चिंतन शिविर में विभागीय सामंजस्य बढ़ाने को लेकर हुआ मंथन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राज्य में पहली बार आयोजित हुए चिंतन शिविर में विभागीय श्सामंजस्य को बढाने पर भी मंथन हुआ। नौकरशाही के इस चिंतन में यह बात प्रमुखता से इंगित हुई की किसी भी योजना के क्रियान्वयन में संबंधित विभागों के बीच तारतम्य न होने के कारण सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ जनता को कई बार नहीं मिल पाता। यही वजह रही कि विभागीय सामंजस्य को बढ़ाने पर बल दिया गया।

मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में तीन दिनों तक चले धामी सरकार के चिंतन शिविर में कई ऐसी अहम बातें भी मथकर बाहर आई जिन पर कभी सोचने की जहमत ही नहीं उठाई गई। नौकरशाही के इस चिंतन में खुद तमाम नौकरशाहों ने इस बात को बेहद पेशेवर रूप में स्वीकार किया कि सरकार कि कई जनकल्याणकारी योजनाएं ऐसी होती हैं जिनसे कई विभाग जुड़े होते हैं। देखने में आता है कि कई विभागों से जुड़े होने के चलते कई बार किसी एक दो विभागों के दिलचस्पी नहीं लेने के कारण इन योजनाओं का लाभ सरकार की विज़न के अनूरूप एंड यूजर को मिल ही नहीं पाता।

नौकरशाहों ने इस चिंतन में खुले दिल से स्वीकार किया कि राज्य सरकार के विभागों में इस समन्वय की कमी को खत्म करने की बेहद आवश्यकता है। यही वजह रही कि चिंतन शिविर में तमाम ऐसे विभागों के एकीकरण या एक छत के नीचे लाने की बात हुई जिनकी कार्यप्रणाली एक दूसरे से काफी मिलती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मुख्य सचिव एसएस संधू ने भी अपने संबोधन में अंतर विभागीय सामंजस्य पर बल दिया।

पुलिस ने भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह की संपत्ति कुर्क की फाइल डीएम को भेजी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड हाकम सिंह पर उत्तराखंड एसटीएफ बड़ा शिकंजा कसने वाली है। हाकम की कुल 6 करोड़ की संपत्ति का आंकलन कर एसटीएफ ने कुर्की की फ़ाइल जिलाधिकारी को भेज दी है। जिलाधिकारी कुर्की की उद्घोषणा का आदेश जारी करेंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में एसटीएफ देहरादून द्वारा सभी नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

इसी कड़ी में यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले के प्रमुख आरोपी हाकम सिंह की अर्जित अवैध सम्पत्ति एसटीएफ कुर्क करेगी। हाकम सिंह द्वारा नकल कराकर अर्जित की गयी 06 करोड़ की सम्पत्ति की कुर्की के लिये एसटीएफ ने जिलाधिकारी देहरादून को रिपोर्ट भेजी है। इसके बाद एसटीएफ नकल गिरोह के हर सदस्य की सम्पत्ति की जांच कर कुर्की की कार्रवाई करेगी।

इसी के अंतर्गत यूकेएसएससी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली में गिरफ्तार किये गये आरोपियों के विरूद्ध प्रचलित गैंगस्टर के मुकदमे में आरोपी हाकम सिंह के विरूद्ध एसटीएफ द्वारा एक और बड़ी कार्यवाही करते हुये हाकम के द्वारा यूकेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में धांधली कराकर उसके द्वारा परिक्षार्थियों से अर्जित किये गये अवैध धन से खरीदी गयी चल-अचल सम्पत्ति का मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया है, जिसमें हाकम सिंह द्वारा इस भर्ती धांधली में अब तक लगभग 06 करोड़ रूपये की चल-अचल सम्पत्ति,वाहन का अर्जित करना पाया गया है। जिस पर हाकम सिंह की अवैध रूप से अर्जित की गई 06 करोड़ रूपये की चल-अचल सम्पत्ति को कुर्क/जब्तीकरण करने के लिए पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट देहरादून को भेजी गयी है ।

अवैध कार्यों से कमाई संपत्ति कुर्क होगी

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि यूकेएसएससी भर्ती घोटाले के सभी मुख्य आरोपियों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत एसटीएफ द्वारा विवेचना की जा रही है तथा गैंगस्टर अधिनियम में धारा 14 में अभियुक्तगणो द्वारा अवैध कार्याे के द्वारा अर्जित चल-अचल सम्पत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का प्राविधान है। बताया गया की उत्तर प्रदेश् के विभिन्न जनपदों में एसटीएफ की टीम को भर्ती घोटाले में संलिप्त गिरप्तारशुदा अभियुक्तों की सम्पत्ति की जांच को लेकर टीमें रवाना की गयी हैं।आगामी दिनों में अन्य अभियुक्तों की भी सम्पत्ति का आंकलन कर जब्ती कार्यवाही शूरू की जाएगी।

लायंस क्लब डिवाइन ने चार युवतियों की शादी में की मदद

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने एक बार पुनः मानवता की मिसाल पेश करते हुए चार युवतियों की शादी में मदद की। क्लब की मदद से चारों युवतियों के विवाह में अब परिवारों को बहुत सहयोग होगा।

क्लब अध्यक्ष लायन रजत भोला व संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि क्लब के सदस्यों को ऋषिकेश निवासी चार जरूरतमंद युवतियों की शादी की सूचना मिली। जिस पर उनकी शादी में मदद करने का मन बनाया।

रजत भोला व ललित मोहन मिश्र मिश्र ने बताया कि मदद केइसी क्रम में क्लब की ओर से चारों युवतियों को नगद धनराशि, चांदी की पायजेब, सुटकेश, कपड़े, गर्म वस्त्र, बर्तन आदि का सहयोग किया गया।

उन्होंने बताया कि लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्बारा इस वर्ष अभि तक 20से भी ज्यादा युवतियों के विवाह में सहयोग कर चुका है। बताया कि क्लब का उद्देश्य किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है और इसी दिशा में क्लब कार्यरत भी है।

इस मौके पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष रजत भोला, महेश किंगर, घनश्याम डंग, आशु डंग, विकास ग्रोवर, विशाल संगर व सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रकांता जोशी आदि मौजूद रहे।

6वीं रॉयल चैंलेंज कप कराटे प्रतियोगिता के लिये खिलाडी हुए रवाना

उड़ान फाउंडेशन के द्वारा नोएडा गाजियाबाद इंडोर स्टेडियम में होने जा रही 6 वीं रॉयल चेलेंज कप ऑल इंडिया ट्रेडिशनल सोतोकाई कराटे डु चेम्पियनशिप- 2022 में प्रतिभाग करने जा रही ऋषिकेश उत्तराखंड की टीम को माल्यापर्ण कर जीत की शुभकामानाओं के साथ रवाना किया गया। इस दौरान पूर्व 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुवे पुलिस एवं सेना के जाबांज सैनिकों एवं निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी एवं कोच राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 27 नवम्बर को नोएडा में आयोजित होने जा रही नेशनल प्रतियोगिता में ऋषिकेश के 16 खिलाड़ी आरवी कंसवाल, नमामि थपलियाल, जिया बिष्ट, सिमरन पांडे, अविरल थपलियाल, प्रभाष, कृष्णा शर्मा, अक्षत रमोला, कृष्णा चंद रमोला, केशव सिंह, ऋषभ रतूड़ी, वर्णन कुरियाल, रोहित जोशी, अविरल थपलियाल, कीर्तन भंडारी, श्रेयांश जोशी प्रतिभाग करेंगे।

इससे पूर्व सभी खिलाड़ियों एवं कोच को कंप्लीट हेल्थ एंड मार्शल आर्ट एकेडमी के चेयरमैन ललित मोहन मिश्र, सूर्य किरण वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, उड़ान फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ राजे नेगी, समाजसेवी उत्तम सिह असवाल, अधिवक्ता पवन शुक्ला, व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालरा, नवीन गांधी, कराटे खिलाड़ी वरदान वर्मा, सिद्धार्थ कुमार, आकाश उनियाल, सुमित कुमार, चिराग धमीजा, मोहन राणा ने प्रतियोगिता में जीत की शुभकामनाएं देकर रवाना किया।

वित्त मंत्री डा. अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री का जताया आभार, जीएसटी प्रतिपूर्ति में मिले साढ़े 341 करोड़ रूपए

वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी प्रतिपूर्ति के 341.5336 करोड़ रूपये जारी होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का आभार व्यक्त किया है।

बता दें कि वस्तु एवं सेवा कर कार्यान्वयन के कारण उत्तराखंड को माह जून 2022 तक के लिए राजस्व की हानि की क्षतिपूर्ति के रूप में 744.84 करोड़ रूपये का लेखागत भुगतान किया जाना शेष था। इस क्रम में केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को 341.53 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं।

इस मौके पर सूबे के वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को डबल इंजन का लाभ मिल रहा है। देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के सहयोग से विभिन्न केंद्र पोषित योजनाओं व अनुदानों से प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है।

वित्त मंत्री अग्रवाल ने आगामी बजट में राज्य हित में कई सुझाव दिये

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें उत्तराखंड के वित्त व संसदीय कार्यमंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने भी शिरकत की। मंत्री डा. अग्रवाल ने आगामी बजट के लिए अपने सुझाव देते हुए बजट में प्रदेश की कई मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। साथ ही केंद्र से मिल रहे भरपूर समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का आभार प्रकट किया।
नई दिल्ली में आयोजित बैठक में सूबे के वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य की जनता को डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है। देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के सहयोग से विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं व अनुदानों से प्रदेश का सर्वागीण विकास हो रहा है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि आगामी बजट में राज्य के लिए नयी केन्द्रीय योजनाओं की स्वीकृति मिले, जिससे पर्यावरण रक्षक व सीमान्त प्रहरी के रूप में उत्तराखंड अपनी भूमिका मजबूती से निर्वहन कर सके। डा. अग्रवाल ने आगामी बजट में नई रेल परियोजना ऋषिकेश-उत्तरकाशी और इसी तरह टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना के लिए भी आवश्यक प्रावधान करने का भी निवेदन किया।
डा. अग्रवाल ने लैण्ड स्लाइड जैसी समस्याओं के लिए कोनिक लैण्ड स्लाईड के ट्रीटमेंट को राष्ट्रीय महत्व का शोध संस्थान उत्तराखण्ड के सीमान्त व संवेदनशील क्षेत्र जैसे चमोली अथवा पिथौरागढ़ जनपद में खोले जाने, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 2 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट की दर से 8 हजार करोड़ रूपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग आगामी बजट में प्रदान करने की अपील की।
इसके अलावा डा. अग्रवाल ने जमरानी बांध परियोजना और सॉंग बांध परियोजना के लिए आगामी बजट में आवश्यक प्रावधान करने का भी निवेदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अवशेष कार्यों को पूर्ण करने के लिये समय-सीमा को बढ़ाने तथा अवशेष देयता के लिए बजट में प्रावधान करने का अनुरोध किया।
डा. अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा पति और पत्नी को दी जा रही 1500 रूपये वृद्धावस्था पेंशन में केन्द्रांश को 200 रूपये से बढ़ाकर 500 रूपये आगामी बजट में किये जाने की भी मांग की। वित्त मंत्री ने बजट में प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थिति का हवाला देते हुए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत नेट फेज-2 परियोजना के लिए वित्तीय प्राविधान की भी मांग की।
डा. अग्रवाल ने सुझाव देते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण उत्तराखण्ड में सामग्री ढुलान अत्यन्त महंगा होता है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचने पर सामग्री की वास्तविक लागत में काफी बढ़ोत्तरी हो जाती है। उन्होंने उत्तराखण्ड सहित समस्त पर्वतीय राज्यों के लिए श्रम व सामग्री का अनुपात 60ः40 के बजाय 50ः50 करने का सुझाव दिया।
बैठक में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी जी, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ भूपेश बघल, मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, वित्त सचिव उत्तराखंड दिलीप जावलकर सहित विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री, सभी राज्यों के वित्त सचिव आदि उपस्थित रहे।

एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड

उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ तीन दिवसीय चिंतन शिविर राज्य की नौकरशाही को एक नई ऊर्जा से लबरेज कर गया है। इस चिंतन शिविर में जहां कार्यप्रणाली की पुरानी जड़ता को खत्म करने का प्रयास हुआ तो साथ ही नौकरशाहों को चिंतन शिविर यह भरोसा भी देने में कामयाब रहा कि युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार है।
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली से बेहद प्रभावित हैं। यूं भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि से गहरा लगाव है और पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में विशेषरूप से पर्वतीय जिलों पर ध्यान केंद्रित कर ऑल वेदर रोड से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर काम गतिमान है। इन योजनाओं का सीधा लाभ पहाड़ की आर्थिकी को अभी से मिलने लगा है। बहरहाल, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदमों पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य में पहली बार आयोजित हुआ नौकरशाहों का चिंतन शिविर भी उसी तर्ज पर आयोजित हुआ जिस तरह पीएम मोदी केंद्र एवं इससे पहले गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए कर चुके हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में राज्य के पर्वतीय जिलों को केंद्र में रखकर आगामी वर्षों का विकास का एजेंडा तय किया गया। शिविर में खासतौर से इस बात पर जोर दिया गया कि अब समय आ गया है कि जब हम देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर से इतर एक समग्र राज्य की सोच के साथ आगे बढ़ें। योजनाएं अगर केवल इन 3 जिलों के साथ ही पर्वतीय जिलों को ध्यान में रखकर बनेंगी तो न केवल बेरोजगारी बल्कि पलायन जैसी गंभीर समस्या भी खुद ब खुद गायब हो जाएगी।
शिविर के पहले दिन जिस अंदाज में मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने अनुभव को नौकरशाहों के समक्ष निचोड़ कर रख डाला तो युवा अधिकारियों को वह ये भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि उत्तराखंड उनके युवा जोश का। इस्तकबाल करने के लिए तत्पर है। वहीं, उन्होंने जूनियर और सीनियर अफसरों में तारतम्य एवं योजनाओं को लेकर खुलकर निर्णय लेने की भी मंशा जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले दिन के वक्तव्य और फिर दूसरे दिन एकाएक चिंतन शिविर में एक विद्यार्थी की तरह उपस्थित रहकर दर्शाया कि राज्यंक टॉप माइंड द्वारा जो मंथन किया जा रहा था उससे निकलने वाले अमृत से उत्तराखंड का कोना-कोना तृप्त हो जाये। यह मुख्यमंत्री धामी के अपने अफसरों पर भरोसे का ही असर था कि तीन दिन तक चले चिंतन में अधिकारी इस कदर मशगूल हुए की निर्धारित समयसीमा को भी वे भूल बैठे। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मंथन शिविर में शत प्रतिशत उपस्थिति रात 8 बजे तक यह बता रही थी कि उत्तराखंड के नवनिर्माण में सब एकजुट हैं।
तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में पर्वतीय जिलों पर फोकस करते हुए बागवानी, पर्यटन, हाइड्रो पावर, योगा, कृषि आधारित सेक्टरों को बढ़ावा देने की दिशा तय हुई।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में 18602 अतिरिक्त आवास की मिली स्वीकृति

केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में उत्तराखण्ड के लिये 18602 अतिरिक्त आवास की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में विकास के अभूतपूर्व काम हो रहे हैं। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि विकास योजनाओं की धरातल पर क्रियान्वित सुनिश्चित हो। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किये जाने का अनुरोध किया था। अप्रैल 2022 में मुख्यमंत्री ने पत्र भी लिखा था।
केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से योजना के लक्ष्य हासिल करने के प्रयासों की सराहना करते हुए अब 18602 आवासों का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किया गया है।

मोदी सरकार हिमालयी राज्यों के सतत विकास के लिए कर रही कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में चिंतन शिविर का अपना एजेंडा है, जो आने वाले समय में राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा हमारे राज्य का एजेंडा है कि 25 सालों के लिए रोडमैप तैयार हो, साथ ही 2025 तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने। उन्होंने कहा चिंतन शिविर चीजों के सरलीकरण एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में विकास को सुनिश्चित तरीके से किए जाने हेतु रखा गया था। जिसके अंतर्गत प्रदेश के आला अधिकारियों, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बीते 3 दिनों में कई बैठके एवं डिस्कशन सेशन किए गए। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया था, जिसके अनुरूप राज्य सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा बड़े स्तर पर रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। रिक्त चल रहे विभिन्न सरकारी पदों पर जहां एक ओर भर्ती प्रक्रिया जारी है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होमस्टे योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के अंतर्गत युवाओं को स्टार्टअप हेतु प्रेरित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी कार्य कर रहे हैं।
केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों को ही अवसर देते हैं। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का सौभाग्य मोदी को मिला। उन्होंने इसे बखूबी कर दिखाया। इस बार रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं से बचाव एवं उन्हें कम किए जाने पर कार्य किया जा रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट एसडीआरएफ एवं सेना मिलकर आपदाओं से निपटने हेतु हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा चमोली एवं धारचूला में नियमित रूप से हेलीकॉप्टर की सेवाएं जारी रखी गई है, ताकि आपदा के समय इनकी मदद ली जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड राज्य के विकास को आगे ले जाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चार धाम में सुगम यात्रा हेतु ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य किया गया है। आज चार धाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए कितना आसान हो गयी है। ये है डबल इंजन का फायदा। उन्होंने कहा केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ मंदिर में मास्टर प्लान के तहत कार्य शुरू हो गया है। पर्वतमाला, हवाई सेवाओं के विस्तार हुआ है। साथ ही केदारनाथ व हेमकुंड में रोपवे की सौगात मिली है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन अनुशासन संकल्प एवं संघर्ष से भरा पड़ा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पौराणिक इमारतों लोक संस्कृति एवं सभ्यताओं के संरक्षण पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार मानसखंड कॉरिडोर बनाने पर कार्य कर रही है जिसके अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र में पड़ने वाले समस्त पौराणिक मंदिरों, स्थलों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। अग्निवीर योजना के बाद उत्तराखंड सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों पर जन संवाद चलाया गया। उत्तराखंड राज्य के प्रत्येक परिवार से कोई ना कोई देश की सेवा में होता है। उन्होंने कहा अग्निवीर जवान जो 4 साल देश की सेवा के उपरांत वापस आएंगे, उन्हें उत्तराखंड सरकार अन्य सेवाओं में भी प्राथमिकता देने का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में आने वाले समय में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाएगा। जिस पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा आमजन के फीडबैक के उपरांत फाइनल ड्राफ्ट बनाकर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा सीमा पर रहने वाले लोग हमारी सीमाओं के प्रहरी हैं, जो सीमांत क्षेत्र को जीवित रखने एवं सेना के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं।
छावला केस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश पुरजोर तरीके से कर रही है।

राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में राजस्व वादों की समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि डाटा लेक के माध्यम से इसकी डायनामिक रैंकिंग की जाए। सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों की लगातार समीक्षा की जाए, ताकि पैंडेंसी को समाप्त किया जा सके।
मुख्य सचिव ने राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण हेतु 1 दिसंबर से सभी नए वादों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) पर ऑनलाईन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आरसीएमएस को प्रदेश में 100 प्रतिशत लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकार के राजस्व न्यायालयों के ऑनलाईन किए जाने हेतु टाइम फ्रेम निर्धारित किया जाए। नए मामलों को पूर्णतः ऑनलाईन करते हुए लीगेसी डाटा को भी अभियान के तौर पर अपलोड किया जाए।
मुख्य सचिव ने कमिश्नर कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह बैठक कर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार कोर्ट में अधिक पैंडेंसी पर मामले तेजी से निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि के पदों को शीघ्र भरने हेतु कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वीआईपी कार्यक्रमों के लिए एसडीएम आदि को लगाए जाने से राजस्व का काफी कार्य बाधित होता है, जिसके कारण पैंडेंसी बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रोटोकॉल ऑफिसर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी अपने कार्य में अधिक समय दे पाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को 25, 30 एसडीएम के और पद सृजन कर शीघ्र भर्ती किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद राधा रतूड़ी, सचिव राजस्व सचिन कुर्वे और आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद चन्द्रेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।