उत्तराखण्ड में आतिथ्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर सीएम ने निवेशकों से की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित होटल में उत्तराखण्ड में पर्यटन क्षेत्र के विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की ओर से उत्तराखण्ड में आतिथ्य क्षेत्र में निवेश की संभावना विषय पर चर्चा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथ प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन से संबंधित योजनाओं पर तेजी से क्रियान्वयन के लिए सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जायेगा। जिसमें वित्त, आवास, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सबंधित विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड निवेशकों को सुरक्षित निवेश की गारंटी देता हैं। निवेशकों को हर संभव मदद देने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य आने वाले 5 साल में उत्तराखण्ड को पर्यटन क्षेत्र में सर्वाेपरि बनाने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों को आगे की कार्ययोजना में शामिल किया जायेगा। जो भी समस्याएं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों द्वारा रखी गई, उनकी निदान के हर संभव प्रयास किये जायेंगे। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के भाव से कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य में हवाई, सड़क एवं रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़े इसके लिए ए.टी.एफ में 18 प्रतिशत की कमी की गई है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को उत्तराखण्ड आने के लिए आकर्षित करता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में पर्यटन नीति लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति आई है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूल मंत्र पर देश आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों को अगले 10 सालों का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 माह बाद भी पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों से संवाद किया जायेगा।
सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि निवेशकों के लिए सरकार की ओर से बनाई गई नीतियों का सरलीकरण किया जाएगा। जिससे निवेशकों को उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करने में आसानी हो सके। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि पर्यटन से उत्तराखण्ड का जहां राजस्व बढ़ता हैै वहीं बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार के साधन भी उपलब्ध होते हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद पर्यटन में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों व निवेशकों ने पर्यटन और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर सचिव एस.एन. पाण्डेय, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक एवं विभिन्न राज्यों से आये पर्यटन व्यवसायी मौजूद रहे।

राज्य के प्रस्ताव को केन्द्र ने दी वित्तीय स्वीकृति, बहुरेंगे टिहरी के दिन

बहुपक्षीय विकास बैंकों की मदद से टिहरी झील और उसके जल ग्रहण क्षेत्र के समग्र विकास के राज्य सरकार के एक महत्वकांक्षी प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार को एशियन डेवलपमेन्ट बैंक तथा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से कुल 2030 लाख अमरीकी ड़ॉलर का ऋण मिलेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत कोटी कालोनी, नई टिहरी, तिवाड़ गांव, डोबरा चांटी, टिहरी झील तथा मदन नेगी को कलस्टरों के रूप में विकसित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत टिहरी झील में चार स्थानों पर जल क्रीड़ा सम्बन्धित केन्द्र, टैन्ट कॉलोनी निर्माण, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांटी तक पर्यटन रोड का निर्माण, होम स्टे कलस्टरों का निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, एकीकृत सूचना केन्द्र, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, एक्वैटिक कॉम्पलेक्स, 3 स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायो डायर्वसिटी पार्क, योग एवं पंचकर्म केन्द्र, रोपवे निर्माण, तटीय क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण तथा लाइट एवं साउन्ड लेजर शो आदि विविध कार्य प्रस्तावित है। इस संबंध में एडीबी की टीम शीघ्र ही उत्तराखंड का दौरा करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य टिहरी को उत्तराखंड के ब्रांड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का है, जिसे स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत टिहरी शहर के एतिहासिक महत्व को पुर्नस्थापित करने, पर्यटन ढाँचे को मजबूत बनाने, बेहतर क्षमताओं से युक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा पलायन को कम करने का काम किया जायेगा। परियोजना के उद्देश्यों में पर्यटकों के टिहरी प्रवास की औसत अवधि को बढ़ाकर तीन दिन तक करना भी शामिल है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा है, इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड सरकार टिहरी को स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ एक वैकल्पिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष तौर पर लगभग चालीस हजार और परोक्ष रूप से लगभग दो लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्हांेने कहा कि इस परियोजना के लिए हरित तकनीकी का प्रयोग किया जायेगा और अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत सतत विकास उद्देश्यों के अनुरूप इस संवेदनशील क्षेत्र में सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन को सुनिश्चित किया जायेगा।
उन्होंने कहा परियोजना के माध्यम से बाजार की मांग के अनुरूप क्षमता निर्माण करते हुए स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर मे सुधार लाया जायेगा। परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित कर उत्तरदायी पर्यटन की दिशा में आगे कदम बढ़ाना है। परियोजना में स्वास्थ्य व स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सेनिटेशन की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। सचिव, पर्यटन ने कहा कि परियोजना की वहनीयता को बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जायेगा और उर्जा के अक्षय स्रोतों उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना के अन्तर्गत कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की भी योजना है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने वित्त मंत्रालय के समक्ष इस परियोजना का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जिसमें टिहरी में पर्यटन अवस्थापना एवं सुविधाओं के विकास के साथ-साथ झील के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव को नीति आयोग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के समर्थन के उपरान्त वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।

यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी हेतु एक्सपर्ट कमेटी के गठन के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देर सांय मुख्यमंत्री आवास में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर चिन्ता व्यक्त करते हुए इस सम्बन्ध में प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके लिये एक्सपर्ट कमेटी गठित किये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान हो रही मृत्यु के वास्तविक कारणों की भी सही स्थिति जनता के समक्ष रखी जाए। ताकि चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु आवश्यक एहतियात बरतें। उन्होंने इसके लिये बुजुर्ग एवं अस्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुजुर्ग लोग अपना स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा पर आए, इसकी व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। इस सम्बन्ध में चारधाम यात्रा से सम्बन्धित व्यवस्थाओं के प्रति नकारात्मक संदेश से बचाव के साथ ही यात्रा के सम्बन्ध में की गई सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के लिये पर्यटन, स्वास्थ्य, परिवहन एवं एस.डी. आर. एफ. के अधिकारी समन्वय से कार्य करते हुए। नियमित रूप से मीडिया को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराये।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, महानिदेशक सूचना एवं परिवहन आयुक्त रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव सी. रविशंकर, महानिदेशक स्वास्थ्य के साथ ही सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा-श्रद्धालुओं की सुरक्षा को केन्द्र सरकार गंभीर

चारधाम यात्रा पर तीर्थयात्रियों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम भेजी है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को भी पैदल यात्रा मार्गों पर मदद के लिए तैनात किया गया है। पैदल यात्रा करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने पर एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तीर्थयात्रियों की मदद कर उन्हें तत्काल नजदीकी मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे।
प्रदेश में तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हुई है। शुरूआत में ही केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों की मौत पर पीएमओ ने संज्ञान लेकर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए केंद्र ने एनडीआरएफ की टीम भेजी है। खास तौर पर केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को यात्रियों की मदद के लिए तैनात किया गया है। केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत खराब होती है तो एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तत्काल मदद कर उन्हें मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों की मदद के लिए केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। इसके साथ ही आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया। एसडीआरएफ की टीमें पहले ही चारधामों में तैनात हैं। एनडीआरएफ और आईटीबीपी को एक सीमित समय के लिए तैनात किया है। जरूरत पड़ने पर समय को बढ़ाया जाएगा।

क्षमता के अनुसार भेजे जा रहे यात्री
कोविड महामारी के कारण दो साल बाद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। चारधामों में कपाट खुलने के दिन क्षमता से दोगुने यात्री पहुंचे थे। जिससे धामों में यात्रियों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। मुख्य सचिव ने कहा कि चारधामों की वहन क्षमता के अनुसार यात्रियों का पंजीकरण कर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। पिछले तीन दिनों से धामों में स्थित पूरी तरह से नियंत्रण में है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिले के जिलाधिकारियों से प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

17 मई से एक बार फिर मौसम बदलने के आसार

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले चार दिन तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान लगाया है। खासकर बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री रूट पर मौसम साफ रहेगा। लेकिन कहीं-कहीं आंशिक बादल छा सकते हैं। 17 मई से एक बार फिर मौसम के करवट लेने और बारिश की संभावना जताई है।
निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक उत्तराखंड में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ जल्द प्रभावी होगा। इससे एक बार फिर मौसम बदलने के आसार हैं। 13 से 16 मई के बीच आसमान में आंशिक बादलों की मौजूदगी के बीच आमतौर पर मौसम साफ रहने का अनुमान है। वहीं, कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में गुरुवार को जमकर मेघ बरसे। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था।
पिथौरागढ़ के बेरीनाग में सर्वाधिक 112 एमएम, डीडीहाट में 28.6, धारचृला में 25.8 एमएम, पिथौरागढ़ में 9.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर के कांडा में 14, अल्मोड़ा में 15, चम्पावत में 20 एमएम बारिश हुई। उत्तरकाशी के डुंडा में 15 व चमोली के थराली में 5.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड में गुरुवार को सामान्य से 54 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।
वहीं, दून शहर और आसपास के इलाकों में दोपहर के समय झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। दून में दिन का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। दून में 17 और 18 को आसमान बादलों से भरा रह सकता है। तेज हवाओं के चलने की भी संभावना है।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने गंगा जन्मोत्सव मनाया

आज गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर त्रिवेणी घाट में विशेष गंगा आरती की गई। आरती में कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल शामिल हुई। माँ गंगा से सभी देशवासियों के ऊपर कृपा बनाये रखने की कामना की।
रविवार को माँ गंगा का जन्मदिन श्री गंगा सभा द्वारा धूमधाम से त्रिवेणी घाट स्थल पर मनाया गया। इसमें सर्वप्रथम हवन कुंड में पूर्णाहुति दी गयी। इसके बाद कैबिनेट मंत्री अग्रवाल सहित गंगा भक्तों ने माँ गंगा का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद विशेष गंगा आरती की गई। इस मौके पर भजनों की शानदार प्रस्तुति दी गयी।
इस मौके पर अग्रवाल ने कहा कि गंगा सब जगत की पालनहार है, ऐसे में उनका जन्मदिन पूरा देश कई रूपों में मना रहा है। कहा कि ऋषिकेश का यह सौभाग्य है कि गंगा मैया यही से बहती है। उन्होंने कहा कि आज के दिन पवित्र धाम बद्रीनाथ के कपाट भी भक्तों के लिए खोल दिये गये है। इस मौके पर उन्होंने माँ गंगा से सुख, सृमद्धि, वैभव, खुशहाली की कामना की। साथ कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन का आशीर्वाद भी मांगा।
अग्रवाल ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दे रहे संगीतकारों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही श्री गंगा सभा को माँ गंगा के आयोजन पर शुभकामनाएं भी दी।
इस मौके मेयर अनिता ममगाई, गंगा सभा के अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल शर्मा, महामंत्री रामकृपाल गौतम, संरक्षक वत्सल प्रपन्नाचार्य, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, विनोद पाल, पंडित जगमोहन मिश्रा, पवन शर्मा, बृजेश शर्मा सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।

सीएम ने मां गंगा से प्रदेश की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरकी पैड़ी पर श्रीगंगा सभा द्वारा गंगा सप्तमी के शुभ अवसर पर अयोजित गंगा मैया जन्मोत्सव में प्रतिभाग किया, जहां उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की एवं मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हुये देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिये मां गंगा से प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि भारत में गंगा मैया का जन्मोत्सव वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मनाया जाता है। गंगा जन्मोत्सव पुष्य नक्षत्र और अमृत सिद्ध योग में मनाया जाता है। इस दिन माता गंगा ब्रह्म लोक से ब्रह्मा जी के कमण्डल से निकलकर, भगवान विष्णु जी के चरणों को धोती हुई, भगवान आशुतोष की जटाओं में आई थी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान, मीडिया प्रभारी लव शर्मा, श्री गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, पुजारी अमित शास्त्री सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोल दिए गए। ग्रीष्मकाल के छह माह अब श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन व पूजा अर्चना बद्रीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से गेंदे के फूलों से सजाया गया था। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों एवं जय बद्रीविशाल के जयकारों के साथ देश-विदेश से आये हजारों श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही चारधाम की यात्रा विधिवत शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि 3 मई को श्री गंगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम औऱ 6 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोले गए। दो साल कोविड के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित रही। लेकिन इस बार कपाट खुलने के दौरान से ही भारी संख्या में श्रद्धालु व भक्तगण चार धामों में पहुंचे है तथा यह सिलसिला लगातार जारी है। बद्रीनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्रद्धालु व भक्तजन देर रात से ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने हेतु कतार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं द्वारा बारी बारी से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये।
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, बद्री केदार मंदिर सामिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, विधायक बद्रीनाथ राजेन्द्र भंडारी, पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट, डीजीपी अशोक कुमार, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, हरीश सेमवाल, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, एसपी श्वेता चौबे, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बदरीनाथ के भव्य रुप को संवारने की जिम्मेदारी सभी की-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु ने बद्रीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ-साथ तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को शीघ्र ही मैन पावर बढाने के निर्देश दिए। वहीं मुख्य सचिव ने व्यापारियों से मुलाकात की और कहा फिलहाल उनके लिए अस्थायी दुकानों का निर्माण किया जा रहा है तथा कार्य पूरे होने के बाद स्थायी दुकाने आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय जनता के सहयोग से आने वाले वर्षाे में बद्रीनाथ का भव्य रूप दुनिया के सामने होगा जिससे यहां के व्यापारियों, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पीएमओ भी डेली बेसिस पर इसकी मानीटरिंग कर रहा है।
उसके बाद मुख्य सचिव ने बदरीनाथ मास्टर प्लान तथा यात्रा की तैयारियों को लेकर बीआरओ गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने उन्हें गतिमान कार्यों और यात्रा की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। मुख्य सचिव ने मास्टर प्लान कार्यों में लगे मजदूरों तथा अन्य कर्मचारियों के लिए अस्थायी आवास बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने गोविन्द घाट से पुलना पैदल मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए कहा कि 15 दिन बाद फिर इसका स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एडीएम डा. अभिषेक त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, एसडीएम कुमकुम जोशी, धर्मेश गंगानी, मुख्य अभियन्ता अयाज अहमद, इओ सुनील पुरोहित, कमाण्डर मनीष कपिल, हेमकुण्ड साहिब के प्रबंधक सेवा सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य में नए पार्किंग स्थलों की चिन्हिकरण प्रक्रिया में आई तेजी

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में बनाई जाने वाली नई पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में पूर्व में आयोजित बैठक में सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में पार्किंग हेतु जगह चिन्हित कर, फीजिबिलिटी जांच करवाने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में जनपदों से 180 स्थान चिन्हित किए गए थे, जिसमें से 134 को फीजिबिलिटी रिपोर्ट में पार्किंग के लिए उपयुक्त पाया गया है। शेष 39 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पार्किंग के जगह चिन्हीकरण से लेकर संचालन तक के प्रत्येक स्टेप की तिथियां अभी से निर्धारित कर ली जाएं। और प्रत्येक पार्किंग की साइट स्पेसिफिक प्लानिंग कर तिथियां निर्धारित की जाएं, कि कब तक पार्किंग का संचालन शुरू हो जाएगा।
मुख्य सचिव ने पार्किंग प्रोजेक्ट्स को उनकी आवश्यकता और महत्त्व के अनुसार ए और बी कैटेगरी में वर्गीकृत कर लिया जाए। जिन पार्किंग के निर्माण में कोई समस्या नहीं है, उनमें तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाए। ऐसे ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स जो पैसे की कमी के कारण धीमी गति से चल रहे हैं, उनके सम्बन्ध में शासन को अवगत कराया जाए। किसी भी प्रोजेक्ट के लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने जनपद में लगातार नए स्थानों को खोजने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल, यूपीसीएल, जल निगम और जल संस्थान के साथ ही अन्य सभी नॉन गवर्नमेंटल संस्थानों द्वारा भी इसमें सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव स्तर से पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी।