निर्देश दिये कि देहरादून आईएसबीटी में आवश्यक सुविधाओं को और विस्तार दिया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून आईएसबीटी को जन सुविधा के दृष्टिगत अधिक विकसित किये जाने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आईएसबीटी के आस-पास हो रहे अतिक्रमण के लिए संबंधित थाने एवं चौकी प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आईएसबीटी के आस-पास अतिक्रमण न हो। उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी नए आई.एस.बी.टी बनाये जाने हैं,उसके लिए ऐसे स्थान चिन्हित किये जाएं, जो यात्रियों के लिए भी आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक हों और भूमि की भी पर्याप्त उपलब्धता हो। इस संबंध में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बनाई जाए। बस अड्डों पर पर्वतीय उत्पादों के विपणन की व्यवस्था भी मॉडल रूप में की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढ़ा मुक्त हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कभी भी राष्ट्रीय राजमार्गों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। यदि राष्ट्रीय राजमार्गों पर गड्ढ़े पाये गये तो, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी। सड़कों के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। देवभूमि उत्तराखण्ड में देश विदेश से अनेक श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। सभी की यात्रा सुगम हो, वे यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधियों से जो भी सुझाव मिल रहे हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। सड़क सुरक्षा के लिए लगातार जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। यदि कोई वाहन बिना फिटनेस टेस्ट के चल रहे हैं, तो इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैठक में जो भी निर्णय लिए गये हैं, उन पर आवश्यक कार्यवाही के लिए पहले सचिव परिवहन समीक्षा करेंगे। उसके बाद परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में बैठक की जाए। उसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी बैठक होगी।
बैठक में शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, परिवहन मंत्री चन्दन राम दास, विधायक विनोद चमोली, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, डीआईजी मुख्तार मोहसिन, अपर सचिव सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम रोहित मीणा एवं परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार के फैसले से महंगाई बढ़ने के आसार!

केंद्र सरकार के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने पेट्रोल और डीजल महंगा कर दिया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने पेट्रोल पर पूर्व में दी गई ढाई रुपये और डीजल एक रुपये प्रति लीटर की छूट को वापस ले लिया है। ये छूट सरकार ने अक्टूबर 2018 में दी थी। नई दरें लागू होने के बाद राजधानी देहरादून में पेट्रोल 75.08 रुपये और डीजल 66.73 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।
बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उनके आवास पर हुई बैठक में 12 में से 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने गैरसैंण में भूमि खरीदने पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है। कैबिनेट मंत्री व शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि 2012 में तत्कालीन सरकार गैरसैंण में भूमि खरीदने पर रोक लगाई थी। लेकिन रोक के बावजूद वहां स्टांप पेपर पर भूमि खरीदी व बेची जा रही है, जिससे कई तरह के कानूनी वाद पैदा हो रहे हैं। इन सारी बाद पर विचार करने के बाद कैबिनेट में भूमि खरीद पर रोक हटाने का फैसला लिया। कैबिनेट ने सभी तरह के अवैध निर्माण को नियमित कराने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। सरकार ने इस योजना को एक जनवरी से छह माह के लिए लागू किया था।

मंत्रिमंडल के अन्य फैसले
1.गुर्जर परिवारों के लिए विस्थापन मार्गदर्शक नियमावली को मंजूरी। वन मंत्री की अध्यक्षता में बनाई गयी उपसमिति के आधार पर बनायी गयी यह नियमावली कार्बेट में झिरना, ढेला रेंज के 57 गुर्जर परिवारों से संबंधित है। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार को पांच लाख परिवार रुपये एवं सामुदायिक कार्य के लिए सामूहिक रूप से प्रत्येक परिवार के लिए एक एकड़ के आधार पर 57 एकड़ की भूमि देने का प्रावधान किया गया है।
2. पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाया। इसके बाद अब पेट्रोल पर 2.50 रुपये और डीजल पर सेस एक रुपये बढ़ाया गया।
3. गैरसैंण तहसील के आदि बदरी, सिलबाटा, पंचाली, महाचैरी पटवारी क्षेत्र के 27 गांवों से भूमि क्रय का प्रतिबंध हटा। 2012 में विजय बहुगुणा की कांग्रेस सरकार ने भूमि की अनियंत्रित खरीद फरोख्त को रोकने का तर्क देते हुए यह प्रतिबंध लगाया था।
4. उत्तराखंड भवन निर्माण विकास निधि विनिमय 2011 में संशोधन।
5.महायोजना के अंतर्गत सड़क चैड़ीकरण के अंतर्गत नागरिक द्वारा दी गई भूमि के अनुपात में राज्य सरकार भवनों के ऊपरी तल के विस्तार की अनुमति देगी। यदि तीन मीटर भवन के अग्रभाग में सड़क के लिए छोड़ा जाता है तो उसका 125 प्रतिशत भवन के ऊपर विस्तार किया जा सकता है।
6. केंद्र के स्तर पर जीएसटी में हुए संशोधनों को मंजूरी। राज्य सरकार विधानसभा के पटल पर इन संशोधनों को रखेगी। ये संशोधन समाधान योजना, ई कामर्स रिटर्न फाइलिंग और व्यापारियों की ओर से टैक्स रिटर्न फाइल करने से संबंधित हैं।
7.उत्तराखंड सचिवालय विनियमितीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए निगम कार्यालयों के 91 कार्मिकों को सचिवालय संवर्ग के लिए स्वीकार किया जाएगा।
8. उत्तराखंड परिवहन विभाग प्रवर्तन कर्मचारी वर्ग की सेवा नियमावली में संशोधन। प्रवर्तन सिपाही के लिए शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल से इंटर की गई।
9.राष्ट्रीय राजमार्ग में कई स्वामित्व के लोगों की भूमि अवैध मानी गई थी। कैबिनेट ने ऐसे लोगों की ओर से 12 साल का भूमि से संबंधित रिकार्ड जमा करने पर भवन का मुआवजा देने के प्रस्ताव को संस्तुति दी।
10. उत्तराखंड निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली को मंजूरी। भारत सरकार की नियमावली का नियम 25 के आधार पर राज्य सरकार ने नियमावली बनाई है।
11. उत्तराखंड राजकीय प्राथमिक शिक्षा सेवा नियमावली 2012 में शिक्षामित्र की पात्रता के संबंध में संशोधन किया गया।