मेयर अनिता की अगुवाई में भाजपाइयों ने किया भाजपा प्रदेश प्रवक्ता का अभिनंदन

आगामी 2022 में भाजपा पूर्ण बहुमत से दोबारा सरकार बनाएगी। कार्यकर्ता अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। यह बात ऋषिकेश पहुंचने पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व योजना आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला ने कही। इससे पूर्व नगर आगमन पर कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रवक्ता का जोरदार स्वागत किया।

योजना आयोग के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। सभी कार्यकर्ता कमर कसकर संगठन हित के लिए काम करें। कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच प्रदेश सरकार की उपलब्धियां लेकर जाएं। भाजपा हर वर्ग के लोगों की पार्टी है और सभी वर्गों का सम्मान करती है।

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि कुशल नेतृत्व और मजबूत संगठन के बूते भाजपा एक बार फिर उत्तराखंड की सत्ता में काबिज होगी। उन्होंने कहा कि महज 1 दिन के भीतर कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर जिस प्रकार कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जो उत्साह दिखाया है वह अपने आप में इस बात को सच साबित करता है।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री कृष्ण सिंघल, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल, इन्द्रसेन सिंह, विनोद शर्मा, दीपक तायल, अनिता रैना, अनिता प्रधान, कमला गुनसोला, लता तिवाड़ी, कमलेश जैन, विजय बडोनी, विजेंदर मोघा, विपिन पंत, शारदा पंत, राजेन्द्र बिष्ट, राजेश दिवाकर, प्रदीप कोहली, राजू नर्सिंमहा, पंकज शर्मा, हरीश तिवाड़ी, अक्षय खैरवाल, प्रकान्त कुमार, रजनी बिष्ट, यशवंत सिंह, ममता नेगी, राजपाल ठाकुर, विनोद जुगलान, रणवीर सिंह, राजपाल ठाकुर, हैप्पी सेमवाल, मदन कोठारी, सुनील उनियाल, सुमित्रा उपाध्यक्ष, गौरव कैंथोला आदि मौजूद रहे।

शिकायत पर संज्ञान न लिया तो करूंगा आंदोलनः पार्षद नगर निगम

नगर निगम ऋषिकेश पर एक विपक्ष के पार्षद ने सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने 24 घंटे के भीतर अपनी मांग पूरी न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

पार्षद जगत सिंह नेगी ने नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल को ज्ञापन दिया। बताया कि उनके वार्ड में दो बार आवासीय साइन बोर्ड लगाया गया। मगर दोनों ही बार उसे कुछ लोगों ने हटा दिया। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम को इस संबंध में दो बार लिखित में अवगत कराया गया, इसके बावजूद निगम स्तर से कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।

इस पर उन्होंने आज नगर निगम पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर यदि उचित कार्रवाई नहीं की जाती है। तो वह विपक्षी दल के पार्षदों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन देने वालों में पार्षद मनीष शर्मा, राधा रमोला, भगवान सिंह पंवार, देवेंद्र कुमार प्रजापति, विजयलक्ष्मी शर्मा, राकेश सिंह मियां, पुष्पा मिश्रा, शकुंतला शर्मा आदि मौजूद रहे।

सीमा सड़क संगठन ने रिकाॅर्ड समय में रैणी गांव में तैयार किया सेतु

सात फरवरी को ऋषिकेश गंगा में बर्फीली झील के फटने से आई बाढ़ के क्षतिग्रस्त हुए सेतु के स्थान पर सीमा सड़क संगठन द्वारा मात्र 8 दिनों में 5 मार्च 2020 को पुनः एक नया सेतु बना कर यातायात बहाल कर दिया है।

जोशीमठ मलारी राजमार्ग पर रैणी गांव में नीति सीमा को जोड़ने वाला 90 मीटर लंबा एकमात्र स्थाई सेतु तेज बहाव में बह गया था और यह रास्ता यातायात हेतु बंद कर दिया गया था। सेतू बन जाने से ग्राम वासियों ने खूशी का इजहार किया।

इसी स्थान पर गंगा नदी पर बिजली प्लांट पूर्ण रूप से ध्वस्त होने के साथ-साथ 200 से भी अधिक जान माल का नुकसान हुआ था। सीमा सड़क संगठन अपने सिद्धांत-‘श्रमेण सर्वम् साध्यम’ पर खरा उतरते हुए तुरंत हरकत में आया और इस आपदा से निपटने के लिए आशु सिंह राठौर एवीएसएम-वीएसएम, चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू किए।

सीमा सड़क संगठन ने तुरंत 100 से अधिक संयंत्र उपकरणों/ वाहनों को कार्य पर लगा दिया। जिसमें 15 भारी उपकरण मशीनें जैसे की हाइड्रोलिकएक्सकैवेटर, डोजर, जेसीबी, लोडर, कंप्रेसर, शामिल थे। नदी के किनारे पर स्थित ठोस चट्टानों को काटने हेतु एक चट्टान काटने वाली मशीन को भी हेलीकाप्टर के द्वारा पहुंचाया गया।

क्षेत्र के पूर्ण रूप से 20 से 30 मीटर ऊंचे मलबे में जाने और नदी के किनारों के लुप्त हो जाने के कारण नए सेतु के एबेटमेंट निर्माण हेतु स्थान और उस तक पहुंचने वाली सड़क का स्थान ढूंढना एक भीमकाय कार्य था।

एक आस्था प्रारंभिक रेकी एवं मलबे को हटाने के उपरांत दिनांक 10 फरवरी को वैली सेतु के निर्माण हेतु उचित स्थान ढूंढ लिया और दिनांक 20 मार्च तक ट्रैफिक को सुचारू करने के लक्ष्य के साथ 200 फुट लंबे सेतु के लिए एबेटमेंट का निर्माण प्रारंभ किया।

वैली सेतु की स्थापना हेतु एबेटमेंट के निर्माण एवं सड़क की कटिंग के उपरांत सेतु की स्थापना का कार्य दिनांक 25 फरवरी 2021 को आरंभ किया गया।

सीमा सड़क संगठन ने संपर्क को पुनः स्थापित करने हेतु जाड़े के मौसम एवं अन्य सभी विपरीत परिस्थितियों की परवाह न करते हुए बिना विश्राम किए अथक कार्य किया और निर्धारित तिथि से बहुत पहले दिनांक 5 मार्च को ही इस सेतु का निर्माण पूर्ण करके यातायात को बहाल कर दिया।

सीमा सड़क संगठन सदैव चुनौतियों पर खरा उतरा है, एवं देश को दक्ष एवं उपयुक्त सेवा प्रदान करता आया है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चैधरी, बीएसएम, सड़क संगठन के महानिदेशक एवं आशु सिंह राठौड़ एवीएसएम-वीएसएम, चीफ इंजीनियर ने इस महत्वपूर्ण एवं अत्यंत आवश्यक संपर्कता को पुनः स्थापित करने हेतु इस कार्य में लगे सभी अधिकारियों एवं श्रमिकों की सराहना की है।

बजटः तीसरे मंडल के रूप में गैरसैंण को मिली नई पहचान, चार जिले, कमिश्नरी सहित एक डीआईजी होंगे तैनात

उत्तराखंड सरकार ने राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण-गैरसैंण में आज 57 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट पेश करते हुए कहा कि हमने उत्तराखंड स्थापना के बीस साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर मैं सभी सेना के जवानों, पुलिस के जवानों, कोरोना योद्धाओं और जनता को शुभकामना देता हूं। इसके बाद उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने गैरसेंण को कमिश्नरी बनाने की घोषणा भी की। गैरसेंण कमिश्नरी में चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा व बागेश्वर जिले शामिल होंगे। बजट में निम्न प्राविधान किए गए हैं-

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के संचालन के लिए 150 करोड़ का प्रावधान है। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण हेतु 3319 करोड़ 63 लाख रुपए का प्रावधान है।

पलायन रोकथाम योजना के लिए 18 करोड़ रुपये का प्रावधान
बजट में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और राज्य सेक्टर के अन्तर्गत इस आय व्यय में पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 49 करोड़ 86 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन के लिए 954 करोड़ 75 लाख रुपये और भूमि क्रय के लिए 129 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर रेल लाइन निर्माण परियोजना के लिए 70 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

रिवर्स पलायन पर सुनियोजित तरीके से कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पहली बार किसी सरकार ने रिवर्स पलायन पर सुनियोजित तरीके से कार्य किया। आज पेश हुए 57 हजार 400 करोड़ रुपये के बजट में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है।

कुल 57400.32 करोड़ का व्यय अनुमानित
वर्ष 2021-22 में कुल 57400.32 करोड़ का व्यय अनुमानित है। इसमें कुल व्यय में 44036.31 करोड़ राजस्व लेखे का व्यय और 13364.01 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है।

परिसंपत्तियों पर निवेश को हमारी सरकार ने जरूरी समझा
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य के विकास के लिए परिसंपत्तियों पर निवेश को हमारी सरकार ने जरूरी समझा। कहा कि कृषि के जुड़ी समस्याओं और सभी प्रश्नों को समझने का प्रयास किया गया।

गैरसैंण के विकास के लिए कई कार्य तथा घोषणाएं की गई जिनमें आगामी दस वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपए की लागत से समूचे राजधानी क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करने हेतु एक बड़ी योजना बनाने पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं
-गैरसैंण को बनाया राज्य का तीसरा मंडल (कमिश्नरी)। चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को किया शामिल।
-भराड़ीसैंण राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए एक माह में होगी टाउन प्लानर की की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
-नई बनाई गई नगर पंचायतों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री ने की 1-1 करोड़ धन राशि की घोषणा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में बजट पेश करने के दौरान कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की।

➡️गैरसैंण को उत्तराखण्ड में एक नई कमिश्नरी बनाया जायेगा। इसमें चमोली, रूद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को शामिल किया जायेगा। गैरसैंण कमिश्नरी में कमिश्नर एवं डीआईजी की नियुक्ति की जायेगी।

➡️नई बनाई गई नगर पंचायतों में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 01-01 करोड़ रूपये दिये जायेंगे।

➡️भराड़ीसैंण (गैरसैंण) ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान का टेंडर एक माह के भीतर किया जाएगा।

➡️गैरसैंण ग्रीष्माकालीन राजधानी परिक्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जायेगी।

➡️गैरसैंण ग्रीष्माकालीन राजधानी परिक्षेत्र में 20 हजार फलदार पेड़ लगाये जायेंगे।

➡️राज्य के प्रत्येक महाविद्यालयों को 20-20 कम्यूटर दिये जायेंगे।

एम्स में ओरिएंटेशन कार्यक्रमः हेल्थ केयर प्रोफेशनल बनने के लिए कड़ी मेहनत करें नर्सिंग छा़त्राएं

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में बीएससी नर्सिंग छात्राओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। विद्यार्थियों को बेहतर हेल्थ केयर प्रोफेशनल बनने के लिए कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें मरीजों के प्रति कुशल व्यवहार अपनाने पर जोर दिया गया।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कॉलेज ऑफ नर्सिंग में बीएससी नर्सिंग बैच-2020 के ओरिएंटेशन प्रोग्राम का विधिवत शुभारंभ किया। निदेशक एम्स ने कहा कि नर्सिंग की छात्राओं में नेतृत्व क्षमता के गुण होने चाहिए, साथ ही उनमें नर्सिंग प्रोफेशन को लेकर को जुनून होना चाहिए।

निदेशक ने बताया कि नर्सिंग विद्यार्थियों को संचार कौशल तथा ज्ञानपूर्वक होना चाहिए, ताकि वह मरीजों के साथ-साथ अपने सहकर्मियों को भी त्रुटियों से रोक सकें। डीन (एकेडमिक) प्रो. मनोज गुप्ता ने विद्याघ्र्थियों को पढाई में उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव को कम करने के लिए कैपस में होने वाली खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि नर्सेज मरीज के सबसे ज्यादा करीब होती हैं व उनकी देखरेख करती हैं लिहाजा उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट होनी चाहिए, उनका रोगी के प्रति विनम्र व्यवहार होना चाहिए।

कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डा. वसंता कल्याणी ने ऋषिकेश एम्स के लिए चयनित नर्सिंग विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कॉलेज की गतिविधियों को लेकर वृत्तचित्र प्रस्तुति भी दी गई। साथ ही उन्होंने नर्सिंग विद्यार्थियों को हमेशा सीखने के लिए तत्पर रहने को कहा।

इस अवसर पर डीन एलुमिनाई प्रोफेसर बीना रवि, प्रोक्टर प्रो. बीके बस्तिया, डीन प्लानिंग प्रो.लतिका मोहन, डीन कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) प्रो.ब्रिजेंद्र सिंह, डीन स्टूडेंट्स वैलफेयर प्रो. नवनीत भट्ट, डीन एग्जामिनेशन प्रो. प्रशांत एम.पाटिल, डीन रिसर्च प्रो. वर्तिका सक्सेना, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा, विभागाध्यक्ष बायोकेमेस्ट्री डा. अनीसा आसिफ मिर्जा, रजिस्ट्रार राजीव चैधरी, नर्सिंग कॉलेज की असिस्टेंट प्रो. राखी मिश्रा, जेवियर बैल्सियाल, प्रसन्ना जैली, रूपिंदर देयोल, डा. राजेश कुमार, मलार कोडी, डा. राज राजेश्वरी, मनीष शर्मा, रुचिका रानी, डा. राकेश शर्मा, रश्मि रावत, हेमलता, लीसा, दिव्या, बेट्सी, विश्वास, सोनिया आदि मौजूद थे।

जेई को पानी की समस्या बताकर शिवाजीनगर की जनता ने की निस्तारण की मांग

शिवाजी नगर क्षेत्र के गली नंबर 34 में पानी की समस्या को लेकर काफी समय से लोग परेशान चल रहे हैं जिस कारण आज विभागीय जेई को मौके पर बुलाकर ज्ञापन देकर समस्या से अवगत करवाया और शीघ्र समाधान के लिये कहा गया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि शिवाजी नगर में गली नंबर 34 में पानी की विकट समस्या है न ही यहाँ नल के कनेक्शन हैं न ही यहाँ सीवर लाइन है। यहाँ पर लोगों के घरों में हैंडपंप लगे हैं। जिनके पाइप की गहराई करीब 15 फिट है। कहा कि यहां का वर्ग निर्धन है। इसलिये लोग अधिक गहराई के समरसिवल व आरओ लगवाने में असमर्थ हैं। इस कारण यहॉं के लोगों सीवर युक्त पानी का सेवन करना पड़ रहा है जिसके कारण वे बीमार हो रहे हैं। गली में पानी की पाइप लाइन बिछाने को लेकर मौके पर पहुँचे जेई सूरज को ज्ञापन सौंपा गया।

जेई सूरज ने बताया कि यहाँ पर पैरी अर्बन योजना के तहत पानी के कनेक्शन दिये जा रहे हैं यह गली छूट गई है इसका संज्ञान लेकर शीघ्र गली में घरों में पानी के कनेक्शन दिये जायेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में रवि गुप्ता, राजेश कुमार, गीता देवी, माया देवी, नीतू देवी, गौरव कुमार, अमित, राजेश वर्मा, शुभम, कृष्ण कुमार, अनुज सिंह, चमनलाल, शारदा देवी, आशा नेगी, मंशा देवी, सन्नी प्रजापति, जतिन्दर, देवेन्द्र राम, अनिता गुप्ता, विकास कुमार, आरती देवी, रानी कुमार, जितेन्द्र कुमार आदि मौजूद थे।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2021ः मन स्थिर रखते हुए शारीरिक व मानसिक विकारों से मुक्ति पाने का साधन है योग

गढ़वाल मण्डल विकास निगम लिमिटेड व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चैथे दिन योगसाधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास कर योगाचार्यों से योग की बारिकियों के गुरमंत्र लिए।

प्रातःकालीन सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के मोहित सती ने मुख्य पाण्डाल में अष्टांग योग एवं सूक्ष्म व्यायाम के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे जीवन के हर पहलू में योग छिपा हुआ है, जाने अनजाने हमारी दिनचर्या के पूरे क्रियाकलाप योग से जुड़ते हुए जीवन के अविभाज्य अंग बने हुए हैं। योग केवल शरीर पर ही काम नहीं करता वरन यह मन को शक्तिशाली व तनाव रहित बनाता है। उन्होंने कहा कि कमजोर शरीर को शक्तिशाली मन चला सकता है, परन्तु एक शक्तिशाली शरीर को कमजोर मन नहीं चला सकता है। योग क्रियाओं के द्वारा मन को स्थिर रखते हुए षाररिक एवं मानसिक विकारों से मुक्ति पाने का उपक्रम ही योग है।

अष्टांग योग के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके आठ अंग हैं, यम, नियम, आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान, प्रतिहार और समाधि इनको भले ही अलग-अलग देखा जाता है मगर ये एक दूसरे से जुडे हुए हैं। पहले छः को जोड़कर ध्यान लगता है और तब वह समाधि की और जाता है, उन्होंने कहा कि घरों में काम करने वाली महिलायें अपने दिनभर की दिनचर्या के दौरान जो काम करती हैं, उस प्रक्रिया में भी जाने अनजाने योग छिपा हुआ रहता है। योग सिर्फ आसन नहीं है वरन यह मन, ष्वास व षरीर को जोड़ने वाली कला है।

दूसरी तरफ नगर पालिका हाल में हठ योगी सन्त स्वामी जीतानन्द ने अभयान्तर क्रिया योग, दण्ड क्रिया, संकुचन प्रसारण, पाद ग्रिहवा योग का अभ्यास कराते हुए इसकी उपयोगिता के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी उन्होंने कहा कि यह क्रिया षरीर को स्वस्थ रखने में इतनी सहायक है कि अन्य योगों की आवष्यकता नहीं पड़ती है। यदि व्यक्ति इन योग क्रियाओं को करता रहे तो उसके जीवन में आरोग्यता का साम्राज्य स्थापित हो जायेगा।

लाईट एण्ड सॉउण्ड हाल में संस्कृत विष्वविद्यालय के प्रोफेसर, डॉ लक्ष्मी नारायण जोषी ने नाड़ी विज्ञान व योग चिकित्सा के बारे में बताते हुए कहा कि शरीर की धमनियों में रक्त संचार से कोई भी अंग सहजता से काम करता रहता है, लेकिन जिस दिन रक्त संचार की यह सहजता धीमी पड़ जाये तो अंगों में विकार उत्पन्न हो जाता है इसलिए योग से शरीर के पूरे तन्त्र को ठीक रखा जा सकता है ताकि सारे अंग प्रत्यंग सही व सुचारू रूप से काम करते रहें। उन्होंने कहा कि नाड़ी चिकित्सा विज्ञान तीन सिद्धान्तों पर काम करता है। पहला-हृदय से षरीर के अंगों को निर्बाध गति से रक्त की आपूर्ति करना दूसरा-मस्तिष्क से निकलने वाली नाड़ियों द्वारा रक्त की आपूर्ति सभी अंगों को मिलते रहना तीसरा-प्राण ऊर्जा की आपूर्ति का शरीर के सभी अंगों तक पहुँचते रहना।

योग महोत्सव में ‘‘पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट’’ दिल्ली द्वारा पिरामिड ध्यान षक्ति योग द्वारा योग साधकों को ध्यान योग के बारे में बताया गया। इस अवसर पर उक्त संस्था की विभा गुप्ता व शक्ति गुप्ता द्वारा बताया गया कि ध्यान योग हमें स्वयं की सांसों से जोड़ना सिखाता है। सांसें सदा से हमारे साथ हैं और मृत्यु पर्यन्त हमारे साथ रहेंगी परन्तु हम उनके साथ कभी नहीं रहे। हम सांसां के साथ रहना सीख रहें हैं, हमें सहज सांसों को सहज रूप में सहज भाव से साक्षी होकर देखना है। क्योंकि सांस ही हमारी गुरू और मित्र दोनों हैं, जब गुरू मित्र बन जाय तो हमें अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी और के पास जाने की आवष्यकता नहीं होती।

सांय कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में त्रिभुवन महाराज व सुमित कुटानी द्वारा षानदार प्रस्तुति दी गई जो दर्षकों के आकर्शण का केन्द्र रहा। योगनगरी मुनि की रेती ऋषिकेश में योग महोत्सव के चैथे दिन विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों पर भी प्रतिभागियों व आगन्तुकों की भी काफी भीड देखने को मिली। जिसमें उद्योग विभाग, आयुश विभाग, आध्यात्म विज्ञान व सत्संग केन्द्र जोधपुर राजस्थान का स्टॉल आकर्शण के केन्द्र रहे वही गढ़वाल मण्डल विकास निगम लि0 द्वारा गढ़वाली व्यंजनों का स्टॉल लगाया गया जिसमें बुराँष चाट, कुलथ अनार सोरबा, गहत चाट, कडाली सोरबा, राजमा गलावटी कबाब, मडुवा समोसा चॉट, बुराँस पकोड़े, बुराँस जैली, ब्रॉउन राईस पुडिंग, देहरादूनी पुडिंग आदि परोसे जा रहें हैं।

मौके पर जीएमवीएन के प्रबन्ध निदेषक, डॉ. आशीष चैहान, महाप्रबन्धक (पर्यटन), जितेन्द्र कुमार, महाप्रबन्धक (प्रशासन), अवधेष कुमार सिंह, महाप्रबन्धक (वित्त) एवं अभिषेक कुमार आनंद आदि मौजूद रहे।

महाकुम्भ में संतों के दर्शन मात्र से जीवन होता है सफलः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हरिद्वार में पंचायती अखाड़ा निरंजनी की पेशवाई में शामिल साधु-संतों से आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ में संतों के दर्शन मात्र से ही जीवन सफल हो जाता है। संतों के आशीर्वाद से सरकार दिव्य व भव्य और सुरक्षित कुम्भ के आयोजन में पूरी तरह सफल होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हरिद्वार भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की छावनी एसएमजेएन पीजी कॉलेज में पहुंचे। जहां महाकुम्भ की पहली पेशवाई अखाड़े की ओर से निकलनी थी। मुख्यमंत्री ने यहां पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, अखाड़े के सचिव व मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी, अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद आदि संतों के साथ पूजन कर पेशवाई को रवाना किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा मायादेवी मंदिर में दर्शन पूजन करने पहुंचे। वहां उन्होंने पूजा अर्चना कर मां से दिव्य व भव्य कुंभ के आयोजन का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि आदि से आशीर्वाद लिया। परिसर में ही स्थापित दत्रात्रेय चरण पादुका के साथ ही श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा चरण पादुका का पंच अग्नि अखाड़ा में पूजा की।

यहां से मुख्यमंत्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा कनखल पहुंचे। वहां उन्होंने अखाड़े के महंत रविन्द्रपुरी आदि के साथ धर्मध्वजा का पूजन किया। संतों से आशीर्वाद लेने और कुम्भ की व्यवस्थाओं पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री कनखल स्थित जगदगुरु आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने जगदगुरू शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम से आशीर्वाद प्राप्त किया। वह कनखल के ही शंभू पंचायती अटल अखाड़ा पहुंचे। उन्होंने मंदिर में दर्शन के बाद परिसर में स्थापित धर्मध्वजा का भी पूजन किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री बैरागी कैंप कनखल के अखिल भारतीय पंच निर्मोही अनि अखाडे़ पहुंचे। वहां हनुमान मंदिर में पूजा कर अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास महाराज आदि से आशीर्वाद लिया।

इससे पूर्व गुरूकुल कांगड़ी में बने हैलीपैड पहुंचने पर मुख्यमंत्री का मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी सी. रविशंकर, वरिष्ष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ जन्मेजय खंडूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबूदई कृष्ण राज एस, दायित्वधारी डा0 विनोद आर्यां, भाजपा जिलाध्यक्ष डा0 जयपाल सिंह चैहान, जिला महामंत्री विकास तिवारी, नरेश शर्मा, विमल कुमार, उज्जवल पंडित, लव शर्मा आदि ने स्वागत किया।

ग्रीन कुम्भ मेले की कल्पना को साकार करने के लिये सफाई व्यवस्था पर दें विशेष ध्यानः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र में संचालित स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद अटल बिहारी वाजपेई राज्य अतिथि गृह में कुम्भ मेले से जुड़े सभी उच्चाधिकारियों की बैठक ली।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले में संचालित स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं से सम्बंधित कार्यों को शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्रीन कुम्भ की कल्पना को साकार करने के लिए कुम्भ मेले की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया। शहर की आंतरिक सड़कों की आवश्यक मरम्मत, साफ-सफाई एवं अतिक्रमण हटाये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी व्यक्तिगत ध्यान देकर शेष कार्यों को पूर्ण करायें। उन्होंने व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरूस्त करने के लिये आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिये। कुम्भ क्षेत्र के साथ ही स्नान घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि शहर में जो लाइटें खराब हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ क्षेत्र की सफाई व्यवस्था हेतु धनराशि की कमी नहीं होनी दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी. रविशंकर, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ जन्मेजय खंडूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस आदि अधिकारीगण मौजूद थे।