धामी की योगा क्लास में अधिकारियों की हाजिरी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरुआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू और तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों का वह अभिवादन स्वीकार करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर में भी राउंड लगाया और यहां स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास पहुँचकर नमन किया।

प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देने के लिए सीएम ने भी किया मड बाथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नवयोग ग्राम, टनकपुर में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर सूर्याेदय सेवा समिति द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) एवं योग संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पुरातन एवं प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देते हुए मड बाथ (गीली मिट्टी से स्नान) भी किया, साथ ही उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा पद्धति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अध्यापको एवं छात्र-छात्रों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भूमि है, प्राकृतिक संसाधनों को अपनाकर प्राकृतिक चिकित्सक मानव जीवन को रोग मुक्त करती है। उन्होंने कहा ऋषियों और संतो की तपस्थली उत्तराखण्ड सदैव से ही विश्व कल्याण के लिए ज्ञान का प्रचार प्रसार करती रही है। यह योग, आयुष, आध्यात्म की भूमि है, उन्होंने कहा आध्यात्मिक और धार्मिक चेतना की जागृति का जो संगम हमारी देवभूमि में देखने को मिलता है वह अद्भुत है। प्राचीन काल से ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का ज्ञान इसी धरती से हमारे ऋषियों द्वारा विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा राज्य सरकार भी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने एवं इसके प्रचार- प्रसार, करने के लिए प्रतिबद्ध और सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ा सुख उसके निरोगी रहने का है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि यह सुख प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हो, साथ ही हमारी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान का परिचय संपूर्ण विश्व को करा रहा है। आज पूरी दुनिया ने हमारी प्राचीन संस्कृति के मूल आधार “योग“ को अपनाया है और इसका महत्व समझा है। इसी का ही परिणाम है कि आदरणीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर आज विश्व के सभी देश योग दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य एवं केंद्र सरकार साथ मिलकर प्रदेश में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास हेतु हर वह जरूरी निर्णय ले रही है जो हमारे राज्य को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा हमने अपने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन किया, समिति द्वारा जल्द ही फाइनल ड्राफ्ट बनाकर पूरा कर लिया जाएगा। हमारे राज्य के साथ ही देश के अन्य राज्य भी अब समान नागरिकता संहिता पर कार्य कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक के लिए 1064 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों से रिक्त पड़े पदों की सूची मांगी गई है, ताकि जल्द से जल्द भर्ती कराई जा सके। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, उन्होंने कहा प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने एवं योग्यता के आधार पर नौकरी दिए जाने पर कार्य किया गया है।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, लीलाधर पांडेय, देवीदत्त जोशी, डॉ विक्रम सिंह, डॉ नवदीप जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हमारे खिलाड़ियों का भरोसा बन रही नई खेल नीति-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन के लिये खेल पुरस्कारों की धनराशि में बढ़ोतरी की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित कर रही है, युवाओं को आगे बढ़ाना चाहती है, हमारे युवा मनोयोग से खेले और अच्छा प्रदर्शन करें तथा देश व प्रदेश के लिये अधिक से अधिक मैडल प्राप्त करें। इस दिशा में उनकी प्रतिभाओं को निखारने का हमारा प्रयास है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं में प्रतिभा की कमी नही है।
राज्य में खिलाड़ियों के लिये बेहतर खेल प्रशिक्षकों की भी व्यवस्था की गई है। खिलाडियों के हित में जो भी बेहतर प्रावधान करने जरूरी होंगे वह किये जायेंगे, हम नई खेल नीति लेकर आये हैं। नई खेल नीति में भी प्रावधान किया गया है जिन बच्चों में प्रतिभा व योग्यता है वह आगे आ सके इसके लिये खेल पुरस्कारों में बढ़ोतरी के साथ ही खिलाड़ियों के हित में अनेक कल्याणकारी कदम उठाये गये हैं।

40 प्रतिभागियों ने योग क्रियाओं का किया प्रदर्शन

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में नगरस्तरीय योग प्रतियोगिता हुई। इसमें 40 प्रतिभागियों ने योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया।
गुरुवार को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि योग जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इससे शारीरिक, मानसिक समृद्धि तो होती ही है, साथ ही यह रोजगार के साधन के रूप में भी संपूर्ण विश्व मे प्रसारित हो रहा है। यहां तक कि बड़े-बड़े मेडिकल साइंस के कॉलेजों से लेकर पांच सितारा होटलों में भी स्पेशल योगाचार्य नियुक्त किए जाते हैं। योग चित वृति को एकाग्र करने के साथ आरोग्यता प्रदान करने का स्रोत है। यह विधा स्कूलों से ही निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ती है। विद्यालय के योगाचार्य जगदम्बा प्रसाद थपलियाल ने कहा कि नगर से चयनित होकर प्रतिभागी जनपद और राज्य स्तर पर प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान प्रतियोगिता में नगर क्षेत्र के 6 विद्यालयों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया और योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया।
मौके पर यमुना प्रसाद त्रिपाठी, विकास नेगी, प्रवीण रावत,पंकज सती, चरणपाल, रवीन्द्र बहुगुणा, मोनिका चौहान, मंगलेश , पूनम बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

योग शिविर में यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया

प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विभाग एचएनबी विश्वविद्यालय और ऋषिकेश योग पीठ के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे योग प्रशिक्षण शिविर में साधकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं के अभ्यास के साथ ही उनसे होने वाले लाभों से रूबरू कराया।
राजकीय इंटर कालेज आईडीपीएल में आयोजित सप्ताहव्यापी योग प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन मंगलवार को प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विभाग एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. विनोद नौटियाल, डॉ. रजनी नौटियाल (आचार्य योग विभाग) और उनके सहयोगी दल ने साधकों को योग प्रशिक्षण व प्राकृतिक चिकित्सा के गुर सिखाए। बताया कि कुछ विशिष्ठ योग के नियमित अभ्यास से गंभीर रोगों के उपचार संभव है। इस दौरान यमुनानगर से आए लिटिल मास्टर दक्ष धीमान ने योग की सुंदर प्रस्तुति दी। शिविर का संचालन डॉ. सुधीर कुमार और मनोज कुमार गुप्ता ने किया। मौके पर सेवानिवृत वायुसेना अधिकारी देवेश्वर प्रसाद रतूड़ी, सेतु फाउंडेशन अध्यक्ष सरिता भट्ट, कार्यक्रम अधिकारी विजय पाल सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, गीता पंत शर्मा, रीना कश्यप, संगीता, रूबी, रितु, शकुंतला, रुदाली, महिमा, श्रद्धा, पूजा, अनमोल कश्यप, छवि, श्रृष्ठि, कनिका, गरिमा, ईशिका राणा, प्राक्षी, अनमोल, अनामिका , कविता, स्वाति, मधुबाला, चिराग गुप्ता आदि मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड में योग का मुख्य कार्यक्रम परमार्थ निकेतन में होगा आयोजित

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने आज सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी चिन्हित स्थानों जहां पर योग शिविरों का आयोजन किया जाना है, उन स्थानों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उत्तराखण्ड में योग का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में किया जायेगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्य कार्यक्रम स्थल में सभी व्यवस्थाओं के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तैयारी रखें। जिला प्रशासन पौड़ी को कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर केन्द्र सरकार की ओर से जिन 75 हैरिटेज स्थलों का चयन किया गया है, उनमें उत्तराखण्ड से श्री केदारनाथ का भी चयन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये राज्य में चयनित 75 प्रतिष्ठित स्थानों के अलावा जनपदों के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों एवं हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटरों में भी योग शिविरों की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक लोग योग शिविरों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योग शिविरों में योग प्रशिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर खेल, फिल्म जगत, प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं जैसे प्रदेश की प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा की सभी संबंधित विभागों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज पाण्डेय, एच.सी. सेमवाल, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील कुमार जोशी, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एम.एम. सेमवाल, शिक्षा निदेशक आर.के. कुंवर, संयुक्त निदेशक सूचना के.एस. चौहान एवं वर्चुअल माध्यम से परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

योग को शिक्षा से जोड़कर रोजगार सृजन करायेगी आप-राजे नेगी

योग की अंर्तराष्ट्रीय राजधानी के रूप में विख्यात तीर्थनगरी ऋषिकेश में ही योग की उपेक्षा किए जाने की जानकारी संज्ञान मे आई है। ऋषिकेश महाविद्यालय यानि श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में योग को लेकर चिराग तले अंधेरा की कहावत चरितार्थ होते हुए नजर आ रही है। उत्तराखंड में सर्वप्रथम ऋषिकेश के पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सर्वप्रथम योग पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज हालात यह है कि महज 2 योग कोर्स तक ही गढ़वाल का यह प्रतिष्ठित महाविद्यालय सिमटकर रह गया है। इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी ने आवाज उठाई है।
आप के ऋषिकेश विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी ने नेपालिफार्म पार्टी कार्यालय से जारी बयान में बताया कि ऋषिकेश महाविद्यालय प्रदेश सरकार की योग के प्रति उदासीनता का शिकार हो रखा है। जबकि ऋषिकेश महाविद्यालय में ही योग पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई थी। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश महाविद्यालय में पीजी डिप्लोमा इन योग तथा एम ए योग का कोर्स ही संचालित हो रहा है वो भी स्ववित्तपोषित रूप में। आपके नेता नेगी के अनुसार एक ओर जहां दिल्ली में केजरीवाल सरकार फ्री योग की क्लासेज जगह जगह शुरू कराकर योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ योग प्रशिक्षुओं को रोजगार के साधन मुहैया करा रही है वहीं दूसरी ओर योग नगरी ऋषिकेश ही देश की प्राचीनतम विधा योग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो योग के उत्थान के लिए दिल्ली सरकार के मॉडल को उत्तराखंड में लागू कराया जाएगा। इस मौके पर दिनेश असवाल, चंद्रमोहन भट्ट, दिनेश कुलियाल, सुनील सेमवाल, विक्रांत भारद्वाज, राहुल थापा, अभिषेक थापा, नीरज कश्यप, कमलेश जखमोला, समीर, प्रभात झा, नरेन सिंह उपस्थित रहे।

अटैचमेंट को लेकर डीजीपी सख्त, मूल तैनाती के होंगे आदेश

उत्तराखंड के सभी पुलिसकर्मियों के पास एक माह के भीतर स्मार्ट कार्ड होंगे। इसके लिए डीजीपी ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला प्रभारी और सेनानायक इस काम को अपने पर्यवेक्षण में करेंगे।
दरअसल, बीते 12 सालों से पुलिस के आईडी कार्ड का काम बेहद धीमा है। फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्ड दौरान नहीं बन पाए थे। इनकी संख्या तीन से चार के आसपास बताई जा रही है। आईकार्ड न होने से पुलिसकर्मियों को बाहरी जनपदों और राज्यों में दबिश देने में भी समस्या सामने आती थी। लेकिन, अब डीआईजी ने सभी के कार्ड बनाने के लिए एक माह का समय दिया है।

पुलिस में खत्म होगा अटैचमेंट का खेल
पहाड़ की ड्यूटी से बचने के लिए लंबे समय से अटैच चले आ रहे पुलिसकर्मियों को मूल तैनाती पर जाना ही होगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने अटैचमेंट वाले प्रकरणों की समीक्षा करानी शुरू कर दी है। वाजिब कारण वालों को छोड़कर सभी को पहाड़ चढ़ाने की तैयारी की जाएगी।
दरअसल, मैदान में समयावधि पूरी होने के बाद कर्मचारियों का पहाड़ पर ट्रांसफर किया जाता है। लेकिन, बहुत से कर्मचारी कई मजबूरियां बताकर विभिन्न दफ्तरों में अटैच हो जाते हैं। यह अटैचमेंट अग्रिम आदेशों या समस्या हल होने तक किया जाता है।
बावजूद, इसके तमाम कर्मचारी अब भी दफ्तरों से अटैच होकर मैदान में ड्यूटी कर रहे हैं। इस मामले में अब डीजीपी ने मुख्यालय में मौजूद कर्मचारियों का डाटा और उनके अटैचमेंट की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, इन कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजा जा सके।

आईजी ने भी दिए थे निर्देश
पिछले दिनों रेंज स्तर पर आईजी अभिनव कुमार ने भी अटैचमेंट की स्थिति साफ करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कई कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजने के निर्देश भी दिए थे। उन्होंने नाराजगी जताई थी कि बहुत से कर्मचारी सहूलियत का बेवजह फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अटैचमेंट एक सुविधा होती है, जिसका अनुचित लाभ लिया जाना गलत है।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा पहाड़ पर ट्रांसफर हुए लोगों को जल्द ही मूल तैनाती पर भेजा जाएगा। इसके लिए सभी को निर्देशित किया जा चुका है। इसके लिए समितियां भी काम कर रही है। ट्रांसफर, पोस्टिंग को लेकर वर्तमान में नौ समितियां हैं।

कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने से एक्शन में सरकार

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले और मरीजों की मौत होना थम नहीं रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर 512 नए संक्रमित मिले हैं और 10 मरीजों की मौत हुई है। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 78 हजार पार हो गया है। वहीं, मरने वालों की संख्या 1295 पहुंच गई है। 
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 12637 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि 512 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। देहरादून समेत चमोली, पौड़ी जिले में संक्रमित मामले बढ़े हैं। देहरादून में सबसे अधिक 229 कोरोना मरीज मिले हैं। हरिद्वार में 60, नैनीताल में 53, चमोली में 37, पौड़ी में 25, टिहरी में 20, ऊधमसिंह नगर में 19, उत्तरकाशी में 19, अल्मोड़ा में 18, पिथौरागढ़ में 15, चंपावत में 12, रुद्रप्रयाग में चार और बागेश्वर में एक संक्रमित मिला है। 
प्रदेश में 24 घंटे में 10 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें श्री महंत इन्दिरेश हास्पिटल में छह, एम्स ऋषिकेश में एक, दून मेडिकल कॉलेज में दो, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ा है। अब तक प्रदेश में मरने वालों की संख्या 1295 हो गई है। वहीं, 471 मरीजों के इलाज के बाद घर भेजा गया। इन्हें मिला कर 71105 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 

देहरादून नगर निगम 2 दिन के बंद
देहरादून नगर निगम के लेखा अनुभाग के एक अधिकारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर नगर निगम में फिलहाल जरूरी कार्य रोक दिए गए हैं। साथ ही सैनिटाइजेशन का कार्य भी शुरू कर दिया गया। मेयर सुनील उनियाल गामा ने जानकारी दी कि नगर निगम पब्लिक के लिए 2 दिन के लिए बंद किया गया है।

जिपं अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री कोरोना पॉजिटिव
चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी और उनके पति पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। सोमवार को दोनों स्वास्थ्य लाभ के लिए हेलीकॉप्टर से देहरादून एम्स अस्पताल रवाना हुए। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने चार दिसंबर को अपनी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष की रिपोर्ट इससे पहले पॉजिटिव आई थी।
डिप्टी सीएमओ डा. एमएस खाती ने बताया कि दोनों दोनों का स्वास्थ्य सामान्य है। वह कई दिनों से घर में ही आइसोलेट थे, लेकिन सोमवार को स्वास्थ्य लाभ के लिए हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश रवाना हुए।

रतूड़ी ने नए डीजीपी अशोक कुमार को पुलिस बैटन सौंपी

उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी आज रिटायर हो गए हैं। उनकी जगह 1989 बैच के अधिकारी अशोक कुमार ने चार्ज संभाला है। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने नए डीजीपी अशोक कुमार को पुलिस बैटन सौंपी। आईपीएस अशोक कुमार उत्तराखंड के 11वें डीजीपी बने हैं।
इससे पहले पुलिस लाइन में राज्य के 10वें डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी की विदाई में परेड का आयोजन किया गया। पुलिस लाइन में सुबह करीब नौ बजे से परेड की शुरुआत की गई । इसके लिए पुलिस लाइन में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी को डीजी अशोक कुमार ने पुलिस लाइन में रिसीव किया। इसके बाद भव्य विदाई परेड आयोजित की गई।
डीजीपी अनिल रतूड़ी के पुलिस मुखिया के तौर पर तीन साल से अधिक का कार्यकाल रहा है। आज सेवानिवृत्त होने के दिन उनकी तीन साल की उपलब्धियों को बताया गया।

ये हैं उनके प्रमुख कार्य-
– गुमशुदा बच्चों को तलाशने के लिए ऑपरेशन स्माइल चलाया गया।
– सीपीयू की तर्ज पर पहाड़ों में हिल पेट्रोल यूनिट शुरू की गई।
– ई-चालन व्यवस्था की शुरुआत की गई।
– इस अवधि में 6 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया गया।
– 2018 में माउंट एवरेस्ट पर पुलिस टीम ने चढ़ाई की।
– कॉमन वेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव की इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में उत्तराखंड पुलिस मानव संसाधनों के उपभोग में दूसरे स्थान पर रही।
– पिछले साल देश के 15000 थानों में प्रदेश के तीन थाने टॉप 10 में शामिल हुए।