स्वास्थ्य के क्षेत्र में बलूनी ने दी एक और सौगात

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश व सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में रोगियों के परिजनों के रुकने तथा रात्रि प्रवास हेतु दो आरोग्य सदनों (रैन-बसेरों) के निर्माण की सौगात देने जा रहे है। गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में बनने वाले इन आरोग्य-सदनों से पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र के गरीब रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद बलूनी ने आज इस संबंध में देहरादून व नैनीताल के जिलाधिकारियों, ऋषिकेश तथा हल्द्वानी के मेयर से इन आरोग्य-सदनों हेतु शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने हेतु वार्ता की। बलूनी ने कहा कि वे अपनी सांसद निधि एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से इन सदनों का निर्माण करेंगे।

सांसद बलूनी ने कहा कि सुदूर से आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों को उपचार के अलावा भोजन, परिवहन और प्रवास में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के निकट बनने वाले आरोग्य-सदन उनका परिवहन एवं प्रवास खर्चा तो बचायेंगे ही साथ ही उन्हें लागत मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैंटीन का भी निर्माण कराया जाएगा।
बलूनी ने कहा कि प्रथम चरण में इन सदनों में 100 से अधिक व्यक्तियों के रुकने हेतु कक्षों के साथ-साथ दो डोरमेट्री हॉल (पुरुष-महिला) व कैंटीन का निर्माण किया जायेगा। सुदूर के रोगी सम्पूर्ण जांच व उपचार होने तक यहाँ रुक सकेंगे ताकि होटल के महंगे रहने-खाने के खर्च से उन्हें राहत मिल सके।

3 डी मोशन एनलिसिस और वीआर लैब से मरीजों को मिलेगी मदद

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मंगलवार को 3 डी मोशन एनलिसिस एंड वर्चुअल रिएलिटी वीआर लैब का विधिवत शुभारंभ किया गया। एम्स प्रशासन ने बताया कि संस्थान में लैब की स्थापना से विभिन्न रोगों से ग्रसित मरीजों के उपचार में सहायता मिलेगी। जिनमें स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, सेरीब्रल पाल्सी, पैरों में दर्द आदि रोग शामिल हैं। मंगलवार को एम्स के भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास पीएमआर विभाग में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने 3 डी मोशन एनलिसिस एवं वीआर लैब का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि संस्थान में स्थापित यह लैब दक्षिण एशिया में सबसे नवीनतम और आधुनिकतम लैबों में से एक है। निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि लैब में स्थापित अत्याधुनिक मशीन से मनुष्य की चाल एवं गति का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। जिससे मेरुदंड स्पाइनल कॉर्ड इंजरी,स्ट्रोक, सेलीब्रल पाल्सी से ग्रस्त रोगियों का सर्जिकल एवं दूसरी तरह के व्यवधानों का सटीक निर्णय लिया जा सकेगा।

निदेशक एम्स प्रो.रवि कांत ने बताया कि इसके अलावा लैब में मरीजों के पैरों के तलवे पर पड़ रहे दाब वितरण का अध्ययन किया जाता है। इससे पैरों में दर्द, कमजोरी के अलावा डाइबटिक फुट से ग्रसित मरीजों के इलाज में सहायता मिलेगी। साथ ही एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि लैब में पैरों की कमजोरी से ग्रस्त रोगियों की रिकवरी एवं रिहेबिलिटेशन के लिए वर्चुअल रिएलिटी उपकरण भी लगाया गया है। पीएमआर विभागाध्यक्ष डा.राजकुमार यादव ने बताया कि एम्स में स्थापित आधुनिक लैब का उपयोग भविष्य में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और खेल के दौरान लगने वाली चोट के उपचार के लिए भी किया जाएगा। इस अवसर पर डीन एलूमनी प्रोफेसर बीना रवि, सब डीन कुमार सतीश रवि,डीन नर्सिंग डा.सुरेश कुमार शर्मा,डीएमएस डा.अनुभा अग्रवाल,एफएसएम विभाग के प्रमुख डा.बिनय कुमार बस्तिया, एफएनसीओ डीपी लखेड़ा,असिस्टेंट प्रोफेसर डा.ओसामा नियाज आदि मौजूद थे।

एम्स ऋषिकेश में मरीजों के साथ आने वालों के लिये 500बेड की आवासीय व्यवस्था

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में एक स्थानीय वेडिग प्वाइंट में शहीद मेजर दुर्गामल्ल के 74वें बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देहरादून से ऋषिकेश के लिए जाने वाली तथा हरिद्वार से ऋषिकेश को आने वाली सभी रोडवेज बसे एम्स ऋषिकेश से होते हुए जाएगी, इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश में मरीजो के साथ आने वाले तीमारदारों के रहने हेतु 500 बेड की आवासीय व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवालाखता रोड शहीद मेजर दुर्गामल्ल के नाम से जानी जायेगी। डोईवाला डिग्री कॉलेज में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अब कोई भी जनसमस्या सम्बन्धित विभागीय मंत्रियो द्वारा एक निर्धारित दिन उनके कार्यालय में सुनी जाएगी। मंत्रियो द्वारा अपने विभागों से सम्बन्धित जन समस्या की सुनवाई तथा निपटान त्वरित तथा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य भर के सभी डिग्री कॉलेज छात्रछात्राओं से अपील की है कि प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य बीमा योजना के अर्न्तगत डिग्री कॉलेज के छात्रों को 2 लाख तक की बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रछात्राएं प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का आवेदन पत्र भरे तथा योजना का लाभ उठाए। शहीद मेजर दुर्गामल्ल को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए हुए त्रिवेन्द्र ने कहा कि शहीद किसी जाति विशेष या समुदाय विशेष के नहीं होते बल्कि उनका बलिदान और त्याग सम्पूर्ण समाज या देश के लिए होता है। यह मात्र गोर्ख्याली समुदाय का ही कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह हर देशभक्त का कार्यक्रम है। हमारे शहीद देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे राज्य से अनेक ऐसे वीर है जिन्हें परमवीर चक्र, शौर्य चक्र जैसे तमाम सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुके है। हम उन तमाम ज्ञातअज्ञात वीरों को नमन करते है। उन्होंने कहा कि जिस देश में वीरो की पूजा बन्द हो जाती है वह देश समाप्त हो जाता है। यदि देश को जीवित तथा मजबूत रखना है तो हमें अपने वीरों को याद रखना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हाल ही में कारगिल में शहीद हुए बंजारावाला निवासी लांस नायक जीत बहादुर थापा की पत्नी श्रीमती रानी थापा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। गोर्ख्याली समाज द्वारा संसद भवन में शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नगर पालिका परिसर डोईवाला में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल तथा शहीद मेजर दुर्गामल्ल के भतीजे राजेन्द्र मल्ल व काफी मात्रा में लोग मौजूद थे।

राज्य के मेडिकल कॉलेजों की दशा सुधारने को एम्स तैयार

-श्रीनगर, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज गोद लेने को तैयार एम्स प्रशासन

ऋषिकेश।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नए निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत वर्मा ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखण्ड राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने की जरूरत है। डॉक्टरों की कमी के चलते इसमें दिक्कत आती है। इसलिए वह श्रीनगर और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज को गोद लेने को तैयार हैं। उनके मेडिकल स्टूडेंट दोनों कॉलेजों में मरीजों का उपचार कर सकते हैं। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, राज्य सरकार और सेना के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि एम्स में तेजी से संसाधन जुटाए जा रहे हैं। डॉक्टर और स्टॉफ की कमी जल्द दूर हो जाएगी। आने वाले दिनों में बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में स्थानीय को प्राथमिकता दी जाएगी। एम्स के विस्तार के लिए राज्य सरकार से भूमि मांगी गई है। इस मामले में वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में 960 बेड होंगे जिसमें 500 बेड सामान्य, 300 बेड सुपर स्पेसिशियलिटीज, 50आईसीयू, 50 ट्रामा सेंटर, 30 पीएमआर और 30 बेड आयुष विंग के बनाए जाने हैं।

पत्नी का ईलाज करा रहे तीमारदार पति की एम्स में मौत

ऋषिकेश।
एम्स ऋषिकेश में पत्नी का ईलाज करा रहे कोटद्वार निवासी भरोसे लाल की पांव फिसलने से मौत हो गई है। बताया जा रहा कि टहलने के दौरान उनका पांव फिसल गया। जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आयी थी।
सोमवार को एम्स परिसर में तीन मंजिल से गिरकर एक अधेड़ की मौत हो गई। कोटद्वार नीबंचौड़ निवासी रामभरोसे ने कुछ दिन पूर्व ही एम्स में अपनी पत्नी का ट्यूमर का ऑपरेशन कराया था। पत्नी तीन मंजिल स्थित वार्ड में भर्ती है। पुलिस के अनुसार, टहलने के दौरान रामभरोसे का पैर फिसल गया। जिससे वह तीन मंजिल से नीचे गिर गये। उनके सिर पर गंभीर चोटें आयी। जिससे उनकी मौत हो गयी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवा दिया है। पंचनामे की कार्रवाई मंगलवार सुबह की जायेगी। उनके घरवालों को हादसे की सूचना भेज दी है। संभवत: रात तक उनके परिवार के अन्य सदस्य पहुंच जायेंगे।

प्रो. रविकांत ने एम्स निदेशक का कार्यभार संभाला

ऋषिकेश।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में नए निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत ने शनिवार को कार्यभार संभाल लिया। पहले दिन उन्होंने अधिकारियों और फैकल्टी मेंबर से संस्थान की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्हें एम्स में इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। एम्स ऋषिकेश निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे डॉ. संजीव मिश्रा के स्थान पर किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के कुलपति प्रो. रविकांत का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चयन किया था। बीते साल जुलाई में प्रो. राजकुमार ने त्यागपत्र दे दिया था। तभी से एम्स जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. संजीव मिश्रा एम्स ऋषिकेश का भी अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे। इससे संस्थान के कामकाज पर असर पड़ा। शनिवार को नए निदेशक प्रो. रविकांत ने एम्स पहुंचकर कार्यभार संभाला।
संस्थान में अधिकारियों और फैकल्टी मेंबर ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सभी के साथ बैठक कर एम्स की प्रगति रिपोर्ट जानी। साथ ही निर्माणाधीन कार्यों औक मेडिकल सेवाओं की मौजूदा स्थिति के बारे में चर्चा की। प्रो. रविकांत ने अधिकारियों और फैकल्टी को संस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने, इमरजेंसी सेवाओं की शुरुआत और शेष निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए जरूरी निर्देश दिए।

एम्स में आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन

ऋषिकेश।
बुधवार को एम्स ऋषिकेश के आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर परिसर में ही धरना देते हुए एम्स प्रशासन से गुहार लगाईं। प्रशासन को सौंपे पत्र में कर्मचारियों ने आउटसोर्सं कपंनी पर कर्मचारियों का मनचाहा वेतन काटने का गंभीर आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने पीएफ मानकों के अनुरूप नही काटने, 2016 से महंगाई भत्ता की स्वीकृति एम्स प्रशासन से मिलने के बाद भी कर्मचारियों को इसका लाभ न देने की बात कही। कहा कि जानकारी लेने पर निकालने की धमकी दी जाती है। एम्स प्रशासन से वार्ता के बाद दोपहर 12 बजे कर्मचारी अपने काम पर लौट गए। कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार से एम्स में कुछ समय के लिए व्यवस्थाएं चरमरा गई। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि एम्स प्रशासन ने कर्मचारियों के मांग पत्र को गंभीरता से लिया है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए आउटसोर्स कंपनी को तलब किया जा रहा है। आउटसोर्स कंपनी को नियम और ठेका शर्तों का पालन करना होगा।

विशेषज्ञों ने वृद्धावस्था में होने वाली समस्या और उनके निदान की दी जानकारी

ऋषिकेश।
मंगलवार को एम्स ऋषिकेश के ऑडिटोरियम में विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को जानकारी दी। डॉ. सुरेश शर्मा ने सरकार के द्वारा बुजुर्ग लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. मीनाक्षी धर ने हड्डियों के कमजोर पड़ने, नींद संबंधी समस्या के बारे में चर्चा की। बताया कि खानपान संतुलित करने व नियमित व्यायाम करने से इन समस्याओं से बचा जा सकता है। डॉ. मोनिका पठानिया ने सर्दी के मौसम में होने वाली बीमारियों को बताया। डॉ. रुचि दुआ ने बुजुर्ग अवस्था में विशेष रुप से शरीर की देखभाल करने पर जोर दिया। 101
डॉ. शोभाएस अरोड़ा ने बुजुर्गों को मेडिकल सांइस की बारीकियां समझायी। शारीरिक क्षमता के अनुसार कार्य करने को जरुरी बताया। कहा कि भारतीय शैली को अपनाकर वृद्धावस्था में अनेकों बीमारियों से बचा जा सकता है। व्याख्यान कार्यक्रम में फुट हिल्स एकेडमी के बच्चों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में एम्स की ओर से डॉ. सुरेखा किशोर, डॉ. जया चतुर्वेदी, अंशुमन गुप्ता आदि उपस्थित थे।

आंखे है अनमोल इन्हें सुरक्षित रखिये

विश्व दृष्टि दिवस पर ऋषिकेश एम्स में जन व्याखान का आयोजन
पब्लिक के सवालों का नेत्र विशेषज्ञों ने दिया जवाब

ऋषिकेश।
विश्व दृष्टि दिवस पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में जन व्याखान का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जीवन में आंखों का अहम रोल है। आंख के बिना जीवन में अंधियारा है। इसलिए आंखों की सुरक्षा को लेकर हमें सतर्क रहना चाहिये।
गुरुवार को जन व्याखान कार्यक्रम का शुभारंभ संकायाध्यक्ष डॉ. सुरेखा किशोर व नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार मित्तल ने संयुक्तरुप से किया। उन्होंने विभिन्न नेत्र रोगों के बारे में 107
जानकारी दी। सफेद व काला मोतिया, मधुमेह से होने वाले पर्दे के रोग और अनुवाशिक बीमारियों का हमारी आंखों होने वाला नुकसान की जानकारी दी। आतिशबाजी से आंखों को बचाने की सलाह भी दी। कार्यक्रम में पब्लिक की ओर से कई सवाल भी पूछे गये। जिसका विशेषज्ञों ने जवाब भी दिया।

डेंगू व चिकनगुनिया की चपेट में तीर्थनगरी

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ऋषिकेश।
तीर्थनगरी व आस-पास के क्षेत्र डेंगू व चिकनगुनिया से प्रभावित हो रहे है। वायरल पीड़ितों में मलेरिया व टाइफाइड की भी पुष्टि हो रही है। एम्स, सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में वायरल पीड़ित बड़ी संख्या में ब्लड जांच करवा रहे है। बुधवार को सरकारी अस्पताल में एक व प्राइवेट अस्पताल में दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
बुधवार को डेंगू व चिकनगुनिया के चलते नगर के अस्पतालों में मरीजों की अत्यधिक भीड़ रही। एम्स की ओपीडी में 1450 मरीजों ने पंजीकरण कराया। 424 मरीज वायरल पीड़ित रहे। डेंगू की आशंका के चलते यहां 60 मरीजों के ब्लड की जांच की गई। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने जानकारी दी कि पिछले 15 दिनों में 300 मरीजों के डेंगू की आंशका के चलते जांच हुई है, जिसमें 16 मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है।
सरकारी अस्पताल में 51 मरीजों की डेंगू जांच करने पर एक मरीज पॉजीटिव मिला। 98 मरीजों की मलेरिया व टाइफाइड जांच करने पर क्रमश: दो और अट्ठारह मरीजों में मलेरिया व टाइफाइड की पुष्टि हुई। यहां ओपीडी में 640 लोगों ने पंजीकरण कराया। बुधवार को सिर्फ एक ही फिजिशियन डॉ. महेश सैनी ने वायरल पीड़ित मरीजों का उपचार किया। फिजिशियन डॉ. ऋचा रतूड़ी डे ऑफ पर रही।
वहीं, प्राइेवट अस्पतालों की ओपीडी पन्द्रह सौ के पार पहुंची। प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे वायरल पीड़ित दो मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है। नगर के संक्रामक रोग नियंत्रक एसएस यादव ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया मच्छर जनित रोग है। उन्होंने नगर के लोगों से स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की अपील भी की।
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तहसील में दहशत
ऋषिकेश तहसील में कार्यरत एक संग्रह अमीन के बेटे को डेंगू पॉजीटिव आने से अन्य कर्मचारियों में दहशत है। तहसील कॉलोनी में रह रहे कर्मचारी आस-पास पानी जमा होने व झाड़ियां काटने की मांग कर रहे है। उनका कहना है कि लंबे समय से यहां पानी का जमाव व झाड़ियां होने के कारण डर लगने लगा है।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को भी डेंगू
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा भी डेंगू की चपेट में आ गये है। प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक उनका उपचार कर रहे है। बुधवार जांच के बाद उनकी प्लेट्लेटस सताईस हजार के करीब पहुंच गई थी।