रेड सैंड बोआ दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पांच गिरफ्तार

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक दुलर्भ प्रजातियों के वन्यजीवों की तस्करी रोकने को लेकर एसएसएपी देहरादून जन्मजेय खंडूड़ी की ओर से थाना पुलिस को निर्देश जारी हुए थे। शनिवार रात को थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी को वन्यजीव की तस्करी की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने एक कार चेकिंग के लिए रोक दिया। वाहन के भीतर से रेड सैंड बोआ नाम का सांप मिला। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने मौके वन विभाग की टीम को बुलाया।
थानाध्यक्ष पुजारी ने बताया इस दुलर्भ प्रजाति के सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में हैं। सांप को वन विभाग मोतीचूर रेंज के सुपुर्द कर दिया है। वाहन में सवार पांच लोगों की पहचान अनीस पुत्र रफीक निवासी भोजपुर मुरादाबाद, सलीम पुत्र वकील अहमद, सद्दाम पुत्र फैय्याज, जैदी पुत्र जहीर, जोबिन पुत्र अव्वार हुसैन चारों निवासी रानी नागल भोजपुर जिला मुरादाबाद यूपी के रूप में कराई है। सभी पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सभी को जेल भेजा है। टीम में उपनिरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, कुशाल सिंह रावत, कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे।

लापता युवक को पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द किया

कोतवाल रवि सैनी के मुताबिक लक्ष्मी देवी पत्नी सुरेंद्र निवासी गुमानीवाला ने पुलिस को बताया कि उनका 12 साल का बेटा नवदीप बिना बताए घर से कहीं चला गया है। आस पड़ोस में पूछताछ करने पर उसका कहीं पता नहीं चल पाया। जिसके बाद पुलिस ने बालक की खोजबीन शुरू कर दी। इस दौरान कुछ ही घंटों में गुमानीवाला के निर्माणाधीन मकान से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। बालक ने पुलिस को बताया परिजन की डांट से नाराज होकर वह यहां पर छुप गया था। परिजन को बुलाकर बालक को उनके सुपुर्द कर दिया है।

राजनीति में अपराधी प्रवृति के लोगों को रोकने के लिए चुनाव आयोग की गाइडलाइन जारी

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के लिए 14 फरवरी को मतदान होना है, जिसके लिए 21 जनवरी को अधिसूचना जारी की जाएगी। इस बीच चुनाव आयोग ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण से निपटने के लिए खास इंतजाम किए हैं। जिसके तहत अब दागी उम्मीदवारों को टिकट देने वाली पार्टियों को जानकारी देनी होगी कि उसे उम्मीदवार बनाने के पीछे की क्या मजबूरी थी। चुनाव आयोग की इस गाइडलाइन को लेकर उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने आज जानकारी दी।
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों के लिए भी उम्मीदवार के आपराधिक इतिहास को सार्वजनिक करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। इस बार राजनीतिक दलों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की जानकारी अखबार, टीवी चौनल्स के माध्यम से विज्ञापन देकर सार्वजनिक करनी होगी। साथ ही दागी कैंडिडेट को भी पर्चा वापस लेने की अंतिम तारीख से मतदान के दो दिन पहले तक आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा अखबारों और टीवी चैनलों के माध्यम से मतदाताओं के सामने रखना होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवारों को कैंपेन पीरियड के दौरान स्थानीय समाचार पत्रों और राष्ट्रीय समाचार पत्रों में तीन बार अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े विवरण का व्यापक प्रचार प्रसार करना होगा। साथ ही राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट पर प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी साझा करनी होगी। इसके अलावा उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि राजनीतिक दलों के लिए यह अनिवार्य है कि वे उम्मीदवारों के रूप में चुने गए लंबित आपराधिक मामलों वाले व्यक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें. साथ ही पार्टियों को उम्मीदवार का चयन करने के लिए एक कारण भी देना होगा।

उम्मीदवार को इन दिनों का रखना होगा विशेष ध्यान
उम्मीदवार के आपराधिक विवरण का पहली बार प्रकाशन नाम वापसी की अंतिम तारीख के पहले चार दिनों के भीतर करवाना होगा। दूसरी बार इसका प्रकाशन नाम वापसी की अंतिम तारीख के पांचवें से आठवें दिन के अंदर करवाना होगा। तीसरे और अंतिम बार इसका प्रकाशन नाम वापसी के नौवें दिन से चुनाव प्रचार के अंतिम दिन के बीच करवाना होगा। निर्विरोध रूप से जीतने वाले प्रत्याशी और उनकी पार्टी का भी कोई आपराधिक इतिहास रहा हो तो इससे जुड़ी जानकारी प्रकाशित करवानी होगी।

कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया

कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दो सियासी दलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार को आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता और कोविड नियमों के अनुपालन में कार्रवाई की गई। इसके तहत श्यामपुर फाटक से नीचे श्यामपुर खदरी रोड पर वार्ड नंबर एक खदरी खड़क माफ सड़क मार्ग पर सार्वजनिक संपत्ति विद्युत पोल और हरिद्वार बाईपास मार्ग पर मंसा देवी फाटक के पास जंगलात चौकी को जाने वाले मार्ग पर स्थित विद्युत पोल पर दो अलग-अलग राजनीतिक दलों का चुनाव संबंधी बोर्ड लगा पाया गया। लिहाजा कोतवाली पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति पर राजनीतिक पार्टियों का प्रचार प्रसार के मामले में उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2003 के तहत अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

आखिरी समय में सरकार ने मृत्यंजय मिश्र की बहाली कर विवाद को दिया जन्म

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर मृत्युंजय मिश्रा को बहाल करके प्राइम पोस्टिंग देने के मामले में उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार सवालों के घेरे में आ गयी है। विजिलेंस ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि आयुर्वेद विवि के कुलसचिव के पद पर मृत्युंजय मिश्रा की पोस्टिंग उचित नहीं है। क्योंकि मिश्रा के खिलाफ जांच के बाद केस अदालत में ट्रायल पर है।
बता दें कि इस मुक़दमे में गवाह भी आयुर्वेद विवि के अधिकारी हैं। ऐसे में यदि मिश्रा यहां कुलसचिव रहेंगे तो गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका रहेगी। विजिलेंस की चिट्ठी के बाद इस मामले में शासन के अधिकारियों के साथ ही विभागीय मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका संदिग्ध होने के साथ पूरी सरकार कटघरे में आ गयी है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बस इतना ही कहा कि वह इस मामले को दिखवा रहे हैं।
आपको बता दें कि सरकार ने डा मृत्युंजय कुमार मिश्रा का निलंबन समाप्त कर उन्हें उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर बहाल कर दिया है। साथ ही डा. मिश्रा को निलंबन अवधि का वेतन भुगतान नियमानुसार करने के आदेश भी दिए गए हैं। आयुष शिक्षा सचिव चंद्रेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
आदेश में बताया गया कि डा मिश्रा के खिलाफ 25 जुलाई, 2018 से जारी सतर्कता जांच के क्रम में विभागीय स्तर पर जांच अधिकारी की नियुक्ति और विभागीय अनुशासनिक जांच कराने को शासन ने औचित्यपूर्ण नहीं पाया है। डा. मिश्रा का निलंबन इस प्रतिबंध के साथ समाप्त किया गया है कि सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर यथोचित कार्यवाही की जाएगी। मृत्युंजय मिश्रा को 27 अक्टूबर, 2018 को कुलसचिव पद से निलंबित कर आयुष शिक्षा सचिव कार्यालय से संबद्ध किया गया था। तीन दिसंबर, 2018 को मिश्रा को गिरफ्तार कर जिला कारागार में भेजा गया था।
उधर, आयुष शिक्षा सचिव ने अलग आदेश जारी कर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में ही कुलसचिव पद पर अस्थायी रूप से तैनात किए गए डा राजेश कुमार अदाना को उप कुलसचिव का प्रभार दिया गया है। नियमित उप कुलसचिव की तैनाती तक यह प्रभार सौंपा गया है। डा राजेश कुमार को इस प्रभार के लिए अलग से वेतन-भत्ते देय नहीं होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

पालिका प्रशासन ने सरकारी संपत्तियों से हटाई प्रचार सामग्री

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से सभी संबंधित विभाग आगामी विधानसभा चुनाव-2022 की निर्वाचन तैयारियों को अमली जमा पहनाने में जुट गए हैं। इसके तहत नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने निकाय क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों में लगे होर्डिंग्स, बैनर, फ्लेक्स आदि को हटाया।
आचार संहिता प्रभावी होने के बाद उपजिलाधिकारी नरेंद्र नगर की ओर से दिए निर्देशों के अनुपालन में नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने सरकारी संपत्तियों में लगी विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रचार सामग्री को हटाया। इस दौरान पालिकाकर्मियों ने कई जगहों से राजनीतिक पार्टियों से संबंधित फ्लैक्स, होल्डिंग, बैनर व अन्य प्रचार सामग्री को हटाया। उपजिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में आचार संहिता के दौरान सरकारी संपत्तियों पर राजनीति दलों से संबंधित प्रचार व अन्य सामग्री लगाने पर पाबंदी रहेगी, जिसका पूर्णतया करना अनिवार्य होगा। इस दौरान मौके पर आदर्श आचार संहिता के लागू होने के उपरांत नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती ढालवाला द्वारा उपजिलाधिकारी नरेंद्र नगर द्वारा दिये गए निर्देश के अनुपालन में नगर क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों से राजनैतिक पार्टियों के होर्डिंग, बैनर आदि को हटाने की करवाई प्रारम्भ की गई है। इस दौरान स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, रंजन कंडारी, पर्यावरण पर्यवेक्षक आदि मौजूद रहे।

मास्क नही पहनने वालों पर सख्त हुई पुलिस, की कार्रवाई

रविवार को रायवाला पुलिस ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रायवाला थाना क्षेत्र के रायवाला बाजार, हरिपुरकलां और छिद्दरवाला में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंढियाल के निर्देश पर विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा। कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मच गया। हालात यह रहे कि कार्रवाई से बचने के लिए लोग मास्क लेने के लिए मेडिकल स्टोर की ओर दौड़ते नजर आए।
थाना प्रभारी ने बताया कि पहले दिन कार्रवाई के दौरान कोविड नियमों का उल्लंघन करने में 75 लोगों का चालान किया है। उन्होंने रायवाला बाजार क्षेत्र के सभी व्यापारियों को निर्देशित किया कि सोमवार से चेकिंग अभियान में तेजी लायी जाएगी। दुकान के बाहर सेनेटाइज की व्यवस्था रखें। हिदायत दी कि चालान से बचना है तो मास्क पहनकर ही घर से निकले। बाजार और सार्वजनिक स्थान पर दो गज की दूरी बनाए रखें। सभी की जागरूकता से ही इस महामारी से लड़ा जा सकता है।

फौजदारी के 14 साल पुराने में आरोपित हुआ बरी

न्यायिक मजिस्ट्रेट डोईवाला की अदालत ने 14 साल पुराने मामले पर सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल सिंह मटेला ने बताया कि वर्ष सात अक्टूबर 2007 को सरिता राणा नामक महिला ने जौलीग्रांट पुलिस चौकी में तहरीर दी थी। बताया था कि उनके पति दिनेश कुमार राणा बाइक से देहरादून से ऋषिकेश की ओर आ रहे थे। तभी खुशाल सिंह सजवाण ने उनके पति की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी थी। जिसके चलते अस्पताल में इलाज के दौरान उनके पति की मौत हो गई थी। उन्होंने खुशाल सिंह पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया था। इसी क्रम में पुलिस ने भी खुशाल सिंह सजवाण पर लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
अधिवक्ता लाल सिंह मटेला ने बताया कि मामला देहरादून स्थित सीजेएम न्यायालय करीब 10 वर्ष तक चला। इसके बाद वर्ष 2018 में डोईवाला में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में स्थानांतरित हुआ। अधिवक्ता लाल सिंह मटेला की मजबूत पैरवी की बदौलत न्यायाधीश मीनाक्षी दुबे ने आरोपित खुशाल सिंह सजवाण को दोषमुक्त किया है।

बुली बाई ऐप मामले में मुख्य आरोपी महिला उत्तराखंड में गिरफ्तार

’बुलीबाई’ ऐप मामले में मुंबई पुलिस साइबर सेल ने बेंगलुरु के एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी एक महिला है, जिसे उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब उत्तराखंड पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई है।
मुंबई पुलिस ने सोमवार को ये जानकारी दी। मुंबई पुलिस साइबर सेल ने ’बुली बाई’ ऐप मामले में बेंगलुरु से जिस 21 वर्षीय आरोपी विशाल कुमार को पकड़ा है जो इंजीनियरिंग छात्र है। इससे पहले महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने सोमवार को पुलिस को “बुली बाई“ ऐप के डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था जिसके बाद इस मामले में ये पहली बड़ी कार्रवाई है।

क्या है मामला?
शनिवार को एक महिला पत्रकार ने बुल्ली बाई ऐप पर ’डील ऑफ द डे’ बताकर बेची जा रही अपनी तस्वीर को शेयर किया। पत्रकार ने ट्विटर पर कहा, “यह बहुत दुखद है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में आपको अपने नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है।“ पार्टी लाइन से हटकर नेताओं ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के साइबर उत्पीड़न की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने इसके लिए दक्षिणपंथी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है। ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं को “नीलामी“ के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनकी तस्वीरों को बिना अनुमति से लिया गया था और उनसे छेड़छाड़ की गई थी। एक साल से भी कम समय में ऐसा दूसरी बार हुआ है।

ऋषिकेश में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर कोतवाल से मिले

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने तीर्थनगरी ऋषिकेश में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग कोतवाली पुलिस से की है। सकारात्मक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सोमवार को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र के नेतृत्व में व्यापारियों का एक शिष्टमंडल कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सैनी से मिला। बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। इससे शहर के व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों ने आवास विकास कॉलोनी, भरत विहार और छोटी सब्जी मंडी में हुई चोरियों का उल्लेख किया। खुलासा नहीं होने पर आक्रोश जताया। व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि घटनाओं का पर्दाफाश नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद है। एक स्वर में बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने की मांग की।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ने बताया कि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने व्यापारियों को चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने और रात्रि गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया। मौके पर अरविंद जैन, राजकुमार तलवार, दीपक बंसल, रवि जैन, आशु अरोड़ा, योगेश कालड़ा, आशु डंग, अभिषेक शर्मा, दीपक दरगन, राजू गुप्ता मौजूद रहे।